मंगलवार, 7 नवंबर 2023

कासनीया की जीत में खटाई:मील का साथ और भादू का चुनाव लड़ना

 


* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ सीट पर भाजपा के उम्मीदवार रामप्रताप कासनीया की संभावित जीत दो बड़ी आफतों के कारण और अधिक दूर हो जाने की शंका हो गई है।

मील का कासनीया के साथ आने से लोगों के कासनीया से दूर हटने की चर्चा पूरे शहर की सड़कों व बाजारों में हो रही है और दीपावली के बाद इसका विस्फोट होगा जब दुकानदार फ्री होंगे। मील से लोग नाराज थे और इस चुनाव में मुक्ति चाहते थे। लोगों ने हनुमान मील को टिकट नहीं मिलने पर समझ लिया था कि अब मील से सूरतगढ़ मुक्त होगा। लेकिन भाजपा के रामप्रताप कासनीया द्वारा मील को गले लगाने से  लोग नाराज हो रहे हैं। इसका सीधा असर कासनीया को मिलने वाले वोटों पर पड़ेगा क्योकि जो पहले से साथ चल रहे थे वे निकलने लगे हैं। पूर्व विधायक गंगाजल मील की गलबहियां कासनीया को भारी पड़ने वाली हैं। कुछ घंटों में ही लोगों की नाराजगी आग की तरह फैली है। मील भी गेम खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कांंग्रेस नहीं छोड़ी कासनीया को समर्थन ही दिया है। पार्टी का दबाव पड़ेगा तब ये किसी भी समय समर्थन वापस ले लेने की घोषणा कर देंगे तब कासनीया का और भाजपा नगरमंडल व जिलाध्यक्ष आदि का क्या होगा? मील सच्च में कासनीया को भाजपा को साथ देना चाहते हैं तो कांंग्रेस के छोड़ने की घोषणा करें और भाजपा में प्रवेश करें। पूर्व विधायक गंगाजल मील भाजपा को समर्थन की घोषणा करते हैं और एक हनुमान मील कांंग्रेस में रहता है। दो गले सी बातें। कांंग्रेस उम्मीदवार डुंगराम गेदर को साथ नहीं देकर हराने की ईच्छा रखते हैं और कासनीया को सभी पूरा साथ नहीं देकर केवल समर्थन की घोषणा करते हैं। शहर से हवा चलती है। गंगाजल मील,हजारीराम मील और हेतराम मील की नीति में कोई लोचा नहीं है तो मील कासनीया के लिए बाजारों में संपर्क करते वोट मांगते घूमें। इससे एकदम साफ हो जाएगा की मील से कासनीया के वोट बढ रहे हैं या घट रहे हैं। अभी तो लग रहा है कि लोग मील के कासनीया संग आने से नाराज हो रहे हैं। 

* कासनीया पर मील की आफत से बढकर एक बड़ी आफत राजेंद्र भादू ने पैदा कर दी है। भादू को भाजपा का टिकट नहीं मिला और उन्होंने निर्दली चुनाव लड़ने की घोषणा  रैली निकालने और नामांकन करने से कर दी है। चूंकि भादू 2013 से 2018 तक विधायक रहे इसलिए भादू को वोटिंग करने वाले लोगों में हजारों लोग भाजपा के ही होंगे। ये वोट भाजपा उम्मीदवार कासनीया के ही कटेंगे। कासनीया को मील और भादू दोनों की आफत झेलनी पड़ेगी। भादू चुनाव छोड़ने वाला नहीं और मील को दूर रहने का कह नहीं सकते। ०0०

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