मंगलवार, 5 जून 2018

जाग उठा है हिन्दू***हिन्दू भाई भाई*** के गीत,बोल,भाषण समारोहों तक ही सीमित


हिन्दू जागा हुआ होता,

हिन्दू जाग चुका होता,

तो संघ को यह गीतों में कहलाना नहीं पड़ता। संघ के गठन से लेकर अभी तक हिन्दू को जगाने और एक होने का आह्वान किया जा रहा है।

हम समारोह देख कर प्रभावित हो जाते हैं और सच पर चुप रहना बेहतर समझते हैं।

हिन्दुओं को कुचलने,

प्रताड़ित करने,भेदभाव करने,का काम हिन्दू मुख्यमंत्रियों वाली सरकारें ही करती हैं।

आपातकाल में अत्याचारों का विरोध करने वालों में हिन्दू ही थे।कोई एक हजार के पीछे एक दो अन्य हो सकते हैं।

आपातकाल को काला अध्याय माना जाता है। कुरबानियों का बखान शब्दों से खूब किया जाता है।

लेकिन जो बरताव किया जाता है उसके "आपातकाल सीआरपीसी बंदी' उदाहरण हैं।

वसुंधराराजे सरकार कुचलने में सबसे बढ कर है मगर राजनीति के कारण सब चुप हैं। मुंह पर ताला लगाए हाथ बांधे सिर झुकाए खड़े हैं। 

सरकार के जाने का डर लगता है और उसकी मनमानी हरकतों पर कोई अंकुश नहीं।

लेकिन अब आज से ही गणना करें केवल 6 महीने की ही सरकार बची है।

अभी भी ललकार और चुनौतियां अपने ही लोगों को।

क्या किया है हिन्दूओं के लिए और हिंदू एकता के लिए।

5-6-2018.

करणीदानसिंह राजपूत,

सूरतगढ।


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