शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025

सूरतगढ़:भाजपा नेताओं के कार्य कोरा कागज.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में भाजपा सरकार के दो साल पूर्ण हुए हैं और सूरतगढ़ में भाजपा के नेताओं नेतियों के पब्लिक कामकाज की रिपोर्ट कोरा कागज है। चाहे नगरपालिका हो,चाहे पुलिस हो चाहे पंचायत समिति हो चाहे तहसील या एडीएम एसडीएम कार्यालय हो। दो साल से सूरतगढ़ में आबोहवा बुरी तरह से खराब से खराब होती गई लोग परेशान होते रहे लेकिन किसी ने परवाह नहीं की। सभी अपनी जमीन अपनी जायदाद के लिए,अपने चेहरे अपने फोटो,अपने समाचारों के लिए सीमित दायरे को ही पब्लिक का विधानसभा का दायरा मानते रहे और दर्पण देख कर खुश होते रहे लेकिन यहाँ इतनी मति तो होनी ही चाहिए कि दर्पण के सामने खड़े होंगे तो चेहरा तो एक अपना ही नजर आएगा। बहुत बड़ा पागलपन ढो रहे हैं लेकिन जनता तो पागल नहीं है। कोई भी खुद को विधानसभा स्तर से कम का नेता नहीं समझ रहा चाहे सरकार के किसी कार्यालय में एक भी काम करा पाने की क्षमता न हो। यह कड़वा सच्च है। अनेक नेता नेतियों का नेताई स्वाद सच्चाई से बिगड़ेगा। किसी मंच पर, किसी नेता पदाधिकारी का स्वागत करने में समय दिया हो और समझा हो कि यह जनहित कार्य है तो यही सच्चाई है कि दो साल की सरकार में सूरतगढ़ में नेताओं के रजिस्टर और नेतियों की कापियां कोरा कागज ही है। हर पेज एक दम साफ सुथरा। सूरतगढ़ शहर में नगरपालिका में सड़क नाली और रोशनी इतना ही जनता चाहती है लेकिन एक भी नेता नेती में इतनी पावर नहीं कि नालियां सड़कें ही साफ करवा लें। भारत माता का नारा लगाने वाले भारत माता चौक से कचरा नहीं उठवा सकते। भगतसिंह चौक सुभाष चौक पर शहीद भगतसिंह और क्रांतिकारी नेता सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाएं गंदी हवा में सांस ले रही हैं। हम इनको जिंदा मानते हैं तो यही सच्च भी है। जब शर्म खूंटी पर टांग दी जाए तो फिर क्या हो? एक केशव उद्यान है गंदगी भरा यहां संघ भी लाचार है गूंगा है। नगरपालिका प्रशासन में जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों को लिखित में शिकायत करना दूर रहा जबानी कहने से भी डर। ऐसे हैं भाजपा के नेता नेतियां। सूरतगढ़ में काम करने को जिसकी ईच्छा न हो तो उसको टपाओ और काम करने वाले को लाओ की नीति यदि विधानसभा संचालन की नहीं है तो फिर दूसरा कोई तो जागेगा चाहे वह भाजपा का नेता नेती न हो। निकम्मे अधिकारियों को दो साल से ढोते रहना भी कोरा कागज ही तो है। संचालन गलत हो और अन्य मुंह नहीं खोलें तो यह भी कोरा कागज है। नगरपालिका में जमीनों के मामलों में पट्टों के मामले में भयानक भ्रष्टाचार हो,अधिकारियों के पदों,कार्यों,पद के अनुसार कार्य में भ्रष्टाचार हो और सभी भाजपाई चुप्प हों तो कोई तो जागेगा। नगरपालिका के निर्माण कार्यों में घटियापन। बरसात में पानी जमाव और नुकसान। सड़कों और आवासन मंडल सड़कों पर अतिक्रमण। नगरपालिका से झूठी रिपोर्ट्स।

शहर में नशा चोरियां मारपीट हत्या जैसे अपराध बढे हैं और यह दो साल की प्रगति रिपोर्ट है। एक भी नेता नेती ने पुलिस व्यवस्था पर कभी शिकायत नहीं की। पंचायत समिति क्षेत्र में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार गोलमाल पर भी चुप्पी। आम लोगों को एडीएम और एसडीएम से बड़ी आशाएं रही लेकिन दोनों अधिकारियों ने कभी शहर का निरीक्षण नहीं किया। यह भी दो साल में उपलब्धि रही। सबसे लचर सब्जी मंडी और ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था। वरिष्ठ नागरिक और अधिक आयु के वृद्ध पैदल नहीं चल सकते। 

विधानसभा स्तर के भाजपा नेताओं नेतियों के लिए यह सच्चाई है कि आगे कुछ महीनों बाद ही नगरपालिका और पंचायत चुनाव है और आपकी कार्य रिपोर्ट कोरा कागज है। कांग्रेस नगरपालिका और पंचायत के पिछले चुनाव में जीती थी और आने वाले चुनावों के लिए भी भारी है। कोरा कागज लेकर लोगों के बीच कैसे जाएंगे। सोचो जरा! या फिर दो चार महीनों में जयपुर को सब सच्च बता कर यहां हर विभाग में निकम्मे पन को हटवा कर बदलाव शुद्धिकरण) कराने से कुछ सफल हो सकेंगे। ०0०



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