मंगलवार, 10 जुलाई 2018

लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा 150 सांसदों के टिकट काटेगी

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी के क्रम में भाजपा प्रत्याशी चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन कम करने वाले 150 सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं। इस लिस्ट में काफी वरिष्ठ नेताओं के भी नाम शामिल हैं। इस सूची में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उमा भारती, राधा मोहन सिंह, सुमित्रा महाजन, मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूडी जैसे अनेक भाजपा दिग्गजों के नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं के टिकट काटने की अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं। टिकट कटने की वजहें अलग-अलग विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का टिकट बीमारी के नाम पर कटा जा सकता है। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने खुद पार्टी से कहा है कि वे अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। इसी तरह मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूरी के टिकट बढ़ती उम्र के नाम पर काटे जा सकते हैं। हालांकि लालकृष्ण आडवाणी अपवाद हैं, उनका टिकट काटा जाएगा या नहीं, फिलहाल, इसका कोई जिक्र नहीं है। पटना से शत्रुघ्न सिन्हा और दरभंगा से कीर्ति आजाद का टिकट भी काटा जा सकता है। आधा दर्जन मंत्रियों का कट सकता है पत्ता भाजपा केवल वरिष्ठ लोगों को नहीं किनारे करना चाहती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस सूची में आधा दर्जन युवा मंत्रियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। अभी भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में 4, दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं। भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं। यही कारण है की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। शाह ने दिया था 200 सीटें काटने का प्रस्ताव भाजपा ने इस संबंध में संघ के साथ भी चर्चा की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा 200 सासंदों का टिकट काटने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में इन्हें घटाकर 150 किया गया है। पार्टी प्रधानमंत्री नमो ऐप के माध्यम से और कई गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से सांसदों के काम का मूल्यांकन कर रही हैं। कई संसदों को सही से काम करने की चेतावनी भी दी गई है। भाजपा असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में सीटों को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसने आक्रामक तरीके से तैयारी शुरू कर दी है।

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी के क्रम में भाजपा प्रत्याशी चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कम अच्छा प्रदर्शन करने वाला 150 सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं।

इस लिस्ट में काफी वरिष्ठ नेताओं के भी नाम शामिल हैं। इस सूची में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उमा भारती, राधा मोहन सिंह, सुमित्रा महाजन, मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूडी जैसे अनेक भाजपा दिग्गजों के नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं के टिकट काटने की अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं।


टिकट कटने की वजहें अलग-अलग


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का टिकट बीमारी के नाम पर कटा जा सकता है। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने खुद पार्टी से कहा है कि वे अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।


इसी तरह मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, शांता कुमार और बीसी खंडूरी के टिकट बढ़ती उम्र के नाम पर काटे जा सकते हैं। हालांकि लालकृष्ण आडवाणी अपवाद हैं, उनका टिकट काटा जाएगा या नहीं, फिलहाल, इसका कोई जिक्र नहीं है। पटना से शत्रुघ्न सिन्हा और दरभंगा से कीर्ति आजाद का टिकट भी काटा जा सकता है।


आधा दर्जन मंत्रियों का कट सकता है पत्ता


भाजपा केवल वरिष्ठ लोगों को नहीं किनारे करना चाहती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस सूची में आधा दर्जन युवा मंत्रियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। अभी भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में 4, दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं।


भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं। यही कारण है की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है।


शाह ने दिया था 200 सीटें काटने का प्रस्ताव


भाजपा ने इस संबंध में संघ के साथ भी चर्चा की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा 200 सासंदों का टिकट काटने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बाद में इन्हें घटाकर 150 किया गया है। पार्टी प्रधानमंत्री नमो ऐप के माध्यम से और कई गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से सांसदों के काम का मूल्यांकन कर रही हैं।


कई संसदों को सही से काम करने की चेतावनी भी दी गई है। भाजपा असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में सीटों को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसने आक्रामक तरीके से तैयारी शुरू कर दी है।



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