* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 मार्च 2026.शहीद उधमसिंह कंबोज का शूरवीरता दिवस आज यहां मनाया गया। यह आयोजन आज शिरोमणि शहीद उधम सिंह कंबोज ट्रस्ट सूरतगढ़ द्वारा मनजीत सिंह उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में किया गया।
शहीद उधमसिंह कंबोज की प्रतिमा पर फूल मालाएं पहनाई गई और फूलों की वर्षा की गई।
आयोजन में उपस्थित सभी सदस्यों ने शहीद की वीरता के नारे लगाए। उनके द्वारा आज के दिन लंदन में माइकल ओ डायर को गोलियों से छलनी कर जलियांवाला बाग नृशंस हत्याकांड का बदला लिया गया था।
सुरजीत सिंह संधा ने बताया कि 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला हत्याकांड ने उधमसिंह के मन पर गहरा घाव छोड़ दिया था। उन्होंने वहीं की मिट्टी हाथ में लेकर कसम खाई थी कि वे इसका बदला जरूर लेंगे। इसको पूरा करने में उन्हें 21वर्ष तक का लंबा इंतजार करना पड़ा।
उधम सिंह एक किताब (डिक्शनरी जैसी) के पन्नों को बीच में से काटकर उस खाली जगह में अपनी रिवॉल्वर छिपाई। उस किताब को लिए हुए लंदन के केकस्टन हाल में दाखिल हुए,जहां ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और रॉयल सेंटर एशिया सोसाइटी की बैठक चल रही थी। माइकल ओ डायर वहां वक्ता के रूप में उपस्थित था। जैसे ही बैठक समाप्त हुई, उन्होंने ओ डायर पर दो गोलियां दागी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। गोलियां चलाने के बाद उधम सिंह ने वहां से भागने की कोशिश नहीं की। उन्होंने गर्व से आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर मुकदमा चला और 31 जुलाई 1940 को उन्हें लंदन की पेटनविले जेल में फांसी दे दी गई थी।
इसी दिवस को उनकी याद में शूरवीरता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
ऐसा शहीद जिसके तीन दिवस 26 दिसंबर जन्मदिवस , 13 मार्च शूरवीरता दिवस और 31 जुलाई बलिदान दिवस मनाए जाते हैं।
आज के कार्यक्रम में सलविंदर सिंह टी आर ए, रामप्रकाश कंबोज कोषाध्यक्ष, डॉ हरजिंदर सिंह सहसचिव, गुरचरण सिंह थिंद, गुरदीप सिंह थिंद डॉ जसवीर सिंह चंदी संघर आदि उपस्थित हुए ।
( वि-सुरजीत सिंह संधा)०0०
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