जानलेवा चाइनीस मांझा बिक्री उपयोग. पुलिस की गिरफ्तारी से बचें.
* करणीदानसिंह राजपूत *
चाइनीस मांझा जानलेवा है जिससे ( हर साल पतंगे उड़ने वाले लोग चाहे जो हो )हर साल हजारों लोग घायल होते हैं हजारों पक्षी घायल होते हैं। हजारों पक्षी हर साल मौत का शिकार होते हैं। चाइनीस मांझा राजस्थान में प्रतिबंधित है। किसी भी समारोह में किसी भी उत्सव में पतंगबाजी में इसका उपयोग नहीं किया जा सकता लेकिन इसका उपयोग और बिक्री हो रही है।
* चाइनीज मांझा खरीदने वालों को बेचने वाली दुकानों का मालुम होता है, लेकिन आश्चर्य यह है कि अपने ही शहर में अपनी ही पुलिस को बिक्री स्थान का पता नहीं होता, बेचने वाले का पता नहीं होता। पुलिस सहमति से मिली भगत से यह सब होता है।
एक छोटे शहर में पतंग बेचने वालों की ज्यादा से ज्यादा 5 या 10 दुकान होती हैं। दुकानों का पता आम लोगों को जो पतंगबाजी करते हैं उनको मालुम होता है। वहां से पतंग और चाइनीज मांझा भी खरीदते हैं लेकिन इस शहर की पुलिस को पता नहीं होता। यह सब पैसे का खेल है या फिर पुलिस की गंभीर लापरवाही है,जिसके कारण जालेवा घटनाएं होती है।
प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने और उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तभी इसका उपयोग और बिक्री रुक सकती है।
* सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भी मकर संक्रांति और अक्षय तृतीया आती है तब चाइनीज मांझे का उपयोग सबसे अधिक होता है। पतंगबाजी में पतंग के काटने पर या लूटने पर जब मांझे को तेजी से खींचा जाता है और उस समय कोई व्यक्ति इसकी लपेट में आ जाता है या गर्दन आ जाती है तो कटने में देरी नहीं लगती। मांझे की काट बहुत घातक होती है और चिकित्सालय पहुंचने तक घायल व्यक्ति जिंदा नहीं रह पाता। ऐसी घटनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचती है फिर भी लोग गैरकानूनी कार्य करते हैं।
राजस्थान में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है। पुलिस को जानलेवा घटनाएं होने से राजस्थान को बचाना है तो तुरंत ही आज ही चाइनीज मांझा बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी दुकानें सीज कर देनी चाहिए। दुकानदारों को जो चाइनीस मांझा बेचते हैं उनको कानूनी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां करनी चाहिए।०0०