मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

वसुंधरा से छल करना कौनसा नारी सम्मान था?भजन सरकार में कार्यकर्ता परेशान. प्रशासन को भय नहीं.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में दिल्ली की पर्ची से भजनलाल शर्मा की सरकार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 

वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनने से रोक कर नारी सम्मान किया था? राजनाथसिंह के हाथ पर्ची दिलवाई और वसुंधरा राजे के हाथ से विधायक दल की बैठक में खुलवाई। इससे अधिक अपमान के घूंट और क्या पिला सकते थे? नारी सम्मान की बात करने वाले नरेंद्र मोदी ने जो किया वह कोई कूटनीति नहीं थी बल्कि इसे छल कहा जाता रहा है। ऐसे छल कपट के घाव कभी समय बीतने के साथ भरते नहीं है बल्कि बार बार याद कराते हैं। 

मोदी जी ने पर्ची से मुख्यमंत्री पैदा कर सरकार तो बनादी लेकिन सरकार चल नहीं रही है और न चलती हुई दिखाई दे रही है। कम से कम चलती हुई दिखे और लोगों को महसूस हो कि सरकार चल रही है, यह भी नहीं हो रहा। 


भाजपा के लोग ही निराश हो रहे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे और कार्यकर्ता इसलिए भी निराश हो रहे हैं कि ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक राजनैतिक पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री तो 5 साल राज का भोग करें और जिन कार्यकर्ताओं ने मंत्री बनाया वे धूल फांके। दुखों से भरा आश्चर्य यह भी है कि ये मंत्री तो कार्यकर्ताओं के भरोसे से ही बने और अब कार्यकर्ताओं की मजबूती पर भरोसा नहीं करते। पद देने के बाद कार्यकर्ता कैसा निकलेगा? राजनैतिक पद दिए जाने के बाद कार्यकर्ता अपने अपने फील्ड में काम पर जुट जाते और आम लोगों का काम कराते जिससे भाजपा को ही मजबूती मिलती। एक कड़वा सच्च है, कि कार्यकर्ताओं को न भजनलाल शर्मा समझ रहे हैं न भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष मदन राठौड़ समझ रहे। इन दोनों का व्यवहार कार्यकर्ताओं को निरंतर निराश कर रहा है जिसके कारण वे पार्टी के विभिन्न प्रचारक कार्यक्रमों से दूर हट रहे हैं। भाजपा के प्रचारक कार्यकर्म आजकल बहुत कम उपस्थिति वाले और रसहीन से होते हैं। कार्यक्रमों में अनेक सक्रिय कार्यकर्ता अनुपस्थित रहते हैं। मोदी और भजन के नाम पर भाजपा नेता नेतियां जो प्रदर्शन आदि करते हैं उनमें 40 से 50 लोग ही हर जगह दिखते हैं।

भजनलाल शर्मा एक गंभीर गलती भी किए हुए हैं और वह गलती भी हानि पहुंचा रही है। कांग्रेस सरकार के लगाए कर्मचारी वहीं बैठे हैं जहां कांग्रेस ने लगाया था। वे कांग्रेसियों के हर काम कर रहे हैं और भाजपा के टालते हैं या रोक देते हैं। इनको ही बदल नहीं सके। ये भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर काम नहीं कर रहे। भाजपा वालों को अच्छे ढंग से समझ में आ जाना चाहिए कि प्रदेश में सरकार चलती हुई महसूस क्यों नहीं हो रही?

अधिकारी कर्मचारी पीड़ित लोगों की सुन नहीं रहे रहे।

 एसीबी रिश्वत में अधिकारियों कर्मचारियों को आए दिन पकड़ रही है। इससे ही,यह साबित हो रहा है कि लोगों के काम पैसों से हो रहे हैं। काम नहीं होता तब पीड़ित मजबूरी में रिश्वत देने को मजबूर होता है तथा एक तरफ रिश्वत देने की हां करता है और दूसरी तरफ एसीबी से संपर्क कर लेता है। भ्रष्टाचारियों को भजनलाल शर्मा की कोई चेतावनी नहीं और सरकार के मंत्रियों की भी कोई चेतावनी नहीं। वे काम क्यों करें? अधिकारी 11 बजे से पहले दफ्तरों में आते नहीं और बीच में ही लौट जाते हैं। संपूर्ण राजस्थान में ये बिगड़े हालात दिखाई दे रहे हैं। काम करने कराने के वास्ते प्रशासन को  नीतिगत आदेशों के पालन के लिए सक्रिय रखना जरूरी होता है लेकिन भजनलाल सरकार में फील्ड के नगरीय व ग्रामीण कार्यालयों में नजर नहीं आ रहा।

नारी सम्मान के लिए विख्यात राजस्थान में वसुंधरा राजे का नाम सीएम से हटवा कर पर्ची से भजनलाल शर्मा को सीएम तो बना दिया लेकिन यह नारी का सम्मान नहीं है और राजस्थान इस सरकार को ढो रहा है। दिया कुमारी को आगे लाने की राजनीति रही है लेकिन उनमें वसुंधरा राजे जैसा दम नहीं है। अभी समय जो बचा है उसमें नारी सम्मान की सोच हो तो वह किया जाए।०0०

21 अप्रैल 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 62 वां वर्ष,

94143 81356.

👍 प्रकाशन की अनुमति की आवश्यकता. नहीं. लेखक.

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