सोमवार, 9 अप्रैल 2018

राघव का पिस्ता फोटो एवं शब्द : करणीदानसिंह राजपूत

राघव का पिस्ता
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया और राघव की ईशारों ही इशारों में यूं हुई बातें।
लाओ, तुम्हारा पिस्ता छील दूं।
ऊं हूं। तुम छील कर खुद खा जाओ तब।
नहीं खाऊंगा, छील कर तुम्ही को दे दूंगा।

चलो, दे देता हूं।
राघव पिस्ता दे देता है। गुलाबजी पिस्ता छीलने लगते हैं तब राघव देखता रहता है। एकटक।
गुलाबजी छिलका उतार कर राघव को पिस्ता पकड़ाते हैं।

ये लो। पिस्ता। अब तो ठीक है।

फोटो एवं शब्द : करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़। दिनांक 13 नवम्बर, 2011.

यह फीचर फोटो 13 नवम्बर 2011 को लिए गए थे।
गुलाबचंद कटारिया का 3 वर्ष बाद सूरतगढ़ में 19 नवम्बर 2014 को आगमन हुआ तब इन छायाचित्रों पर राघव के नाना श्री महेश कमार जी सेखसरिया ने उनके हस्ताक्षर प्राप्त किए गए। आनंददायी क्षण थे।
गुलाब जी अब राजस्थान के गृहमंत्री हैं।
करणीदानसिंह राजपूत
अपडेट 18-11-2014.

अपडेट 9-4-2018.

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