Saturday, December 2, 2017

सूरतगढ़ के गौरव पथ के घटिया निर्माण का शर्मनाक सच









 - करणी दान सिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ के गौरव पथ के निर्माण से पहले और निर्माण शुरू होने के बाद भी विवाद गर्म हैं। निर्माण घटिया होने के आरोप और तथ्य भी हैं।

 निर्माण कार्य पर निगरानी के लिए कोई भी इंजीनियर और सुपरवाइजर नहीं है। लोगों की सूचनाओं पर भी कोई इंजीनियर  उपस्थित नहीं होता। 

करोड़ों रुपए के सरकारी गौरव पथ के नाले का निर्माण घटिया हुआ है जो भविष्य में दुकानों के लिए खतरा बना रहेगा। 

नाले का पलस्तर महत्वपूर्ण होता है जो अनेक स्थानों पर केवल दो सूत के लगभग यानी 1 सेंटीमीटर तक ही लगाया हुआ है। 

नाले के घटिया निर्माण पलस्तर के कारण कुछ दुकानों की नींवों में पानी भी चला गया। हंगामा भी हुआ लेकिन रोकने के लिए सुधारने के लिए मौके पर कोई अधिकारी नहीं आया।

पुराने मोटर मार्केट के पास जहां नत्थू स्वामी की दुकान की नींव में नाले का पानी भर रहा है। वहां पर नाले के पलस्तर की मोटाई नापी जानी चाहिए।

मिश्रा काम्लेक्स के सामने नाले के पलस्तर की मोटाई नापी जानी चाहिए।

इंजीनियर बताएं कि पलस्तर की मोटाई कितनी निर्धारित है।

अच्छा तो यही है कि दुकानदार अपनी कीमती दुकानों को बचाने की कवायद अभी करलें। नाले और दुकान की नींव के बीच में प्लास्टिक लगवाकर भर्ती करवाएं ताकि रिसाव होने पर पानी किसी भी हालत में दुकान की नींव तक ना जा पाए।

आश्चर्य है कि इतने घटिया निर्माण की खबरें छपने व चैनल पर प्रसारित होने के बावजूद नाले के पलस्तर की मोटाई की जांच नहीं हुई।

 वैसे तो गौरव पथ नाम का ही गौरव पथ रहेगा।OBC बैंक से रेलवे क्रासिंग हनुमानगढ़ तक सीमेंट-कांक्रीट की सीसी रोड कुछ साल पहले ही बनाई गई थी। उसी पर यह निर्माण करवाया जा रहा है।यानि की सड़क पर सड़क का निर्माण। यह जन-धन का खुला दुरूपयोग है।

आवाज उठाई जाए तो निश्चित रूप से सार्वजनिक निर्माण विभाग के  एईएन, एक्सईएन को मौके पर मौजूद रहना पड़ेगा। ये हर महीने लाखों रुपए वेतन उठाते हैं व अपने कार्यालय के कमरे से बाहर नहीं आ रहे। इसका मतलब क्या निकाला जाना चाहिए खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार पर यह कोई अंदरूनी समझौता है।

सड़क पर सड़क बनाने से पूर्व में जो सीसी रोड बनी है उससे इसकी चौड़ाई कम है।स्पष्ट मौके पर देखा जा सकता है। 

गौरव पथ का एक संशय यह भी है कि पश्चिम दिशा में नाला कहां बनेगा? क्या दुकानों के आगे चौकियों के रूप में किया गया अतिक्रमण हटाया जाएगा या

कायम रहेगा? इसके बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता?

सूरतगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक समाजवादी चिंतक दिलात्मप्रकाश जैन ने गौरव पथ की गुणवत्ता पर पूछताछ शुरू करदी है।

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