बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

कॉलेज शिक्षा संविदा पर टीचर एसोसिएट भर्ती का विरोध

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 4फरवरी 2026.

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उच्च शिक्षा राजस्थान के आह्वान पर संपूर्ण राजस्थान के महाविद्यालयों द्वारा राज्य सरकार की राज सेस महाविद्यालयों में संविदा पर पांच वर्ष के लिए लगाए जाने वाले शिक्षकों की नीति का विरोध किया गया। 

यहां स्वर्गीय श्री गुरुशरण छाबडा राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ की इकाई के समस्त सदस्यों ने काली पट्टी लगा कर तथा नारे बाजी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। 

इकाई सचिव डॉ.अन्तर्यामी कौशिक ने बताया कि इस योजना के तहत रखे जाने वाले शिक्षकों को शिक्षा सहायक का पद नाम दिया जाएगा और इनकी नियुक्ति संविदा पर मात्र पांच वर्ष के लिए फिक्स 28500/- प्रति माह वेतन पर होगी l जहां एक और केंद्र सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को लागू करने का प्रयास कर रही है जिसमें विद्यार्थी को  महाविद्यालय स्तर पर  विषय चयन में अधिक से अधिक विकल्प प्रदान किए जाएंगे वहीं दूसरी और शिक्षा को अस्थिरता, एवं असुरक्षा की भावना से भरे शिक्षकों के हवाले कर दिया जाएगा। राजसेस महाविद्यालयों गठन पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किया गया था जिसके अंतर्गत लगभग तीन सौ महाविद्यालय खोले गए थे और वर्तमान सरकार भी इसी  कड़ी में लगभग सत्तर महाविद्यालय खोल चुकी है l नियमित शिक्षक के अभाव में इन महाविद्यालयों में शिक्षा का स्तर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार नहीं है जो एक चिंता का विषय है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उच्च शिक्षा राजस्थान ने इन सभी समस्याओं के मध्य नजर उच्च स्तर पर इस विषय को रखा परन्तु किसी प्रकार का सकारात्मक प्रत्युत्तर नहीं मिलने पर राजस्थान भर में समस्त इकाई द्वारा विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन के पश्चात माननीय प्रधान मंत्री, माननीय राज्यपाल महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन श्री  भरत जय प्रकाश, एस डी एम सूरतगढ़ को दिया गया। इस प्रदर्शन में डॉ.रंजीत कौर, श्री जयंत मल्होत्रा, डॉ.गुरजीत सिंह बाजवा, डॉ .अन्तर्यामी कौशिक, डॉ.महबूब मुगल, डॉ.सुनील पूनिया, मनीष कुमार गोदारा,विनोद कुमार, लक्ष्मीदेवी नंदा,पीताम्बर मंगानी, राजन सिंह, कुमारी पारुल भटेजा,अंजू ,डॉ.मनोज सैनी, डॉ.गौरीशंकर निमिवाळ, डॉ.चंद्रकांत चावला आदि बड़ी संख्या में संकाय सदस्य उपस्थित रहे।०0०





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