शनिवार, 7 फ़रवरी 2015

सूरतगढ़:भाजपा की बिरमा देवी प्रधान:कांग्रेस ने नामांकन वापस लिया:


भाजपा की बिरमादेवी को 18 व निर्दलीय सुमित्रादेवी मेघवाल को 5 मत मिले
भाजपा के 13 कांग्रेस के 5 बसपा के 2 निर्दलीय 3 डायरेक्टर चुने गए थे:
कांग्रेस के खुले रहे डायरेक्टरों ने किसको वोट डाले? भाजपा को या निर्दलीय को?
भाजपा की जीत पर विधायक राजेन्द्रसिंह भादू को बधाईयां व गुलाल खेली गई:
स्पेशल रिपोर्ट व फोटो-  करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ 7 फरवरी 2015.सूरतगढ पंचायत समिति के प्रधान पद पर भाजपा की बिरमा देवी चुनी गई। बिरमादेवी को कुल 18 मत मिले जो भाजपा के निर्वाचित 13 डायरेक्टरों से 5 मत अधिक थे। कांग्रेस के कुल 5 डायरेक्टर थे लेकिन उनकी प्रत्याशी का नामांकन वापस लिए जाने के बाद खुले रहे डायरेक्टरों ने किसे वोट डाला? इसका अनुमान लगाया जाने लगा और चर्चा गरमा रही थी कि उनमें से भाजपा को वोट मिले हैं।
चुनाव की प्रक्रिया रोचक रही और परिणाम घोषित होने तक अनुमान ही लगाए जाते रहे और भाजपा को 5 वोट अधिक मिलना आश्चर्यजनक रहा।


प्रात: दस बजे शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया में पांच उम्मीदवारों ने प्रधान पद के लिए नांमाकन दाखिल किया। भाजपा की ओर से बिरमा देवी नायक जो जोन नं 12 से डायरेक्टर चुनी गई थी का नांमाकन विधायक राजेन्द्र भादू ने साथ जाकर दाखिल करवाया।
कांग्रेस की ओर से सुखपाल देवी जोन नं 22 ने नामांकन दाखिल किया।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुमित्रा मेघवालजोन नं 5, बलजीन्द्र कौर जोन नं 2 व नीतू जोन नं 15 ने पर्चे भरे। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार का नाम वापिस लेकर मैदान छोड दिया। कांग्रेस के 5 डायरेक्टर खुले रह गए। समझा जा सकता है कि कांग्रेस के विधान के अनसार उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया होगा।,लेकिन किसको दिया यह गुप्त ही रहेगा।
करीब सवा तीन बजे भाजपा विधायक के साथ कुछ कारों में से 12 डायरेक्टरों ने आकर मतदान किया। इनमेंं 11 भाजपा के थे।
करीब एक घंटे बाद फिर कुछ कारों से 10 डायरेक्टर उतरे। उन कारों में से कांग्रेस के कार्यकर्ता भी साथ में उतरे। इन दस ने भी मतदान किया। कुल 22 के मतदान के बाद 1 मत की प्रतीक्षा की जाने लगी और अंतिम समय से करीब 15 मिनट पहले एक महिला डायरेक्टर जो स्वयं निर्दलीय प्रत्याशी थी ने पहुंच कर मतदान किया।
चुनाव में कुल चार प्रत्याशी रही थी जिनमें से विजयी बिरमा देवी को 18 वोट मिले और सुमित्रा मेघवाल  को 5 मत प्राप्त हुए। निर्दलीय दोनों प्रत्याशियों ने खुद को भी वोट नहीं दिया।
चूंकि बिरमा देवी को किस किस के वोट मिले इसकी चर्चा कई दिनों तक होती रहेगी।
इस रोचक 
चुनाव की कुछ तस्वीरें यहां दी जा रही है।




























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