रविवार, 30 सितंबर 2018

सूरतगढ़ में सीवरेज सिस्टम का उद्घाटन:विधायक राजेंद्र व पालिकाध्यक्ष काजल ने उद्घाटन किया


- करणी दान सिंह राजपूत -


सूरतगढ़ 30 सितंबर 2018.

सरकारी योजना के तहत 104 करोड़ रू से  निर्मित सीवरेज सिस्टम को आज विधायक राजेंद्र सिंह भादू और नगर पालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा ने भव्य उद्घाटन में लोकार्पण किया। आदर्श कल्याण भूमि के पास सीवरेज पानी के ट्रीटमेंट प्लांट पर उद्घाटन किया गया। यहां से साफ पानी ऊंची टंकियों मेंं और वहां से 5  किलोमीटर दूरी तक पाईप लाइनों से किसानों को दिया जाएगा। दूसरा ट्रीटमेंट प्लांट उपकारागृह के पीछे है। यह बताया गया कि 8 हजार घरों को सीवरेज से जोड़ा जाएगा जिसमें से करीब चौथा हिस्सा जोड़ा जा चुका है। विधायक ने अपने भाषण में कहा कि सीवरेज के दोनों सिस्टम 31 अक्टूबर तक मुकम्मल हो जाएंगे। 

विधायक भादू ने सूरतगढ़ क्षेत्र में अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का और काजल छाबड़ा ने नगर पालिका क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। विधायक ने सूर्योदय नगरी के लिए तीन अंडर पास बना दिये जाने का व पेयजल समस्या का हल भी शीघ्र होने का कहा।

मंच पर उपस्थित नगर मंडल अध्यक्ष महेश कुमार सेखसरिया नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन कुमार ओझा ने भी वक्तव्य दिया। मंच का संचालन सुभाष गुप्ता नगर मंडल महामंत्री की ओर से किया गया।

इस समारोहों में राजनीति और भाजपा का प्रचार भी आगामी चुनाव के लिए हुआ। विधायक और पालिकाध्यक्ष दोनों ने कहा कि भाजपा राज में विकास हुए हैं और विकास के लिए फिर से भाजपा को लाइये। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भाषणों में उल्लेख किया गया।भादू ने कहा कि 5 साल भाजपा 5 साल  कांग्रेस का बदलना छोड़ो और विकास के लिए भाजपा को फिर मौका दो। यह कहते भादू ने विकास के लिए अपने लिए भी फिर मौका मांग लिया।








शनिवार, 29 सितंबर 2018

चुनाव की आचार संहिता: सामान्य जानकारी


- करणीदानसिंह राजपूत -

राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। संभावना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में या इसके तुरंत बाद चुनाव की घोषणा हो जाए। चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लग जाती है।

चुनाव में आम जनता की रूचि होती है और नियम जानने की उत्सुकता होती है। 

चुनाव आचार संहिता (आदर्श आचार संहिता/आचार संहिता) का मतलब है चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक सरकार और हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है।उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।

आदर्श आचार संहिता के लागू होते ही राजस्थान में सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश होंगे। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाएंगे। वे आयोग के मातहत रहकर उसके दिशा-निर्देश पर काम करेंगे। 

मुख्यमंत्री या मंत्री या अन्य जन प्रतिनिधि न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। आचार संहिता के लागू होने पर क्या हो सकता है और क्या नहीं, इसके ‍विभिन्न पहलुओं की सामान्य जानकारी संक्षिप्त में उपलब्ध कराई जा रही है।

सामान्य नियम : 

* कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले। 

* राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न ही व्यक्तिगत। 

* धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। 

* मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-किसी प्रकार का प्रलोभन लालच देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि। 

* किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें। 

* किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें। 

* राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों। 

राजनीतिक सभाओं से जुड़े नियम : 

* सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए। 

* दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहां निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है। 

* सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें। 

* सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें। 

जुलूस संबंधी नियम : 

* जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें। 

* जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो। 

* राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें। 

* जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए। 

* जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके। 


मतदान के दिन संबंधी नियम : 

* अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें। 

* मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब आदि वितरित न की जाए। 

सत्ताधारी दल के लिए नियम : 

* कार्यकलापों में शिकायत का मौका न दें। 

* मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य न करें। 

* इस काम में शासकीय मशीनरी तथा कर्मचारियों का इस्तेमाल न करें। 

* सरकारी विमान और गाड़ियों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो। 

* हेलीपेड पर एकाधिकार न जताएं। 

* विश्रामगृह, डाक-बंगले या सरकारी आवासों पर एकाधिकार नहीं हो। 

* इन स्थानों का प्रयोग प्रचार कार्यालय के लिए नहीं होगा। 

* सरकारी धन पर विज्ञापनों के जरिये उपलब्धियां नहीं गिनवाएंगे। 

* मंत्रियों के शासकीय भ्रमण पर उस स्थिति में गार्ड लगाई जाएगी जब वे सर्किट हाउस में ठहरे हों। 

* कैबिनेट की बैठक नहीं करेंगे। 

* स्थानांतरण तथा पदस्थापना के प्रकरण आयोग का पूर्व अनुमोदन जरूरी। 


ये काम नहीं करेंगे मुख्यमंत्री-मंत्री : 

* शासकीय दौरा (अपवाद को छोड़कर) 

* विवेकाधीन निधि से अनुदान या स्वीकृति 

* परियोजना या योजना की आधारशिला 

* सड़क निर्माण या पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन 


अधिकारियों के लिए नियम : 

* शासकीय सेवक किसी भी अभ्यर्थी के निर्वाचन, मतदाता या गणना एजेंट नहीं बनेंगे। 

* मंत्री यदि दौरे के समय निजी आवास पर ठहरते हैं तो अधिकारी बुलाने पर भी वहान नहीं जाएंगे। 

* चुनाव कार्य से जाने वाले मंत्रियों के साथ नहीं जाएंगे। 

* जिनकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें छोड़कर सभा या अन्य राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे। 

* राजनीतिक दलों को सभा के लिए स्थान देते समय भेदभाव नहीं करेंगे। 


लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध : चुनाव की घोषणा हो जाने से परिणामों की घोषणा तक सभाओं और वाहनों में लगने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश के अनुसार उपयोग हो। 


गुरुवार, 27 सितंबर 2018

विवाह के बाद गैर से संबंध बनाना अपराध नही-सुप्रीमकोर्ट:158 साल पुराना कानून असंवैधानिक करार



* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मूल अधिकारों में महिलाओं के अधिकार भी होते हैं, लिहाजा समाज में महिलाओं के साथ गैर-बराबरी नहीं की जा सकती।*


जनसत्ता ऑनलाइन

27 सितंबर 2018.


- सीजेआई की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने आम राय से यह फैसला दिया है।-

- सुप्रीम कोर्ट ने एडल्‍ट्री से जुड़ी आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्‍त कर दिया है। सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली संविधान पीठ ने इसे मनमाना, एकपक्षीय और महिलाओं के खिलाफ करार दिया। धारा 497 158 साल पुरानी है। इसमें पति की अनुमति या मंजूरी के बिना शादीशुदा महिला से शारीरिक संबंध बनाने को अपराध करार दिया गया है। धारा 497 में मौजूद प्रावधानों के तहत इस तरह के शारीरिक संबंध को रेप के बजाय एडल्‍ट्री माना गया है। दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल कैद या जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अब इसे खारिज कर दिया है। सीजेआई की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने आम राय से यह फैसला दिया है।


संबंध खत्‍म करने का बन सकता है आधार: 

संविधान पीठ में सीजेआई दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस आर. नरीमन, जस्टिस एएम. खानविलकर, जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्‍होत्रा शामिल थीं। 

आम राय से दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने एडल्‍ट्री को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। हालांकि, पीठ ने सपष्‍ट किया कि एडल्‍ट्री संबंध खत्‍म करने का आधार बन सकता है। सीजेआई ने अपने फैसले में कहा कि पति महिला का स्‍वामी या मालिक नहीं हो सकता है। वहीं, जस्टिस चंद्रचूड़ ने स्‍पष्‍ट किया कि आईपीसी की धारा 497 महिलाओं की यौन स्‍वतंत्रता को बाधित करता है।


"समाज डालता है महिलाओं पर सदाचार का बोझ"


न्यायाधीश डी.वाई चंद्रचूड़ ने एकमत लेकिन अलग फैसले में कहा कि समाज में यौन व्यवहार को लेकर दो तरह के नियम हैं, एक महिलाओं के लिए और दूसरा पुरूषों के लिए। उन्होंने कहा कि समाज महिलाओं को सदाचार की अभिव्यक्ति के रूप में देखता है, जिससे ऑनर किलिंग जैसी चीजें होती हैं।

   

समाज नहीं तय कर सकता महिला क्‍या सोचे : सुप्रीम कोर्ट


मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "किसी भी तरह का भेदभाव संविधान के कोप को आमंत्रित करता है। एक महिला को उस तरह से सोचने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिस तरह से समाज चाहता है कि वह उस तरह से सोचे।" न्यायाधीश रोहिंटन एफ. नरीमन ने फैसला सुनाते हुए कहा।

   

"महिलाओं के साथ जानवरों जैसा बर्ताव नहीं किया जा सकता"

फैसला सुनाने वाले एक जज ने कहा कि महिलाओं के साथ जानवरों जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता। मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने कहा, "व्यभिचार अपराध नहीं हो सकता। यह निजता का मामला है। पति, पत्नी का मालिक नहीं है। महिलाओं के साथ पुरूषों के समान ही व्यवहार किया जाना चाहिए।" 


 सीजेआई ने पढ़ा फैसला, सबने जताई सहमति


न्यायमूर्ति मिश्रा ने अपनी और न्यायमूर्ति खानविलकर की ओर से फैसला पढ़ते हुए कहा, ‘‘हम विवाह के खिलाफ अपराध से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 497 और सीआरपीसी की धारा 198 को असंवैधानिक घोषित करते हैं।’’ अलग से अपना फैसला पढ़ते हुए न्यायमूर्ति नरीमन ने धारा 497 को पुरातनपंथी कानून बताते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा और न्यायमूर्ति खानविलकर के फैसले के साथ सहमति जताई।

   

महिलाओं के प्रति असमानता असंवैधानिक: सीजेआई


मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने भी आईपीसी की धारा 497 को लेकर सख्‍त टिप्‍पणी की। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं के प्रति असमानता बरतने वाला प्रावधान संविधान के अनुकूल नहीं हो सकता है। सीजेआई के अनुसार, एडल्‍ट्री से वैवाहिक जीवन क्‍लेशपूर्ण नहीं भी हो सकता है, लेकिन एडल्‍ट्री अंसतुष्‍ट दांपत्‍य जीवन का परिणाम हो सकता है।

   

'गरिमा और प्रतिष्‍ठा से वंचित करती है धारा 497'


जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ ने भी आईपीसी की धारा 497 में मौजूद प्रावधानों के प्रति असहमति जताई। उन्‍होंने कहा, 'धारा 497 महिलाओं को उनकी प्रतिष्‍ठा और गरिमा से वंचित करती है।'


   

'आश्रय के सिद्धांत पर आधारित है धारा 497'


संविधान पीठ में शामिल जस्टिस इंदु मल्‍होत्रा ने आईपीसी की धारा 497 पर बेहद तल्‍ख टिप्‍पणी की है। उन्‍होंने कहा कि एडल्‍ट्री से जुड़ी धारा 497 'आश्रय के सिद्धांत' पर आधारित है, जिसमें यह व्‍यवस्था की गई है कि शादी के बाद एक महिला अपनी पहचान और कानूनी अधिकार गंवा देती है। जस्टिस मल्‍होत्रा ने इसे मौलिक अधिकार का हनन करार दिया और कहा कि यह सिद्धांत संविधान सम्‍मत नहीं है।

   

अधिकतम पांच साल सजा का था प्रावधान


आईपीसी की धारा 497 में एडल्‍ट्री का दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस व्‍यवस्‍था को खत्‍म कर दिया है।


   

सुप्रीम कोर्ट ने अन्‍य देशों का दिया उदाहरण


सुप्रीम कोर्ट ने एडल्‍ट्री पर फैसला सुनाते हुए कई अन्‍य देशों में मौजूद कानूनी प्रावधानों का भी उदाहरण दिया। पीठ ने चीन और जापान जैसे देशों का हवाला दिया।


   

एडल्‍ट्री अब अपराध नहीं


सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ के फैसले के बाद अब एडल्‍ट्री अपराध नहीं रहा। मतलब यह कि शादी के बाद गैर से संबंध बनाने की स्थिति में अब जेल नहीं जाना पड़ेगा। बता दें कि मुख्‍य न्‍यायाधीश की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला दिया है।


   

एडल्‍ट्री पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला


एडल्‍ट्री पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 497 पर फैसला देते हुए कहा कि शादी के बाद किसी गैर से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि इस मसले पर पति या पत्‍नी में से किसी को आपत्ति है तो उनके के लिए तलाक का दरवाजा खुला हुआ है।

साभार

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बुधवार, 26 सितंबर 2018

अशोक नागपाल भी सूरतगढ से तैयार:भाजपा टिकट के दावेदार

- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ से 2003 से 2008 तक भाजपा से विधायक रहे अशोक नागपाल 10 साल शांत रहने के बाद अब 2018 के चुनाव में पुनः सूरतगढ़ से भाजपा टिकट के दावेदार हो गए हैं। समर्थकों के स्टीकर और हार्डिंग पर उनका नागपाल का चेहरा नजर आने लगा है। 

नागपाल को पहले श्रीगंगानगर और सूरतगढ में कहीं एक से चुनाव में उतारे जाने के समाचार चर्चित रहे थे। भाजपा टिकट मिलने पर सूरतगढ से सफल होना आसान लगता है। श्रीगंगानगर से भाजपा टिकट के दावेदार काफी हो गए हैं।

नागपाल ने सूरतगढ़ का चुनाव 2003 में भारी बहुमत से जीता था। लोकप्रिय कांग्रेस महिला नेता श्रीमती विजय लक्ष्मी बिश्नोई को नागपाल ने पराजित किया था। बिश्नोई संसदीय सचिव रही थी। 

सन 2008 में भाजपा का मूड देखकर नागपाल ने टिकट का दावा पेश नहीं किया। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया को भाजपा ने ताकतवर मानकर टिकट दी,मगर कासनिया को जबरदस्त पराजय मिली और तीसरे क्रम पर पहुंच गए। कांग्रेस के गंगाजल मील ने जीत प्राप्त की तथा निर्दलीय राजेंद्रसिंह भादू दूसरे क्रम पर रहे। भादू ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सन 2013 में भाजपा ने भादू को चुनाव में उतारा। भादू चुनाव जीते और विधायक बन गए। नागपाल ने 2008 और 2013 के चुनावों में पार्टी नेताओं का मूड देखा और पार्टी निर्णय को स्वीकार किया व निर्देश के अनुसार काम करते रहे। पार्टी ने जिलाध्यक्ष बनाया मगर वे कुछ नेताओं के चक्र के शिकार हो गए। पार्टी ने पद छीना और सदस्यता से भी हटा दिया। भाजपा ने पुनः सदस्य भी बना लिया लेकिन निर्देशानुसार नागपाल चुप रहे। 

फिर चर्चा हुई कि श्रीगंगानगर सूरतगढ में से किसी एक स्थान से चुनाव में उतर सकते हैं।

नागपाल से आज 26-9-2018 को गंभीरता से चर्चा हुई। नागपाल ने कहा कि पार्टी ने टिकट दिया तो चुनाव में उतरेंगे और टिकट के प्रबल दावेदार हैं।






मंगलवार, 25 सितंबर 2018

श्रीगंगानगर जिला:संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी चौकसी:विधानसभा चुनाव



* सैक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण 29 व 30 को*

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि जिले की 6 विधानसभा क्षेत्रों में 1504 मतदान केन्द्र है तथा पूरे जिले में कानून व्यवस्था अच्छी रहें, इसके लिये सैक्टर मजिस्ट्रेट को 29 व 30 सितम्बर 2018 को प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का कार्य एवं वाहन चिन्हित कर लिये जाये, जिससे आवश्यकता पड़ते ही तत्काल सैक्टर मजिस्ट्रेट को अपने-अपने क्षेत्र के लिये रवाना किये जायेगें। 

संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्र पर रहेगी विशेष चौकसी

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में संवेदनशील, अतिसंवेदनशील व क्रिटिकल मतदान केन्द्र चिन्हित कर दिये गये है तथा आयोग के निर्देशानुसार उन पर विशेष निगरानी रहेगी। जिस मतदान केन्द्र के सभी मतदाताओं के पास मतदाता परिचय पत्र हैं उन्हें एस वन की श्रेणी में रखा गया है, कही पर  100 प्रतिशत नही है उन्हें एस टू श्रेणी, जिन मतदान केन्द्रों पर 98 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है या एक ही उम्मीदवार के पक्ष में 75 प्रतिशत मत गये हो, उसे एस थ्री श्रेणी में रखा गया है तथा जिन मतदान केन्द्रों पर कोई घटना हुई हो, उन्हें एस फॉर की श्रेणी में रखा गया है। 


5 अक्टूबर तक शस्त्र जमा कराने अनिवार्य:विधानसभा चुनाव


श्रीगंगानगर25-9-2018.

जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2018 को शांतिपूर्वक सम्पन्न करवाने तथा किसी अप्रिय घटना व आम चुनाव में धन बल के दुरूपयोग को रोकने के लिये सभी शस्त्र धारकों को अपने-अपने हथियार 5 अक्टूबर 2018 तक आवश्यक रूप से जमा कराने होगें।

 जिला श्रीगंगानगर में निवासरत व्यक्तियों के जिनको शस्त्र रखने का आर्मस लाईसेंस मिला हुआ है, वे सभी अपने-अपने शस्त्र संबंधित पुलिस थाना, अधिकृत शस्त्र डीलर्स, यूनिट आरमरी में 5 अक्टूबर 2018 तक जमा करवाकर रसीद प्राप्त कर लेवे व इसकी सूचना संबंधित थाना को देवें । नियत समय में अपने शस्त्र जमा नही करवाने वाले शस्त्र धारक के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी, जिसमें उसके शस्त्र लाईसेंस के निलम्बन की कार्यवाही भी की जावेगी। किसी शस्त्र लाईसेंस धारक को हथियार जमा कराने के संबंध में कोई आपत्ति है तो वह अपनी परिवेदना संबंधित थानाधिकारी के प्रस्तुत कर सकता है। 

सोमवार, 24 सितंबर 2018

अश्लील सीडी कांड-छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल को जेल भेजा-आरोप झूठा-बघेल

रायपुर, 24 सितंबर 2018.

 छत्तीसगढ़ में मंत्री की कथित अश्लील सीडी मामले में आज सीबीआई की विशेष अदालत ने राज्य के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सीडी मामले में आरोपी बघेल ने अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अपने लिए किसी भी अधिवक्ता द्वारा पैरवी करने और जमानत की याचिका लगाए जाने से इंकार कर दिया था। बघेल ने कहा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है तथा जेल में भी वह सरकार का विरोध करेंगे। अधिवक्ता फैजल रिजवी ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि सीबीआई ने आज सुमित कपूर की अदालत में अश्लील सीडी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। इस आरोप पत्र में भूपेश बघेल, पत्रकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और दो अन्य पर आरोप लगाया गया है। रिजवी ने पत्रकार वर्मा और भाटिया की तरफ से पैरवी की है। उन्होंने बताया कि इस मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने इस मामले की जांच के दौरान इस वर्ष जून माह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रिजवी ने बताया कि सीबीआई ने बघेल, वर्मा और भाटिया को रविवार को नोटिस दिया था, जिसमें सभी को सोमवार को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि आज सुबह जब विशेष अदालत में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया तब अदालत ने इस आरोप पत्र में कुछ कमी को देखते हुए वापस कर दिया था। तब सीबीआई ने इसे दाखिल करने के लिए दोपहर बाद तीन बजे तक का समय मांगा। अधिवक्ता ने बताया कि आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 469, 471 और 120 बी तथा आई टी एक्ट की धारा 67 ए का आरोपी बनाया है। रिजवी ने बताया कि सुनवाई के दौरान बघेल ने कहा कि वह निर्दोष है तथा उन्हें फर्जी केस में फंसाया जा रहा है। बघेल ने कहा कि पिछले दिनों राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवास के दौरान उन्होंने उन्हें काला झंडा दिखाने की कोशिश की थी। इसलिए सरकार बदले की कार्रवाई करते हुए इस मामले में घसीटने की कोशिश कर रही है। अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने इस मामले में वर्मा और भाटिया को जमानत दे दी है। लेकिन इस दौरान बघेल ने कानूनी सहायता लेने और जमानत के लिए आवेदन देने से इंकार कर दिया। बाद में अदालत ने बघेल को न्यायिक हिरासत में आठ अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया। इस दौरान दो अन्य आरोपी भाजपा नेता कैलाश मुरारका और विजय पंडया अदालत में पेश नहीं हुए। इधर राज्य में कांग्रेस के विरष्ठ नेताओं इसे बदले की कार्रवाई कहा है तथा इस मामले को लेकर वह राज्यभर में आंदोलन चलाने की घोषणा की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत ने कहा है कि भाजपा की सरकार विरोधियों को दबाने के लिए सीबीआई का दुरूपयोग कर रही है। राज्य में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के कारण बघेल को इस मामले में घसीटा गया है। छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित सीडी मामला तब सामने आया जब रायपुर जिले की पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। वर्मा को रायपुर के पंडरी थाने में दर्ज प्रकाश बजाज की रिपोर्ट की तहकीकात के दौरान गिरफ्तार किया गया था। बजाज ने थाने में मामला दर्ज कराया था कि एक व्यक्ति ने उसे धमकी दी है कि उसके आका की अश्लील सीडी उसके पास है तथा उसका कहा नहीं मानने पर वह इसे सार्वजनिक कर देगा। वर्मा की गिरफतारी के बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी सार्वजनिक हो गई। मूणत ने इस मामले में यहां के सिविल लाईंस थाने में भी पत्रकार वर्मा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मूणत ने इस वीडियो को फर्जी बताया है। राज्य सरकार ने मंत्री की कथित अश्लील अश्लील सीडी मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया और बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। इस मामले में पूछताछ के दौरान इस वर्ष जून माह में आरोपी रिंकू खनूजा ने आत्महत्या कर ली थी।

(नभाटा)

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छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश मूणत के कथित अश्लील सीडी के मामले में सीबीआई की अदालत ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

दरअसल, भूपेश बघेल ने अपनी पैरवी के लिए वकील लेने से भी मना कर दिया और ज़मानत के लिए आवेदन देने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें जेल भेजा जाता है तो वह जेल में सत्याग्रह करेंगे.

इस मामले में सोमवार को ही सीबीआई ने रायपुर की विशेष अदालत में आरोप पत्र पेश किया था. इधर इस मामले में एक अन्य आरोपी वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा और कांग्रेस नेता विजय भाटिया को कोर्ट ने ज़मानत दे दी है.

जिस 'ब्लैकमेलिंग' का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने विनोद वर्मा को पिछले साल गिरफ़्तार किया था, उस ब्लैकमेलिंग के आरोप को सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में शामिल ही नहीं किया है.

पिछले साल 27 अक्तूबर की सुबह छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी एक कथित सेक्स सीडी के मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने ग़ाज़ियाबाद से गिरफ़्तार किया था.

इस मामले में भाजपा के एक पदाधिकारी प्रकाश बजाज ने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें एक फ़ोन आया जिसमें उनके 'आका' की सेक्स सीडी बनाने की बात कही गई.

प्रकाश बजाज की एफ़आईआर में विनोद वर्मा के नाम का ज़िक्र नहीं है लेकिन एक दुकान का ज़िक्र था जहां पर कथित तौर पर सीडी की नकल बनाई जा रही थी.

ये एफ़आईआर 26 अक्तूबर की दोपहर साढ़े तीन बजे के आस पास दर्ज की गई थी और इस रिपोर्ट के दर्ज होने के लगभग 11 घंटों के भीतर ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली जा कर कथित दुकानदार, फ़ोन करने वाले की जानकारी, तमाम फुटेज एकत्र कर लिये और फिर वहां से गाज़ियाबाद पहुंचकर विनोद वर्मा को गिरफ़्तार कर लिया था.

इस मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई से इस मामले की जांच करवाने की घोषणा की थी. सीबीआई ने राज्य के मंत्री राजेश मूणत की रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.

भूपेश बघेल और विनोद वर्मा के खिलाफ अश्लील सीडी बांटने के अलावा कथित रुप से फिरौती मांगने का आरोप है. राजेश मूणत ने भी 27 अक्टूबर 2017 को ये रिपोर्ट लिखवाई थी.

इस मामले में 60 दिनों के भीतर सीबीआई विनोद वर्मा के मामले में चालान पेश नहीं कर पाई थी. इसके बाद पिछले साल 28 दिसंबर को विनोद वर्मा को ज़मानत दे दी गई थी.


प्रत्याशी 28 लाख रू. तक खर्च कर सकेंगे:विधानसभा चुनाव:खास खबर




श्रीगंगानगर, 24 सितम्बर। जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2018 निष्पक्ष, स्वतंत्र व पारदर्शी माहौल में हो, इसके लिये सभी को अक्षरशः चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों की पालना सभी राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों को करनी होगी। 
    जिला निर्वाचन अधिकारी सोमवार को कलैक्ट्रेट सभा हॉल में राजनैतिक दलों को आदर्श आचार संहिता, निर्वाचन व्यय तथा एमसीएमसी एंड पेड न्यूज के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता की पालना बहुत जरूरी है। विधानसभा में एक उम्मीदवार अधिकतम 28 लाख रूपये तक की राशि खर्च कर सकता है। उम्मीदवार को अपना नया बैंक खाता खुलवाना होगा तथा राशि का भुगतान बैंक खाते से किया जाये। प्राप्त राशि का भुगतान बैंक खाते में जमा होगी। सीधे ही लेनदेन नही होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में टेंट, माईक, वाहन, कुर्सियां इत्यादि की दरें निर्धारित कर दी जायेगी। उम्मीदवारों के खर्चें पर निगरानी रखने के लिये कई प्रकोष्ठ कार्य करेगें तथा खर्चें का शैडों रजिस्टर संधारित होगा। आदर्श आचार संहिता में किसी भी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आरोप, प्रत्यारोप नही लगाये जा सकते। धार्मिक संस्थाओं का उपयोग नही होगा। जनसभा व रैली के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। चुनाव के दौरान किसी प्रकार की नगद राशि, साड़िया, मदिरा, लंगर, मतदाताओं के लिये वाहन या उन्हें पीओएल उपलब्ध करवाना असवैंधानिक माना जायेगा। 
जिला कलक्टर ने बताया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्यक्रम चल रहा है तथा 27 सितम्बर 2018 तक मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा। ईवीएम व वीवीपैट का प्रचार किया जा रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रा में दो-दो प्रचार रथ भिजवाये गये है। जिले में 1504 मतदान केन्द्र है, जिनका भौतिक सत्यापन कर दिया गया है। स्वीप कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग 3 लाख से ज्यादा नागरिकों को जानकारी दी जा चुकी है। चुनाव आयोग द्वारा ऐप विकसित किये गये है। जिनका उपयोग चुनाव के दौरान किया जा सकता है। प्रचार सामग्री में प्रिन्टर व प्रकाशन का नाम अवश्य होना चाहिए। सेरोगेट विज्ञापन संबंधित उम्मीदवार द्वारा असहमति जताने पर कार्यवाही की जायेगी। किसी नागरिक के घर के बाहर बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर नही लगाये जा सकते। सार्वजनिक स्थलों पर अनुमति लेकर ही प्रचार सामग्री लगाई जा सकती है। 
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विज्ञापन अधिप्रमाणन एवं पेड न्यूज कमेटी का गठन कर दिया गया है। किसी भी चैनल रेडियों एफएम पर प्रचार के लिये सामग्री 2 सीडी व डीवीडी में प्रस्तुत करनी होगी। प्रसारण से तीन दिन पूर्व प्रस्तुत करनी होगी। एमसीएमसी प्रकोष्ठ द्वारा सामग्री का अवलोकन करने के पश्चात प्रसारण की स्वीकृति दी जायेगी। किसी भी समाचार पत्र में किसी उम्मीदवार विशेष के पक्ष में लिखी गई खबर को पेड न्यूज माना जायेगा। इसके पश्चात संबंधित आरओ द्वारा नोटिस जारी किया जायेगा, जिसका 48 घंटे में जवाब देना होगा। एमसीएमसी के निर्णय से अगर कोई उम्मीदवार संतुष्ट नही है तो वह आगामी 48 घंटे में निर्वाचन आयोग में अपील कर सकते है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर व उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नखतदान बारहठ, जिला आबकारी अधिकारी श्री अमरनाथ अग्रवाल, प्रशिक्षक श्री अशोक कुमार शर्मा, श्री नवनीत कुमार, श्री इन्द्रजीत सिंह, श्री मदनलाल सोनी, मुख्य आयोजना अधिकारी श्री कालीचरण, सीपीआई के श्री रावताराम, भाजपा के श्री आसुतोष गुप्ता, आईएनसी के श्री भीमराज डाबी, सीपीआई के श्री इन्द्रजीत, बसपा की श्रीमती वीना इंदौरा ने भाग लिया।


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रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की गोलियां मार हत्या:राजनीति में तूफान की आशंका




रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की सोमवार 24-9-2018 को
दिनदहाड़े उपखंड कार्यालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है.जानकारी के अनुसार वारदात दोपहर करीब 12 बजे रावतसर उपखंड अधिकारी के कार्यालय परिसर में हुई. रावतसर पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण का पति हरवीर सहारण किसी काम से उपंखड कार्यालय आया हुआ था। करीब 12 बजे अचानक एक व्यक्ति ने हरवीर पर अंधाधुध फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलहान होकर वहीं गिर पड़ा. वारदात के तत्काल बाद हमलावर वहां से भाग गया। लोगों ने हरवीर को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।
हनुमानगढ़ के राजकीय अस्पताल में घायल हरवीर को ले जाया गया जहां ईलाज के बीच मौत हो गई।
 जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप भी वहां मौजूद थे. वे वहां किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए थे। हरवीर की हालात को देखकर डॉ. रामप्रताप ने भी चिकित्सकों के साथ मिलकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया।


डॉ. रामप्रताप ने खुद हरवीर को सीपीआर दी. लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण हरवीर ने दम तोड़ दिया। ह
हरवीर पर भी हत्या के दो मामले दर्ज हैं और वह हाल ही में जमानत पर छूट कर आया था।

+ पूर्व का एक समाचार 15 मई

18 साल बाद हत्या के मामले में नगर पालिका चेयरमैन के पति हरवीर सहारण गिरफ्तार

जयपुर। एसओजी राजस्थान ने 18 साल पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में अब गिरफ्तारी की है। यह मामला हाल ही एसओजी के पास आया था। एसओजी ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण पालिका अध्यक्ष के पति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया । यह मामला स्थानीय रावतसर  पुलिस और सीआईडी सीबी तक गया, लेकिन तीन बार एफआर लगाने के बाद इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस एवं एसओजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि नौ अप्रेल, 2003 को नोरा देवी जाट निवासी परबतसर के परिवाद पर थाना रावतसर में एक प्रकरण इस आशय का दर्ज हुआ था कि मेरा पुत्र प्रेम कुमार आयु 30 वर्ष दिनांक 09.11.2001 से गायब है। जिसकी मैंने 18.11.2001 को थाना रावतसर में गुमशुदगी दर्ज करायी थी तथा प्रेम कुमार को गायब करवाने का शक हरवीर सहारण पर जताया था लेकिन हरवीर सहारण राजनीतिक पहुंच का व्यक्ति होने से मेरी रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी। अब हमारे घर पर गुमनाम पत्र आ रहे हैं कि मेरे पुत्र की हत्या हरवीर सहारण व उसके साथियों ने की है। हत्या कर शव को जला दिया है। उक्त रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर स्थानीय पुलिस द्वारा अनुसंधान किया गया। अनुसंधान से मामला अदम सबूत का माना जाकर सन 2003 में ही एफआर अदम सबूत में दे दी गयी थी।

- लूट के अभियुक्त ने कहा, हत्या करके शव जला दिया
2016 में लूट एवं डकैती के मामले में थाना सरदार शहर में गिरफ्तार अभियुक्त वजीर खां ने पूछताछ में इस मामले का खुलासा कर हरवीर सहारण, पप्पूराम मेघवाल, भीम बेनीवाली, रणजीत मेघवाल, मांगेस तारण के साथ मिलकर प्रेमकुमार की हत्या कर शव जलाना स्वीकार किया था। जिस पर पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ के आदेश से मामले को रि-ओपन कर अनुसंधान एसएचओ रावतसर द्वारा शुरू किया गया। इसके पश्चात मामले का अनुसंधान एसएचओ सरदारशहर ओमप्रकाश गोदारा, पुलिस निरीक्षक द्वारा किया जाकर मामले में अभियुक्त वजीर खां को गिरफ्तार किया गया तथा हरवीर सहारण व अन्य व्यक्तियों को अभियुक्त माना गया। अनुसंधान के दौरान ही हरवीर सहारण के पिता रामजस के परिवाद पर महानिरीक्षक बीकानेर रेंज, बीकानेर के आदेश पर अग्रिम अनुसंधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ निर्मला विश्नोई एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसिंहनगर भरतराज के द्वारा किया गया। जिसमें अनुसंधान से मामला पुन: अदम सबूत का मानते हुये प्रकरण में एफआर अदम सबूत एवं गिरफ्तारशुदा अभियुक्त वजीर खां के लिये 169 सीआरपीसी के तहत अनुशंषा की गयी।
 तत्पश्चात मुख्यमंत्री कार्यालय के निदेर्शानुसार उक्त प्रकरण की पत्रावली अग्रिम अनुसंधान हेतु एसओजी को प्राप्त हुयी। जिस पर प्रकरण का गहन अनुसंधान आईजी एसओजी दिनेश एम एन के निकट सुपरविजन में करन शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसओजी के नेतृत्व में चिरंजीलाल मीना, उप अधीक्षक पुलिस के द्वारा शुरू किया गया। गहन अनुसंधान के पश्चात वारदात के मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण निवासी वार्ड नंबर 13, रावतसर, जिला हनुमानगढ हाल पार्षद वार्ड नंबर 13 एवं पालिका अध्यक्ष पति नगरपालिका रावतसर को गिरफ्तार किया गया है।

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निलम्बन आदेश ने बढ़ा दी नीलम की और ताकत – पुन: कार्यभार ग्रहण करने से पहले किया शक्ति प्रदर्शन

 July 19, 2018 

हनुमानगढ़ जिले में सत्तारूढ़ भाजपा के कतिपय नेताओं का रावतसर नगरपालिका की अध्यक्ष नीलम सहारण पर कथित भ्रष्टाचार-पद के दुरुपयोग के आरोप लगवाकर निलम्बित करवा देेने का दांव उल्टा पड़ गया है। जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा निलम्बन आदेश स्थगित कर दिये जाने के बाद बुधवार को नीलम सहारण ने जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष का कार्यभार फिर से ग्रहण कर लिया। अपने सैकड़ों-हजारों समर्थकों के साथ नीलम सहारण जुलूस के रूप में पालिका कार्यालय में पहुंचीं, जहां उन्होंने फिर से कार्यभार सम्भाला। उनके जुलूस में कांग्रेस-भाजपा के भी अनेक चेहरे दिखाई दिये। इस शक्ति प्रदर्शन से अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नोहर विधानसभा हलके के समीकरण बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बता दें कि नीलम सहारण को पिछले सप्ताह स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप में निलम्बित कर दिया था। इसके अगले ही दिन उनकी जगह राधा शर्मा को कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बना दिया गया। अपने निलम्बन के विरुद्ध नीलम सहारण ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई के बाद कल मंगलवार को स्थगन आदेश जारी कर दिया गया। जैसे ही यह आदेश जारी होने की सूचना रावतसर में आई, नीलम सहारण के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। उस समय कार्यालय में मौजूद राधा शर्मा तुरंत ही अपने घर लौट गईं। राधा शर्मा को अढ़ाई दिन भी इस कुर्सी पर बैठना नसीब नहीें हुआ। नीलम सहारण ने पुन: कार्यभार सम्भालने के इस मौके को जाने नहीं दिया। उन्होंने आज इसे अपने शक्ति प्रदर्शन में तब्दील कर दिया। इस शक्ति प्रदर्शन में उनके विरोधियों के हौसले पस्त कर दिये हैं। राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा चल निकली है कि भाजपा के इन कतिपय नेताओं को नीलम सहारण को निलम्बित करवाने का पंगा लेना ही नहीं चाहिए था। निलम्बन के इस मामले ने नीलम सहारण को न केवल राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का मौका मिल गया, बल्कि लोगों में उनके प्रति सहानुभूति पहले से भी ‘यादा हो गई है। बता दें कि नीलम सहारण के पति हरवीर सहारण को लगभग दो माह पूर्व एसओजी ने 17-18 वर्ष पुराने एक हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया था। दो-तीन जने और भी पकड़े गये थे। इसके बाद एक और पुराने हत्याकांड का भी खुलासा हुआ। तब से हरवीर सहारण न्यायिक हिरासत में हैं। पिछले कुछ समय से हरवीर सहारण नोहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे थे। उनकी यह सक्रियता भाजपा के कतिपय नेताओं की आंख की किरकरी बन गया। समझा जाता है कि इसी किरकिरी को मिटाने के लिए 17-18 वर्ष पुराने हत्याकांड की फाइल को फिर से बाहर निकलवाया गया, जबकि अनेक अधिकारी इस मामले की जांच के बाद एफआर लगा चुके थे। माना जा रहा है कि अगर हरवीर सहारण की चुनाव से पहले जमानत नहीं हो पाई, तो नोहर विधानसभा क्षेत्र से नीलम सहारण ताल ठोक सकती हैं। इसी गर्ज से आज उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का और क्षेत्र में पकड़ मजबूत होने का प्रदर्शन किया। नीलम सहारण इससे पहले भी एक बार पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं, जब नेाहर से मौजूदा विधायक अभिषेक मटोरिया पहली बार विधायक चुने गये थे। उस समय मटोरिया ने पालिकाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ा था। विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने पालिकाध्यक्ष का पद त्याग दिया था। शेष रहती डेढ़ वर्ष की अवधि के दौरान नीलम सहारण पालिकाध्यक्ष रही थीं। अब उनकी निगाहें विधानसभा चुनाव पर हैं।
नई कुर्सी पर विराजित
लगभग तीन वर्ष से पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण बुधवार दोपहर को दोबारा कार्यभार ग्रहण करने नगरपालिका कार्यालय में गईं, तो उन्हेांने अपनी पुरानी कुर्सी का त्याग कर दिया। उनके कार्यालय मेें आने से पहले ही कुर्सी को बदला जा चुका था। उनके कार्यालय में नई कुर्सी रखी गईं। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हुईं। इन चर्चाओं में कहा गया कि शायद पहले वाली कुर्सी को अशुभ मानते हुए हटाया गया है। दूसरी चर्चा यह है कि इस कुर्सी पर अढ़ाई दिन के लिए कोई और बैठा था, इसलिए नीलम को इस कुर्सी पर बैठना गवारा नहीं हुआ। दूसरी ओर कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बनी राधा शर्मा के साथ तो और भी ‘यादा खांटी हो गई। उन्हें लगा था कि कोई कुर्सी से हटा नहीं पायेगा। उन्होंने अपने नाम की दो नेम प्लेटें बनवाईं। एक नेम प्लेट उनके कार्यालय पर और दूसरी उनके निवास पर लगाई गई। पालिका कार्यालय से उनकी नेम प्लेट हटा दी गई। अलबत्ता अब उनके घर की नेम प्लेट पर पूर्व पालिकाध्यक्ष अंकित हो गया। नीलम सहारण ने कार्यभार सम्भालने के बाद सफाई कर्मियों की नियुक्ति में धांधली होने के आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे हुए वाल्मीकि समाज के लोगों के पास जाकर बातचीत की। उन्हें आश्वस्त किया कि इसकी पूरी जांच की जायेगी, लेकिन उन्होंने धरना नहीं हटाया। इस बीच एक और घटनाक्रम भी हुआ। अधिशाषी अधिकारी ने कल मंगलवार सुबह पालिका के सात संविदाकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया था, लेकिन दोपहर को जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश जारी किये जाने का पता चलने पर इन सभी कर्मियों को वापिस कार्य पर ले लिया गया।

रविवार, 23 सितंबर 2018

अनूपगढ-भटिंडा गाड़ी प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए-हनुमानगढ़ में वाशिंग लाईन का निर्माण हो-सांसद निहालचंद





श्रीगंगानगर, 23 सितम्बर 2018.
पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं सांस

द श्री निहालचंद ने कहा कि इलाके में भविष्य के लिये ज्यादा से ज्यादा रेल सेवाओं के लिये जरूरी है कि हनुमानगढ़ में भी नई वाशिंग लाईन का निर्माण हो।
श्री निहालचंद शनिवार को बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बीकानेर रेल मंडल क्षेत्र के सांसदों, उतर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री टी.पी.सिंह के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक में सांसद के साथ मौजुद रहे जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य श्री भीम शर्मा ने बताया कि सांसद ने हनुमानगढ़ क्षेत्र पर रेलों के विकास के मामले में ध्यान केन्द्रित करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन परिसर में वाशिंग लाईन निर्माण के लिये पर्याप्त भूमि है। रेल प्रशासन इसके लिये प्रस्ताव बनाकर भेजे। इसके निर्माण की वित्तीय स्वीकृति वे केन्द्र सरकार से दिलवा देगें। इसी संदर्भ में उन्होंने महाप्रबंधक को बताया कि प्रस्तावित श्रीगंगानगर-सीकर नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन होने में काफी विलम्ब हो रहा है। इसके लिये मंडल काफी समय पूर्व प्रस्ताव भेज चुका है। इसमें कहां क्या समस्या आ रही है, इसे दूर किया जाये। अगर केन्द्र से संबंधित कोई समस्या है तो बताएं। जनता को इस गाड़ी की बहुत जरूरत है। 
उन्होंने बठिण्डा-दिल्ली गाड़ी संख्या 14519/14520 किसान एक्सप्रेस गाड़ी को बठिण्डा के बाद वायां मंडी डब्बावाली, संगरिया, हनुमानगढ़, सादुलशहर, श्रीगंगानगर तक विस्तारित करने की बात दोहराते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। 
इसी मौके पर श्रीगंगानगर से वाया सादुलशहर-हनुमानगढ़ हुजुर साहिब नांदेड के लिये गाड़ी शुरू करने की मांग रखी। 
सांसद ने गाड़ी संख्या 19225/19226 जम्मूतवी-बठिण्डा एक्सप्रेस को एक अतिरिक्त रैक की सहायता से बठिण्डा के बाद वाया मंडी डब्बावाली, संगरिया, हनुमानगढ़, सादुलशहर, श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, सूरतगढ़, बीकानेर तक विस्तारित करने की बात कही। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22981/22982 कोटा-श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट को श्रीगंगानगर के बाद वाया अबोहर फाजिल्का तक विस्तारित करने की बात कहते हुए कहा कि इस गाड़ी के सुबह 10 बजे से सायं 5.40 बजे तक श्रीगंगानगर स्टेशन पर खड़े रहने के कारण स्थानीय रेल प्रशासन को परेशानी हो रही है। श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ने से अब वर्तमान में प्लेटफार्म कम पड़ने लगे है। 
इसी प्रकार दिल्ली तिलकब्रिज-सादुलपुर पैसेन्जर ट्रेन संख्या 54011/54012 को एक अतिरिक्त रैक की सहायता से वायां हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर तक विस्तारित करने की मांग करते हुए कहा कि इस गाड़ी के श्रीगंगानगर आने से इलाके के लोगों को दिल्ली तक पैसेन्जर ट्रेन के किराये में एक अच्छी ट्रेन में सफर करने का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा प्रस्तावित बठिण्डा-अनूपगढ़ पैसेन्जर ट्रेन शुरू करने, सूरतगढ़-अनूपगढ रेल मार्ग पर वर्षों से बंद पड़े केशवनगर हॉल्ट को शुरू करने के अलावा श्रीगंगानगर-नांदेड गाड़ी का केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर व जैतसर स्टेशनों पर ठहराव की मांग के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। महाप्रबंधक की मौजुदगी में रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कुछ बिन्दुओं को लेकर प्रस्ताव भेजे जा चुके है व कुछ पर सकारात्मक दृष्टि से विचार किया जायेगा। 
बैठक में केन्द्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री अर्जुन राम मेघवाल, चुरू सांसद श्री राहुल कस्वां, भिवानी महेन्द्रगढ़ सांसद श्री धर्मवीर व सिरसा सांसद श्री चरणजीत सिंह रोड़ी ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से रेल अधिकारियों को अवगत करवाय। 
रेल अधिकारियो को दी बधाई
बैठक के प्रारम्भ में सांसद श्री निहालचंद ने सफाई के मामले में श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन को कचरा मुक्त नामित होने पर बधाई दी। इसके अलावा गोगामेड़ी मेले में रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिये की गई शानदार व्यवस्था की प्रशंसा की तथा गाड़ी संख्या 04774 का पृथ्वीराजपुरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिये जाने पर रेल अधिकारियों का आभार जताया।
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शनिवार, 22 सितंबर 2018

आम आदमी पार्टी नेता राजू जाट गिरफ्तार:थानाधिकारी की हत्या की कोशिश का मुकदमा:

सूरतगढ़ 22-9-2018.

आज सूरतगढ़ पुलिस ने राजू जाट को गिरफ्तार किया।आरोप है कि राजू जाट और बाघ अली ने ने 6 सितंबर को उपखंड कार्यालय पर कब्जे के कार्यक्रम में गेट पर थाना अधिकारी निकेत कुमार की हत्या का प्रयास व पुलिस पर हमला किया।

यह मुकदमा थाना अधिकारी निकेत कुमार की ओर से दर्ज करवाया गया। बाघ अली पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है व न्यायिक हिरासत में जेल में है।


राजू जाट की गिरफ्तारी का समाचार सोशल मीडिया पर सूरतगढ़ आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सुमित भटेजा की ओर से दिया गया।

इस सूचना के साथ आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को एक संदेश भी था कि हमें शासन-प्रशासन की व्यवस्था को बदलना है। पुलिस ने  6 सितंबर की घटना पर अन्य पार्टी अन्य पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की और मुकदमा भी नहीं बनाया गया उस पर आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता विचार नहीं रखेगा,यह हमारा काम नहीं है। बल्कि सरकार की जनविरोधी नीतियों को बदलने की चेष्टा करेंगे।

विदित रहे कि 6 सितंबर के मुकदमे में पुलिस ने 28 व्यक्ति  नामजद किये।कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने उत्तेजित भाषण दिए लेकिन उनको नामजद नहीं किया न आगे अन्य में भी शामिल कर गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सत्यप्रकाश सिहाग को भी मुकदमें में गिरफ्तार किया जो 2018 का सूरतगढ सीट से चुनाव लड़ने के लिए घोषित हैं। सूरतगढ संघर्ष समिति और पूर्व में गिरफ्तार जमानत पर छूटे नेता व कार्यकर्ता पत्रकारवार्ता में मुकदमें को झूठा बता चुके हैं। आम आदमी पार्टी की पत्रकार वार्ता में भी मुकदमे को फर्जी बताया जा चुका है कि केवल इसी पार्टी नेताओं को टारगेट बनाया गया।










कर्मचारियों की हड़ताल पर क्या मायने रखते हैं सीएम की गौरव यात्रा और अमितशाह का बूथ सम्मेलन।




राजस्थान  की वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकाल रही हैं, तब राजधानी जयपुर की सड़कों पर सरकार के कर्मचारियों का डेरा जमा हुआ था। सीएम राजे विधानसभा क्षेत्रों के गली कूचों में घूम घूम कर अपनी पांच वर्ष की उपलब्धियों पर इतरा रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि सरकार का काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
 21 सितम्बर को पांचवें दिन रोडवेज की बसें नहीं चली तथा विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रदेश भर में बिजली सप्लाई ठप होने के कगार पर है। गत 19 सितम्बर से ही पंचायतीराज के कर्मचारी हड़ताल पर है तो मंत्रालयिक कर्मचारी भी 20 सितम्बर से जयपुर में महापड़ाव कर रहे हैं। राजस्थान में नवम्बर में विधानसभा के चुनाव होने हैं और प्रदेश के हालात बद से बदत्तर हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। चारों तरफ अराजकता का माहौल है। कई स्थानों पर तो साम्प्रदायिक तनाव भी हो गए है। चूंकि राजनीतिक इच्छा शक्ति बेहद कमजोर है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी भी खामोश हैं। कोई भी अधिकारी मन से कार्य नहीं कर रहा है। यह माना कि कर्मचारियों की हड़ताल के पीछे राजनीतिक नजरिया भी होगा, लेकिन सवाल उठता है कि कर्मचारियों के हर वर्ग में नाराजगी क्यों हैं? क्या कोई भी वर्ग सरकार से खुश नहीं है? यदि ऐसा है तो किस बात के लिए गौरव यात्रा निकाली जा रही है।  कर्मचारियों की हड़ताल से आम व्यक्ति बहुत परेशान है। अकेले रोडवेज की हड़ताल  से रोजाना 10 लाख यात्री सफर नहीं कर पा रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि अभी तक किसी भी कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के स्तर पर कोई वार्ता नहीं हुई है। सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री को अपने ही कर्मचारियों से बात करने पर गुरेज क्यों हैं?
पिछले राज्यकर्मचारियों के एक संगठन ने सीएमआर में वसुंधरा राजे का शानदार अभिनंदन किया था, तो क्या वसुंधरा राजे सिर्फ मिजाजपुर्सी करने वालों से ही मुलाकात करती हैं?

शाह का बूथ प्रबंधनः

नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह सितम्बर माह में अब तक चार दिन राजस्थान में गुजार चुके हैं। अपने प्रवास में शाह ने बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता से संवाद किया है। सवाल यह भी है कि आखिर अमित शाह अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा क्यों नहीं करते? जब भाजपा शासित प्रदेश में अराजकता का माहौल है तो फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूक दर्शक क्यों बने बैठे हैं? क्या इन हालातों को संभालने की जिम्मेदारी संगठन की नहीं हैं? अमितशाह जब भी किसी भाजपा शासित प्रदेश में जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री के साथ होते हैं। ऐसा यूपी, एमपी, गुजरात आदि में देखा जा सकता है, लेकिन हाल में अमितशाह ने जब पाली, जोधपुर और नागौर का दौरान किया तो किसी भी स्थान पर सीएम राजे नहीं थीं। बहाना कुछ भी हो सकता है।
एस.पी.मित्तल) (21-09-18)











गुरुवार, 20 सितंबर 2018

दिल्ली बैठक: निहालचंद ने रेलों के विस्तार की मांग की



श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में श्रीगंगानगर हनुमानगढ जिलों तक ट्रेनों के विस्तार की मांग की। 

1. गाड़ी संख्या 14519/14520 बठिंडा- दिल्ली किसान एक्स का हनुमानगढ़, सादुलशहर के रास्ते श्री गंगानगर तक विस्तार हो।

2. गाड़ी संख्या 19225/19226 जम्मूतवी-बठिंडा एक्स का अतिरिक्त रैक लगाकर वाया श्री गंगानगर, सूरतगढ़ बीकानेर तक विस्तार हो।

3.गाड़ी संख्या 54011/54012 तिलक ब्रिज- सादुलपुर पैसेंजर ट्रेन का अतिरिक्त रैक की सहायता से श्री गंगानगर तक विस्तारित हो।

4.गाड़ी संख्या 12455/12456 सराय रोहिल्ला-श्री गंगानगर-बीकानेर का दिल्ली के उपनगरीय स्टेशन शकूर बस्ती में आधिकारिक ठहराव दिया जाए।

 बैठक में ज़ेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा भी मौजूद रहे।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में यात्रियों के हितों के लिए चुने हुए जन प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श किया।

      लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों ने बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे के साथ अम्बाला मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दिनेश चंद शर्मा, फिरोजपुर मंडल के मंडल प्रबंधक श्री विवेक कुमार, उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय तथा अम्बाला एवं फिरोजपुर मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे ।

      महाप्रबंधक ने सांसदों का स्वागत किया और उन्हें अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर उत्तर रेलवे द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों और कार्यों से अवगत कराया। दोनों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों ने अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर यात्रा सुविधाओं, सेवाओं और अवसंरचनात्मक ढॉंचे से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की ।

सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाये। सांसदों ने उत्तर रेलवे से अनुरोध किया कि ढांचागत सुविधाओं और यात्रा सहूलियतों से जुड़ी परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाये। उन्होंने परियोजनाओं के समय पर पूरा होने के लिए राज्य प्रशासन के साथ किए जाने वाले आवश्यक समन्वय, यदि जरूरी हो तो, के लिए सहायता की पेशकश की।

श्री विश्वेश चौबे ने सांसदों को आश्वस्त किया कि उत्तर रेलवे सांसदों द्वारा उठाये गए मुद्दों और जन शिकायतों का शीघ्र समाधान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर रेलवे यात्रियों और रेल उपयोगकर्ताओं की सेवा में सदैव प्रतिबद्ध है। 

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दिल्ली में रेल से संबंधित बैठक: निहालचंद ने सामान चोरी का मुद्दा उठाया

श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने कहा कि रेल यात्रा के दौरान अगर यात्रियों का  सामान चोरी होने का सिलसिला नही थमा तो ट्रैन में कौन सफर करेगा। 

श्री निहालचन्द गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में बोल रहे थे। 

उन्होंने रेल अधिकारियों को चेताया कि सराय रोहिल्ला से गंगानगर जाते समय बठिंडा क्षेत्र के आसपास सुबह के समय यात्रियों का सामान अक्सर गायब होता हैं। यह गहरी नींद का समय होता है। सांसद ने आक्रोशित स्वर में कहा कि श्री श्रीगंगानगर व अन्य जीआरपी थानों में इस प्रकार के मामले दर्ज हैं। रेलवे ने अनेक मामलों में उपभोक्ता मंच न्यायालयों में यात्रियों की ओर से दायर वाद में मुआवज़ा भी दिया है।


बुधवार, 19 सितंबर 2018

रेलगाड़ियों के सामने पशुओं के आने से समयपालन को नुकसान


*वर्ष 2018 में अगस्त माह तक 607 घटनाओं के कारण 905 ट्रेनें हुई प्रभावित* 


- रेलवे जागरूकता अभियान चलायेगा तथा पशु मालिकों के खिलाफ  कार्यवाही भी करेगा -


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2018.

रेल संचालन में गाड़ियों की संरक्षा और समयपालनता  रेलवे की प्राथमिकता है। यात्री संरक्षित तथा समयानुसार यात्रा करें इसके लिये रेलवे सदैव अपने प्रयास करता है, लेकिन कई बार इस प्रकार की घटनाऐं हो जाती है, जिसके कारण ट्रेनें देरी से संचालित होती है साथ ही उनकी संरक्षा भी प्रभावित होती है। इन्हीं कारणों में से एक है, पटरी पर गाड़ियों के सामने जानवरों का आना। इस कारण से गाड़ियों की गति कम करनी पड़ती है और उनको रोकना भी पड़ता है, जिसके कारण गाड़ियॉ विलम्ब से चलती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 


    उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में इस वर्ष अगस्त माह तक जानवरों के ट्रेनों के सामने आने की 607 घटनायें दर्ज की गई है, जिसके कारण 905 ट्रेनें प्रभावित हुई है।

 जयपुर मण्डल पर 250, अजमेर मण्डल पर 120, बीकानेर मण्डल पर 95 तथा जोधपुर मण्डल पर 142 घटनाऐं दर्ज की गई है।

 जानवरों के पटरी पर ट्रेन से टकराने से संरक्षा भी प्रभावित होती है। विगत तीन वर्षों में जानवरों के टकराने से 2 ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाऐं भी हुई है। इसके अतिरिक्त जानवरों के टकराने से रेल इंजन को भी नुकसान पहुॅचता है। 

    राजस्थान क्षेत्र में पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक संख्या में पशु चारा चरने के लिये इधर-उधर जाते रहते हैं और वो चरते-चरते पटरी पर आ जाते हैं।

 ट्रेन की चपेट में आकर पशु अपनी जान गंवा देते है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिये पशु-पालकों को उन्हें पटरी और उसके आस-पास नहीं लाना/छोड़ना चाहिये। उपरोक्त घटनाओं को ध्यान रखते हुए रेल प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं पर कार्यवाही करने जा रहा है। रेलवे ट्रेक पर जानवरों को खुला छोड़ने से होने वाली दुर्घटना से बचने के लिये रेल प्रशासन उन क्षेत्रों की पहचान कर जहॉ इस प्रकार की घटनाएं अधिक होती है, वहॉ जागरूकता अभियान चलाया जायेगा तथा पशु पालकों को पहले समझाया जायेगा।  उसके पश्चात भी इस तरह की घटनाएं होने पर जानवरों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगा जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। 

    रेलवे द्वारा समयपालनता के लिये प्रयास किये जाते है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं इसको प्रभावित करती है इसके पश्चात् भी उत्तर पश्चिम रेलवे इस वर्ष अगस्त माह तक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 86 प्रतिशत समयपालना को प्राप्त कर भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान पर है। 




मंगलवार, 18 सितंबर 2018

एनएसयूआई के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर हमला:सूरतगढ़ मेंं मुकदमा

सूरतगढ़ 18 सितंबर2018.

 राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर शाम को अचानक हमला हुआ जिसमें गंभीर चोटें आई है। पूनिया के पैरों व नाक पर चोटें लगी हैं।

वे सूरतगढ़ में प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में पुलिस के विरोध में प्रदर्शन में भाग लेने के बाद शाम को अपनी कार से हनुमानगढ़ के लिए रवाना हुए तब कार रुकवा कर उन पर हमला किया गया।

 सूरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा नंबर 457 भादंसं की धाराओं 341 323 147 148 और 149 में दर्ज करके जांच सहायक थानेदार हरपाल सिंह को सौंपी है।

इस मुकदमे में पूनिया के बयान के आधार पर विनोद बिश्नोई नितिन मोटियार रामू झूरिया उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

अभिमन्यु पूनिया निवासी वार्ड नंबर 29 हनुमानगढ़ को यहां घायल अवस्था में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनके बयान लिए गए। अभिमन्यु पूनिया के बयान में बताया गया है कि एनएसयूआई की ओर से एक प्रदर्शन हुआ जिसमें प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में भाग लेकर वे संजीव भादू अपनी कार Maruti गेराज से हनुमानगढ़ जा रहे थे। साथ में सुभाष लोहरा भी था। वुड डेकोर दुकान के पास पहुंचे तो एक Bolero की सफेद  हमारी कार के आगे रुकी।एक व्यक्ति कार से नीचे उतरा हाथ मिलाकर पूछा शक्ति भाटी को जानते हो तब अभिमन्यु पूनिया ने हां कहा। 

उसी समय अन्य 8 व्यक्ति उतर कर आए जिनके हाथ में सरिया तलवार बंदूकें थी जो मारपीट करने लगे। हाथ व शरीर में चोट लगी। बीच बचाव कर के छुड़ाया गया। 

पुलिस ने इस बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। उनको हनुमानगढ ले जाकर एक प्राइवेट हास्पीटल में भर्ती कराया गया है। कांग्रेस के नेता वहां हालचाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं।



छात्रनेता रामूछींपा को मुकदमे से बाहर करो या बड़े नेताओं को गिरफ्तार करो

करणी प्रेस इंडिया -

 सूरतगढ़ 18 सितंबर 2018.

 थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक पर जानलेवा हमला व पुलिस दल पर पर दल पर पर हमला करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में से रामू छींपा छात्र नेता को बाहर करने की मांग को लेकर कॉलेजिएट छात्रों ने ने उपखंड अधिकारी कार्यालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और सरकार के नाम एक ज्ञापन दिया।

 छात्र नारे लगाते हुए उपखंड कार्यालय पर पहुंचे थे। उपखंड कार्यालय पर काफी देर तक नारेबाजी हुई।

 थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक द्वारा 6 सितंबर को दर्ज कराए गए मुकदमे में से रामू छिंपा को को छिंपा को को बाहर करने की मांग की जा रही थी। छात्रों का आरोप था कि रामू छिंपा को फंसाया गया है वहीं बड़े नेताओं को उकसाने वाले भाषण देने के बावजूद पुलिस ने नामजद करने के बजाय मुकदमे से बाहर रख दिया। 

छात्रों का आरोप था कि रामू छिंपा को पुलिस मुकदमे में फंसा रही है तो बड़े नेताओं को भी मुकदमे में शामिल करें जिन्होंने 6 सितंबर की आम सभा में भाषणों में उत्तेजक शब्दों का इस्तेमाल किया था। आम सभा के बाद में ही उपखंड कार्यालय के आगे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लाठी-भाटा जंग हुई जिसमें सीआई के सिर में चोट लगी और CI ने उसके बाद उसके बाद बाद खुद की हत्या की कोशिश का और पुलिस पर हमला करने का वह सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।(करणी प्रेस इंडिया)

 पुलिस ने इस मुकदमे में 28 लोगों के नाम लिखे बाकी बिना नाम के रखे हैं। कुछ लोग गिरफ्तार किए गए जिनको पुलिस स्टेशन में भयानक अमानवीय यातनाएं देने के आरोप प्रेस कान्फ्रेंस में लगाए गये। 

आज 18 सितंबर के प्रदर्शन में छात्रों ने ने स्पष्ट रूप से 7 दिन की चेतावनी दी है। अगर छात्र नेता रामू छिंपा को मुकदमे से बाहर नहीं किया गया तो 25 सितंबर को जिला मुख्यालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया जाएगा। छात्रों की भीड़ पुलिस पर सीधे आरोप लगा रही थी कि बड़े नेताओं में मील,वर्मा और गेदर को व अन्य को जानते हुए भी बाहर रखा।

ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के टिकटार्थी युवा नेता अमित कड़वासरा और गगनदीपसिंह विडिंग भी शामिल थे। इस प्रदर्शन मेंं एन एस यू आई के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने भी भाग लिया।


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श्रीगंगानगर जिला:20 सितम्बर को भामाशाह डिजिटल शिविर लगेंगे:


श्रीगंगानगर, 18 सितम्बर। भामाशाह डिजीटल परिवार योजना के तहत लगाये जा रहे शिविरों में 20 सितम्बर क


अनूपगढ पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर 11/12 एनडी में आयोजित होगा। शिविर 3 एनडी में, जिसमें ग्राम पंचायत 3एनडी, 4 एलएम सम्मिलित है। 


     सूरतगढ़ पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर भैरूपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत भैरूपुरा, जानकीदासवाला सम्मिलित है। शिविर गोपालसर में, जिसमें ग्राम पंचायत गोपालसर, गोविन्दसर शामिल है। 


    सादुलशहर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर चकमहाराजका में, जिसमें ग्राम पंचायत चकमहाराजका, भागसर सम्मिलित है। शिविर नुरपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत नुरपुरा, करडवाला शामिल है। 


रायसिंहनगर पंचायत समिति में शिविर शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर कंवरपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत कंवरपुरा, लुहारा सम्मिलित है। शिविर संगराना में, जिसमें ग्राम पंचायत संगराना, लखाहाकम शामिल है। 


श्रीगंगानगर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर कोनी में, जिसमें ग्राम पंचायत कोनी, मदेरा, रोहिडावाली, मोहनपुरा सम्मिलित है। शिविर साधुवाली में आयोजित होगा। 


पदमपुर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर सांवतसर में, जिसमें ग्राम पंचायत सांवतसर, 11 ईईए सम्मिलित है। शिविर तामकोट में, जिसमें ग्राम पंचायत तामकोट, 3 आरबीए शामिल है। 


श्रीबिजयनगर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर 10 एएस में आयोजित होगा। शिविर 42 जीबी में, जिसमें ग्राम पंचायत 42 जीबी, 41 जीबी शामिल है। 


श्रीकरणपुर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। 

 नगरपालिका केसरीसिंहपुर में, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलित है। शिविर 48 जीजी में, जिसमें ग्राम पंचायत 48 जीजी, 52 जीजी शामिल है। शिविर कमीनपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत कमीनपुरा, फुसेवाला शामिल है। 


घड़साना पंचायत समिति में शिविर 3 केडी में आयोजित होगा। शिविर 5 पीएसडी में आयोजित होगा। 

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रविवार, 16 सितंबर 2018

पुलिस और आंदोलनकारी संयम रखें क्योंकि निर्णय अदालत में होगा:सूरतगढ सखी मोहम्मद प्रकरण




* करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ।

सखी मोहम्मद की पुलिस कस्टडी में पिटाई मामले में दोषियों को निलंबित करने की मांग को लेकर  उपखंड कार्यालय पर  सभा और  उपखंड अधिकारी के कार्यालय का घेराव किए जाने के समय  पुलिस  और आंदोलनकारियों के  बीच हुई  लाठी-भाटा जंग में  नया मुकदमा  जुड़ गया


 पुलिस थानाधिकारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में  50 व्यक्ति  आरोपित हो गए  जिसमें 28  नामजद हो गए। पहले  सफी मोहम्मद  की  अवैध  रूप से हिरासत और पिटाई  के मामले में  आईपीएस  प्रशिक्षु अधिकारी  मृदुल कछावा और सब इंस्पेक्टर  कलावती को निलंबित  करने की मांग थी। अब  नया मुकदमा  होने के बाद आंदोलनकारियों की तरफ से सूरतगढ़  सिटी थाने के  CI  निकेत कुमार पारीक  और  पुलिसकर्मियों पर  आरोप  लगाए गए हैं। 

इस मामले में अभी कुछ भी  नहीं कहा जा सकता  की  कौन दोषी है और कितना दोषी है और कौन निर्दोष है?  लेकिन  इस बढ़ती हुई  आग को  शांत कैसे किया जाए? फिलहाल  इसकी  जरूरत  अधिक है। सूरतगढ़ में ऐसा कोई  मास लीडर नहीं है  और  श्री गंगानगर जिले में  ऐसा कोई पुलिस अधिकारी नजर नहीं आ रहा  जो मिल बैठकर  एक बार  शांति  कायम करवाए और  दोनों प्रकरणों को  कानून के  हवाले करके अदालत का जो भी निर्णय हो  उसकी प्रतीक्षा करें।  ऐसा  किस तरह से  संभव हो पाएगा  यह भी  दोनों और की गर्मा गर्मी में  संभव नहीं है।

उपखंड अधिकारी के कार्यालय के आगे 6:00 सितंबर को हुई घटना के बाद पुलिस ने तत्काल उत्तेजित अवस्था में जो कुछ किया उसे छोड़ दिया जाए, लेकिन जो लोग पकड़े गए उनको थाने में बुरी तरह से मारने-पीटने यातनाएं देने का जांच का तरीका अनुचित बताते हुए 15 सितंबर को सूरतगढ़ संघर्ष समिति की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से हाईलाइन के संपादक सूरतगढ़ प्रेस क्लब के  पूर्व अध्यक्ष हरि मोहन सारस्वत ने 20- 25 मिनट में इस आंदोलन और पुलिस कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

हरिमोहन सारस्वत सारस्वत को पुलिस ने मुकदमे में षड्यंत्रकारी बताते हुए आरोपित कर रखा है। हरिमोहन सारस्वत व अन्य 8 जने 14 सितंबर को जमानत पर छूटे और 15 सितंबर को प्रेस कांफ्रेस की। हरिमोहन सारस्वत ने कांफ्रेंस शुरू करते हुए कहा कि 6 सितंबर को उपखंड कार्यालय के आगे जो कुछ हुआ वह जनता की और आंदोलनकारियों की गलती से नहीं हुआ। आंदोलनकारी पिछले 40 - 45 दिन से सखी मोहम्मद मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। न्याय की मांग करना गलत नहीं था। न्याय नहीं मिलने के कारण न्याय मांगने के लिए वहां पर एकत्रित हुए। हरिमोहन ने कहा कि थाना अधिकारी निकेत कुमार की हत्या का प्रयास का और पुलिस पर हमला करने का षड्यंत्र रचने का मुकदमा बनाया गया है जो खुद कह रहा है कि सच्चाई यह नहीं है। सारस्वत ने कहा कि वहां पर जो आंदोलनकारी एकत्रित हुए उनका इरादा थाना अधिकारी की हत्या करने की कोशिश का नहीं था बल्कि झगड़ा करने का भी नहीं था। वे केवल न्याय की मांग के लिए गए थे कि उनकी आवाज को उपखंड अधिकारी सुन लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। हरिमोहन ने कहा कि पुलिस के द्वारा बनाया गया मुकदमा पूर्ण रुप से असत्य है और अदालत में यह मुकदमा और धाराएं चल नहीं पाएंगे। हरिमोहन ने कहा कि वेखुद जब गिरफ्तारी के बाद जेल में गए  तब पूर्व में बंद आंदोलनकारियों ने पुलिस द्वारा दी गई यातनाओं के बारे में बताया।

मुद्गल बंधुओं राजेंद्र और उमेश ने कहा कि हर व्यक्ति को थाने में यातना दी गई। नंगा करके पट्टों से पिटाई की गई, जांघों पर खड़े होकर पुलिसकर्मियों ने जूतों से जांघों को रौंदा और गाली गलौज से अपमानित किया।उसके बाद उन्होंने गिरफ्तार व्यक्तियों को जो जमानत पर छूटे उनको कॉन्फ्रेंस के मंच पर बुलाकर पत्रकारों के समक्ष बयान करवाए पत्रकारों ने यह बयान सुने और फोटोग्राफ्स भी लिए। वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

 हरिमोहन ने कहा कि हम नौ  व्यक्ति जो जेल से बाहर आए हैं  न्याय मांग रहे हैं न्यायनहीं मिला तो नौ ग्रहों के रूप में पुलिस के विरुद्ध प्रशासन के विरुद्ध खड़े होंगे और आंदोलन को जारी रखेंगे।


 हरिमोहन के शुरुआत के बाद सखी मोहम्मद ने भी अपनी बात रखी कि उसके साथ कितना अत्याचार किया गया। 

राजेंद्र मुद्गल तो सूरतगढ़ संघर्ष समिति का सचिव है। 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में में सूरतगढ़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम कुमार मोदी जी उपस्थित थे जिन्होंने कहा कि इस आंदोलन को जारी रखा जाएगा और इसमें विभिन्न लोगों से राय ली जाएगी। कानूनी लोगों से राय ली जाएगी और कानूनी तरीके से भी लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद एक घोषणा हुई कि 18 सितंबर को व्यापार मंडल एक बैठक आयोजित कर नये  सिरे से विचार किया जाएगा कि इस आंदोलन को किस तरह से चलाया जाए। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकार मौजूद थे जिन्होंने इस कांफ्रेंस को को रिकॉर्ड किया। 

इस पर आने वाला समय अपनी टिप्पणी करेगा कि पुलिस ने जो मुकदमा 6 सितंबर को दर्ज किया। थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक ने दर्ज करवाया उसमें कितनी सच्चाई है ? यह सब अदालत में निर्णय हो सकेंगे इसमें कितने लोग दोषी हैं नहीं हैं।

 पुलिस ने जो मुकदमा बनाया है वह बहुत सख्त है चाहे तथ्य किसी भी प्रकार के हैं। पत्रकार संगठनों सूरतगढ़ हनुमानगढ़ कुछ अन्य संगठनों ने हरिमोहन सारस्वत को इसमें झूठा फंसाने का कहते हुए मांग की है कि उन्हें मुकदमे से बाहर किया जाए।

 पुलिस ने इस मुकदमे में हरिमोहन को मुख्य षड्यंत्रकारी बनाते हुए आरोपित किया है  और सूरतगढ़ पुलिस ही इस मुकदमे की जांच कर रही है। ऐसी स्थिति में हरिमोहन सारस्वत को सूरतगढ़ पुलिस मुकदमे से बाहर कैसे और क्यों करेगी? जो पत्रकार और संगठन यह मांग कर कर रहे है वह चलती जांच में पूरी नहीं हो सकती। 

सबसे बड़ा सवाल है जो मुकदमा दर्ज कराए वही थाना जांच करे। आंदोलनकारियों की ओर से यह मांग हो सकती है और न्याय के अनुरूप है कि सूरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और वही इसकी जांच कर रही है जो नैसर्गिक न्याय के विपरीत है। यह जांच सूरतगढ़ के बाहर दी जाए और विशेषकर श्री गंगानगर जिले से बाहर दी जाए ताकि इस पर सूरतगढ व जिला पुलिस को अधिकार नहीं रहै।

सूरतगढ़ में फिलहाल पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जो वातावरण उत्तेजित चल रहा है उसे समझदारी से रोका जाना चाहिए। नई गिरफ्तारियां  में जब तक अनुसंधान अन्यत्र स्थानांतरित नहीं हो तब तक सूरतगढ़ के सीआई और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भी संयम बरतना चाहिए क्योंकि अंतिम निर्णय अदालत करेगी और वह निर्णय सभी पक्षों को मान्य भी होगा।


 

 







शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

सूरतगढ संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम मोदी सहित 9 जनों की जमानत हुई


सूरतगढ़ 14 सितंबर 2018.

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने आज  समिति के अध्यक्ष श्याम कुमार मोदी,संघर्ष समिति के सचिव राजेंद्र मुद्गल उसके भाई उमेश मुद्गल, लियाकत अली, सत्य प्रकाश, हरिमोहन सारस्वत, अब्दुल गफ्फार, अनिल,सुनाम अली की जमानत अर्जियां स्वीकार कर ली।

 ये सभी पुलिस CI निकेत कुमार पारीक पर वह पुलिस पर पर हमला करने के मुकदमे में सूरतगढ़ उप कारागृह में बंद थे।

सूरतगढ़ में शखी मोहम्मद के ऊपर पुलिस अत्याचार के विरोध में संघर्ष चल रहा था। 6 सितंबर को आम सभा के बाद उपखंड कार्यालय पर कब्जा करने के लिए भीड़ आगे बढ़ी तब किसी के पत्थर या लाठी मारने से थाना अधिकारी निकेतकुमार पारीक के सिर में चोट आई और उसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ा। तत्काल कुछ गिरफ्तारियां और बाद में भी कुछ गिरफ्तारियां हुई।

पत्रकार हाईलाइन के संपादक हरिमोहन सारस्वत पर भी आरोप था और उन्हें कल 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। आज एसीजेएम अदालत में पेश करने पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। उनकी भी  जमानत की अर्जी लगाई गई थी जो स्वीकार हो गई।

 अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बाघ अली की जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया। बाघ अलीऔर एक अन्य पर आरोप है कि उनके वार से थाना अधिकारी निकेतकुमार के चोट लगी थी।


गुरुवार, 13 सितंबर 2018

हाईलाइन संपादक हरिमोहन सारस्वत गिरफ्तार: थानाधिकारी पर हमला व बलवा प्रकरण


सूरतगढ 13-9-2018.

पुलिस ने सिटी थाने की सीमा के पास में आज शाम को पत्रकार हरिमोहन सारस्वत को गिरफ्तार कर लिया। पत्रकार संगठन और कुछ और ने मुकदमें में हरिमोहन को फंसाने का आरोप लगाया मगर पुलिस ने हरिमोहन पर गंभीर आरोप लगाए और मुकदमेंं में प्रमुख आरोपी बताया हुआ है। हरिमोहन ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए 12-9-2018 को अग्रिम जमानत की अर्जी एडीजे कोर्ट में लगवाई मगर वह स्वीकार नहीं की गई।राजस्थान उच्च न्यायालय मेंं अग्रिम जमानत का आवेदन किये जाने का वकील ने बताया था,मगर यह नहीं हो पाया।पुलिस ने हरिमोहन को गिरफ्तार करने के लिए कोशिशें कर रखी थी। हरिमोहन की गिरफ्तारी होने से अब संभावना की जा रही है कि पुलिस सख्त है और अन्य प्रमुख भाषण देने वाले भी पकड़े जा सकते हैं। हरिमोहन की गिरफ्तारी के बाद नेताओं मेंं हलचल मची है।

सूरतगढ़ उपखंड कार्यालय के आगे 6-9-2018 को  थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक पर जानलेवा हमला करने,पुलिस बल पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने षड़यंत्र करने के आरोप में 28 लोगों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं  307 332 353 336 109 153 147 149 120 बी के तहत  मुकदमा नंबर 434 दर्ज करके जांच लक्ष्मण सिंह सहायक सब इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी।

 यह मुकदमा थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक की ओर से दर्ज करवाया गया था।

इसमें निकेत कुमार ने  राजू जाट और बाघ अली पर जान से मारने के लिए थानाधिकारी( खुद) पर हमला करने का आरोप लगाया था।

लिखा गया है कि सखी मोहम्मद,बाघ अली, राजू जाट और हरिमोहन सारस्वत ने षड्यंत्र रचा पुलिस बल पर हमला करने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का जिसके तहत पुलिस बल पर हमला हुआ और निकेतकुमार पारीक पर जानलेवा हमला हुआ।

इन लोगों ने भड़काऊ भाषणों में कहा जनता जो चाहती है वह करती है सत्ता जनता जो चाहे होती है। यह कहते हुए भीड़ को साथ लेकर उपखंड कार्यालय में घुसने का प्रयत्न किया।



बुधवार, 12 सितंबर 2018

सडक़ निर्माण व मरम्मत वास्ते तुरंत कार्रवाई करना मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिचायक


- भाजपा नेता शिव स्वामी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार 


श्रीगंगानगर 12-9-2018.

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा गंगानगर प्रवास के दौरान शहर की सडक़ों के निर्माण और मरमत के लिए 60 करोड़ रुपए से अधिक राशि स्वीकृत करने पर भाजपा नेता शिव स्वामी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। 

श्री स्वामी ने बताया कि गौरव यात्रा के तहत गंगानगर आगमन पर एक युवक द्वारा सडक़ निर्माण-मरम्मत नहीं होने की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रभाव से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न केवल स्थानीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया बल्कि स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचन्द कृपलानी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों को रात में ही उक्त समस्या की जानकारी लेने के लिए कहा। इसका परिणाम यह रहा कि रात में मंत्री सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सडक़ों व सफाई व्यवस्था संबंधी जानकारी जुटाकर सुबह मुख्यमंत्री को उपलब्ध करवा दी। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्यवाही करते हुए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राशि सडक़ निर्माण-मरमत के लिए स्वीकृत कर दी।

 इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा मार्च में सडक़ निर्माण-मरमत के लिए 22.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। इसके अतिरिक्त 17 करोड़ रुपए सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी सडक़ों के निर्माण के लिए दिए गए हैं। 

श्री स्वामी ने बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा और सचिव पवन गोयल को भी गंगानगर बुलाकर यहां की समस्याओं बारे जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। इसकी अनुपालना में दोनों अधिकारियों ने दो दिनों तक गंगानगर में रहकर नगर परिषद अध्यक्ष, नगर विकास न्यास अध्यक्ष और पार्षदों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी जुटाई। इन सबसे चर्चा के बाद ही जरुरी टूटी-फूटी सडक़ों के निर्माण के प्रस्ताव जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार को भिजवाए गए हैं। श्री स्वामी ने कहा कि संवेदनशील मुख्यमंत्री के तौर पर श्रीमती वसुंधरा राजे ने न सिर्फ गंगानगर के लोगों की पीड़ा को समझा बल्कि इसके समाधान के लिए त्वरित कार्यवाही भी की। मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर को सडक़ों के निर्माण संबंधी जानकारी से प्रति सप्ताह अवगत करवाने के लिए निर्देशित करते हुए कहा है कि दो महीने में उक्त कार्य पूर्ण कर लिए जायें ताकि आमजन को दीपोत्सव पर परेशानियों का सामना न करना पड़े।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है और जिला कलक्टर से इस संबंध में भी प्रति सप्ताह प्रगति रिपोर्ट तलब की है। श्री स्वामी ने इसे मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिचायक बताते हुए कहा कि इस बारे जानकारी होने के बावजूद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कोई कार्यवाही नहीं की जबकि मुख्यमंत्री ने अवगत होने के साथ ही इस संबंध में उचित कार्यवाही करते हुए आमजन को राहत दी।


हाईलाईन के संपादक हरिमोहन सारस्वत की अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर


सूरतगढ 12 सितंबर 2018.

उपखंड कार्यालय के आगे पुलिस पर पत्थर और सीआई निकेतकुमार पारीक की हत्या की कोशिश करने के आरोप में दर्ज मुकदमें में आरोपी पत्रकार हरिमोहन सारस्वत की अग्रिम जमानत की अर्जी अपर सेशन न्यायालय में अस्वीकार करदी गई।

एडवोकेट विष्णु शर्मा ने हरिमोहन सारस्वत और लियाकत अली की अग्रिम जमानत की अर्जियां अपर सेशन न्यायालय में पेश की थी। एडवोकेट ने कहा कि अब राजस्थान उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई जाएगी। पुलिस की ओर से मुकदमा थानाधिकारी निकेतकुमार पारीक खुद ने दर्ज करवाया था। हरिमोहन सारस्वत को मुख्य आरोपियों में शामिल दिखाया। मुकदमें में 26 नामजद और 50-60 अन्य व्यक्ति लिखे गए।

आरोपी श्रीमती राधा की जमानत हो गई। राधा की जमानत की पैरवी एडवोकेट विष्णु शर्मा ने की थी।।

पत्रकार संगठनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन सारस्वत को गलत शामिल किया गया है इसलिए केस से बाहर किया जाए।





आमजन सरकारी योजनाओं से जुड़कर हुनर का लाभ लेंवे- दानाराम लुना

                                            


सपने साकार करने में स्किल इण्डिया होगी वरदान- दानाराम लुना 


* हुनर सीखकर बन सकते हो कामयाब़*


अनूपगढ़ 12 सितम्बर, 2018.

सरकारी नौकरीया सीमित हैं तथा दूसरे विकल्पों के प्रति युवाओं को जानकारी नहीं होने के कारण बहुत से युवा पढ़ लिखकर भी बेकार हैं इस स्थिति में 18 से 35 वर्ष तक युवाओं के लिए भारत सरकार की स्किल इण्डिया योजना में अपार संभावनाएं हैं। राजस्थान कौशल एवं आजिविका निगम तथा आरसेटी से जिला एवं कई मुख्यालयों पर तीस तरह के रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क चल रहे हैं। इन केन्दो पर प्रशिक्षण लेकर बेरोजगार युवा अपनी पसन्द के क्षेत्र में कामयाब हो सकते हैं। ये बात आज भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की फील्ड आउटरीच ब्यूरो, जोधपुर द्वारा जिला प्रषासन, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, कृषि विस्तार विभाग, विधुत विभाग, के सहयोग से आयोजित ’’ साफ नीयत-सही विकास’’ जागरूकता मुख्य कार्यक्रम को सम्बोधित करते उप-प्रधान मनदीप कौर ने कही।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यपालक मजिस्टेट एवं तहसीलदार अनूपगढ़ दानाराम लूना ने करते हुए बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने कई जन-कल्याणकारी योजनाए आमजन के लिए संचालित कि गयी हैं जरूरत हैं आमजन सरकारी योजनाओं से जुडकर उसका पुरा-पुरा फायदा लेवें। साथ ही ऐसे युवा जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष की हैं तथा बेरोजगार हैं वो स्किल इण्डिया कार्यक्रम के तहत -राजस्थान कौशल एवं आजीवीका विकास निगम एवं आरसेटी द्वारा कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम -बेैकिग, लेखांकन, रिटेल, ब्युटी कल्चर, भवन निर्माण, टेड में एक से तीन माह तक प्रशिक्षण देकर युवाओं को संबंधित कंपनी अथवा फर्म में tkWac के आॅफर भी दिए जाते हैं।


कार्यक्रम के विषिष्ठ अतिथि स्थानीय ग्राम पंचायत 21 SJM (खोखरावाली) के संरपच बलजिन्द्र सिह ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं- प्रधानमंत्री जन-धन योजना, बेटी बचाओं बेटी पढाओं, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योती बीमा योजना,  स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंण्डिया एवं स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री कृषि विस्तार, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति विधुतिकरण योजना इत्यादि के बारे में सक्षिप्त जानकरी प्रदान कर आज की युवा पीढी को जानकारी उपलब्ध करवाई।


कार्यक्रम के दौरान राजकीय आदर्ष उच्च माध्यमिक विधालय, 21 SJM (खोखरावाली)के कार्यवाहक प्रधानाचार्य कृष्ण लाल ने सम्बोधित करते हुए बताया कि बेटिया अनमाले हैं जिन्हे जमाने के साथ आगे बढने की जरूरत है । बेटियो को इस योजना से जोडने की जरूरत बताते हुए सुकन्या योजना के बारे में सक्षिप्त जानकारी प्रदान की ।


कार्यक्रम का संचालन फील्ड आउटरीच ब्यरूो, जोधपुर के इकाई प्रमुख के0 आर0 सोनी ने करते हएु बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने आमजन के लिए -स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योती बीमा योजना,  स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंण्डिया एवं स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री कृषि विस्तार, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति विधुतिकरण योजना इत्यादि   जनकल्याणकारी योजनाऐं संचालित की जरूरत से आमजन सरकारी योजनाओं से जुड़


-- फील्ड आउटरीच ब्यूरो, (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) भारत सरकार, जोधपुर (राज.)



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