सोमवार, 24 सितंबर 2018

अश्लील सीडी कांड-छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल को जेल भेजा-आरोप झूठा-बघेल

रायपुर, 24 सितंबर 2018.

 छत्तीसगढ़ में मंत्री की कथित अश्लील सीडी मामले में आज सीबीआई की विशेष अदालत ने राज्य के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सीडी मामले में आरोपी बघेल ने अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अपने लिए किसी भी अधिवक्ता द्वारा पैरवी करने और जमानत की याचिका लगाए जाने से इंकार कर दिया था। बघेल ने कहा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है तथा जेल में भी वह सरकार का विरोध करेंगे। अधिवक्ता फैजल रिजवी ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि सीबीआई ने आज सुमित कपूर की अदालत में अश्लील सीडी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। इस आरोप पत्र में भूपेश बघेल, पत्रकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और दो अन्य पर आरोप लगाया गया है। रिजवी ने पत्रकार वर्मा और भाटिया की तरफ से पैरवी की है। उन्होंने बताया कि इस मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने इस मामले की जांच के दौरान इस वर्ष जून माह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रिजवी ने बताया कि सीबीआई ने बघेल, वर्मा और भाटिया को रविवार को नोटिस दिया था, जिसमें सभी को सोमवार को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि आज सुबह जब विशेष अदालत में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया तब अदालत ने इस आरोप पत्र में कुछ कमी को देखते हुए वापस कर दिया था। तब सीबीआई ने इसे दाखिल करने के लिए दोपहर बाद तीन बजे तक का समय मांगा। अधिवक्ता ने बताया कि आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 469, 471 और 120 बी तथा आई टी एक्ट की धारा 67 ए का आरोपी बनाया है। रिजवी ने बताया कि सुनवाई के दौरान बघेल ने कहा कि वह निर्दोष है तथा उन्हें फर्जी केस में फंसाया जा रहा है। बघेल ने कहा कि पिछले दिनों राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवास के दौरान उन्होंने उन्हें काला झंडा दिखाने की कोशिश की थी। इसलिए सरकार बदले की कार्रवाई करते हुए इस मामले में घसीटने की कोशिश कर रही है। अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने इस मामले में वर्मा और भाटिया को जमानत दे दी है। लेकिन इस दौरान बघेल ने कानूनी सहायता लेने और जमानत के लिए आवेदन देने से इंकार कर दिया। बाद में अदालत ने बघेल को न्यायिक हिरासत में आठ अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया। इस दौरान दो अन्य आरोपी भाजपा नेता कैलाश मुरारका और विजय पंडया अदालत में पेश नहीं हुए। इधर राज्य में कांग्रेस के विरष्ठ नेताओं इसे बदले की कार्रवाई कहा है तथा इस मामले को लेकर वह राज्यभर में आंदोलन चलाने की घोषणा की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत ने कहा है कि भाजपा की सरकार विरोधियों को दबाने के लिए सीबीआई का दुरूपयोग कर रही है। राज्य में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के कारण बघेल को इस मामले में घसीटा गया है। छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित सीडी मामला तब सामने आया जब रायपुर जिले की पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। वर्मा को रायपुर के पंडरी थाने में दर्ज प्रकाश बजाज की रिपोर्ट की तहकीकात के दौरान गिरफ्तार किया गया था। बजाज ने थाने में मामला दर्ज कराया था कि एक व्यक्ति ने उसे धमकी दी है कि उसके आका की अश्लील सीडी उसके पास है तथा उसका कहा नहीं मानने पर वह इसे सार्वजनिक कर देगा। वर्मा की गिरफतारी के बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी सार्वजनिक हो गई। मूणत ने इस मामले में यहां के सिविल लाईंस थाने में भी पत्रकार वर्मा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मूणत ने इस वीडियो को फर्जी बताया है। राज्य सरकार ने मंत्री की कथित अश्लील अश्लील सीडी मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया और बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। इस मामले में पूछताछ के दौरान इस वर्ष जून माह में आरोपी रिंकू खनूजा ने आत्महत्या कर ली थी।

(नभाटा)

+

छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश मूणत के कथित अश्लील सीडी के मामले में सीबीआई की अदालत ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

दरअसल, भूपेश बघेल ने अपनी पैरवी के लिए वकील लेने से भी मना कर दिया और ज़मानत के लिए आवेदन देने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें जेल भेजा जाता है तो वह जेल में सत्याग्रह करेंगे.

इस मामले में सोमवार को ही सीबीआई ने रायपुर की विशेष अदालत में आरोप पत्र पेश किया था. इधर इस मामले में एक अन्य आरोपी वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा और कांग्रेस नेता विजय भाटिया को कोर्ट ने ज़मानत दे दी है.

जिस 'ब्लैकमेलिंग' का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने विनोद वर्मा को पिछले साल गिरफ़्तार किया था, उस ब्लैकमेलिंग के आरोप को सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में शामिल ही नहीं किया है.

पिछले साल 27 अक्तूबर की सुबह छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी एक कथित सेक्स सीडी के मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने ग़ाज़ियाबाद से गिरफ़्तार किया था.

इस मामले में भाजपा के एक पदाधिकारी प्रकाश बजाज ने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें एक फ़ोन आया जिसमें उनके 'आका' की सेक्स सीडी बनाने की बात कही गई.

प्रकाश बजाज की एफ़आईआर में विनोद वर्मा के नाम का ज़िक्र नहीं है लेकिन एक दुकान का ज़िक्र था जहां पर कथित तौर पर सीडी की नकल बनाई जा रही थी.

ये एफ़आईआर 26 अक्तूबर की दोपहर साढ़े तीन बजे के आस पास दर्ज की गई थी और इस रिपोर्ट के दर्ज होने के लगभग 11 घंटों के भीतर ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली जा कर कथित दुकानदार, फ़ोन करने वाले की जानकारी, तमाम फुटेज एकत्र कर लिये और फिर वहां से गाज़ियाबाद पहुंचकर विनोद वर्मा को गिरफ़्तार कर लिया था.

इस मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई से इस मामले की जांच करवाने की घोषणा की थी. सीबीआई ने राज्य के मंत्री राजेश मूणत की रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.

भूपेश बघेल और विनोद वर्मा के खिलाफ अश्लील सीडी बांटने के अलावा कथित रुप से फिरौती मांगने का आरोप है. राजेश मूणत ने भी 27 अक्टूबर 2017 को ये रिपोर्ट लिखवाई थी.

इस मामले में 60 दिनों के भीतर सीबीआई विनोद वर्मा के मामले में चालान पेश नहीं कर पाई थी. इसके बाद पिछले साल 28 दिसंबर को विनोद वर्मा को ज़मानत दे दी गई थी.


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें