रविवार, 17 सितंबर 2017

पंचकूला में हिंसा भड़काने में राजस्थान के आदिवासी ले जाए गए​

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया का खुफिया तंत्र एक बार फिर फेल हो कर सामने आया है। यौनशोषण के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद उपद्रव कराने के लिए राजस्थान के आदिवासी लोगों को 25-25 हजार रुपयों का लालच देकर ले जाया गया था। राजस्थान का खुफिया तंत्र को इसकी भनक नहीं लगी।

यह चौंकाने वाला खुलासा रामरहीम और उसकी बेहद करीबी हनीप्रीत कौर के राजदार प्रदीप 

 से हुई पूछताछ में हुआ है।

हरियाणा की एसआईटी और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने रामरहीम के गुर्गे प्रदीप  को राजस्थान में उदयपुर जिले से धरदबोचा। इससे पहले प्रदीप के राजस्थान में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील में गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थी।

वह रामरहीम की सबसे करीबी हनीप्रीत का ड्राइवर भी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रारम्भिक पूछताछ में प्रदीप ने पंचकुला में हुई हिंसा के बाद फरार चल रही हनीप्रीत के नेपाल में छिपे होने की जानकारी दी। इससे पहले हनीप्रीत का मोबाइल नंबर राजस्थान में ही ट्रेस होने की खबरें भी सामने आई थी। तब से उसके विदेश भागने के बजाए राजस्थान में ही छिपे होने की संभावना थी।पूछताछ में सामने आया है कि राम रहीम के केस की सुनवाई से ठीक पहले प्रदीप उदयपुर के आदिवासी इलाकों में सक्रिय था। इस दौरान उसने आदिवासी युवकों से संपर्क साधा और उन्हें राम रहीम के शिष्य बनने के लिए लालच दिया।

इसके लिए युवाओं को 25-25 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का लालच दिया। इससे कई युवा उसके झांसे में आ गए। बाद में वह इन युवाओं को लेकर पंचकुला भी पहुंचा।  पंचकुला में राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद उदयपुर के कुछ आदिवासी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रदीप के बारे में जानकारी मिली थी। 

पुलिस के अनुसार सेक्टर-14 नाकोड़ा नगर निवासी प्रदीप  गुरमीत रामरहीम का निकटस्थ  भक्त था और उसका राजदार भी था। राम रहीम के सभी महत्वपूर्ण कार्यों में वह मौजूद रहता था।

प्रदीप व हनीप्रीत के साथ होने की सूचना पर हरियाणा की एसआईटी टीम उदयपुर में पिछले दो दिनों से प्रदीप को खोज रही थी। लेकिन इसकी जानकारी उदयपुर पुलिस को नहीं दी गई थी। बाद में, उदयपुर के एएसपी सुधीर जोशी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और एसआईटी ने प्रदीप का दबोच लिया गया। उसे उसके एक घनिष्ठ मित्र की मदद से सेक्टर-14 स्थित सीए सर्किल पर पकड़ लिया।

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल ओमप्रकाश बाबा का गनमेन भी पकड़ा गया।


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