भूखहड़ताल से नाले नालियां बाजार सड़कें साफ अतिक्रमण मुक्ति होंगे.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 29 नवंबर 2025.
नगरपालिका प्रशासन की हाईलेवल से खिंचाई करवाने के लिए आमरण अनशन के माध्यम को अपनाने की सीख इंदिरा सर्कल पर हो रहे आमरण अनशन से लोगों को मिल गई है। नगरपालिका के नाले नालियां गंदगी से भरे जाम पड़े हैं और पचासों नाले नालियों को रेत से भर कर स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। पचासों नालियों में घासफूस ऊग गये हैं और वे बंद कर दी गई हैं। नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी को सही करने के बजाय नाले नालियां ही बंद कर दी। जमादारों की ड्युटी थी कि नालियां बंद करने वाले सफाई कर्मचारियों की नाले नालियों की फोटो करके लिखित में सफाई निरीक्षक को शिकायत करते। सफाई निरीक्षक ने भी ऐसी कार्वाई नहीं की। रोजाना किसी क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया। निरीक्षण करना ड्युटी में है यह भी सरकार को समझाना पड़ेगा।
सफाई जमादार, सफाई निरीक्षक ने भी अनदेखी की। इसके बाद ईओ और प्रशासक ने भी मांगपत्रों से मालुम पड़ने पर भी और शिकायतें मिलने के बावजूद कभी मौका निरीक्षण की कार्वाई नहीं की।
बाजार में दुकानों के शटर से बाहर रखा सामान जब्त करना और अतिक्रमण हटाकर लोगों के चलने की हालत में रखने की जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की है लेकिन इसका भी निरीक्षण कभी नहीं किया गया। सड़कों के अतिक्रमण बाजार के अलावा आवासन मंडल पुरानी कालोनी, मोहल्लों आदि में व्यापक हैं जिनकी शिकायतें अनेक बार हुई हैं। इंदिरा गांधी सर्कल के सुधार के लिए आमरण अनशन ने नगरपालिका प्रशासन को सुधारने के लिए भी आमरण अनशन के लिए सीख दी है। अब इस सीख पर किसी ने भी कदम उठा लिया तो नगरपालिका प्रशासन अधिकारियों को बड़ा झटका लगेगा। आमरण अनशन शुरू हो गया तो निश्चित ही जो भी अधिकारी चपेट में आयेगा तो सस्पेंड होगा या एपीओ होगा। आमरण अनशन शुरू होने के बाद ' सफाई इतने दिनों में करवा देंगे जैसे शब्दों से समझौता नहीं होगा,यह लापरवाह अधिकारियों और स्टाफ को समझ लेना उचित होगा। ऐसी स्थिति में राजनैतिक हाथ सिर पर होने, संरक्षण होने से बचाव नहीं हो सकेगा। नगरपालिका प्रशासन को अपनी कार्य प्रणाली व्यवहार सुधार लेने में बचाव है अन्यथा निलंबन और एपीओ।०0०
करणीदानसिंह राजपूत.
पत्रकार, सूरतगढ़.
94143 81356