नशा मुक्ति जागृति गतिविधियों के कार्यक्रम प्रभावित रहे. सूरतगढ़
* करणीदानसिंह राजपूत ,
सूरतगढ़ 10 जनवरी 2026.
स्वर्गीय श्री गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय में स्लोगन वॉल प्रदर्शनी के आयोजन के साथ नशा मुक्ति जागृति कार्यक्रम के दूसरे सप्ताह की गतिविधियां भी प्रभावशाली रही।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति जागृति हेतु तैयार किए गए पोस्टर्स एवं नारा लेखन का प्रदर्शन किया गया, जिसका महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि यह नशा मुक्ति सप्ताह किट वितरण कार्यक्रम के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के सखा एवं सखियों द्वारा विद्यार्थियों के मध्य नशा मुक्ति का संदेश प्रचारित किया गया। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
इसी क्रम में सूरतगढ़ के मनोचिकित्सक डॉ. सुरेश परिहार के नेतृत्व में आई टीम के सहयोग से नशा मुक्ति जागृति एवं युवा संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डॉ. सुरेश परिहार ने अपने चिकित्सकीय ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। युवा गायक बजरंग राठी ने अपने सुमधुर गीतों के माध्यम से युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक किया। प्रसिद्ध भंते श्री पथिक निब्बान ने युवाओं को नशे सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपने जीवन निर्माण, गुरुजनों के आशीर्वाद एवं उनके सानिध्य में रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के डॉ.कमलजीत सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। नई किरण नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी चंद्रकला ने जानकारी देते हुये बताया कि गतिविधियाँ आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार आयोजित की गईं।
इस सप्ताह भर चली नशा मुक्ति जागृति गतिविधियों में महाविद्यालय के विद्यार्थी, नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के सखा एवं सखियाँ तथा महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के आयोजन में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र समिति के सदस्य पारुल भटेजा,विनोद कुमार, डॉ. सुनील पूनिया,मनीष कुमार, लक्ष्मीनारायण पारीक, डॉ मनोज सैनी,डॉ.गौरीशंकर निमिवाळ, पवन ओझा, विपिन शर्मा,राकेश शर्मा, सुखमेंद्र पूनिया,अजय कुमार सहित स्टाफ सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।०0०