Tuesday, May 16, 2017

प्राइवेट कॉलोनी शिव विहार को लाभ पहुंचाने को बनाई गई सड़क:सूरतगढ़।


जांच रिपोर्ट में झूठ सामने आया कि रेल अंडरपास का हवाला देकर हनुमानगढ़ सड़क से लिंक करने का प्रचार करके उक्त सड़क शिव विहार तक चौड़ी कर बनाई गई:
उप निदेशक स्वायत शासन विभाग बीकानेर ने जाँच रिपोर्ट में माना: 2 साल से दबी पड़ी यह रिपोर्ट:

पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु ने की थी शिकायत:
स्पेशल रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत
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4-10-2015
अप डेट 16-5-2017.
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सूरतगढ़। पूर्व विधायक वरिष्ठ वकील स.हरचंदसिंह सिद्धु ने दो वर्ष पूर्व मई 2013 में मुख्य सचिव व स्वायत्त शासन विभाग को अनेक मुद्दों पर नगरपालिका की शिकायत की थी कि नगरपालिका के फंड को प्राईवेट कॉलोनियां को लाभ पहुंचाने के लिए भ्रष्आचार चल रहा है। इसमें शिव विहार कॉलोनी के लिए करोड़ों रूपयों की सड़क बनाने का आरोप भी लगाया गया था। इसमें राजाराम पार्षद,पालिका के एक कर्मचारी लालचुद सांखला और ईओ पृथ्वीराज जाखड़ पर आरोप लगाए गए थे।
गौरतलब है कि उप निदेशक स्वायत्त शासन विभाग बीकानेर ने 31 मई 2013 को मौके पर पहुंच कर जांच की और उसकी रिपोर्ट बना कर 10 जून 2013 को शासन उप सचिव ,स्वायत्त शासन विभाग विभाग जयपुर को भेज दी। वह रिपोर्ट वहां पर 12 जून 2013 को पहुंच गई। इसके बाद नगरपालिका को भी यह मिली। नगरपालिका सूरतगढ़ में तो हाथी जैसे मैटर तक गायब हो जाते हैं सो यह रिपोर्ट भी दब गई। अब यह रिपोर्ट हाथ लगी है।/ सिद्धु ने यह शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अलग से दी हुई है।/
इस जाँच रिपोर्ट का महत्व इसलिए भी है कि शिव विहार कॉलोनी को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क बनाते वक्त एक झूठा प्रचार किया गया कि आरसीपी की उक्त सड़क को चौड़ा करते हुए रेल अंडर पास से होते हुए हनुमानगढ़ सड़क से जोड़ा जाएगा। मौके पर जाँच के दौरान ईओ ने यह बताया लेकिन जाँच अधिकारी ने लिखा कि मौके पर कोई अंडर ब्रिज नहीं है तथा नगरपालिका के पास में रेलवे का कोई पत्र भी रेल लाइन के नीचे से अंडर ब्रिज बनाने संबंधी नहीं है।
जाँच अधिकारी ने लिखा कि नगरपालिका के रिकार्ड के अवलोकन व मौके से स्पष्ट होता है कि आरसीपी से शुरू होकर शिव विहार प्राईवेट कॉलोनी के पास तक लगभग 400 मीटर में 30 फुट चौड़ाई में डामरीकरण कर डिवाईडर भी बनाया गया है। प्राईवेट कॉलोनी के पास में रिकार्पेटिंग कर बड़ोपल रोड से जोड़ा गया है। इसी प्राईवेट कॉलोनी के पास में एक पार्क बनाया जाकर चार दीवारी का निर्माण भी किया हुआ है।
मौके व रिकार्ड के अनुसार शिव विहार कॉलोनी से बताए जा रहे अंडर ब्रिज तक जो सड़क 36 फुट चौड़ी बनाई जा रही है, उसका कोई औचित्य व कोई उपयोग नहीं है। वहां पर सघन आबादी नहीं है केवल आरसीपी के सरकारी आवास हैं। इसके अतिरिक्त अगर यह माना भी जाए कि बड़ोपल रोड से अंडर पास ब्रिज तक वाहनों का दबाव रहेगा, जो सही नहीं है। क्योंकि प्रथमत:अंडर पास से भारी वाहनों का निकलना नहीं होता। प्राईवेट शिव विहार कॉलोनी से बड़ोपल लिंक रोड सिंगल है तब शिव विहार से रेल अंडरपास तक डबल रोड बनाने का कोई औचित्य नहीं है। क्योंकि रोड का 1/4 भाग सिंगल व 3/4 भाग डबल होगा। इसके अलावा बड़ोपल रोड का सूरतगढ़ रेल लाइन क्रोसिंग के पास से हनुमानगढ सड़क जुड़ी है,जहां से वाहनों का आवागमन अधिक होता है।
ऐसे में 1 करोड़ 53 लाख रूपए से बनाई जा रही सड़क का कोई औचित्य स्पष्ट नहीं है। प्रथम दृष्टया सड़क का उद्देश्य कृषि भूमि पर बनाई जा रही प्राईवेट कॉलोनी को लाभ पहुंचाना है।
सिद्धु ने शिकायत की और सकी जाँच भी हुई। नगरपालिका ने जो रूपया वहां पर लुटाया। वह मौका अब जाकर देखने से मालूम पड़ता है कि उकत रूपया भी घटिया निर्माण कर पचा लिया गया है।





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