शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

सेवा सेतु अभियान में भाजपा की रूचि नहीं,सूरतगढ़ की यह हवा पंचायत चुनावों में जाएगी.

  

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 9 अक्टूबर 2026.

पंचायत चुनावों में नगर की हवा जाए जिससे भाजपा को राजनैतिक लाभ मिले की सोचकर नगरों में सेवा सेतु अभियान 7 अक्टुबर से शुरू हुआ और 16 अक्टुबर तक चलेगा। 

* इस अभियान का आदेश 20 दिन पहले 25 सितंबर 2026 को जारी हुआ। प्रशासन के पास तैयारी के लिए पर्याप्त समय अवधि थी।

* सड़कें,नाली,स्ट्रीट लाईट दुरूस्त करना अभियान में है लेकिन यहां तीन दिन बीत गये वैसे ही अन्य दिन भी बीत जाएंगे।

* सड़कों से होटलों के आगे दस बारह फुट तक मेज कुर्सियां लगाकर अतिक्रमण है,मगर इस अतिक्रमण से मुक्ति के लिए सिस्टम फेल है।

* यहां दो दुकानदार रेलवे स्टेशन रोड पर रोजाना अतिक्रमण कर सड़क केवल सात आठ फुट खाली छोड़ते हैं। ये दो दुकानदार ही कंट्रोल में नहीं आते। इनसे सांठगांठ है,इसलिए सड़क अतिक्रमण की छूट है। जबानी तौर पर प्रचारित है कि नाली से आगे नहीं बढेंगे लेकिन दुकानदार सड़कों पर सामान सजाते हैं। श्रीगंगानगर में सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदार पर 1000 रू जुर्माना है। नियम तो यहां भी है लेकिन लागू नहीं हो रहा। 

* थोक फल सब्जी मंडी की लाईटें पिछले 6 माह से खराब है। अब नगरपालिका के संबंधित अभियंता का जवाब है कि सामान नहीं है। सामान नहीं है तो खरीद कर लगाया जाना चाहिए या सूचना दाता को यह कहा जाए कि सामान नहीं है। बिजली भी अभियान में दुरूस्त करना है और फल सब्जी थोक मंडी महत्वपूर्ण स्थान है जहां आधी रात बाद सब्जी फल भरे वाहनों का आना और सामान उतारना लदान करना शुरु हो जाता है।

👌 नाले नालियों की नियमित सफाई में किस वार्ड में कितने सफाई कर्मचारी, जमादार लगे हैं? यह चार्ट पार्षदों के पास होना चाहिए। कौन काम पर आता है या नहीं आता। जैसे भोजन नियमित चाहिए वैसे ही सफाई भी नियमित चाहिए। पार्षद जो भी है उन्होंने चुनाव के अवसर पर कहा था वादे किए थे,हर वक्त हाजिर रहने के,वे अब अपने अपने वार्ड की सड़कें नालियां लाईट संभालें तो इस अभियान में सुधार हो,अभियान सफल भी हो। अभी इस अभियान के प्रति भाजपा में ही कोई रूचि नहीं है। भाजपा की सरकार और उसका अभियान जिसकी हवा गांवों में जाएगी। भाजपा के नेता सोचें,नगर मंडल अपने घरों से व्यवसाय स्थानों से बाहर निकल कर  देखें कि क्या कुछ हो रहा है? अब जो अभियान में कचरे गंदगी की दुर्गंध है बदबू है सड़ांध है वह दूर नहीं की गयी तो यही हवा गांवों में जाएगी। सत्ता वालों का प्रशासन पर और प्रशासन का कर्मचारियों पर इतना कंट्रोल तो होना चाहिए कि वे सब अपनी ड्युटी पर पूरा कार्य करें।

* नगरपालिका में अध्यक्ष ज्योतिकंवर ने 25 सितंबर 2026 को कार्यभार ग्रहण किया। उसी दिन से बोर्ड की गतिविधियां शुरू हो गई। भाजपा के चुने पार्षद और टिकट पर हारे प्रत्याशियों की ड्युटी भी उसी दिन शुरू हो गई। वार्ड के एक चक्कर में ही मालुम हो जाता है कि क्या हालत है? वैसे तो चुनाव लड़ा तब ही मालुम था कि वार्ड में क्या परेशानियां हैं। 

👌 सोच लें जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत, सत्ता के खेवनहार पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा कि सूरतगढ़ शहर में कौनसी हवा चल रही है।  पंचायत चुनाव के नामांकन से पहले तक सूरतगढ़ की हवा बदल सकते हैं या नहीं बदल सकते? यदि हवा बदल नहीं सकते तो सूरतगढ़ और राजियासर पंचायत समितियों का चुनाव परिणाम भी मन में बिठा लेना चाहिए।०0०







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