Sunday, October 15, 2017

जैन मुनि शांति सागर बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार



सूरत. 15.10.2017.  

 जैन मुनि शांतिसागर महाराज (45) को शनिवार 14 अक्टूबर रात  को युवती से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रहने वाली 19 साल की लड़की ने उन पर बलात्कार का आरोप लगाया है। गुजरात के सूरत में पुलिस ने शुक्रवार 13 अक्टूबर को उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। शनिवार को मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि होने के बाद जैन मुनि को गिरफ्तार कर लिया गया। जैन समुदाय के कुछ संगठनों ने मुनि की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन भी किया।

 युवती वडोदरा कॉलेज में पढ़ती है 

पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि लड़की वडोदरा में कॉलेज में पढ़ती है। लड़की ने शर्मा को पत्र लिखकर जैन मुनि पर रेप का आरोप लगाया था। 

- आरोप है कि जैन मुनि ने एक अक्टूबर को शहर के नानपुरा टीमलियावाड जैन मंदिर में उससे रेप किया। अपने परिजनों के साथ वह धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में वहां गई थी। जैन मुनि इस दौरान सूरत में चातुर्मास के लिए रह रहे थे।  जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को अठवा थाने में केस दर्ज किया गया। शनिवार को अस्पताल में युवती का मेडिकल कराया गया।


माता-पिता को अलग कमरे में भेजा: 


- लड़की ने शिकायत में बताया कि वह माता-पिता के साथ मंदिर गई थी। मुनि ने मंत्र जाप के नाम पर उन्हें मंदिर में ही रोक लिया और माता-पिता को एक कमरे में मंत्र जाप के लिए भेज दिया। दूसरे कमरे में उसके साथ रेप किया। 

- इस दौरान मुनि ने धमकाया कि विरोध करने या शोर मचाने पर उसके मां-बाप मर जाएंगे। इससे वह डर गई और मुनि का विरोध नहीं किया।  


दुष्कर्म से दो दिन पहले दिखाया था चमत्कार 

- शांतिसागर पर 1 अक्टूबर की रात रेप का आरोप है। इससे दो दिन पहले मुनि पानी में पत्थर तैराने के चलते चर्चा में थे। उन्होंने 29 सितंबर को परवट पाटिया क्षेत्र स्थित मॉडल टाउनशिप के पास एक प्रोग्राम किया था। 7.77 करोड़ से ज्यादा मंत्रों का जाप करवाया था। 

- मुनि ने इसी मंच से भक्तों के सामने एक पत्थर पर कलावा बांधकर पानी में छोड़ा। ये पत्थर डूबने की बजाय तैरने लगा जिसे देख मौजूद लोग हैरान रह गए।


जैन समाज ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा- झूठी है लड़की

- जैन मुनि पर आरोप के खिलाफ दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। समाज के लोगों ने कहा कि लड़की ने आचार्य शांतिसागर महाराज के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज कराई है। यह आचार्य और जैन समाज को बदनाम करने की साजिश है।

- एक अक्टूबर की घटना को लेकर 13 अक्टूबर को शिकायत दर्ज करवाना साजिश है। समाज ने कमिश्नर से मामले की सही जांच कराने की मांग की है। लोगों ने पुलिस से घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की भी मांग की है। 


परिवार ने  7 माह पूर्व ही जैन मुनि को गुरु बनाया था 


- पीड़ित लड़की के माता-पिता करीब 7 महीने पहले ही शांतिसागर के संपर्क में आए थे। उन्होंने मार्च 2017 में उन्हें गुरु बनाया था। लेकिन, इस दौरान लड़की मुनि से नहीं मिली थी।

- घटना के दिन माता-पिता अपनी बेटी को मुनि से आशीर्वाद दिलाने के लिए गए थे, जहां वह पहली बार आचार्य से मिली थी।

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