Sunday, June 12, 2011

मीडिया प्रशासन पुलिस और पालिका के गैर कानूनी कार्य छापता है मगर भाजपा नेता चुप हैं

भाजपा नेताओं की हालत बयान करता हुआ भाजपा का झंडा
सूरतगढ़ के भाजपा के नेताओं की शक्ति क्षीण हो गई
बड़े नेताओं की देखने बोलने लिखने की ताकत नहीं रही
मीडिया प्रशासन पुलिस और पालिका के गैर कानूनी कार्य छापता है मगर भाजपा नेता चुप हैं
भाजपा नेताओं के घरों पर तो पार्टी का झंडा तक नहीं
लीर लीर पार्टी का झंडा और लीर लीर पार्टी की हालत
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 12 जून।  भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट की पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से उनके सहयोग के आग्रह पर भाजपा की बड़ी रोचक और बड़ी दयनीय हालत उजागर हुई। भाजपा की कही और लिखी हर बात मीडिया प्रकाशित करता रहा है। मगर मीडिया सरकारी कार्यालयों में हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं गैर कानूनी कार्यों की खबरें रपटें और फोटो छापता है तब भाजपा नेता कार्यवाही कराना तो दूर रहा उस पर कोई पत्र तक नहीं लिखना चाहते, न देखना चाहते हैं और न सुनना चाहते हैं। चुप रहते हैं और यह खेल जनता देख रही है।
    भाजपा के बड़े नेता पार्टी का टिकट लेकर विधायक बनने के सपने तो ले रहे हैं, मगर पीडि़त जनता के लिए कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन गरीबों के घर अतिक्रमण बताते हुए तोड़ता रहता है और बड़े लोगों के दो करोड़ तक के मार्केट कॉम्पलेक्स बन रहे हैं जो भाजपाप नेताओं के घरों से 2 सौ मीटर तक की दूरी पर ही हैं मगर इनको दिखाई नहीं देता कि उसके लिए प्रशासन को तुड़वाने का लिख कर दिया जाए। भाजपा नेताओं की नजरें कमजोर हो गई है वो देख नहीं पा रहे हैं, उनके हाथ कमजोर हो गए हैं कि उनसे लिखा नहीं जा रहा है, कान कमजोर हो गए हैं जिनसे गरीबों पीडि़तों की पुकार सुनी नहीं जा रही है, मुंह की कमजोरी बढ़ गई है कि बोलने की ताकत नहीं रही है। नगरपालिका में आए दिन लोगों को गरीबों को पीडि़त किया जा रहा है और पुलिस आए दिन किसी न किसी गरीब की सिलट निकालती रहती है मारपीट करती रहती है। ये घटनाएं अखबारों की सुर्खियां बनती है, मगर सत्ता आने और विधायक आदि बनने के सपने लेते रहने में यह घिनौना खेल देख रहे हैं।
    यह बात उठी तब किसी के पास बोलने को कुछ भी नहीं रहा था। ये बातें पिछले कुछ महीनों से जनता के मुंह से यत्र तत्र निरंतर निकल रही है, मगर भाजपा के बड़े नेताओं के रवैये से कई बार तो यह शक तक होने लगता है कि उनकी मिली भगती या चुपी से सहयोग तो नहीं दिया जा रहा है।
इसके अलावा एक प्रश्र और रोचक सामने आ गया कि भाजपा किसानों के लिए जो मांगे आज उठा रही है तथा कांग्रेस की सरकार को कोस रही है, बुरा भला कह रही है, लेकिन भाजपा का राज भी आता रहा है, जिसमें कार्यवाही क्यों नहीं की जाती है। यह बात उठी कि आज किसानों की जो मांगे और पीड़ाएं हैं, वे भाजपा का राज आने पर तो पूरी कर दी जाएगी और परेशानियां दूर करदी जाएंगी। इस पर रामपाल जाट ने हां भरी।
    पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक अशोक नागपाल, बड़े नेता राजेन्द्र भादू, नगर मंडल अध्यक्ष गुरदर्शनसिंह सोढ़ी व देहात मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र घिंटाला उपस्थित थे। पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया नहीं थे। जहां तक हर तरह से चुपी धारण किए रखने का प्रश्र पत्रकार वार्ता में मौजूद पूर्व विधायक अशोक नागपाल व राजेन्द्र भादू की तरफ इशारा करता हुआ है। राजेन्द्र भादू और रामप्रताप कासनिया के निवास से करीब 2 सौ मीटर के पास में ही अवैध बिना मंजूरी के करोड़ों रूपयों का मार्केट कॉम्लेक्स बन रहा है तथा उसके बारे में निरंतर छप भी रहा है, कि प्रशासन गरीबों के घरों को आए दिन तोड़ देता है, मगर इस कॉम्पलेक्स के निर्माण को ध्वस्त करने के लिए कदम नहीं उठा रहा है। प्रशासन की इस दोगली नीति पर भाजपा के नेता चुपी धारण किए हुए हैं जिसका क्या मतलब निकाला जाना चाहिए? कि भाजपा को दिल्ली का भ्रष्टाचार तो दिखाई पड़ रहा है, मगर यह आसपास का भ्रष्टाचार दिखाई क्यों नहीं दे रहा है?
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