मंगलवार, 17 जुलाई 2018

आपातकाल 1975 में जेलो में बंद: सूरतगढ़ के लोकतंत्र रक्षकों ने कलेक्टर को प्रमाणपत्र पेश किए

सूरतगढ।

आपातकाल 1975 का विरोध कर लोकतंत्र बहाली के संघर्ष में जेलों में बंद किए गए लोकतंत्र रक्षा सेनानियों ने मंगलवार 17-7-2018 को श्रीगंगानगर में जिला कलेक्टर  को अपने जेल प्रमाण पत्र व अन्य कागजात आदि प्रस्तुत किए। भाजपा नेता प्रह्लाद राय टाक ने श्रीगंगानगर में सेनानियों को स्वागत कर सम्मान प्रदान करते हुए कार्य में सहयोग प्रदान किया।

विदित रहे कि आपातकाल में जेलों में 1 माह से अधिक सीआरपीसी धाराओं में बंद रहने वाले कार्यकर्ताओं को भी मीसा रासुका बंदियों की तरह लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस संबंध में सार्वजनिक बयान देने के बाद सरकार ने 4 जुलाई 2018 को अधिसूचना जारी कर दी थी।

इसके तहत श्री गंगानगर जिले में सूरतगढ़ एक ऐसा क्षेत्र रहा जहां आपातकाल लगते ही उसी दिन 26 जून 1975 की शाम को आपातकाल के विरोध में गुरुशरण छाबड़ा के नेतृत्व में जबरदस्त आम सभा हुई।

उसके बाद विभिन्न क्षेत्रों से कार्य करते हुए प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारियां दी गई पूर्व में श्रीगंगानगर जिले में सम्मान निधि 26 लोगों को प्रदान की जा रही है।

हाल ही में सरकार ने लोकतंत्र सेनानी उपाधि भी प्रदान की है।

 यही सभी सुविधाएं और सम्मान सीआरपीसी में  एक माह से अधिक समय तक जेलों में बंद रहे कार्यकर्ताओं  आंदोलनकारियों को भी दिए जाने की घोषणा हुई है।

श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम को मंगलवार 17-7-2018 को पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत मुरलीधर उपाध्याय गुरनाम सिंह कंबोज सिख और मांगीलाल जैन ने प्रमाण पत्र पेश किए। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें