रविवार, 3 मई 2026

ममता दीदी लाएगी राजनैतिक तूफान.लेटेस्ट.





* करणीदानसिंह राजपूत *

पश्चिमी बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम ममता की जीत से राजनैतिक तूफान लाने वाले होंगे। एक नारी को हराने के लिए भाजपा की विशाल चतुरंगिणी सेना जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह से दिग्गज और देश भर से पश्चिमी बंगाल गये भाजपा के असंख्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता। सुरक्षा के नाम पर बंदोबस्त में सुरक्षा बलों के हजारों जवानों की तैनाती। इन सब के बावजूद 4 मई 2026 का चुनाव परिणाम घोषित करने का दिन ऐतिहासिक होगा जिसकी चर्चा विश्व स्तर पर हर देश में होगी। लोगों को चुनाव परिणाम के बाद निपट लेने की धमकियों से डराने की हर कोशिश की गई। इसके बावजूद मतदाता डर गये होते तो रिकॉर्ड वोटिंग नहीं होती। मतलब साफ है कि लोग डरे नहीं। अनुमानित सीटें और वोट किस पार्टी को कितने तो इनमें आंकड़ों का बड़ा अंतर है। भाजपा इतनी से इतनी सीटें जीतेगी। ममता की टीएमसी इतनी से इतनी सीटें जीतेगी। इतनी से इतनी में दो संख्याओं का इस्तेमाल हुआ। इससे अधिक सटीक परिणाम ये दिए जाते कि लगभग इतनी सीटें भाजपा, लगभग इतनी सीटें टीएमसी जीतेगी। इनमें एक संख्या होती। यानि अधिक स्पष्ट स्थिति। लेकिन सर्वेक्षण करने वाली एजेंसियों ने अपना बचाव रखा और हर बार ऐसा ही करती हैं। दिल्ली की एजेंसियों ने भाजपा को खूब बढा कर शौ किया। मोदी से प्रभावित या डर से यह किया। अखबारों को तो मान ही लें कि वे विज्ञापन नहीं मिलने से आशंकित रह रहे हैं। वे मोदी से भयभीत ही रहेंगे। कारण अनेक प्रदेशों में अनेक संस्करणों का प्रकाशन करने वाले अखबार मालिकों को करोड़ों रूपये प्रतिदिन चाहिए। यदि विज्ञापन बंद हो जाएं तो अखबारों का प्रकाशन ठप्प हो जाए।

👌 सोचा था कि आज 3 मईको अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर प्रेस के कुछ लोग डर निकाल कर स्वतंत्र रूप से लिख ही देंगे कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सच्च में ऐसा हुआ। लेकिन ऐसी कोई सूचना नहीं आई। मतलब अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भी बड़ी प्रेस डरी हुई रही। प्रेस सरकारी विज्ञापनों पर आश्रित है। अगर बाहर से भरपूर विज्ञापन मिलें तो प्रेस भयमुक्त हो लेकिन जब अखबार खरीदना पढना ही बंद हो रहा है तो विज्ञापन कौन देगा?

👌 स्वतंत्र पत्रकारिता धर्म निभाने वालों का मानना है कि ममता की टीएमसी को पराजित करना मुश्किल है। ममता जीती तो यह मानना चाहिए कि भारत की भावी राजनीति में प्रधानमंत्री पद के लिए बड़ा परिवर्तन होगा।०0०

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