Thursday, July 7, 2016

सांसद निहालचंद पर यौनशोषण आरोप:17आरोपितों में अन्य कौन हैं?


मुकद्दमें का विवरण: आरोपितों के नाम:
- स्पेशल रिपोर्ट -

श्रीगंगानगर से भाजपा के सांसद निहालचंद मेघवाल को भाजपा की केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्री मंडल में राज्यमंत्री लिए जाने के बाद से ही बवाल मचा था और एक यौन शोषण आरोप में इस्तीफा लिए जाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। उस समय तो मेघवाल से इस्तीफा नहीं लिया गया मगर मोदी मंत्री मंडल के 5 जुलाई के विस्तार में मेघवाल से इस्तीफा मांग लिया गया।
मंत्री परिषद से हट जाने के बाद अभी भी सांसद निहालचंद मेघवाल की मुकद्में की समस्या कायम हैं तथा अदालत के नए निर्णय से एक बार फिर तूफान मच गया है। 


 -क्या है मामला-
हरियाणा के जिला सिरसा के अबूबशहर निवासी एक विवाहिता ने जयपुर में महानगर मजिस्ट्रेट क्रम संख्या 11 की अदालत में एक इस्तगासा पेश किया जिसमें अपने पति और देवर पर आरोप लगाया कि वे उसे खाने पीने की वस्तुओं में नशीला पदार्थ देते हैं तथा बाद में बलात्कार करते हैं। अपने नजदीकी राजनेताओं आदि को सौंप देते हैं तथा वे भी यौन शोषण करते हैं। पति देवर अश£ील सीडियां तैयार करवाते हैं तथा धमकियां देते हैं। अदालत ने इस पर सुनवाई करके वैशाली नगर थाने को मुकद्दमा दर्ज कर जाँच करेन का आदेश दिया। पुलिस इंसपेक्टर रायसिंह बेनीवाल को उक्त जाँच सौंपी गई।

 पुलिस ने उक्त विवाहिता का मेडिकल मुआयना करवाया व बयान लिए। अदालत में महिला स्वयं उपस्थित रही व पुलिस को दिए बयान की पुष्टि की। पुलिस ने जाँच की तथा सन् 2012 में अंतिम रिपोर्ट पेश करदी।
अब अदालत ने महिला की पुन:विचार याचिका पर निर्णय दिया है। दोनों पक्ष अपने अपने सबूत दुबारा पेश करें व दुबारा बहस करें।
-विवाहिता का इस्तगासे में आरोप-
विवाहिता ने हरियाणा जिला सिरसा के अबूबशहर की निवासी ने आरोप लगाया था। उसका विवाह सन् 2010 में हनुमानगढ़ निवासी ओमप्रकाश गोदारा के साथ हुआ था। विवाह के कुछ दिन हनुमानगढ़ में रहने के बाद पति जयपुर ले आया। जयपुर में वैशालीनगर में राजपथ पर रहने लगे। यहां पति व देवर उसे नशीला पदार्थ खिला कर बलात्कार करते व अपने नजदीकी राजनैताओं आदि को सौंप देते जो यौनशोषण करते।
विवाहिता ने आरोप में लिखाया कि उसे स्टेशन रोड के एक होटल में,मानसरोवर में,हीराबाड़ी में,निवारू रोड में,सोढाला में व हनुमाननगर में भी रखा गया।
विवाहिता अदालत में उपस्थित थी। उसने अपने को नाबालिग भी बतलाया। उसने कहा कि स्कूल रिकार्ड में उसकी जन्म तिथि 1-9-1991 लिखी हुई हे जो गलत है। उसके माता पिता का ब्याह 1992 में हुआ था व उसका जन्म 12-1-1994 है।
आरोपों में कौन कौन ?
1. ओमप्रकाश गोदारा पति।
2. राजकुमार गोदारा देवर।
3. विकास अग्रवाल।
4. निहालचंद मेघवाल/ मुकद्दमा हुआ तब पूर्व सांसद थे/।
5. पुष्पेन्द्र भारद्वाज/ राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष।
6. विवेकानन्द/ जो भाजपा के कई नेताओं के निजी सचिव रहे/
7. अनिल राव/ पुलिस उप अधीक्षक/
8. महावीर / पुलिस इंस्पेकटर/
9. राधेराम गोदारा/ सूरतगढ़ तहसील के अमरपुरा जाटान के निवासी/
10.विकास अग्रवाल।
11.आरिफ।
12.हरीश।
13.कुलदीप हुंदल।
14.भगवान।
15. मनीष / श्रीगंगानगर निवासी/
16.पिंटू / श्रीगंगानगर निवासी/
17.कुलदीप / पीलीबंगा निवासी/
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निहालचंद मेघवाल ने मोबाइल पर बात हुई थी तब आरोप का खंडन किया था।
//बीच में ही उल्लेख कर दें कि इसी दौरान पुलिस को सीडी बार बार कहे जाने के बावजूद उपलब्ध नहीं करवाई गई। निहालचंद ने अनेक स्थानों पर कहा कि वह कहीं भी दोषी नहीं हैं तथा कोई सीडी है तो मीडिया के सामने पेश कर दी जाए। //
राधेराम गोदारा सूरतगढ़ तहसील के अमरपुरा जाटान के निवासी हैं। गोदारा ने एक नई जाट महासभा बना कर हलचल मचा दी थी।
राधेराम गोदारा ने मोबाइल पर हुई वार्ता में आरोप का खंडन किया था।

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कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के समय इस मामले में निहालचंद मेघवाल की गिरफ्तारी को लेकर गंगानगर संगरिया सूरतगढ़ में ज्ञापन देने व प्रदर्शन के दबाव भी हुए थे।
पुलिस में यह प्रकरण भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376/328/343/323/506/एवं सह पठित 120 बी. में दर्ज हुआ था।
अब अदालत ने महिला की पुन:विचार याचिका पर निर्णय दिया है। दोनों पक्ष अपने अपने सबूत दुबारा पेश करें व दुबारा बहस करें।
आगे देखते हैं कि अदालत में दोनों पक्ष किस प्रकार अपना अपना पक्ष रखते हैं।
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