ईओ पूजा सब पर भारी!सभी नेता बेदम!!
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 जनवरी 2026. ईओ पूजा शर्मा सब पर भारी पड़ रही है। नेता लोग बातों में बिलबिलाते हैं,भाषणों में कोसते हैं मगर किसी एक में भी दम नहीं कि अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा के विरूद्ध सरकार को,जिलाकलेक्टर को,डीएलबी को लिखित में अनियमितता कार्यों की शिकायत कर दे। पूजा शर्मा के विरूद्ध मुकदमा करना तो बेहद मुश्किल जब शिकायत ही नहीं कर सके। पूजा शर्मा काम नहीं कर रही तो फिर शिकायत क्यों नहीं की जाती। ये जो नेता भाषणों में बातचीत में कोसते हैं कि नगरपालिका में काम नहीं हो रहा तो वे ईओ के कक्ष में बैठे हंस हंस कर बतियाते क्यों हैं?
ईओ पट्टे नहीं बना रही, लेकिन कोसने से तो काम नहीं चलता। ईओ की शिकायत करने में कांग्रेस से विधायक डुंगरराम गेदर,सांसद कुलदीप इंदौरा,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, भाजपा से पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और अन्य दलों के पदाधिकारी भी शिकायत करने में डर क्यों रखते हैं? ये नेता धरणा प्रदर्शन आदि में कहीं न कहीं, या प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे हैं लेकिन ईओ पूजा के विरुद्ध सरकार को शिकायत करने में शक्तिहीन नजर आते हैं। ईओ कार्य नहीं कर रही है तो फिर शिकायत करने में डर क्यों है? इसका मतलब है कि किसी के भी पास कोई पक्की जानकारी या दस्तावेजी सबूत नहीं हैं। ईओ ने सूरतगढ़ में ड्युटी जोईन करने के बाद अब तक कितने गलत काम करके नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। ईओ ने कितने कार्य नियम विरुद्ध करके किन किन लोगों को,किस तरह के अनुचित लाभ दिए आदि की सूची तो चुप नेताओं के पास रिकॉर्ड में होगी, या वे सभी धूल में लट्ठ मार रहे हैं। विपक्ष मतलब कांग्रेस के नेताओं के पास तो सब कुछ इकट्ठा किया हुआ रिकॉर्ड होना ही चाहिए और शिकायत करना उनकी राजनैतिक ड्युटी भी बनती है लेकिन वे अपनी ड्युटी भी नहीं निभा रहे। जनता के बीच नगरपालिका कामों के थोथे भाषाओं से केवल लोगों को भ्रमित करना है।
* नेताओं के लिए ये 2 तथ्य पेश हैं जो सरकारी नियमोंआदेशों के विपरीत हैं। ये सभी नेता करवाएं ये दो काम। भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान करवाएं। ये नहीं करवा सकते तो मान लें कि ईओ पूजा शर्मा ही सभी पर भारी है। उसके विरूद्ध किसी में शक्ति नहीं, सभी बेदम हैं।
1- सरकार का आदेश है कि सफाई शाखा के कर्मचारी फील्ड में सफाई कार्य पर लगाए जाएं,किसी भी अन्य कार्य पर नहीं। कार्वाई का भी लिखा है लेकिन सूरतगढ़ में सफाई कर्मचारियों को मुख्य कार्यालय में अन्य कार्यों में लगाया हुआ है। सफाई कर्मचारियों ने ईओ और प्रशासक दोनों को लिखित में मांगपत्र दिया कि दफ्तरों में लगे सफाईकर्मियों को हटाकर फील्ड में लगाया जाए। यह भी लिखा था कि सफाई व्यवस्था चौपट हो रही है।
2- दमकल यानि अग्निशमन सेवा कर्मचारी भी अन्य कार्य में नहीं लगाए जा सकते,लेकिन सूरतगढ़ में दमकल से हटाकर मुख्य कार्यालय में विभिन्न कार्यों पर लगाए हुए हैं। सूरतगढ़ में कभी बड़ा अग्नि कांड हो गया तब किसकी जिम्मेदारी होगी?
👌 सूरतगढ़ के नेता ये दो काम कराने के लिए धरणा लगाएं और इतनी हिम्मत नहीं हो तो नोटिस ही देदें और सरकार को शिकायत ही करदें। इससे ही मालुम पड़ जाएगा कि दम है कि बेदम है। सात दिन यानि एक सप्ताह बहुत होगा शिकायत लिखने को।०0०