मंगलवार, 27 अक्तूबर 2020

कोरोना से मौत मंडरा रही थी मगर सरकारी डॉक्टरों और स्टाफ ने बचाया - मोटर मार्केट व्यवसायी पंकज शर्मा 8 दिन मौत के खतरे में रहे।

 


 * स्पेशल रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत *


कोरोना विषाणु के संक्रमण से हर समय मंडराती मौत से जूझते हुए बचने के बाद 43 वर्षीय पंकज शर्मा ने चैलेंज देते हुए कहा कि सरकारी हॉस्पिटल के डॉक्टर नर्स और वर्कर्स 24 घंटे मौत के बीच में काम करते हुए जनता की सेवा में लगे हुए हैं। 

पंकज शर्मा ने कहा कि सरकारी हॉस्पिटल शानदार हॉस्पिटल, शानदार डॉक्टर,शानदार स्टाफ और वर्कर्स जो हर वक्त कोरोना पॉजिटिव रोगियों के बीच में मौत के साथ में काम करने में हर वक्त तैयार रहे।

शानदार अच्छा खाना नाश्ता व अन्य सामग्री तय समय पर दवाइयां ऑक्सीजन आदि की जांच कहीं कोई कमी नहीं।

पंकज शर्मा ने बताया कि श्रीगंगानगर कोरोना सेंटर में करीब 40-50 पीड़ितों का इलाज होते देखा और अब मौत के मुंह से बचने के बाद चैलेंज से कहता हूं कि जनता की और हमारी प्रचलित सोच सरकारी डॉक्टरों के प्रति स्टाफ के प्रति गलत है। वे देवदूत के रूप में कार्य करते हैं। उनको अपनी जिंदगी की परवाह नहीं है वे अपनी अपने परिवारों की परवाह नहीं करते हुए दूसरों को जिंदगी देने में लगे हैं।


पंकज ने बताया कि कोरोना बहुत खतरनाक बीमारी है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। पंकज ने अपनी स्थिति बताई कि मैं दुकानदार आदमी हूं लोग दुकान में आते रहे हम नोट गिनते रहे मास्क तो लगा हुआ था मगर फिर भी लापरवाही हुई। इसलिए कहता हूं कि इस बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।


पंकज शर्मा सूरतगढ़ को श्री गंगानगर के जिला चिकित्सालय के कोरोना सेंटर में 18 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था। वे 26 अक्टूबर की शाम को अपने घर सूरतगढ़ बसंत बिहार कॉलोनी में आये हैं और घर पर क्वांर्टिन व्यवस्था में चिकित्सालय से मिली बचाव व प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाली दवाओं का सेवन करते हुए स्वस्थ होने तक रहेंगे। पंकज शर्मा की घर वापसी पर सभी परिजन प्रसन्न हैं।


पंकज शर्मा ने यह भी बताया कि कोरोना पॉजिटिव के पीड़ित होने पर घर परिवार वाले बहुत सेवा करते हैं मगर पीड़ित की मानसिकता ऐसी हो जाती है कि उसे लगता है कि उसकी सेवा नहीं हो रही।

पंकज ने बताया कि अत्यंत वृद्ध 80- 85 साल के लोगों को तो बचाया जाना बहुत मुश्किल है इसलिए बच के ही रहना चाहिए।

पंकज ने बताया कि श्री गंगानगर चिकित्सालय आईसीयू वार्ड के बाहर हर समय सामग्री आदि पहुंचाने के लिए उसके बड़े भाई मनीष दिन रात व्यस्त रहे। 



पंकज शर्मा ने कहा कि इन दिनों में जिंदगी के सभी रोमांच खत्म हो गए। अब मौत से बच कर आए हैं। कुछ दिनों में वापस कमजोरी आदि दूर होने के बाद में फिर जनता के बीच में होंगे। 

 लेकिन इन सारी बातों को साझा करते हुए उन्होंने एक बार फिर कहा कि सरकारी हॉस्पिटल में जो व्यवस्था है,वह कोरोना को चैलेंज है। पंकज ने आम लोगों को कहा कि कोरोनावायरस और उसकी सभी प्रकार की गाइडलाइन का पालन करें,जब तक दवा नहीं है तब तक मास्क और 2 गज की दूरी में रहें। ००

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