रविवार, 18 अक्तूबर 2020

खाद्य सुरक्षा योजना में हेराफेरी करने वाले अभी और पकड़े जाएंगे- झूठे शपथपत्रों से लाभ.


👌 करणीदानसिंह राजपूत *

अनेक पार्षदों के और नेताओं के सहयोग से फर्जीवाड़ा करके खाद्य सुरक्षा योजना में हजारों लोगों ने खाद्य प्राप्त कर सरकार को हर महीने लाखों रुपए का चूना लगा दिया सूरतगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में  यह हेरा फेरी पूरी तरह से नहीं पकड़ी गई है।
अभी केवल सरकारी नौकरियों में लगे हुए जिन लोगों के नाम से खाद्य सुरक्षा में सस्ता अनाज प्राप्त किया गया था उन परिवारों से वसूली की जा रही है।
परिवारों के लोग अभी जांच पकड़ से बचे हैं जो कुछ सालों से बाहर जयपुर जोधपुर आदि शहरों मे दिल्ली, पंजाब व अन्य राज्यों में सूरतगढ़ गंगानगर आदि से बाहर रह रहे हैं और अच्छा खासा पैसा कमा रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों आदि में नौकरी कर रहे हैं। जिनकी आय अकेले की ही 1 लाख रूपये वार्षिक से अधिक है। परिवार की सम्पूर्ण आय और अधिक है। उनके नाम सूरतगढ़ आदि शहरों में राशन कार्डों में खाद्य सुरक्षा में जुड़े हुए हैं और अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं।
खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने और जुड़वाने पार्षदों का महत्वपूर्ण रोल रहा है अनेक पार्षदों ने जानते बुझते हुए भी यह धोखे का कार्य किया। ऐसे पार्षदों को अभी भी मालूम है कि किन किन व्यक्तियों को फर्जीवाड़े से लाभ पहुंचाया ताकि उनका वोट बैंक बना रहे और लाभ मिलता रहे।

* परिवार का मुखिया शपथपत्र भी देता है जिसमें लिखा है कि अपात्र होने पर नाम काटने और कानूनी कार्रवाई का भी अधिकार सरकार को होगा। इसके बावजूद लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया और अभी भी अनेक लोग यह लाभ लेते हुए सरकारी कोष को हानि पहुंचा रहे हैं।*

सरकार अभी तो अपात्र सरकारी नौकरियों में लगे लोगों से ही 27 रूपये किलो गेहूँ भाव वसूल कर रही है।
सरकार इसके बाद कानूनी कार्यवाही भी खर सकती है और उसमें पार्षद व नेता गण उलझ सकते है।
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*खाद्य सुरक्षा राजकोषीय हानि की विभाग करवा रहा वसूली *
श्री गंगानगर जिले में अब तक 1 करोड़ 15 लाख रुपए की वसूली हो चुकी है।
श्रीगंगानगर ब्लॉक में 53 लाख,सूरतगढ़ में 10,19,520 लाख ,
सादुलशहर में 12,53,120 लाख,पदमपुर में 15,26,250 लाख,घड़साना में 8,50000 लाख,
श्रीकरणपुर में 10,08620 लाख,अनूपगढ़ में 9,19000 लाख,श्रीबिजयनगर में 7,27,215 लाख की हुई रिकवरी हो चुकी है।००

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खाद्य सुरक्षा योजना: पात्र-अपात्रों की संशोधित सूची

शहरी क्षेत्र में घरेलू कामकाजी महिलाएं, गैर सरकारी सफाई कर्मी, स्ट्रीट वेंडर, कच्ची बस्ती में निवास करने वाले सर्वेक्षित परिवार आदि पात्र होंगे।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के लिए लघु कृषक, नरेगा में वर्ष 2009-10 से किसी भी वर्ष में 100 दिन मजदूरी करने वाला परिवार, भूमिहीन, सीमांत कृषक आदि पात्र होंगे। हालांकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अंत्योदय, बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी सहित अन्य प्राथमिकता श्रेणियां समान है।

*शहरी-ग्रामीणके लिए ये पात्रता समान होगी : शहरी-ग्रामीणदोनों की प्राथमिकता श्रेणी में एकल महिलाएं, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक, कचरा बीनने वाले परिवार, मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष, उत्तराखंड त्रासदी वाले परिवार, कुली, कुष्ठ रोगी एवं कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्ति, घुमंतु अर्द्ध घुमंतु (वन वागरिया, गाडियालुहार भेड़ पालक)जातियां, सहरिया काथौड़ी जनजाति, आस्था कार्डधारी परिवार, स्वतंत्र राशन कार्ड वाले वरिष्ठ नागरिक, साइकिल रिक्शा चालक शामिल हैं। ये योजना के लिए पात्र होंगे।

**ग्रामीण क्षेत्र में अपात्र*

{परिवारके एक सदस्य जीविकोपार्जन के उपयोग में आने वाला चार पहिया वाहन हो। (ट्रैक्टर एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर)।

{ऐसे परिवार, जिसके सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक हो।

{ परिवार में सभी सदस्यों की कुल आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक हो।

{ जिस परिवार के पास ग्रामीण क्षेत्र में 200 वर्गफीट से अधिक स्वयं के रिहायश के लिए निर्मित पक्का मकान हो।

**शहरी क्षेत्र मेंं अपात्र **

1.जिसपरिवार के किसी एक सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो,(एक वाणिज्य वाहन को छोड़कर) वह जीविका के उपयोग में आता हो।

2. नगर निगम/ नगर परिषद क्षेत्र में 1000 वर्गफीट से और नगर पालिका क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल में पक्का आवासीय/व्यावसायिक मकान हो।

3.एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक आय सीमा वाले परिवार।

4.ऐसे परिवार, जिसके सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक हो।

( नियमों की ताजा सूचना संबंधित विभाग से प्राप्त की जाए)
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