गुरुवार, 19 जुलाई 2018

निहालचंद ने इंदिरा गाँधी नहर में पानी में प्रदुषण का मुद्दा संसद में उठाया


श्रीगंगानगर, 19 जुलाई 2018.

सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री निहालचंद ने केन्द्र सरकार का ध्यान इंदिरा गाँधी नहर के पानी में दिन ब दिन बढ़ते प्रदुषण की तरफ आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी नहर का पानी पीने व सिंचाई योग्य नही रह गया है। राजस्थान प्रदेश में पानी एक बड़ी समस्या है और बहुत ही सीमित मात्रा में इसकी उपलब्धता है। इंदिरा गाँधी नहर, जिसका पानी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान प्रदेश को आवंटित होता है, में प्रदुषण बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है, जिसका मुख्य कारण पंजाब राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा केमिकल व अन्य प्रदूषित कचरा इंदिरा गाँधी नहर में प्रवाहित करना है। इस दूषित पानी का मुद्दा पहले भी मेरे द्वारा आपके माध्यम से सदन में उठाया जा चुका है, परन्तु अभी भी पानी के प्रदुषण स्तर में सुधार नही हो सका है। इंदिरा गाँधी नहर के पानी से राजस्थान के चुरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर,  बाडमेर और नागौर जैसे रेगिस्तानी जिलों के निवासियों को पेयजल की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है और इसमें बढ़ते प्रदुषण के कारण ये सभी जिले प्रभावित हो रहे है। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों के लिए जीवनदायिनी बन चुकी इंदिरा गांधी नहर अब बीमारियों का कारण बन रही है। पंजाब से आ रहे बेहद प्रदूषित पानी का इस्तेमाल करने वाले लोग बड़ी संख्या में बीमार हो रहे हैं और पीलिया व कैंसर जैसे रोग में बढ़ोतरी हई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिलों में इस प्रदुषण का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है । 

उन्होंने कहा कि मेरा अध्यक्ष महोदया के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इंदिरा गाँधी नहर में प्रदुषण के स्तर को कम करने और इस जीवनदायिनी नहर के पानी को पीने योग्य बनाये रखने हेतु जरुरी कदम उठाये जाए और राज्य सरकारों को भी इसके लिए निर्देशित किया जाए।


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