सोमवार, 27 अप्रैल 2026

सूरतगढ़ में बिजली पानी और सफाई का हाहाकार.बिजली के कितने कट ?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 27अप्रैल 2026.

राजस्थान सरकार के गर्मी में पानी बिजली सुचारू व्यवस्था के आदेश यहां विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हवा हो गए और पीएम मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कचरे के ढेरों और गंदगी भरे नालों में से निकाला नहीं जा सका। लोगों की परेशानी को समझा नहीं जा रहा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शुद्ध पेयजल देने में फेल हो गया है तथा जोधपुर विद्युत वितरण निगम बार बार के विद्युत कट का रिकॉर्ड बनाने से चूकना नहीं चाहता। यहां राज को यहां चलाने वाले भाजपा नेता बुड्ढे बीमार और लाचार हो गये हैं कि उनकी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,जोधपुर विद्युत वितरण निगम परवाह नहीं करता और नगरपालिका प्रशासन तो कुछ समझता भी नहीं। 👍शहर के 45 वार्डों में कहीं न कहीं गंदा पेयजल आ ही जाता है। ऐसा लगता है कि प्राईवेट व्यापारियों, विक्रेताओं के  फिल्टर आर ओ,और पानी के केन बिकवाने में विभागीय अधिकारियों का सहयोग चल रहा हो। विभाग पानी के नमूने लेकर जांच करवाने में पिछड़ा हुआ है। मीटर रीडिंग महीनों से नहीं हो रही। अनेक स्थानों पर पानी पाईपलाईन रिसाव कर रही है और विभाग को मालुम नहीं। पानी शुरू से ही बिना फिल्टर किये हुए वितरित हो रहा है तो कहीं टूटे पाईपों में से गंदगी पेयजल में घुलमिल रही है। विभाग ऐसी पाईप लाईनों का मालुम करने के लिए स्टाफ को फील्ड में नहीं भेजता। अवैध कनेक्शनों की भरमार है। एक वैध और बाकी अवैध कनेक्शन भी हैं। विभाग अवैध कनेक्शन हटाने में पिछड़ा है।

* बिजली के बार बार कट होने की परेशानी सभी नागरिक घरों में और अपने व्यवसायिक संस्थानों पर भोग रहे हैं। व्यापार व दुकानदारी प्रभावित हो रही है।

* नगरपालिका प्रशासन ने स्वच्छ सूरतगढ़ के होर्डिंग लगवा दिए हैं। इन होर्डिग्स का सच्च से दूर तक संबंध नहीं है। होर्डिंग प्रिंट और विज्ञापन प्रदर्शन स्थानों के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के अलावा किसी काम के नहीं। सुभाष चौक,भारत शहीद भगतसिंह चौक और भारत माता चौक पर प्रतिमाओं के पास ही गंदगी कचरे के ढेर रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नेतियों और कार्यकर्ताओं के पूजनीय स्थल हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन को कहने से शिकायत करने से डर बैठा हुआ है। सूरतगढ़ शहर के 45 वार्ड हैं। सत्ताधारी भाजपा के पास 45 कार्यकर्ता नहीं है जो एक एक वार्ड को संभाल सके या देख सकें। 

👌स्थानीय देखरेख पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया और उनके पुत्र संदीप कासनिया के पास है जिनकी आलोचना इन विभागों के अधिकारी करवा रहे हैं।नागरिकों को सर्वाधिक शिकायतें और परेशानियां नगरपालिका से है और पिता पुत्र दोनों ही मजबूरी के कारण कोई एक्शन नहीं ले पा रहे। ०0०






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