Saturday, September 30, 2017

पंजाब के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर बलात्कार का केस दर्ज

 पुलिस के अनुसार सतर्कता विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी ने शिकायत दी थी कि लंगाह  उसके साथ 2009 से दुष्कर्म कर रहे हैं। पीड़िता न पुलिस को पेनड्राइव में एक वीडियो भी सौंपा है। ध्यान रहे कि गुरदासपुर लोकसभा सीट पर 11 अक्तूबर को उपचुनाव भी है।  लंगाह 32 सालों से एसजीपीसी के भी सदस्य हैं। गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक हरचरन सिंह भुल्लर ने बताया कि महिला की लिखित शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पीड़िता ने कहा कि पति की मौत के बाद वर्ष 2009 में नौकरी के लिए सुच्चा सिंह लंगाह से किसान भवन में मिली। लंगाह ने 2-3 दिन बाद वहीं बुलाया और गलत हरकतें  कीं। पीड़िता ने लंगाह से कहा कि वह उनकी बेटी जैसी ही है, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। यही नहीं लंगाह ने उनके गांव की जमीन 30 लाख में बिकवा दी और उसे सिर्फ 4.50 लाख ही दिये।

शिकायत में यह भी कहा गया कि लंगाह उन्हें धमकाकर कभी चंडीगढ़, कभी अन्य स्थानों पर बुलाकर दुष्कर्म करते रहे। पुलिस अधीक्षक भुल्लर ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच डीएसपी आजाद दविन्द्र सिंह तथा निरीक्षक सीमा देवी को सौंपी गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट देखने और कानूनी राय लेने के बाद लंगाह पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार, दोष सिद्ध होने पर अधिकतम सजा उम्रकैद), 384 (जबरन वसूली, अधिकतम सजा 3 साल), 420 (धोखाधड़ी, अधिकतम सजा 7 साल) तथा धारा 506 (आपराधिक धमकी, अधिकतम सजा 7 साल) के तहत मामला दर्ज किया गया।

राजनीतिक प्रतिशोध

पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह ने इस्तीफा दे दिया है जिसे शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने स्वीकार कर लिया है। एक बयान में लंगाह ने आरोप लगाया कि यह ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक जिम्मेदार नागरिक हूं। मुझे न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। शनिवार को समर्पण करूंगा। पूरा विश्वास है कि सच सामने आयेगा और न्याय होगा।’

सूरतगढ़ में नागपाल होटल की अवैध दो मंजिला निर्माण को गिराने का आदेश

 - करणी दान सिंह राजपूत - 

पुराने बस स्टैंड कोने पर मुख्य सड़क पर बनाए गए नागपाल होटल के अवैध निर्माण को रोकने के लिए नगर पालिका ने पूर्व में नोटिस दिये, लेकिन मालिक ने अवैध निर्माण जारी रखते हुए ऊपर 2 मंजिलें और बना ली।

अब पालिका के अधिशासी अधिकारी ने 27 सितंबर 2017 को होटल के मालिक सुनील कुमार  पुत्र रामचंद्र अरोड़ा को ऊपर की दो अवैध मंजिलें गिराने का आदेश दिया है। इस बीच कोई दस्तावेज निर्माण के हो तो एक सप्ताह में प्रस्तुत करने का भी लिखा है। 

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने लिखा है कि मालिक द्वारा अवैध निर्माण को नहीं हटाए जाने की दशा में नगरपालिका अपने स्तर पर  निर्माण को हटाएगी जिसके सारे हर्जे खर्चे आदि की जिम्मेवारी मालिक की होगी। 

इस होटल  के अवैध निर्माण की शिकायत पार्षद सुभाष चंद्र सैनी ने की थी। 2 वर्षों से यह शिकायत चल रही थी लेकिन पालिका के नोटिसों के बावजूद मालिक ने परवाह नहीं की तथा अवैध निर्माण जारी रखा था। 

इस होटल में गैरकानूनी तरीके से बालकनी  को भी बंद कर के कमरों का रूप दे दिया गया। राजस्थान में अन्य स्थानों पर अवैध मकान होटल आदि के निर्माण को पालिका व परिषद प्रशासन ने सील मोहर कर जब्त तक कर लिया था। 

सूचना है कि सूरतगढ़ में अरोड़ वंश भवन और एक ब्राह्मण धर्मशाला को भी अवैध रूप से दुकानें बनाने पर नोटिस जारी हुए हैं। धर्मशाला आदि की जमीन सरकार ने सस्ती दरों पर भी दी थी जिनके लिए स्पष्ट नियम था कि व्यावसायिक कार्य नहीं किया जाएगा। इन शर्तों पर संबंधित संस्थान की समिति के हस्ताक्षर भी नगर पालिका के पास है।


राजस्थान के सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान पर पथरबाजी:कार क्षतिग्रस्त:

 पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। नागौर के पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि शुक्रवार  29 सितंबर को रात में युनूस खान  नागौर जिले के छोटी खांटू स्थित देवी माता के मंदिर सडक़ का लोकार्पण करने जा रहे थे तभी ग्रामीणों ने पहाड़ी से उनकी कार पर हमला कर दिया। इस हमले में उनकी कार के शीशे टूट गए।

पुलिस ने मौके की नजाकता को देखते हुए मंत्री को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और पथराव पर नियंत्रण किया। बाद में मंत्री सडक़ के लोकार्पण पर पहुंचे और कहा कि वह ऐसे हमले से नहीं डरते। पुलिस के अनुसार कुछ लोग पूर्व नियोजित तरीके से रात को वहां पहुंचे थे। पहले तो लोगों ने मंत्री को ज्ञापन देने के बहाने रोका और इसी बीच पहाड़ी पर स्थित कुछ लोगों ने मंत्री की कार पर पथराव करना शुरू कर दिया। देशमुख ने बताया कि प्रांरभिक जांच के अनुसार घटना स्थानीय राजनीति और कार्यक्रम के आयोजकों और ग्रामीणों के बीच कथित विवाद को लेकर हुई है।

उन्होंने बताया कि हमले के बाद कार्यक्रम के आयोजक ओम सिंह तंवर ने पुलिस को कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इसके आधार पर सात लोगों को हिरासत में लिया जिनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है तथा शेष से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुयी है और एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई है। क्षेत्र में की गयी विडियोग्राफी के आधार पर घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर तलाश की जा रही है।

किसी भी राज्य की कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां के ताकतवार नेताओं पर ही आसानी से हमला कर कोई फरार हो जाता है। ऐसा ही इन दिनों राजस्थान में देखने को मिल रहा है। जब राज्य सरकार के सबसे ताकतवार मंत्री माने जाने वाले यूनुस खान पर बीती रात उन्ही के गृह जिले में कुछ लोगों ने हमला कर दिया।दरअसल पीडब्ल्यू मंत्री यूनुस खान रात करीब 11 बजे चामुण्डा देवी मंदिर में एक सडक निर्माण के लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। इस दौरान जिले के छोटी खाटू क्षेत्र में उनकी कार पर अचानक कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने प्रारंभ कर दिए। इस कार के शीशे टूट गए और कार अनियंत्रित हो गई। हालांकि मंत्री खान को चोट नहीं आयी है लेकिन घटना काफी गंभीर बताई जा रही है। अचानक हुए पथराव से मंत्री के काफिले में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही ना​गौर एसपी पारिस देशमुख सहित बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बारे में मंत्री यूनुस खान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए है।वहीं पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ कर दी है। गौरतलब है कि मंत्री युनूस खान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सबसे करीबी मंत्रियों में सम्म​लित है। 


Friday, September 29, 2017

बीकानेर: युवती से 23 नौजवानों ने दुष्कर्म किया: पुलिस ने 21 का मालूम कर लिया

राजस्थान के बीकानेर में दिल्ली की एक महिला को अगवा कर 23 लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 6 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 


दिल्ली की रहने वाली 28 वर्षीय महिला ने बताया कि वह 25 सितंबर को बीकानेर के रिडमलसर पुरोहित स्थित अपने  आवासीय भूखंड को देखने आई थी। वह दोपहर करीब 2.30 बजे जयपुर रोड पर खाटू श्याम मंदिर के पास लौटने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी। उसी वक्त एक एसयूवी में आए दो लोगों ने उसे अगवा कर लिया। जय नारायण व्यास कॉलोनी पुलिस स्टेशन दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी उसे वाहन में कई घंटों तक घूमाते रहे और बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उसने कहा कि दो आरोपियों ने कार में उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद उन्होंने छह अन्य लोगों को बुला लिया। इन्होंने भी उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने कहा कि उसे पलाना गांव स्थित सरकारी बिजली उपस्टेशन ले जाया गया जहां कई लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। 

एफआईआर के अनुसार, दो लोग 26 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे उसे वहीं फेंक गए जहां से उसे अगवा किया गया था। पुलिस ने 27 सितंबर को दो नामजद और 21 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच कर रहे सीओ राजेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटनास्थल से कंडोम बरामद किए हैं। साथ ही सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने महिला के बयान दर्ज किए गए हैं। महिला की डॉक्टरी जांच कराई गई है और अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। महिला ने दो मोबाइल नंबर और एक वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी एफआईआर में दर्ज कराया है। 

छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें बरसिंहसर निवासी  सुभाष जाट,राजू राम जाट,भंवर लाल जाट, मनोज कुमार जाट और पलाना निवासी जुगलकिशोर जाट व मदनलाल जाट के रूप में हुई है। सभी की उम्र 20 वर्ष से अधिक है। इनको अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया है।


सूरतगढ़ राजपूत क्षत्रिय संघ के करणी माता मंदिर में नवमी पर हवन पूजन

 सूरतगढ़ 29 सितंबर  2017.

हनुमानगढ़ गंगानगर बाईपास पर स्थित करणी माता मंदिर में आज शारदीय नवरात्रा की नवमी पर हवन हुआ जिसमें संघ के अध्यक्ष श्री मल सिंह भाटी,श्री करणी दान सिंह राजपूत,श्री लाल सिंह बीका व अन्य सरदारों ने सपत्नीक भाग लिया। नवमी पर विशेष पूजा भी की गई। 

यहां करणी मंदिर में देशनोक वाली करणी माता की अनुकृति शिला पर है। यह प्राचीन देवली जैसी प्रतिमा है। 

इस के दर्शन पूजन के लिए राजपूतों के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी काफी संख्या में पहुंचते हैं।


सूरतगढ में पूर्व विधायक अशोक नागपाल का पंप शुरू


- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 29 सितंबर। नवरात्र की नवमी के शुभ दिवस पर आज अशोक नागपाल परिवार का पेट्रोल पंप शुरू हुआ।

 सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने यह पंप है जो पहले कंपनी चलाती थी और अब नागपाल परिवार की फर्म इसे चलाएगी। नागपाल परिवार के पास अनूपगढ़ में भी एक पंप है। 

पंप की शुरुआत के समय अचानक अशोक नागपाल के टेलीफोन संदेश पहुंचे जिसमें यह सूचना थी कि 11:00 बजे पंप का शुभारंभ होगा। 

उसके बाद मित्र और जानकार तुरंत पहुंचे। बाद में भी मित्रों का परिचितों का आवागमन रहा। सूरतगढ़ के अलावा सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक के नजदीकी लोग बधाई देने पहुंचे। अनूपगढ़ के परिवारजन भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

अफवाह से रेलवे के फुट ओवरब्रिज पर भगदड़ से 22 की मौत


मुंबई के एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार 29 सितंबर को हुए हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस भीषण हादसे की वजह ओवरब्रिज टूटने की अफवाह बताई जा रही है। चश्मदीदों के मुताबिक बारिश के बीच ब्रिज टूटने की अफवाह के बाद मची अफतराफरी जानलेवा भगदड़ में बदल गई। भगदड़ की एक वजह ओवर ब्रिज का संकरा होना भी बताया जा रहा है। यात्रियों के मुताबिक पुल को लंबे समय से चौड़ा किए जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। रेल मंत्री ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

घटनास्थल पर मौजूद रहे यात्री हादसे के खौफनाक मंजर को भी बयां कर रहे हैं। एक यात्री किशोर ठक्कर ने बताया कि भगदड़ के बाद एक के ऊपर एक लाशें और घायल पड़े हुए थे। हमने उन्हें उठाया और वाहनों तक ले गए। वहीं एक अन्य यात्री ने बताया, 'ब्रिज के ऊपर से पब्लिक गुजर रही थी। बारिश की वजह से पब्लिक रुक गई और भीड़ बढ़ती चली गई। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ मच गई। जहां-तहां लाशें और घायल लोग पड़े हुए थे। पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर तब पहुंचे, जब वहां से पब्लिक लाशें उठा चुकी थी।' हालांकि पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि लगभग एक ही समय पर 4 ट्रेनों के आने के चलते यह भगदड़ मची थी। हादसे की ये वजहें बताई जा रही हैं-


शॉर्ट सर्किट

भारी बारिश के बीच ही शॉर्ट सर्किट होने की अफवाह फैल गई। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अफवाह की वजह से लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। बारिश से बचने के लिए लोग ब्रिज पर ही खड़े हुए थे।


फुटओवर ब्रिज टूटने की बात

चश्मदीदों ने बताया कि इस दौरान लोगों को अचानक से समझ में नहीं आया कि किधर जाना है। इसी दौरान वहां पर फुटओवर ब्रिज के टूटने का हल्ला मच गया और लोगों में भगदड़ मच गई।


ज्यादा भीड़

शुक्रवार को छुट्टी होने की वजह से स्टेशन पर भीड़ ज्यादा थी और लोग काफी अधिक संख्या में स्टेशन पर मौजूद थे। इस वजह से यह हादसा काफी बड़ा हो गया।


फौरन राहत कार्य में जुटे लोग

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर हुए हादसे के बाद वहां मौजूद लोग ही फौरन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस और अस्पताल की कोई भी सुविधा पहुंचने तक लोगों ने खुद ही घायलों की मदद की। घटनास्थल पर मौजूद एक यात्री किशोर ठक्कर ने हादसे के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि भगदड़ के बाद एक के ऊपर एक लाशें और घायल पड़ी हुई थीं। हमने उन्हें उठाया और वाहनों तक ले गए।


पहले भी की जा चुकी है पुल को दुरुस्त करने की मांग

शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन पर सीधे उंगली उठ रही है। एलफिन्सटन रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज की खस्ता हालत को सुधारने के लिए पहले भी मांग हो चुकी है।


700 रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई जाएगी:



रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार  28 सितंबर 2017 को कहा कि रेलवे प्रभावी और तेज सेवाएं सुनिश्चित करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक नवंबर 2017 से करीब 700 रेलगाड़ियों की गति तेज करने का प्रस्ताव है। इससे 48 मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को सुपरफास्ट श्रेणी में बदलने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि शुक्रवार से 100 नई रेल सेवाएं आरंभ की जाएंगी। इन 100 सेवाओं में से 32 नई सेवाएं पश्चिमी रेलवे में और 68 सेवाएं मध्­य रेलवे में शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नयी सेवाओं के शुरू होने से 77 लाख लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे की फ्लेक्सी किराया योजना में बदलाव किया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों पर कर का बोझ लादे बगैर राजस्व कमाया जा सके। फ्लेक्सी योजना से एक वर्ष से भी कम समय में रेलवे को 540 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई हुई है।

गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि फ्लेक्सी किराया योजना मेरे संज्ञान में लाई गई है। इसे और बेहतर किया जा सकता है कि ताकि लोगों की जेब पर बोझ नहीं पड़े और राजस्व के लक्ष्य को भी हासिल किया जा सके। वे इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि इस महीने की शुरुआत में मंत्रालय का पदभार संभालने के बाद क्या उन्होंने फ्लेक्सी किराया योजना की समीक्षा की है। यह पूछने पर कि क्या योजना में कोई बदलाव होगा तो गोयल ने कहा कि कुछ बदलाव करने की संभावना है। पिछले वर्ष सितंबर में शुरू की गई योजना राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए लागू की गई थी। इसमें दस फीसद सीट सामान्य किराए पर बुक की जाती थी और इसके बाद हर दस फीसद सीट को दस फीसद बढ़ोतरी के साथ बुक किया जाता था। इसमें अधिकतम 50 फीसद की वृद्धि की जा सकती थी। आंकड़ों के मुताबिक फ्लेक्सी किराया योजना से रेलवे को सितंबर 2016 से जून 2017 के बीच 540 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी हुई।

मंत्री ने कहा कि सभी स्टेशनों और रेलगाड़ियों में तेज वाई-फाई कनेक्टिविटी होगी लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसे कब लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और टीटीई को ड्यूटी पर यूनिफॉर्म में रहना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरपीएफ कर्मी टिकट की जांच नहीं करेंगे, जो टीटीई का काम है लेकिन वे टिकट जांच दस्ते का सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने रेलवे की सभी संपत्तियों का खाका खींचने की पेशकश की

Thursday, September 28, 2017

मोदी व भाजपा के विरुद्ध बढ़ता जन आक्रोश: विद्यार्थी, व्यापारी, किसान जीने मरने की लड़ाई में जुटे



- करणीदानसिंह राजपूत-


भाजपा सत्ता की खुशी और सत्ता मद में  पगलाई  है और सामने  कमजोर और विभाजित  विपक्ष है जिसके पास कोई दमदार नेता नहीं है जो जनता के आक्रोश का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार को चुनौती दे सके। इस हालत में भाजपा की तानाशाही बढ रही है।


 इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग तबके मोदी सरकार के खिलाफ जिंदगी-मौत की लड़ाई में उतरे हैं। 

संपूर्ण देश में छात्र छात्राओं में मोदी व भाजपा के  विरुद्ध असंतोष भयानक रूप ले चुका है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में सुरक्षा मांग रही छात्राओं पर आधी रात में पुलिस लाठीचार्ज व पुरुष पुलिस द्वारा घसीटे जाने की घटना ने तो भाजपा की सत्ता स्वरूप को बुरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।

मध्यदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे बीजेपी शासित राज्यों के किसानों ने अपनी उपज का सही दाम न मिलने को लेकर लंबे प्रदर्शन किए और कुछेक जगहों पर पुलिस की गोलियों से मारे गए। 

गुजरात में दलितों पर हुए गोरक्षकों के हमले के विरोध ने राज्यव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया। 

सरकार का सबसे सुदृढ़ समर्थक व्यापारी वर्ग भी जीएसटी को लेकर आंदोलन में उतरा और उसकी परेशानियां भी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।

 छात्रों के सरकार विरोधी तेवर लगभग हर विश्वविद्यालय में दिखाई पड़ रहे हैं।


भाजपा की सरकारों और इसके जन संगठनों ने इन विरोध प्रदर्शनों को जनता की शिकायतों के रूप में लेने के बजाय इसे विपक्षी साजिश बताया और ताकत के बल पर इन्हें कुचलने की कोशिश की। सत्तारूढ़ दल को समय रहते समझ लेना चाहिए कि जिस तरह आज उसे देश में हुई हर अच्छी बात का लाभ मिल रहा है वैसे ही कल हर समस्या का ठीकरा भी उसी के सिर फूटेगा। बीजेपी के सहयोगी दल उसकी नाकामियों में हिस्सेदारी नहीं लेंगे।संभव है, पार्टी में ज्यादातर लोग चुनावी जीत के हल्ले में इस समस्या का समाधान देख रहे हों लेकिन प्रधानमंत्री के बयान से ऐसा लगता है कि वे किसी गलतफहमी में नहीं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी बीजेपी के बारे में कहा है कि उसको चुनावों से ऊपर उठकर सोचना और काम करना चाहिए। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें जनतंत्र को चुनावी दायरे से आगे ले जाना है ताकि इसमें जनता की भागीदारी बढ़ाई जा सके। 

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक की शुरुआत में पिछली बार से बड़ी जीत अगले आम चुनाव में दर्ज करने का आह्वान करके ऐसा संकेत भी दिया कि चुनाव तय समय से पहले कराए जा सकते हैं। इस कार्यकारिणी का मकसद चुनाव के लिए पार्टी को तैयार करने का है। बहरहाल, जनता की भागीदारी पर जोर देने के पीएम के आग्रह से स्पष्ट है कि वह जनता से संवाद में सरकार और पार्टी की कुछ खामियों को चिह्नित करना चाहते हैं।

उन्हें पता है कि उनकी नीतियां भले ही आकर्षक दिखती हों पर लोगों के जीवन पर उनका कोई अच्छा असर नहीं दिख रहा।


डेरा सच्चा सौदा की "कुर्बानी विंग" की धमकी भरी चिट्ठी: पुलिस चैनल पत्रकार अफसर विद्रोही डेरा प्रेमी निशाने पर: सुरक्षा अलर्ट


डेरा सच्चा सौदा की मंगल"कुर्बानी विंग" ने एक धमकी भरी चिट्ठी लिखकर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ टीवी चैनल्स पर बोल रहे पूर्व डेरा अनुयायियों और रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ-साथ हरियाणा पुलिस के तीन अफसरों को भी जान से मारने की धमकी दी है.

इस चिट्ठी में "कुर्बानी विंग" की तरफ से लिखा गया है कि डेरा सच्चा सौदा के गुरु जी के लिए करीब 200 युवा मरने के लिए तैयार बैठे हैं लेकिन उन्हें लगता है कि वो खुद मर कर कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे. इसी वजह से वो डेरे और गुरमीत राम रहीम को बदनाम कर रहे लोगों के परिवारों को ही ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे.

इस चिट्ठी में डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ टीवी चैनलों की डिबेट में बैठ रहे गुरदास सिंह, हंसराज, भूपेंद्र सिंह और खट्टा सिंह के नाम शामिल हैं. इसके अलावा टीवी चैनलों में आज तक, इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज, और न्यूज 18 के नाम लिखे गए हैं.इसके अलावा हरियाणा पुलिस के तीन अफसरों का जिक्र भी इस चिट्ठी में किया गया है और इस चिट्ठी के माध्यम से इन तमाम लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई है. रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए ये चिट्ठी चंडीगढ़ में कुछ चैनलों के दफ्तर में भेजी गई है.

इससे पहले डेरा सच्चा सौदा से जुड़े लोग अपने अखबार सच कहूं के माध्यम से भी आज तक के ब्यूरो चीफ सत्येंद्र चौहान के एक साध्वी के किए गए इंटरव्यू को लेकर उसे फर्जी बताते हुए अपने समर्थकों को भड़काने के लिए अपने अखबार में खबर लिख चुके हैं.

इसके लिए बकायदा कई न्यूज चैनलों का नाम भी इस अखबार में लिखा गया कि किन-किन चैनलों के पत्रकार डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ खबरें चला रहे हैं और ऐसा करके इस अखबार ने चंडीगढ़ के टीवी पत्रकारों के खिलाफ अपने डेरे के अनुयायियों को भड़काने की कोशिश की और इसका असर अब देखने को मिल रहा है जिसमे खुलेआम डेरा सच्चा सौदा की "कुर्बानी विंग" के लोग टीवी पत्रकारों के दफ्तर में चिट्ठियां भेज कर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.

पंचकूला:

डेरा सच्चा सौदा की कुर्बानी गैंग से मिली धमकी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है । इस मामले को बहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने इस केस से जुड़े और मीडिया के सामने आकर बयान देने वाले अपने तमाम अफसरों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है और उनके आस-पास कमांडो की तैनाती की जा रही है।इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने CBI के उन अफसरों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है जो कि इस केस से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज को जो सुरक्षा दी गई है उस सुरक्षा के इंचार्ज को भी हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

उल्लेखनीय है कि बीते दिन राम रहीम के कुर्बानी गैंग ने मीडिया और पुलिस के 3 अफसरों को धमकी भरा पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि कुर्बानी गैंग के 200 युवा मरने के लिए तैयार हैं। खत में बाबा के खिलाफ खुलासे कर रहे गुरदास तूर, विश्वास गुप्ता, खट्टा सिंह, हंसराज को भी जान से मारने की धमकी दी गई है।   रेपिस्ट बाबा की इस कुर्बानी गैंग का खुलासा उसके जेल जाने के बाद हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इसी गैंग के लोगों ने पंचकूला में हिंसा की थी। लिखकर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ टीवी चैनल्स पर बोल रहे पूर्व डेरा अनुयायियों और रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ-साथ हरियाणा पुलिस के तीन अफसरों को भी जान से मारने की धमकी दी है.

इस चिट्ठी में "कुर्बानी विंग" की तरफ से लिखा गया है कि डेरा सच्चा सौदा के गुरु जी के लिए करीब 200 युवा मरने के लिए तैयार बैठे हैं लेकिन उन्हें लगता है कि वो खुद मर कर कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे. इसी वजह से वो डेरे और गुरमीत राम रहीम को बदनाम कर रहे लोगों के परिवारों को ही ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे.

इस चिट्ठी में डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ टीवी चैनलों की डिबेट में बैठ रहे गुरदास सिंह, हंसराज, भूपेंद्र सिंह और खट्टा सिंह के नाम शामिल हैं. इसके अलावा टीवी चैनलों में आज तक, इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज, और न्यूज 18 के नाम लिखे गए हैं.इसके अलावा हरियाणा पुलिस के तीन अफसरों का जिक्र भी इस चिट्ठी में किया गया है और इस चिट्ठी के माध्यम से इन तमाम लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई है. रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए ये चिट्ठी चंडीगढ़ में कुछ चैनलों के दफ्तर में भेजी गई है.


इससे पहले डेरा सच्चा सौदा से जुड़े लोग अपने अखबार सच कहूं के माध्यम से भी आज तक के ब्यूरो चीफ सत्येंद्र चौहान के एक साध्वी के किए गए इंटरव्यू को लेकर उसे फर्जी बताते हुए अपने समर्थकों को भड़काने के लिए अपने अखबार में खबर लिख चुके हैं.

इसके लिए बकायदा कई न्यूज चैनलों का नाम भी इस अखबार में लिखा गया कि किन-किन चैनलों के पत्रकार डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ खबरें चला रहे हैं और ऐसा करके इस अखबार ने चंडीगढ़ के टीवी पत्रकारों के खिलाफ अपने डेरे के अनुयायियों को भड़काने की कोशिश की और इसका असर अब देखने को मिल रहा है जिसमे खुलेआम डेरा सच्चा सौदा की "कुर्बानी विंग" के लोग टीवी पत्रकारों के दफ्तर में चिट्ठियां भेज कर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.


पंचकूला(उमंग श्योराण): डेरा सच्चा सौदा की कुर्बानी गैंग से मिली धमकी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है । इस मामले को बहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने इस केस से जुड़े और मीडिया के सामने आकर बयान देने वाले अपने तमाम अफसरों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है और उनके आस-पास कमांडो की तैनाती की जा रही है।इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने CBI के उन अफसरों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है जो कि इस केस से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज को जो सुरक्षा दी गई है उस सुरक्षा के इंचार्ज को भी हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 


उल्लेखनीय है कि बीते दिन राम रहीम के कुर्बानी गैंग ने मीडिया और पुलिस के 3 अफसरों को धमकी भरा पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि कुर्बानी गैंग के 200 युवा मरने के लिए तैयार हैं। खत में बाबा के खिलाफ खुलासे कर रहे गुरदास तूर, विश्वास गुप्ता, खट्टा सिंह, हंसराज को भी जान से मारने की धमकी दी गई है।   

सूरतगढ़ का यह अंडर पास कब शुरू होगा ?


करणीदानसिंह राजपूत 

सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास निर्मित रेल अंडर पास शुरू होने के इंतजार में लोग बेताब हैं।

 ओवर ब्रिज के ऊपर से आने जाने पर दोतरफा 4 किलोमीटर अतिरिक्त आवागमन करना पड़ता है। महंगे भाव के पेट्रोल पर दुपहिया वाहन वाले जब सूर्योदय नगरी से  आते जाते हैं तब बहुत परेशान हो ये हैं।

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Wednesday, September 27, 2017

बाबा सियाराम दास रेप में गिरफ्तार: आश्रम के स्कूल से बड़े लोगों को लड़कियों की सप्लाई का भी आरोप

 


यूपीपी के सीतापुर के एक बड़े महंत की काली करतूत उजागर हो गई है। इस महंत पर एक युवती ने दुराचार का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि बाबा ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और उसे कई लोगों को बेचा गया। वह बाबा के पास 8 माह तक बंधक रही।

सीतापुर के पास मिश्रिख क्षेत्र में बाबा सियाराम का आश्रम है। जहां बाबा एक स्कूल संचालित कर रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल उसकी शिष्या मिंटू सिंह है। पीडि़ता का कहना है कि नौकरी की तलाश में उनके पास पहुंची थी। जहां मेरे रिश्तेदार नोखे और उसके दोस्त आशीष शुक्ला ने नौकरी दिलाने के बहाने मुझे मिंटू्सिंह को 50 हजार रुपए में बेच दिया। इसके बाद वह मुझे बाराबंकी, फैजाबाद, लखनऊ के आश्रम से घुमाती हुई सीतापुर के आश्रम ले आई।

यहां बाबा ने मेरे साथ रेप किया और वीडियो भी बनाया। दूसरे दिन आगरा के आश्रम में भेज दिया गया, जहां मुझे 8 महीने तक बंधक बना कर रखा गया। यहां मेरे साथ हर रात रेप होता था और उसका वीडियो भी बनाया जाता था।

पीडि़ता ने खुलासा किया है कि स्कूल की लड़कियों को बड़े लोगों के पास भेजा जाता है। इस आरोप को बाबा ने सिरे से खारिज करते हुए पीडि़ता को पहचानने से इंकार कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बाबा राम-रहीम और फलाहारी बाबा की तरह एक और मामला सामने आया है। एक लड़की ने बाबा सियाराम दास पर आश्रम में 8 महीने तक बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया है। पीड़‍िता ने बताया, बाबा ने उससे अपने एक श‍िष्या से 50 हजार में खरीदा था। इसके बाद वो हर रात उसके साथ रेप करता था। इतना ही नहीं, उसका एमएमएस भी बनाया जाता था। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और बाबा को गिरफ्तार भी कर लिया है।

250 बीघे में है बाबा का आश्रम-

बाबा सियाराम दास का मुख्य आश्रम सीतापुर से 25 किमी दूर मिश्रिख में है। बताया जाता है कि ये आश्रम लगभग 250 बीघे में बना हुआ है। इसके साथ ही बाबा ने अपने आश्रम में स्कूल खोल रखा है। आसपास के बच्चों की अच्छी संख्या इस स्कूल में पढने आती है। इस स्कूल की प्रिंसिपल मिंटू सिंह है। पीड़िता के बयान के मुताबिक मिंटू सिंह ने ही उससे बाबा सियाराम दास के हाथों बेचा था। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में सियाराम दास के आश्रम जगह-जगह फैले हुए है। इसके साथ ही सियाराम दास ने आगरा में लॉ कालेज भी बना रखा है।

क्या बताया पीड़िता ने-

पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि वो नौकरी के लिए बहुत समय से परेशान थी। एक दिन उसके रिश्तेदार नोखे और उसके दोस्त आशीष शुक्ला ने नौकरी द‍िलाने के बहाने पीड़िता को म‍िंटू स‍िंह से मिलवाने लाया, जहां उन्होंने उससे बेच दिया। जिसके बाद वह उससे बाराबंकी, फैजाबाद, लखनऊ के आश्रम से घुमाती हुई सीतापुर के आश्रम ले आई। जहां सियाराम दास ने उसके साथ रेप किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उससे आगरा के आश्रम में 8 महीने तक बंधक रखा गया। जहां रोज उसके साथ हुए रपे की वीडियो बनाई जाती थी।

स्कूल की लड़कियों को बड़े लोगों के पास भेजा जाता

पीड़ित लड़की ने ये आरोप भी लगाया है कि बाबा सियाराम दास के इंग्लिश मीडियम स्कूल की लड़कियों के साथ भी रेप किया जाता है, उनका वीडियो भी बनाया जाता है, ताकि वो कि‍सी से कुछ कह न सके। इसके अलावा उन लड़कियों को नेताओं और बड़े लोगों के सामने पेश भी किया जाता है। उसने बताया की उससे भी इसी काम के लिए आगरा से सीतापुर लाया गया था। जिसके बाद उसने मौका मिलते ही पुलिस को इसकी सुचना दे दी।



पुलिस ने किया बाबा को गिरफ्तार-


सीतापुर के एएसपी मार्तंड प्रताप स‍िंह ने बताया कि युवती ने यूपी डायल 100 पुलिस को मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल सियाराम दास को उसके आवास से युवती के साथ पकड़ कर मिश्रिख कोतवाली ले लाई। प्रथम दृष्टया युवती के आरोप सही पाए गए हैं। सियाराम दास के खिलाफ अभी धारा 376 के तहत केस दर्ज क‍िया गया है।


सियाराम दास ने कहा मैं बेगुनाह-


पूछताछ में आरोपी बाबा स‍ियाराम दास ने कहा कि वो न‍िर्दोष है। उसके ख‍िलाफ साज‍िश की जा रही है। उसने लड़की को कभी देखा भी नहीं है। साज‍िश कौन कर रहा है ये भी उसे मालूम नहीं है। लड़की ने उस पर रेप का आरोप लगाया है, जो ब‍िल्कुल गलत है।

26.9.2017.

सभी भारतीयों को गरीबी नजदीक से दिखाने को गरीब बनाने पर मोदी के वित्त मंत्री-यशवंतसिन्हा पूर्व वित्त मंत्री



देश में मंदी के हालात और सरकार की आर्थिक नीतियों पर पहली बार बीजेपी के अंदर से आवाज उठी है। बीजेपी नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अर्थव्यस्था पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था ने मोदी सरकार को चिंता में डाल दिया है। सिन्हा ने नोटबंदी के फैसले पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है।


यशवंत सिन्हा कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया है। पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीक से देखा है लेकिन ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम में लगे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी करीब से दिखायेंगे।


एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित लेख में यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज के समय में ना ही नौकरी मिल रही है और ना विकास तेज हो रहा है। इनवेस्टमेंट घट रही है और जीडीपी भी घट रही है। जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है। सिन्हा ने आगे लिखा, ”वित्त ने अर्थव्यवस्था की जो हालत की है उसके खिलाफ अगर मैं अभी नहीं बोलूंगा तो मेरे देश के प्रति कर्तव्य के साथ धोखा होगा। मुझे पता है मैं जो कह रहा हूं इससे बीजेपी के कई लोग भी सहमत होंगे, जो डर की वजह से बोल नहीं पा रहे।”


वित्त मंत्री अरुण जेटली पर तंज कसते हुए उन्होंने लेख में लिखा है कि इस सरकार में वह अभी तक सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं। कैबिनेट का नाम तय होने से पहले ही यह तय था कि जेटली ही वित्त मंत्री का पदभार संभालेंगे। लोकसभा चुनाव में हारने के बाद भी उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक सका। सिन्हा ने लिखा कि इससे पहले वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन भी वाजपेयी के करीबी थे लेकिन इसके बाद भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था। लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला।


उन्होंने लिखा कि मैंने वित्त मंत्रालय संभाला है और मुझे पता है ये काम इतना आसान काम नहीं है. सिन्हा ने लिखा है कि जीडीपी अभी 5.7 है, सभी को याद रखना चाहिए कि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने के तरीके को बदला था। अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखें तो आज के समय में 3.7 जीडीपी होती।


Tuesday, September 26, 2017

1 नवंबर से रेलगाड़ियों का नया टाइम टेबल लागू होगा

श्रीगंगानगर, 26 सितम्बर। रेलवे की नई समय सारणी अब आगामी 1 नवम्बर 2017 से प्रभावी होगी। वर्तमान समय सारणी 31 अक्टूबर 2017 तक प्रभावी रहेगी।

उतर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री नीरज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लागू ट्रेन्स ऐट ए ग्लान्स, नार्थ जॉन पब्लिक टाईम टेबल तथा वर्किंग टाईम टेबल आगामी 31 अक्टूबर 2017 तक प्रभावी रहेगा। नया टाईम टेबल 1 नवम्बर 2017 से प्रभावी होगा। सभी रेल गाडियां 31 अक्टूबर तक वर्तमान समय सारणी के अनुसार चलेगी। 


हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज:

 

हनीप्रीतत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका खारिज हो गई है। हनीप्रीत ने सोमवार को अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी। हाई कोर्ट ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई की और जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती क्योंकि यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का नहीं है। हालांकि कोर्ट ने हनीप्रीत को दिल्ली में सरेंडर का विकल्प दिया। हाई कोर्ट ने हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट बेल की अर्जी पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे आसान रास्ता यह होता कि वह सरेंडर कर दें। मामले में हनीप्रीत की ओर से दलील पेश की गई। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की ओर से दलीलें दी गई जिसके बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वह ऑर्डर पारित करेंगे और ऑर्डर रिजर्व कर लिया। ट्रांजिट अग्रिम जमानत का मतलब होता है कि ट्रांजिट के दौरान गिरफ्तारी नहीं होगी। देशद्रोह के मामले में हनीप्रीत ने अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी ताकि दिल्ली से हरियाणा जाने के दौरान गिरफ्तारी न हो। 


सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस ने अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए था। दोनों ही राज्यों की पुलिस ने तीन हफ्ते के अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का है। वहीं हनीप्रीत के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल की जान को खतरा है, इसीलिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर प्रोटेक्शन की मांग की है और जब तक पड़ोसी राज्य न जाएं तब तक गिरफ्तारी पर रोक हो। अगर उन्हें प्रोटेक्शन दिया गया तो वह जांच में सहयोग को तैयार हैं। 


हरियाणा पुलिस ने रामरहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा फैलाने के मामले में 43 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है इनमें हनीप्रीत भी है। वह 25 अगस्त से ही फरार है। रामरहीम को 25 अगस्त को पंचकुला की अदालत ने रेप के दो मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद वहां हिंसा हुई थी और 41 लोगों की जान चली गई थी। जब 25 अगस्त को रामरहीम सजा सुनाई गई थी उस वक्त रामरहीम के साथ हनीप्रीत मौजूद थी

( NBT)


हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित


नई दिल्ली 26.9.2017.

हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। हनीप्रीत ने पंजाब-हरियाणा के ड्रग्स सिंडिकेट से खुद की जान का खतरा बताया है. हनीप्रीत और पुलिस का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आपना फैसला सुरक्षित किय। हरियाणा पुलिस के वकील ने कहा कि हनीप्रीत का कोई क्लीन बैकग्राउंड नहीं है। यदि वो दिल्ली में है, तो उसे पुलिस को बताना चाहिए।

वकील ने कहा कि दिल्ली हनीप्रीत का न्यायिक क्षेत्र ही नहीं बनता. न तो उसका पासपोर्ट दिल्ली का है, न ही पता. इसलिए उसे ट्रांजिट बेल न दी जाए.


- कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को 3 हफ्ते का ट्रांजिट बेल क्यों चाहिए? इस पर वकील ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में उसके खिलाफ माहौल है.


- दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत बाबा रहीम के बेहद करीब है. हरियाणा पुलिस उसे खोज रही है. वह कानून की कोई मदद नहीं कर रही है.


- दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वो हनीप्रीत को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे. पुलिस ने कहा कि दिल्ली में ग्रेटर कैलाश का जो पता दिया गया है, वो भी गलत है. ऐसे में समझा जा सकता है कि हनीप्रीत क्या कर रही है.


- कोर्ट ने फिर कहा कि क्या हनीप्रीत सरेंडर के लिए तैयार है? तो वकील ने कहा कि वो पुलिस जांच में सहयोग के लिए तैयार है.


- वकील ने कहा कि हनीप्रीत को पुलिस की तरफ से कभी नोटिस भी नहीं दिया गया.वकील ने कहा कि उसके खिलाफ कोई FIR नही है. उसका कोई रोल नही है. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी की जरूरत ही नहीं है.


- कोर्ट ने पूछा, क्या हनीप्रीत दिल्ली की कोर्ट मे सरेंडर करने के लिए तैयार है.


- वकील ने कहा- हनीप्रीत का घर दिल्ली में ही है. उसको गिरफ्तारी का खतरा है.


- जस्टिस ने हनीप्रीत के वकील से पूछा- यह याचिका उनके अधिकार क्षेत्र में कैसे आता है?


- जस्टिस संगीता धीगड़ा कर रही है हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई. दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में हनीप्रीत ने कहा कि वह हर जांच के लिए तैयार है. हरियाणा में उसकी जान को खतरा है।


हनीप्रीत ने दिल्ली में क्यों लगाई अग्रिम जमानत याचिका? कारण जाने

 हनीप्रीत ने अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। अर्जी पर दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य का कहना है कि हनीप्रीत सोमवार को अग्रिम जमानत अर्जी पर साइन करने के लिए उनके ऑफिस पहुंची थी।

हनीप्रीत के वकील प्रदीप कुमार आर्य ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने 3 सप्ताह के लिए हनीप्रीत को ट्रांजिट बेल देने की मांग की है। चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने हल्के अंदाज में वकील से पूछा कि हनीप्रीत कहां है? जवाब में वकील ने कोर्ट से कहा कि हनीप्रीत की जान को खतरा है। हरियाणा के DGP भी इस बारे में आशंका जता चुके हैं, इसलिए वह दिल्ली में याचिका दायर कर रही है। हनीप्रीत द्वारा दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि उसकी जान को पंजाब और हरियाणा के ड्रग्स व्यापारियों से खतरा है। अर्जी में हनीप्रीत ने खुद को साफ सुथरा जीवन जीने वाली एक सिंगल महिला बताया है जो कानून का पालन करती है और पुलिस जांच में सहयोग को तैयार है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि उनकी अर्जी पर 2 बजे सिंगल बेंच अलग से सुनवाई करेगी। 


हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई 26 सितंबर दोपहर 2 बजे होगी

हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है। उसकी जमानत याचिका पर 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

हनीप्रीत के वकील क्या कहना है क‌ि हनीप्रीत द‌िल्ली में ही है।हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य ने कोर्ट में पेश होकर इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई किए जाने की अपील की थी।

 इस पर कोर्ट ने सुनवाई दो बजे तक होने की बात कहते हुए ‌द‌िल्ली और हर‌ियाणा दोनों राज्यों की पुल‌िस को मौजूद रहने के आदेश ‌द‌िए हैं।

टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार वकील प्रदीप आर्य का दफ्तर दिल्ली के लाजपत नगर में है और वहां कल 25 सितंबर को हनीप्रीत आई थी। 

आज 26 सितंबर को पुल‌िस ने हनीप्रीत की तलाश में द‌िल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 में छापेमारी की लेक‌िन वहां वो नहीं म‌िली।


एबीवीपी भी संघर्ष में उतरी:बनारस हिंदू विश्वविद्यालय छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू )में छात्राओं पर लाठीचार्ज, छात्रों की पिटाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अब सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार  25 सितंबर से काशी प्रांत के प्रांत मंत्री भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भारत कला भवन के पास चौराहे पर धरना शुरू कर दिया है।


इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर चीफ प्राक्टर समेत पूरे प्राक्टोरियल बोर्ड को कैंपस में लगातार हो रही घटनाओं को रोकने में असफल बताते हुए बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया है।


धरना स्थल पर परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्राओं पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई सहित घटनाओं की निंदा करने से संबंधित स्लोगन लिखा पोस्टर लगाया गया है। उधर परिसर में परिषद का यह धरना चर्चा का विषय बना रहा।


इस दौरान भूपेंद्र ने कहा कि परिषद छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही अन्य समस्याओं का मुद्दा लगातार उठाती रहती है। आठ सितंबर को भी ज्ञापन दिया गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।


छात्रा के साथ हुई घटना दुर्भाग्य पूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। 


ये हैं परिषद की मांग

-  घटनाओं के बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया जाए। 

-  लाठीचार्ज की घटनाओं पर न्यायिक जांच आयोग गठित कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। 

- बीएचयू में घटनाओं को रोक पाने में असफल चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।

- महिला छात्रावासों सहित परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए। परिसर में सीसीटीवी, रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।


Monday, September 25, 2017

बाडीटेक हेल्थ क्लब की सूरतगढ में मिनी मेराथन दौड़


सूरतगढ़।

बॉडीटेक हेल्थ क्लब द्वारा बॉडीटेक मिनी मेराथन 3k 2017 का आयोजन किया गया। बॉडीटेक के संचालक रॉबिन अरोड़ा ने बताया कि बॉडीटेक मिनी मेराथन 24 सितंबर प्रातः राधास्वामी सत्संग भवन से मानक्सर चौक तक की गयी। मुख्य अतिथी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री इश्वरी लाल वर्मा, आर्मी सीओ श्री विनायक शर्मा, एवम् न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अजय बिशनोई ने हरी झंडी दिखा कर बॉडीटेक मिनी मेराथन प्रारम्भ की तथा रास्ते में रनर्स की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए पानी, जूस, फलाहार आदि सुविधाओं के साथ ऐम्ब्युलन्स भी साथ साथ चल रही थी। बॉडीटेक मिनी मेराथन में प्रथम रहे पवन कुमार को बॉडीटेक जिम की और से तीन माह का जिम पैकिज एवम् विनेश बग़डी की और से गुडी बेग दिया गया द्ववितीय रहे भगीरथ को बॉडीटेक जिम की और से दो माह का जिम पैकिज और जे बी टी टैक्सी सर्विस की और से गिफ़्ट वाउचर दिया गया। तीसरे स्थान पर रहे विकाश सिंह को बॉडीटेक जिम की और से एक माह का जिम पैकिज और ब्यूटी हट की और से गिफ़्ट वाउचर दिया गया। लड़कियों में प्रथम रही प्रमिला दुसरे स्थान पर प्रियंका तीसरे स्थान पर आरती शर्मा को बागला सेवन इलेवन, फ़ेस टु फ़ेस, ब्लासम स्कूल और ब्यूटी हट की और से सम्मानित किया गया।

समापन स्थल मानक्सर चौक पर सभी रनर्स को प्रमाण पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया। बॉडीटेक मिनी मेराथन के कोडिनेटर पारस बेदी ने बोलते हुवे कहा के इस बॉडीटेक मिनी मेराथन करवाने का उदेश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है तथा आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।



हनीप्रीत की दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी


डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई है. अग्रिम जमानत याचिका हनीप्रीत तनेजा के नाम से लगाई गई है. कोर्ट इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई कर सकता है. बता दें कि कोर्ट मंगलवार और बुधवार के बाद बंद है.  

अगर कोर्ट हनीप्रीत की याचिका को स्वीकार करता है तो मुमकिन है कि उसे कुछ दिन की ट्रांजिट बेल दिल्ली हाईकोर्ट से मिल जाए और फिर हाईकोर्ट याचिका को पंजाब हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दे. हालांकि ये भी मुमकिन है कि कोर्ट हनीप्रीत को पहले पुलिस के सामने सरेंडर करने को कहे और फिर रेगुलर बेल लगाने को कहे. राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद से ही हनीप्रीत लापता है. खबरें थी कि हनीप्रीत विदेश भाग गई है, लेकिन इस याचिका के बाद साफ हो गया है कि वो देश में ही है.

डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम ने हाईकोर्ट में अपील की

 चंडीगढ़ 25.9.2017. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। राम रहीम दोषी करार दिये जाने के बाद रोहतक की सुनरिया जेल में सजा काट रहा है।

सोमवार  25 सितंबर को राम रहीम ने सीबीआइ कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की। साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को सीबीआइ की विशेष अदालत ने 25 अगस्त भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की तीन धाराओं 376  (दुष्कर्म), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की अस्मत से खिलवाड़) के तहत दोषी ठहराया था। गुरमीत को दोषी करार दिये जाने के बाद पंचकूला और सिरसा में डेरा समर्थकों ने जमकर उपद्रव मचाया था। जिसके बाद सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनरिया जेल में अदालत लगी और राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी।


ट्रेन कोच में कालेज छात्रा से छेड़खानी-कोच एटेन्डेंट गिरफ्तार

अहमदाबाद। दिल्ली से अहमदाबाद आ रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही एक कॉलेज छात्रा से छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। छात्रा ने रेलवे पुलिस हेल्पलाइन नंबर 182 पर फोन कर कोच अटेंडेंट के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत की। छात्रा की शिकायत के बाद ट्रेन के मेहसाणा स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपीएफ जवानों ने युवती की शिकायत दर्ज कोच अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया।


मामला 23 सितंबर का है। अहमदाबाद के चांदखेड़ा क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय लड़की गांधीनगर में होटल मैनेंजमेंट की पढ़ाई करती है। कॉलेज के स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत वह दो अन्य कॉलेज छात्राओं के साथ दिल्ली गई थी।


पीड़ित छात्रा ने पुलिस को दर्ज शिकायत में बताया कि वह दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में कोच नंबर 11 में यात्रा कर रही थी। उसके कॉलेज की दो छात्राएं भी उसके साथ थीं। दिल्ली से ट्रेन के चलने के बाद रात के 1 बजे जयपुर स्टेशन पर पहुंचते ही वह कोच के टॉयलेट में गई थी। उस समय कोच अटेंडेंट बाहर ही खड़ा था और उसे लगातार घूर रहा था। इतना ही नहीं उसने इसके बाद उसके पीठ पर हाथ फेरकर छेड़छाड़ करने की कोशिश की। वह डरकर अपनी सीट पर जाकर बैठ गई। बाद में साहस जुटाकर उसने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 182 पर इसकी शिकायत की।


रेलवे पुलिस ने बताया कि छात्रा की शिकायत के बाद मेहसाणा रेलवे स्टेशन में ट्रेन को रोकर उसका बयान दर्ज किया गया। आरोपी कोच अटेंडेंट रविंद्र कृपाल सिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना जयपुर में हुई है, इसलिए जांच के लिए उसे जयपुर भेज दिया गया है।


अहमदाबाद डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप शर्मा ने इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि आरोपी कोच अटेंडेंट रेलवे का स्थायी कर्मचारी नहीं था बल्कि कॉन्ट्रैक्ट पर था। इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

25.9.2017.


सांसद श्री निहालचंद पल्लू के लिये पैदल रवाना



श्रीगंगानगर, 25 सितंबर। सांसद एवं  श्री निहालचंद सोमवार को प्रतिवर्ष की भांति नवरात्रा के अवसर पर पल्लू में माता के दर्शन के लिये रायसिंहनगर से पैदल रवाना हो गये है। श्री निहालचंद सोमवार सुबह श्री मनीष गर्ग, अमरसिंह भूवाल, श्री कूलदीप बिश्नोई, श्री महावीर स्वामी, श्री तेजाराम, श्री सौरभ चौहान, श्री शुभकरण व कुलदीप के साथ पैदल रवाना हुए है। रायसिंहनगर से जैतसर, सूरतगढ़ अर्जुनसर होते हुए पल्लू 28 सितम्बर दुर्गाष्टमी को पहुंच कर पल्लू माता के दर्शन करेंगे तथा क्षेत्रा में शान्ति खुशहाली व तरक्की की कामना करेंगे। 
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं पर रात में पुलिस का लाठीचार्ज



BHU Girls Protest Dainik Jagran
बनारस हिंदू वि
श्वविद्यालयलय में देर रात हुई हिंसा. (फोटो साभार: आलोक मालवीय/दैनिक जागरण)

बनार

 विश्वविद्यालय में छेड़खानी और कैंपस में महिला सुरक्षा को लेकर पिछले दो दिनों से जारी छात्राओं को प्रदर्शन शनिवार रात हिंसक हो उठा.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात कुलपति आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों की ओर से किए गए पथराव के बाद बीएचयू में जंग जैसे हालात बन गए.

रिपोर्ट के अनुसार, हालात को काबू करने के कैंपस में घुसी पुलिस फोर्स को छात्रों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा. परिसर में गुरिल्ला युद्ध की स्थिति बन गई तो पुलिस को हवाई फायरिंग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, तनाव को देखते हुए 25 सितंबर की दशहरा की छुट्टियों को तीन दिन पहले लागू कर दिया गया और अब विश्वविद्यालय में दो अक्टूबर तक छुट्टी रहेगी. इसके अलावा कुलपति ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है.
रिपोर्ट के अनुसार, रात 10 बजे कुलपति आवास के सामने प्रदर्शन करने जा रहे छात्रों पर कैंपस के सुरक्षा गार्डों और पुलिस ने लंका गेट और महिला महाविद्यालय के पास लाठीचार्ज कर दिया. इसमें आधा दर्जन छात्रों को चोटें आईं. इसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस की लाठीचार्ज के जवाब में पथराव शुरू कर दिया.
दैनिक जागरण के अनुसार, हिंसा ने तब उग्र रूप धारण कर लिया जब सर सुंदरलाल अस्पताल के पास पुलिस और छात्रों के बीच दोतरफा पथराव शुरू हो गया. इसके अलावा महिला महाविद्यालय में घुसी फोर्स ने बाहर खड़ी छात्राओं पर लाठीचार्ज कर दी.
इसके बाद सैकड़ों आक्रोशित छात्र छात्राओं वही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और कुलपति के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
दैनिक जागरण के अनुसार, हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला सिर्फ बिड़ला हॉस्टल में घुस सका. इस बीच 10 बम धमाके हुए जिसके बाद फोर्स को बाहर निकलने का आदेश दे दिया गया. इसमें एक दारोगा और सिपाही के अलावा दर्जनों छात्रों को चोटें आईं. रिपोर्ट में एक की स्थिति गंभीर होने की बात कही गई है.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एलबीएस हॉस्टल के बाहर प्रधानमंत्री के वाराणसी आने के होर्डिंग में छात्रों ने आग लगा दी थी और परिसर में खड़ी तीन स्कूटी भी फूंक दी गई.
दैनिक जागरण के अनुसार, इधर, सिंहद्वार पर दो दिन से धरना दे रहीं छात्राओं को पुलिस ने कैंपस के भीतर खदेड़ दिया. इसके बावजूद आधी रात के करीब छात्र सिंहद्वार पर जमा हो गए थे.
इससे पहले कैंपस में महिला सुरक्षा और छेड़खानी के विरोध में धरनारत छात्राओं की मांग थी कि कुलपति गिरीश त्रिपाठी मौके पर आकर छात्राओं की बात और समस्याएं सुनें. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला किया कि कुलपति धरनास्थल पर नहीं जाएंगे.
इस ज़िद के बाद से ही बीएचयू की माहौल गर्मा गया, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार रात कैंपस कई घंटे तक हिंसा और आगजनी की चपेट में रहा.
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों को काबू में करने के लिए 23 थानों की पुलिस, एक दर्जन वज्र वाहन और पांच कंपनी पीएसी बुला ली गई. पूरी घटला की विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही माना जा रहा है.


दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 21 सितंबर को अपने विभाग से हॉस्टल जा रही एक छात्रा के साथ दृश्य कला संकाय की छात्रा के साथ भारत कला भवन के पास कुछ युवकों ने छेड़खानी के अलावा उसके कपड़े खींचने की कोशिश की थी.
हॉस्टल पहुंचने के बाद त्रिवेणी हॉस्टल की छात्राएं रात में ही सड़क पर उतर आईं. हालांकि उन्हें समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया. इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे से छात्राओं न सिंहद्वार पर धरना शुरू कर दिया. रिपोर्ट में लिखा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन ख़त्म करने के लिए हरसंभव हथकंडा अपनाया लेकिन वे विफल रहे.
दैनिक जागरण के अनुसार, छात्राओं का कहना था कि अगर कुलपति आ जाते तो वे धरना ख़त्म कर देती लेकिन कुलपति नहीं आए. इसके विरोध में छात्राएं दो दिन तक सिंहद्वार पर डटी रहीं.
धरने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कि उस दिन वाराणसी में ही थे, के दुर्गा और मानस मंदिर जाने का रास्ता बदलना पड़ा. छात्राओं का धरना जारी रहा और कुलपति का पुतला भी फूंका गया.
इस बीच किसी ने सिंहद्वार पर चढ़कर ‘बीएचयू इज़ अनसेफ’ का पोस्टर लगा दिया, जिसे बाद में उतार दिया गया.

Sunday, September 24, 2017

सूरतगढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा का एकदम नया लोकप्रिय चेहरा होगा

- करणी दान सिंह राजपूत -

आगामी विधानसभा चुनाव 2019 में भाजपा सूरतगढ़ सीट पर एकदम​ नया चेहरा उतारेगी। यह आश्चर्यजनक लगता है मगर इसमें​ कोई किंतु परंतु नहीं है व सच्चाई के लिए लोकप्रिय छवि वाले  व्यक्ति को तलाशने की जुगत पिछले कुछ समय से हो रही है।

भाजपा की राजनीति में संघ का महत्व पूर्ण रोल रहा है। सूरतगढ़ सीट पर नये चेहरे की तलाश में भी संघ की महत्वपूर्ण भूमिका की हलचल है।श्रीगंगानगर जिले की सभी सीटों पर बदलाव की एकदम शांत हवा चल रही है। 


श्रीगंगानगर जिले में 2013 के विधानसभा चुनाव में जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर और रायसिंहनगर सीटों पर भाजपा की हार होने की अंदरूनी पीड़ा को भी याद रखते हुए आगे के चुनाव में हर हाल में भाजपा त चाहती है। इन दोनों सीटों पर जमींदारा पार्टी जीती थी​।


राजस्थान में आगामी 2019 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी अपनी जीत पक्की करने के लिए   सौ सीटों पर नए लोकप्रिय चेहरे उतारने के पक्के प्रयास में है।

 सूरतगढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा  का एकदम नया लोकप्रिय चेहरा होगा







सच्च बोलने वाले मीडिया और लोगों को मोदी राज में खरीदा जा रहा है-


-कई मीडिया भारी दबाव व खरीद से सरकारी​ पाले में जा बैठे -


- करणीदानसिंह राजपूत -

मीडिया घरानों का भी मोदी सरकार को लेकर विश्वास डगमगा रहा है. देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और गिरती विकास दर और भयानक बेरोजगारी ने कई मीडिया घरानों को मोदी सरकार को लेकर दोबारा नए सिरे से अपनी राय बनाने पर मजबूर कर दिया है. राजस्थान पत्रिका के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार के अर्थव्यवस्था से लेकर रोजगार और विदेशी नीति के मोर्चे पर बुरी तरह से फेल होने पर मोदी सरकार की तीखी आलोचना की है.

कोठारी ने लगाया मोदी पर मीडिया को खरीदने का आरोप


राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ बोलने के लिए मीडिया और लोगों को खरीदने का काम चल रहा हैं.

झूठ को सौ बार बोलकर सच बना रही मोदी सरकार

मुंबई में आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय कंसर्न्ड कम्यूनिकेटर अवॉर्ड (सीसीए) समारोह में राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. कोठारी ने आरोप लगाया कि झूठ बोलने के लिए मोदी सरकार मीडिया और लोगों को खरीदने का काम कर रही हैं. कोठारी ने कहा कि आजादी को 70 साल हो गए हैं लेकिन हम आज भी सच को सुनना ही नहीं चाहते हैं. सरकार मीडिया हाउस को शॉर्टलिस्ट कर जनता तक झूठी बातें पहुंचा रही है. झूठ को सच बताकर रखने की कोशिश में लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. क्योंकि यदि झूठ को सौ बार बोला जाए तो वह सच मान लिया जाता है और आज यही हो रहा है.

कुछ मीडिया समूहों ने छोड़ दिया जनता का साथ

सरकार व मीडिया को आईना दिखाते कोठारी ने कहा कि आज अभिव्यक्ति की आजादी पर अतिक्रमण हो रहा है. आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. जिसे हमने लोकतंत्र व जनता के बीच सेतु माना था, वही मीडिया आज कहां है? कुछ मीडिया समूहों ने आज जनता का पाला छोड़ दिया है और सरकार के साथ जाकर बैठ गए हैं. यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हो रहा है. सोशल मीडिया का अवतार ही झूठ बोलने के लिए हुआ है, क्योंकि कौन आधिकारिक तौर पर कह रहा है और क्या सही है. मीडिया लोकतंत्र का वॉचडॉग नहीं दिखाई दे रहा है. जनता की सोचने वाला कौन बचा है ?


आजादी बचाने को नई पीढ़ी सिर पर कफन बांधकर आगे आऐ


देश में किसान आंदोलनों पर पीड़ा जताते हुए कोठारी ने कहा कि आज इन आंदोलनों को ताकत के साथ दबाया जा रहा है, जो देशहित में नहीं है. सभी को नोटबंदी को लेकर समस्या हुई, लेकिन हम नोटबंदी के बाद के हालात पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं. सरकार की नई भर्तियां बंद हो गई हैं, वहीं कई लघु उद्योगों के उजड़ जाने से बड़ी संख्या में बेरोजगारी भी बढ़ी है. न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख का हवाला देते हुए कोठारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तानाशाह सरकारों का दौर है.

ऐसे में सिर्फ अपना प्रोपेगंडा मीडिया के माध्यम से चलाया जा रहा है. ऐसे में विपक्ष को कुछ जिंदा रखने की कोशिश की जाती है, जिससे लोकतंत्र का भ्रम बना रहे. ऐसे हालात में नई पीढ़ी को कफन बांधकर आगे आना चाहिए कि जो आजादी हमें संविधान ने दी है वह बची रहे.

(नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो)
(  15-6-2017.)

Saturday, September 23, 2017

भाजपा विरोधी वोट एकजुट हो गया तो गुजरात में भाजपा को राज के दर्शन दूर हो जाएंगे।

इस बार गुजरात के विधानसभा चुनाव कई प्रकार से दिलचस्प और महत्वपूर्ण होंगे। 19 साल से बीजेपी के सत्ता पर काबिज और नीतियों से परेशान लोग उकता गए हैं। पिछले दो दशक में राज्य में पहली बार ऐसे राजनीतिक हालात बने हैं, जिनके जरिए कांग्रेस अपनी वापसी की उम्मीद मान रही है। इन सबसे अलग इन चुनावों में देखने वाली बात ये है कि बिहार के महागठबंधन की तर्ज पर बनने वाला तीसरा मोर्चा भी प्रभाव डालेगा। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यही तीसरा मोर्चा गुजरात के आगामी चुनावों में बीजेपी-कांग्रेस की दशा और दिशा तय करेगा। दोनों बड़ी पार्टियों के अलावा कई क्षत्रप (क्षेत्रीय पार्टियां) भी राज्य में चुनाव लड़ने के लिए कमर कस चुकी हैं, जो अपनी जीत से ज्यादा दूसरों की हार तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।ऐसापरिदृश्य बनता दिखाई दे रहा है जिससे कांग्रेस की मुश्किलें  कम होने के बजाय बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अगर सारे विखंडित दल एकजुट हुए तो बीजेपी को अपने ही गढ़ में जमीन बचाने के लिए पसीना बहाना पड़ सकता है।
कांग्रेस की जड़ खोदेने के लिए वाघेला का तीसरा मोर्चा
कांग्रेस के खिलाफ विद्रोह करने वाले शंकर सिंह वाघेला के बारे में माना जा रहा था कि वे बीजेपी ज्वाइन करेंगे लेकिन वाघेला ने बीजेपी ज्वाइन करने के बजाए तीसरा मोर्चा बनाकर राज्य के चुनाव में उतरने का मन बनाया है। वाघेला ने इस तीसरे मोर्चे का नाम "जन विकल्प" दिया है। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी और कांग्रेस से ऊब गए हैं और एक विकल्प के लिए बेताब हैं। जानकारों की मानों तो, बीजेपी में उनका शामिल न होना भी रणनीति का हिस्सा है। बीजेपी के विरोधी वोटर वो कांग्रेस के खेमे में जाते अब उन्हें वाघेला के रूप में एक विकल्प मिल गया है।
क्षत्रप को मिले वोट, नतीजों को करते हैं प्रभावित
गुजरात चुनाव में एनसीपी, जेडीयू, गुजरात परिवर्तन पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों के अलावा आप भी अपने को आजमाने की तैयारी कर चुकी है। ये पार्टियां सीटें भले न जीत पाएं, मगर इन्हें मिले वोट चुनाव नतीजों को प्रभावित करते हैं। पिछले चुनाव में गुजरात परिवर्तन पार्टी ने 3.63 फीसदी और बहुजन समाज पार्टी ने 1.25 फीसदी वोट हासिल किए थे। वहीं जेडीयू को महज 0.67 फीसदी वोट मिले थे। हालांकि इस दफा आम आदमी पार्टी पहली दफा चुनावों में उतरेगी।
कांग्रेस के माथे पर बल देगी 'आप' की दस्तक
गुजरात की जमीन पर पहली बार आम आदमी पार्टी किस्मत आजमाने उतरेगी। केजरीवाल ने पटेल आंदोलन और ऊना कांड के बाद राज्य का दौरा किया था और विशाल रैलियां आयोजित की। केजरीवाल ने राज्य में नारा दिया है कि 'गुजरात का संकल्प, आप ही खरा विकल्प'। जाहिर तौर पर केजरीवाल की पार्टी की नजर भी उन्हीं वोटों पर है, जो बीजेपी की इतनी लंबी पारी से ऊब गया है।अगर सीधा-सीधा कहें तो जो वोट कांग्रेस के खाते में जाने वाला है, उसे आप झटकने की पूरी कोशिश करेगी।
बीजेपी को सारी सैटिंग दोबारा करनी पड़ेगी। चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर गिरे कटेगा खरबूजा ही। कुछ इसी तरह की कहानी गुजरात राजनीति में बनती दिख रही है। राज्य में एनसीपी के दो और जेडीयू का एक विधायक हैं। सो इस बार भी विधानसभा चुनाव में एनसीपी और जेडीयू मैदान में उतरेंगी ही। दोनों के अलावा बीएसपी और शिवसेना की भी पूरी तरह तैयारी है।
 क्षेत्रीय दलों​ के एक  होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं, ऐसा संभव हुआ तो इन परिस्थतियों में बीजेपी के रणनीतिकारों को दोबारा शतरंज सजानी पड़ेगी।
एनसीपी का साथ कांग्रेस का हाथ करेगा मजबूत
गुजरात में 2002 के विधनसभा चुनावों में एनसीपी को 1.71 फीसदी, 2007 में 1.65 फीसदी वोट मिले और पार्टी के 3 विधायक जीतकर आए। हालांकि 2012 विधानसभा चुनाव में पार्टी को 2 ही सीटें मिलीं। बावजूद इसके पार्टी हर बार चुनावों में ज्यादा से सीटों पर चुनाव लड़ने की कोशिश करती है। ऐसे में अगर कांग्रसे एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो पार्टी की वोट शेयरिंग बढ़ेगी और सीटों में भी कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।
2014 के लोकसभा चुनाव दौरान भारतीय जनता पार्टी को गुजरात में 60.11 प्रतिशत वोट मिले थे और बीजेपी ने राज्य की सारी 26 लोकसभा सीटों पर कब्जा कर लिया था। वहीं, कांग्रेस ने 33.45 प्रतिशत वोट हासिल किए फिर भी उसे एक सीट तक नहीं मिली लेकिन बीजेपी इस प्रदर्शन को बीजेपी स्थानीय निकाय चुनावों में दोहरा नहीं सकी। पार्टी को 2015 में स्थानीय निकाय चुनावों में 46.60 प्रतिशत वोट मिले जोकि लोकसभा के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत कम था जबकि कांग्रेस को 43.52 प्रतिशत वोट मिले जो लोकसभा के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत ज्यादा था।
2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पार्टी के भीतर से ही केशु भाई पटेल के रूप में चुनौती मिली थी। उनकी गुजरात परिवर्तन पार्टी सिर्फ 2 सीटों पर ही चुनाव जीत सकी थी लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में सीधा मुकाबला कांग्रेस के साथ होने की संभावना है। इसके अलावा कई सीटों पर बीजेपी को टक्कर देने वाला जनता दल (यू) एनडीए में शामिल हो गया है जबकि बसपा पूरे देश में अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। माना जा रहा है कि अगर भारतीय जनता पार्टी  विरोधी वोट शेयर होकर एकजुट हो गया तो गुजरात में  भाजपा को राज के दर्शन दूर हो जाएंगे।



चीन का सामान बिकेगा: टैक्स चुका कर बेचा जाता है: व्यापारी के बजाय सरकार का विरोध करें


श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के मुख्य संरक्षक जयदीप बिहाणी ने शनिवार 23 सितंबर को एक प्रैस बयान जारी कर कहा कि इन दिनों शहर में सक्रिय हुए एंटी-चायनीज कैंपेन के स्वयंभू नेता व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात कर रहे हैं। लम्बे समय से मंदे की मार झेल रहे स्थानीय व्यापारियों ने त्योहारी सीजन शुरू होने पर अपनी जमा-पूंजी का निवेश कर बाजार में रौनक लौटने की आस लगाई है, ताकि घाटे व नुकसान से उबरा जा सके लेकिन व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए चीनी सामान के बहिष्कार का राग अलापने वाले सक्रिय हो गए हैं। बिहाणी के अनुसार चायनीज सामान की बिक्री पर रोक लगाने के लिए व्यापारियों का नहीं, बल्कि सरकारों का विरोध होना चाहिए। व्यापारी तो सरकार द्वारा इस सामान पर लगाए जा रहे तमाम तरह के शुल्क व कर चुकाकर स्टॉक भर रहे हैं और इस सामान के विरोध का माहौल बनने से व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।

बिहाणी के अनुसार भारत-चीन के संबंधों में आई खटास एवं सीमा विवाद जैसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महज दीपावली की लडिय़ों व छुटपुट खिलौनों की खरीद नहीं करने से केवल स्थानीय स्तर के छोटे व मध्यम व्यापारियों को नुकसान होता है। इससे उच्च स्तर पर कोई फर्क नहीं पड़ता। इस तरह के मामलों में सरकार की नीतियों पर मंथन किया जाना ज्यादा बेहत्तर है, क्योंकि सरकारें तो बड़ी-बड़ी चायनीज कंपनियों को अरबों-खरबों रुपए के ठेके दे रही हैं और यहां के छुटभैये नेता लडिय़ों-फुलझडिय़ों के विरोध में उतरे हुए हैं। देश के अनेक राज्यों में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स के लिए चीनी कंपनियों से करार किए गए हैं, वहीं करोड़ों रुपए की लागत से इंड्रस्ट्रियल पार्क बनाने जैसे काम भी चायनीज फर्मांे को दिए जा रहे हैं। बिहाणी ने कहा कि हैरानीजनक रूप से चीनी सामान का बहिष्कार करने वाले इस बारे में अपनी समझ बढ़ाने की बजाए आमजन को ज्ञान बांटने निकल रहे हैं, जिससे दिग्भ्रमित होकर स्थानीय खरीदार अपने व्यापारी भाइयों को अनजाने में ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों के हितों पर होने वाला यह कुठाराघात श्रीगंगानगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे स्वयंभू नेताओं को व्यापारियों के मामलों से दूर रहने की हिदायत देते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बिहाणी ने कहा कि श्रीगंगानगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय जिन्दल व महामंत्री तेजेंद्रपालसिंह 'टिम्मा' के नेतृत्व में सभी व्यापारिक संगठन एक मंच पर आकर एंटी-चायनीज लॉबी का विरोध करेंगे, जो सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए सैकड़ों व्यापारियों के परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट पैदा कर रहे हैं। 

फलाहारी बाबा बलात्कार मुकदमें में गिरफ्तार


अलवर। पुलिस ने फलाहारी बाबा को आश्रम की तलाशी व काफी पीड़ित लड़की द्वारा घटना स्थल को दिखाने व   पूछताछ के बाद 23  सितंबर को गिरफ़्तार कर लिया। बाबा की सरकारी चिकित्सालय में जांच कराने के बाद अदालत में पेश किया गया।

 यौन शोषण के आरोपी फलाहारी महाराज को कोर्ट ने छह अक्टूबर तक ​के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस ने अदालत को कहा कि बाबा अपना अपराध कबूल कर चुका है और अधिक पूछताछ की जरूरत नहीं है।

पुलिस बाबा को कोर्ट में लेकर पहुंची, तो बाबा ने मीडिया से कहा कि मुझे फंसाया गया है, मैं पूर्ण रुप से निर्दोष हूं। बाबा ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। इस दौरान कोर्ट में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

वहीं आज सुबह पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार करने से पूर्व ​निजी अस्पताल में ही लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद बाबा का पुलिस ने अलवर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा मेडिकल कराया, जहां उसके स्वस्थ होने की रिपोर्ट आई है।

फलाहारी महाराज यानि रामानुजाचार्य कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य के कमरे से जो सामान मिला हैं उसे देखकर पुलिस ही नहीं बल्कि उसके भक्त भी दंग रह गए। इसके बाद भी भक्तों ने जहां आंखों पर पट्टी बांधी हुई है वहीं पुलिस की काम करने की प्रक्रिया धीमी है। अलवर पुलिस पीड़ित बिलासपुर की इस युवती को फिर से आश्रम ले गई बाबा के कमरे की तस्दीक कराई जहां बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।


क्या क्या मिला कमरे से


एएसपी पारस जैन ने बताया कि रामकिशन कॉलोनी स्थित मधुसूदन सेवा आश्रम के कमरे में बाबा का निवास स्थान है। इस कमरे से बहुत बड़ी मात्रा में जड़ी बूटियां मिली हैं। इसके अलावा एक दर्जन से भी अधिक महिलाओं के पैरों में पहने जाने वाली पायल मिली हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि ये पायल बाबा के कमरे में कहां से आई और बाबा इनका क्या करता होगा। पुलिस ने कमरे से बाबा का लैपटॉप और कैमरा भी बरामद किया है। यानि बाबा हाईटैक था। क्योंकि सन्यासी या आध्यात्मिक पुरुष को इन सब चीजों की जरूरत नहीं होती।


बाबा के बिलासपुर आश्रम में भी छापा


बिलासपुर पुलिस ने बाबा के छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के समीप पेन्ड्रा स्थित आश्रम पर भी छापा मारा है। इस आश्रम में राजस्थान के करीब एक दर्जन से अधिक लोग निवास करते हैं। वहां भी पुलिस ने बाबा के एक दर्जन से अधिक शिष्यों से पूछताछ की है। आश्रम में आस-पास से बड़ी संख्या में अनुयाई आते हैं। बाबा के अनुयाइयों में बड़ी तादात महिलाओं की है जिनसे बाबा अकेले में मिलता था।


शादी शुदा है बाबा


उधर पीड़िता के पिता ने बताया कि बाबा शादीशुदा है और उत्तरप्रदेश के कौशम्बी का रहने वाला है। बाबा के पत्नी और पुत्री भी है। बाबा का उत्तराधिकारी सुदर्शनाचार्य बाबा का भानजा है जो कि यहां अलवर में ही बाबा के साथ आश्रम में रहता है। बाबा के अलावा उसके दो और सगे भाई हैं और इनमें बाबा सबसे बड़ा है।


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