सूरतगढ़:सफाई की दुर्दशा कौन देखे? नगरपालिका ईओ या प्रशासक ?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 मार्च 2026.
नगरपालिका के प्रशासक उपखंड अधिकारी के कार्यालय के मुख्य द्वार के आगे नीम के गट्टे पर एक स्लोगन लिखा है सफाई के लिए सब को जागरुक बनाना है। मुख्य द्वार के आगे ही कचरा पात्र का स्टैंड लगा हुआ है जिसमें 1 कचरा पात्र टूटा हुआ है और 1 कचरा पात्र गायब है। प्रशासक अपने कार्यालय में मुख्य द्वार से प्रवेश करे और वहीं से लौटे तो यह दुर्दशा दिखाई दे मगर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा साहब अपने आवास से कार्यालय में दक्षिण के द्वितीय द्वार से आते जाते हैं। अधिकारी को मुख्य द्वार से ही आना जाना चाहिए कभी भी पीछे के द्वार का प्रतिदिन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
* प्रशासक से लोगों को बहुत आशाएं होती हैं और उपखंड अधिकारी कार्यालय के आगे यह दुर्दशा है तो बाकी के संपूर्ण शहर की हालत क्या होगी?
शहर की सफाई व्यवस्था को बिगड़े हालात को कौन देखे? ईओ या प्रशासक? सच्च तो यह है की दोनों ही शहर की हालत को देखने के लिए अपने कार्यालयों से वार्डों में मोहल्लों में नहीं निकले। पहली ड्युटी ईओ पूजा शर्मा की बनती है लेकिन 2 साल के कार्यकाल में वे चार पांच बार ही मौके पर गई। शहर के नागरिक इसके गवाह हैं कि ईओ को उन्होंने मौका देखते निरीक्षण करते नहीं देखा। उपखंड अधिकारी की भी ड्युटी है कि वे भी शहर की हालत का निरीक्षण करें। लेकिन शिकायत पर निरीक्षण की मांग पर भी वे मौका देखने नहीं निकले। उपखंड अधिकारी के पास अनेक कार्य हैं और वे उनमें अधिक व्यस्त हों तो हफ्ते में ही एक दिन एक दो घंटे ही देख लें या फिर ईओ को सख्त निर्देश दें कि प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रशासक के आगे पेश होती रहे।
* प्रशासक के शहर के निरीक्षण नहीं करने के कारण अनेक अवैध होटल,मार्केट काम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। नगरपालिका के कोष को लाखों रूपये का नुकसान अनदेखी और मिलीभगत से हो रहा है। ०0०