रविवार, 11 सितंबर 2016

मोहन भागवत जी हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने से कानून रोकता है:


आर.एस.एस.के कहने पर आपातकाल में जेलों में गए लोग परेशान हैं और अब अधिक बच्चे पैदा किए तो उनका क्या होगा?
 
- करणीदानसिंह राजपूत -
आरएसएस के कहने व गुप्त निर्देशों पर आपातकाल में हजारों लोग अपने घर बार व्यवसाय आदि की परवाह किए बिना तत्कालीन कांग्रेस सरकार के अत्याचारों के विरोध में उतरे और जेलों में बंद कर दिए गए। आरएसएस के निर्देश पर सब हुआ। तत्कालीन राजस्थान सरकार ने सैंकड़ों को मीसा व डीआआईआर में जेलों में डाल दिया व सैंकड़ों को शांतिभंग करने में जेलों में ठूंस दिया। दोनों ही प्रकार के बंदी जेलों में सड़े और दोनों ही प्रकार के बंदियों के घरबार बरबाद हुए।
लेकिन अब राजस्थान सरकार पेंशन केवल उन बंदियों व पत्नी को देरही है जो मीसा व डीआईआर में बंदी रहे थे। सवाल यह है कि जो लोग शांति भंग में बंद किए गए थे क्या उनके घरबार व्यवसाय बरबाद नहीं हुए? उनके घरबार व्यवसाय चौपट हो गए थे लेकिन आपकी राजस्थान सरकार उनको देश भक्त नहीं मान रही। सब कुछ लुटा कर भी वे लोग देशभक्ति की परिभाषा से वंचित रखे जा रहे हैं। यह मामली बात नहीं है कि एक घर से दो भाई पकड़े गए। मीसा वाला पेंशन का हकदार और शांतिभंग में पकड़ा गया पेंशन का हकदार नहीं। वह देश भक्त कहे जाने से ही वंचित रह गया।
आपातकाल में आपकी जगह कोई अन्य था लेकिन देश भर में कार्यकर्ताओं ने संदेश फैलाया जिसका पालन हुआ और आज जो भाजपा का वर्चस्व बढ़ा है राज है उसमें कहीं न कहीं उनकी कुर्बानियां भी हैं जिनको भुलाया जा रहा है। सरकारों के अनेक मद्दों में करोड़ों के खर्चे होते हैं लेकिन आपातकाल के शांतिभंग वालों को पेशन देने में राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार सबकुछ जानते हुए भी इनकार कर रही है। पहले प्रावधान के लिए रिपोर्ट मांगी  वह पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पास 1 साल से पड़ी है जिसमें पेंंशन दिए जाने की अनुशंसा की हुई है। मुख्यमंत्री उसे क्यों दाबे रखना चाहती हैं?
अब बताएं उस समय आरएसएस के दिशा निर्देशों पर चलने वाले परेशान हो रहे हैं और एक मुख्यमंत्री को कोई कहने वाला नहीं है।
अब आप कह रहे हैं कि हिन्दुओं को अधिक बच्चे पैदा करने से कौनसा कानून रोकता है? आपकी प्रेरणा से जो लोग भी कदम उठाऐंगे उनका क्या हाल होगा?
वर्तमान में कानून दो बच्चों से अधिक संतान होने पर नौकरी से रोकता है,पदोन्नति से रोकता है और चुनाव लडऩे से भी रोकता है। पहले इन कानूनों को खत्म कराया जाना जरूरी है अन्यथा जैसे आरएसएस के दिशा निर्देश पर चले आपातकाल स्वतंत्रता संनानी परेशानियां भोग रहे हैं ठीक उसी प्रकार अधिक संतान पैदा करने वाले परेशान होंगे।
वसुंधरा राजे को पेशन देने का निर्देश देकर ही देखलें व्यवहार का मालूम पड़ जाएगा।
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