शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

सूरतगढ़:नरेंद्र घिंटाला के हथाई आपबीती में कार्यकर्ताओं ने जो कड़वा सच्च बोला:

 


 * करणी दान सिंह राजपूत *


 सूरतगढ़ 9 सितंबर 2022.

 सूरतगढ़ विधानसभा सीट के राष्ट्रीय विचारों के लोगों का एक कार्यक्रम हथाई आपबीती में 8 सितंबर को हुई चर्चा में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने अपनी पीडा़एं बताई कि सत्ता में आने के बाद विधायक उनकी नहीं सुनते उनका तिरस्कार करते हैं।

उनके किसी काम नहीं आते लेकिन फिर भी दुख दर्द पीड़ा सहन करते हुए भी अगले वर्ष 2023 के राजस्थान के  विधानसभा चुनाव में सूरतगढ़ सीट से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाने का कहा।

राजस्थान में भाजपा की सरकार बनाने का लगभग सभी कार्यकर्ताओं ने कहा जो । 





हथाई आपबीती मन की बात रखने का आयोजन भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र घिंटाला ने किया था।

नरेन्द्र घिंटाला भैरों सिंह जी के मुख्यमंत्री काल से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय हैं।पहले यह आयोजन भाजपा के कार्यकर्ताओं के नाम से किया जाने वाला था लेकिन बाद में इसको परिवर्तित करके राष्ट्रवादी विचारों के लोगों का नाम दिया गया।

यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर केंद्रित रहा। कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा का बखान किया। स्पष्ट रूप से सूरतगढ़ सीट पर विजयी रहे विधायकों द्वारा कार्यकर्ताओं की शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की अनदेखी करने और कार्यकर्ताओं की नहीं सुनने का आरोप लगाया गया। 

इसमें कांग्रेस के एक और भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधायक और दो पूर्व विधायकों द्वारा कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनने की नीति को गलत बताते हुए आलोचना भी हुई।


यह कहा गया कि वर्तमान में विधायक भारतीय जनता पार्टी का है,उनका कहना है कि सरकार भाजपा की नहीं है इसलिए  उनकी चलती नहीं है। यह कहते हुए कार्यकर्ताओं को जवाब दे दिया जाता है। कार्यकर्ताओं का काम नहीं किया जाता। बात नहीं सुनी जाती। सरकार हो या न हो लेकिन इलाके में वोट तो उन्होंने मांगे थे। कार्यकर्ताओं से कहा था कि मैं जब कहोगे तब आधी रात को भी आप ने जगाया तो काम करने को तैयार रहूंगा लेकिन अब उनकी कोठी के दरवाजे पीडा़एं सुनने के लिए दिन में भी बंद हैं।

भाजपा के विधायक की कार्यशैली से कांग्रेस के पूर्व विधायक गंगाजल मील इलाके में दखल दे रहे हैं।यह जो कुछ हो रहा है वह कार्यकर्ता देखना नहीं चाहते। मील इस समय जनप्रतिनिधि नहीं है लेकिन सब जगह उनको हवा दी जा रही है। ऐसा बताया जाता है कि मील सब कुछ करवा सकते हैं और इससे आम कार्यकर्ता पीड़ित है।


 नगर पालिका और पंचायत समिति दोनों स्थान पहले भारतीय जनता पार्टी के थे जहां पर आज कांग्रेस का कब्जा है।नगर पालिका बोर्ड कांग्रेस का है और पंचायत समिति में प्रधान कांग्रेस का है। ये दोनों स्थान भाजपा के हाथ से इसलिए निकल गए कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विशेष करके वर्तमान और पूर्व विधायकों ने  कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी।

कार्यकर्ताओं ने हथाई कार्यक्रम में अपने दुखड़े रोए। बहुत कुछ सुनाया लेकिन कार्यक्रम का सार यह निकला कि एक बार फिर दुख दर्द पीड़ाओं के बीच में रहते हुए फिर से सूरतगढ़ सीट पर भाजपा को विजयी बनाना है। भाजपा की टिकट कोई भी नेता कार्यकर्ता लेकर के आए,जो भारतीय जनता पार्टी की टिकट लाएगा, जिसको भारतीय जनता पार्टी विधायक प्रत्याशी घोषित करेगी सभी उसके साथ में जुड़ेंगे।

सूरतगढ़ सीट पर भारतीय जनता पार्टी को विजय श्री दिलाकर राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थापित करेंगे।


 कार्यकर्ताओं ने यह कहा कि कार्यकर्ता सदा ही दुख दर्द सहन करता हुआ कार्य करता है और आगे भी ऐसी परिस्थितियां हुई तो भी उसे स्वीकार करता हुआ राष्ट्रवादी विचारों की भारतीय जनता पार्टी के विधायक चुनने में आगे रहेगा।

 कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्तमान विधायक को कार्यकर्ताओं की बात सुननी चाहिए और कार्यकर्ताओं के काम भी करने चाहिए।


 अभी राजस्थान में चुनाव के लिए करीब 14 महीने बाकी है और इन 14 महीनों में वर्तमान विधायक बहुत कुछ कार्य कर सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के मंडल शहर और गांव में अच्छा कार्य प्रदर्शन कर सकते हैं और बदलाव ला सकते हैं।

 सभी ने लगभग एक जैसी बात रखी कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा को हर स्तर पर सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए।

एक विचार यह भी आया कि जरूरी नहीं है कि शहर का रहने वाला ही विधायक हो विधायक गांव का रहने वाला भी चुना जा सकता है। यह भी जरूरी नहीं है कि पुराने चेहरे ही विधायक के लिए उपयुक्त हों। पार्टी नया चेहरा भी चुन सकती है। 

एक विचार यह भी आया कि मनोनीत करने की नीति छोड़ी जानी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी का संविधान है उसी के अनुरूप ही हर चुनाव होना चाहिए। किसी भी पद पर मनोनयन नहीं होना चाहिए क्योंकि मनोनीत पदाधिकारी कार्यकर्ताओं की सुनने में पीछे रहता है इसलिए मनोनयन तो बिल्कुल ही बंद होना चाहिए। 


इस कार्यक्रम के आयोजक नरेंद्र घिंटाला ने कहा के आज यह पहला कार्यक्रम पहली हथाई हुई है जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपनी बात खुल कर रखी।

अब हर महीने एक हथाई होगी जिसमें कार्यकर्ता अपनी बात रख सकेंगे और यह निरंतर कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। नरेंद्र घिंटाला ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारों की यह एकजुटता रंग लाएगी और इनकी आवाज हर स्तर पर जिला स्तर और राज्य स्तर पर पहुंचाई जाएगी। 

इससे आने वाले चुनाव में लाभ मिल सकेगा।


 कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक नागपाल भी मौजूद थे,उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 2003 में सूरतगढ़ सीट बहुत बड़ी थी। उस समय कार्यकर्ताओं के बलबूते पर ही सबसे अधिक 36 हजार वोट अधिक प्राप्त कर जीते। 

इसके अलावा इलाके के अनेक सरपंच पूर्व सरपंच पंच कार्यक्रम में उपस्थित थे। नगर पालिका सूरतगढ़ से संबंधित कार्यकर्ता भी काफी संख्या में पहुंचे थे। यह संख्या 200 से अधिक थी। घिंटाला  ने कहा कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम में अधिक लोग उपस्थित होंगे और नए से नए कार्यकर्ता जुड़ेंगे जिससे लोगों में एकजुटता फिर से कायम होगी। 

जो लोग अनदेखी और  पीडा़ओं के कारण दूर हो गए हैं उनको भी साथ में जोड़ा जाएगा और इस कार्यक्रम को और अधिक मजबूती दी जाएगी।  यह कार्यक्रम 12 बजे शुरू हुआ और करीब ढाई घंटे चला आने वाले समय में यह कार्यक्रम और अधिक समय ले सकेगा ऐसी संभावना व्यक्त की गई है।

हथाई मन की बात के विस्तृत रूप को सभी पढने के इच्छुक होंगे। अनेक जानकारियां और कार्यकर्ताओं के नाम भी जिन्होंने अपने अपने विचार रखे।


ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में संघर्षशील किसान नेता पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र घिंटाला ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता व समर्थकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता का मान सम्मान करते हुए सुख दुख में साथ खड़े रहकर हौसला बढ़ाने से कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहेगा।


 इसी भावना के साथ समय-समय पर इस तरह के आयोजन करके कार्यकर्ताओं के मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से समस्या का समाधान कराने के लिए संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी।


कार्यकर्ता की उपेक्षा और सुनवाई नहीं होने के कारण कार्यकर्ता दुखी होकर घर बैठा है। इसी बात को ध्यान में रखकर सभी को एकजुट करके कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान करते हुए कार्यकर्ता की बात का ध्यान रखा जाना जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ता एकजुट होकर आने वाले समय में बड़ी ताकत बनेंगे ।


पूर्व विधायक अशोक नागपाल ने कहा कार्यकर्ताओं की पीड़ा को समझ कर उनका समाधान करना हमारा धर्म है। कार्यकर्ताओं के बदौलत से ही सत्ता और सरकार की भागीदारी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना ठीक नही है।  कार्यकर्ताओं के सहयोग से मुझे  विधायक की ताकत मिली। मैंने हमेशा सब की बात सुनकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया। कार्यकर्ता का सम्मान रखते हुए हमेशा कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यकर्ता के लिए जनहित के काम किए हैं।  आज कार्यकर्ता दुखी है यह बड़ी गंभीर बात है। समय रहते कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान करते हुए कार्यकर्ता की बात सुन कर  संगठन को अवगत कराया जाएगा।


कार्यक्रम के दौरान  राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कहा विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, कार्यकर्ताओं का मान सम्मान तो करना दूर, कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही। 


किसान नेता पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र घिंटाला ने पहली बार कार्यकर्ताओं के मन की बात सुनने के लिए कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए कार्यक्रम का आयोजन करके कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है। 

कार्यकर्ताओं ने कहा कि बड़ी गंभीर स्थिति है। आज विधायक हमारा है, सरकार कांग्रेस की है। कांग्रेस हमारे कार्यकर्ताओं का काम नहीं करती, विधायक कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनते। चुनाव के समय कार्यकर्ताओं का काम कराने का भरोसा दिलाने वाले आज कार्यकर्ताओं को कह रहे हैं मैं विधायक हूँ लेकिन मेरी नहीं चलती।


संगठन के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क नहीं रखते, चुनाव आते ही कार्यकर्ताओं की जरूरत पड़ती है तब कार्यकर्ताओं को बुलाते हैं।


इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी तभी कार्यकर्ता का सम्मान होगा। राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ता एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। नेताओं के पीछे लग कर गिड़गिड़ाने से कुछ नहीं होगा। जाति के हिसाब से विधानसभा की टिकट देने के बजाय कार्यकर्ता के हिसाब से विधानसभा की टिकट मिलनी चाहिए। कार्यकर्ता एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएगा तभी कार्यकर्ता का सम्मान होगा ‌। 


इस अवसर पर अमित कल्याणा, विश्व हिंदू परिषद के श्याम अरोड़ा, पूर्व पार्षद ज्योति माई, एडवोकेट संजय सोढा, अजय गोदारा, पूर्व पार्षद किशन भार्गव, मुरलीधर पारीक, गौरव बलाना, नवनीत मुंजाल, गुलजारी लाल सुखीजा, पूर्व पार्षद सत्यनारायण छिंपा, कृष्ण लाल छिंपा, रमेश माथुर, सुभाष सोनी, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष पवन ओझा, संगीता के सरपंच भूराराम, सरपंच अर्जुन गोदारा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य फूल सिंह बीका, पूर्व सरपंच मोहन दास स्वामी, पूर्व सरपंच अनिल जाट, भरत पुरोहित, जानकीदास वाला के वार्ड पंच महावीर प्रसाद बिश्नोई, बाबू सिंह खीची, राज गिरी, सुभाष सोनी, सुभाष सोनगरा, अजय सिसोदिया, किशन मुंधड़िया, व ओम चाहर आदि ने बातचीत करते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाने का आह्वान किया। 


कार्यक्रम के आयोजक संघर्षशील किसान नेता पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र घिंटाला ने कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा हर महीने कार्यकर्ताओं के मन की बात आपबीती हथाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।


हथाई मन की बात से कार्यकर्ता तेजी से जुडेंगे और आगे निरंतर बदलाव से कार्यकर्ता अधिक मजबूत होंगे। आगामी चुनाव से पहले तक दस हथाई कार्यक्रम तो जरूर हो जाऐंगे।०0०




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