शुक्रवार, 13 मई 2016

सूरतगढ़ थर्मल कोयला रेललाइन जाम करने की चेतावनी:क्या होगा उस दिन?


ऐटा सिंगरासर माइनर मांग आँदोलनकारियों की घोषणा:
- करणीदानसिंह राजपूत -
इंदिरागांधी नहर से ऐटा सिंगरासर माइनर मांग कर रहे आँदोलनकारियों ने पल्लू में 12 मई को सरकार को चेतावनी दी है कि सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन को कोयला पहुंचाने वाली रेल लाइन को जाम कर दिया जाएगा। यह रेल लाइन बीरधवाल स्टेशन से थर्मल के भीतर तक है और आँदोलनकारियों के पड़ाव रहे ठुकराना ग्राम के नजदीक पड़ती है।


आँदोलनकारियों की सरकार और प्रशासन को पूर्व में दी गई एक भी चेतावनी सफल नहीं हो पाई थी। आँदोलनकारियों की चेतावनियां पूरी नहीं होने का मुख्य कारण तो एक ही रहा है कि सुरक्षा का व्यापक प्रबंध और इलाके में धारा 144 लगाकर रोक लगाई गई।
आँदोलनकारियों ने थर्मल को घेरने और महापड़ाव डालने की चेतावनी दी जो सफल नहीं हो पाई थी। आँदोलनकारियों को महापड़ाव ठुकराना ग्राम में डालन पड़ा।
इसके बाद ठुकराना में चेतावनी दी गई कि थर्मल की ओर कूच किया जाएगा तथा महिलाएं नेतृत्व करेंगी। ठुकराना में महिलाएं लाठी सोटा लेकर जरूर पहुंची मगर वहां से थर्मल कूच की घोषणा को पूरा नहीं किया गया। थर्मल क्षेत्र में धारा 144 लगाई हुई थी।
इसके बाद सूरतगढ़ में उपखंड कार्यालय का 5 मई को घेराव किए जाने की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने वहां पर धारा 144 लगादी। आँदोलनकारियों ने पुरानी धानमंडी में सभा करने का प्रयास किया लेकिन उसकी अनुमति नहीं थी। रामदेव मंदिर सड़क इलाके में सभा की अनुमति मांगी गई थी जहां पर सभा की गई मगर वहां पर भीड़ अनुमान सें काफी कम रही और जिनको प्रबंध करना था वे पेयजल तक का उचित प्रबंध करने में असफल रहे। सूरतगढ़ में केवल दो हजार के लगभग की भीड़ ही रही थी। उपखंड कार्यालय को घेरने की चेतावनी भी सफल नहीं हो पाई।
उसके बाद पल्लू में महापड़ाव और मेघाहाइवे जाम करने की घोषणा थी। वहां पर सभा हुई और उसके बाद अवरोधक हटाने उखाडऩे के प्रयास पर भीड़ को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भगाया।
अब थर्मल की रेल लाइन को जाम करने की चेतानी दी गई है जो प्रशासन किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगा। भयानक गर्मी और लू के बीच में लगातार रेल लाइन पर बैठना संभव नहीं है। पल्लू में चाहे घोषणा करदी गई हो। यह चेतावनी केवल जबानी चेतावनी होकर ही रह जाएगी। पूर्व की चेतावनियां भी सफल नहीं हो पाई।
वैसे इनको भीतरी रूप में समझना चाहिए कि इन चेतावनियों से प्रशासन चक्करघिन्नी बना रहा। प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस के अधिकारी तथा सैंकडों का जाब्ता हर जगह लगा रहा। सरकार को छकाने का यह प्रयोग पूरा सफल रहा है। सरकार को हर जगह अवरोध लगाने पड़े हैं तथा धारा 144 लगानी पड़ी है। अब तक कई लाख रूपए लग चुके हैं और यह रकम करोड़ों में पहुंचेगी।
आँदोलनकारियों ने 26 मई को थर्मल की कोयला पहुंचाने वाली रेल लाइन को जाम करने की चेतावनी दी है। उस दिन क्या होगा?




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