शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

निर्मलादेवी की पेपर बैग की कमाई से घर को मिला सहारा:



समूह के माध्यम से मिला स्वरोजगार
श्रीगंगानगर, 23 सितम्बर। यह कहानी श्रीगंगानगर जिले के गांव ख्यालीवाला की निर्मला देवी की है जिसने अपने खाली समय का सदुपयोग कर परिवार को हजारों रूपए मासिक का संबल प्रदान किया। निर्मलादेवी आठवीं पास है। उसके पास अपना घर का कार्य करने के बाद खाली समय बचता था। निर्मला देवी के पति किसी निजी फर्म मॠें नौकरी करते हैं, जिससे घर का गुजारा भी मुश्किल से निकल पाता था। निर्मला देवी ने अपने स्वयं का छोटा मोटा कार्य करने की ठानी तथा वह राजीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनी। ओबीसी ग्राम्य स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा समूह सदस्यों को पेपर बैग, पेपर कवर, लिफाफे, फाईल मेकिंग का प्रशिक्षण दिया, जिसमॠें निर्मला देवी भी पेपर बैग बनाने मेंॠ पारंगत हो गई।
इस समूह को राजीविका से रिवोलविंग फण्ड एवं सीआईएफ राशि के रूप मेंॠ एक लाख 25 हजार रूपये के रूप मॠें दिये गये। प्रशिक्षण के पश्चात निर्मला देवी ने समूह से 15 हजार रूपये की राशि का ऋण लिया तथा पेपर बेग व लिफाफे बनाकर बेचने का कार्य प्रारम्भ किया। निर्मला देवी ने जिला कलक्टर श्री पी.सी.किशन को बताया कि वह वर्तमान मेंॠ 4 हजार रूपये से अधिक की आय कर लेती है तथा इस व्यवसाय को धीरे-धीरे और बढ़ाने पर ध्यान दिया जायेगा।
 जिला कलक्टर ने आश्वस्त किया कि महिलाओं के पूरे समूह लिफाफे  बनाने का कार्य करेॠ ताकि सरकार द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित करने की योजना सफल हो सके।


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