बुधवार, 20 सितंबर 2017

राजस्थान के सूरतगढ़ इलाके में डेरा प्रेमियों के देहदान होते रहे हैं

डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों द्वारा सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में भी देहदान हुए हैं। चक  2 के एस आर व सरदारगढ़ में देहदान हुए है। देह रखे ट्रक की रवानगी के फोटो सहित समाचार भी लगते रहे हैं।

डेरा प्रेमी श्योपारी की देहदान

Bhaskar News Network | Feb 05,2016 11:31 AM IST

भास्कर संवाददाता, श्योपुराकस्सी

गांव2 केएसआर में गुरुवार को डेरा प्रेमी श्योपारी देवी की मरणोपरांत देहदान की गई। मां की अंतिम इच्छा बड़े बेटे हंसराज, शिशपाल और बेटी कंचन ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को देह सुपुर्द कर की। हंसराज ने बताया कि 5 वर्ष पहले डेरे के आग्रह पर उसकी मां श्योपारी ने देहदान करने का प्रण लिया पर्चा भर दिया। 26 जनवरी को मां के हृदय आघात होने पर उसे सूरतगढ़ एक निजी अस्पताल ले गए। 2 फरवरी को घर ले आए। फरवरी को वापस तबीयत खराब होने पर उसे गुरुसर मोडिया अस्पताल ले गए। तबीयत ज्यादा खराब होने पर गुरुवार को मां को श्रीगंगानगर ले जा रहे थे, कि रास्ते में निधन हो गया। सूचना मिलने पर सूरतगढ़ ब्लाक से राजेंद्र बराड़ डेरा प्रेमियों के साथ गांव पहुंचे देहदान की प्रक्रिया पूरी की। देह को जोधपुर एम्स के लिए भेज दिया। बेटे शीशपाल पोते सुभाष, राजेश, संजय हिमांशु ने अश्रुपुरित नेत्रों से दादी को अंतिम विदाई दी।

ग्रामीणक्षेत्र में दूसरी देहदानी

सुखनामसिंह ने बताया कि सूरतगढ़ ब्लाक ग्रामीण क्षेत्र में देहदान का यह दूसरा मामला है इससे पूर्व सरदारगढ़ में पहली देहदान हुई थी। सूरतगढ़ को मिलाकर अब तक 8 देहदान की जा चुकी हैं। अंतिम स्नान प्रक्रिया के बाद ‘‘जे नाम ना जपा बंदे तो बंदा क्यूं बन आया, शब्दो गुरु भजनों के बीच डेरा सच्चा सौदा ग्रीन ब्रिगेड सदस्यों ने श्योपारी इंसा अमर रहे जब तक सूरज चांद रहेगा श्योपारी का नाम रहेगा के जयकारों के साथ अंतिम विदाई दी।

श्योपुराकस्सी. बेटा-बेटी पोतियों के कंधों पर अंतिम यात्रा निकाली। 

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