शनिवार, 6 नवंबर 2021

* बेचारा पति: लघु कथा- करणीदानसिंह राजपूत.

 

* पत्नीने सुबह दस बजे गैस धीमी करके कुकर चढ़ाया और पति से कहा- सीटियां गिनते रहना, और तीन बज जाए तब गैस बंद कर देना।
* पति गिनता रहा। 12 बजे तक 82 बार सीटियां बजी। फिर सीटियां बजनी बंद हो गई। तीन बजने में काफी समय बाकी था। पत्नी ने देखा और बहुत गुस्सा हुई। पत्नी बोली नहीं और सीधे पिटाई शुरू करदी।
पति  चिल्लाने लगा और बार बार कारण पूछता रहा, मगर पत्नी ने सुना तक नहीं। बस पीटती रही। पत्नी ने पति को बहुत पीट दिया। जब वह पिटाई करते थक गई तब रूक गई।
पति मार खाते खाते चुप हो गया।
सब शांत होने के बाद भी उस बेचारे की समझ में नहीं आया कि गलती कहाँ हुई ?


( वाट्सएप पर चुटकला आया। बस रूप बदला)


- करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ (राजस्थान)
94143 81356.
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