सोमवार, 8 जनवरी 2018

पद्मावत' रिलीज को लेकर चल रही कवायद के बीच राजपूत समाज ने हूंकार भरी है और सरकार को चेतावनी दे डाली है। राजपूत समाज ने कहा है कि यदि फिल्म रिलीज के प्रयास किए, तो सरकार को राजपूत समाज वोट के माध्यम से कड़ी चोट पहुंचाएगा। करणी सेना गुस्से में है।

जयपुर स्थित राजपूत सभा भवन में आज 8.1.2018 को राजपूत समाज की ओर से हुई प्रेस कांफ्रेंस में राजपूत समाज ने राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार को फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी है और भाजपा को राजस्थान के  उपचुनावों में सबक सिखाने की बात की गई।

राजपूत समाज के गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने कहा कि पद्मावती हमारे सम्मान से जुड़ा विषय है। हमने इस फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध करने की सरकार से मांग की है। अगर सरकार इसकी रिलीज पर रोक नहीं लगाती है तो उपचुनावों में भाजपा का विरोध किया जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्थान में दो लोकसभा सीटों व एक विधानसभा सीट पर इसी महीने उपचुनाव हैं और राजनीतिक माहौल बना हुआ है। साथ ही, राजस्थान में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। अतः ये चुनावी वर्ष भी है। राजपूत समाज ने कहा है कि यदि फिल्म रिलीज के प्रयास भी हुए, तो राजपूत समाज द्वारा भाजपा को वोट नहीं डाले जाएंगे।

इस संवाददाता सम्मेलन में सांवराद प्रकरण में संघर्ष समिति की ओर से कहा गया कि प्रकरण में हुए समझौते का उल्लंघन किया गया है। उसके मुताबिक सरकार सांवराद प्रकरण के मुकदमे वापिस लेती, स्थानीय पुलिस से संबंधित अधिकारियों  को हटाकर जांच करवाती और केवल आनंदपाल प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा करती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके उलट भाजपा सरकार ने दमकारी कदम उठाया है।

समाज की ओर से आयोजित की गई प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि उपचुनावों के दौरान सभी बातों का ध्यान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 'पद्मावती' विवाद के ​बीच साफ कहा है कि राजस्थान में इसे रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। राजे ने कहा है कि रानी पद्मिनी का बलिदान प्रदेश के मान-सम्मान और गौरव से जुड़ा हुआ है, उनकी मर्यादा को हम किसी भी सूरत में ठेस नहीं पहुंचने देंगे।

उदयपुर में आज मीडिया से बाचतीत में वसुंधरा राजे ने कहा कि, मैंने पहले भी कहा था और ​अब फिर कह रही हूं, राजस्थान में यह विवादित फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य में पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। यह फिल्म प्रदेश के किसी भी सिनेमाघर में नहीं दिखाई जाएगी।

राजे ने कहा कि रानी पद्मिनी हमारे लिए सिर्फ इतिहास का एक अध्याय भर नहीं, बल्कि हमारा स्वाभिमान है। गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म 'पद्मावती' का नाम 'पद्मावत' कर दिया गया है। पहले जब ये फिल्म गत दिसम्बर में रिलीज होने वाली थी तब भी सीएम वसुंधरा राजे ने कहा था कि ये फिल्म राजस्थान में रिलीज नहीं होगी।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पद्मावती विवाद को देखते हुए इस मामले में पहले ही केंद्र सरकार को पत्र लिखा था।

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 गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले ही केन्द्र सरकार को विवादित फिल्म पद्मावती को राजस्थान में रिलीज नहीं करने के लिए पत्र लिख चुकी हैं।

 विदित रहे कि संजय ​लीला भंसाली ने इस फिल्म की रिलीज तारीख 25 जनवरी 2018 तय की है। उन्होंने इस विवादित फिल्म का नाम पद्मावती से बदलकर पद्मावत किया है। इसके बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। करणी सेना समेत​ विभिन्न राजपूत संगठनों ने राजस्थान ही नहीं देश में कहीं भी इसे रिलीज नहीं होने की चेतावनी दी है। इस विवाद के बीच सीएम राजे ने आज एक बार फिर सरकार का इस फिल्म को लेकर रूख स्पष्ट किया है।

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