रविवार, 18 जनवरी 2026

पूर्व राज्यमंत्री कासनिया और करणीदानसिंह लोकतंत्र सेनानी की बातचीत.

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 18 जनवरी 2026.

पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया और लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत ने एक दूजे का मुंह मीठा कराते हुए राजनैतिक कार्य की बातचीत की।  इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के कुछ लोग भी उपस्थित थे। 




कासनिया के कार्य और लोकसभा चुनाव बाबत कुछ बड़े कार्यों बाबत राजपूत ने संस्मरण सुनाए। 

राजपूत ने कहा कि बीकानेर लोकसभा सीट पर सन् 1999 में भाजपा की स्पष्ट हार नजर आ रही थी। हार देखते कोई भी  टिकट क्यों लेता? ऐसी स्थिति में रामप्रताप कासनिया ने भाजपा की टिकट ली। उक्त चुनाव में कांग्रेस के रामेश्वर डूडी 94 हजार वोटों से जीते।कासनिया पराजित हुए। राजपूत ने कहा कि आज काफी लोगों को मालुम नहीं कि कासनिया ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।

* कासनिया जब सन् 2003 से 2008 तक पीलीबंगा सीट से विधायक चुने गये थे तब सूरतगढ़ तहसील का टिब्बा क्षेत्र पीलीबंगा सीट में था। उस समय कासनिया ने टिब्बा क्षेत्र के करीब 7 हजार किसानों को दो मुरब्बा तक बारानी कृषि भूमी निशुल्क आवंटित करवाई थी। यह बहुत बड़ा काम था। पचास साठ सालों से खेती कर रहे लोगों को मालिकाना अधिकार दिलवाया। उस समय वसुंधरा राजे मुख्य मंत्री थी और उन्होंने यह आदेश  किया था। राजपूत ने बताया कि उस समय मैं राजस्थान पत्रिका के सूरतगढ़ इंचार्ज पद पर था और यह आदेश कासनिया से फैक्स पर लेकर सबसे पहले राजस्थान पत्रिका में छपवाया था। कासनिया ने अपने उस विधायक काल में करीब ढाई हजार बालिग पुत्रों को भी कृषि भूमि का आवंटन कराया था। राजपूत ने लोगों को एक महत्वपूर्ण संस्मरण भी सुनाया। राजपूत ने बताया कि सन् 1972 में कासनिया पीलीबंगा की किसान युनियन के अध्यक्ष थे। उस काल में व्यापार मंडल और किसान युनियन ही बड़ी शक्तिशाली संस्थाओं में गिने जाते थे। इलाके के विशाल  सेम क्षेत्र के खेतों को सेम से मुक्त कराने और वापस खेती लायक बनाने का श्रेय भी कासनिया का बताते हुए कुछ और बातें हुई।०0०






०००

यह ब्लॉग खोजें