Tuesday, November 24, 2015

नगरपालिका की जमीन का सौदा हरचंदसिंह सिद्धु की शिकायत:जाँच का आदेशकिया


राजस्थान सरकार से बड़ी भूमाफिया की सरकार
सूरतगढ़ में नगरपालिका की जमीन का सौदा:60 लाख का प्लॉट बेचा:पालिका को ठेंगा:
नगरपालिका की मिली भगती से प्लॉट बार बार इकरारनामों पर नगद लेनदेन पर बेचा जाता रहा:
पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु की दस्तावेजी शिकायत:
-विशेष रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत - शिकायत के महत्वपूर्ण अंश-
सूरतगढ़।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 के दोनों ओर की बेशकीमती जमीन है तथा छोटे से छोटा भूखंड करोडों रूपए का है। भूमाफिया भूखंडों पर अतिक्रमण कर आगे से आगे मलबे के नाम से बेचान कर मालामाल होते रहे मगर पालिका प्रशाशन की अनदेखी और मिली भगत के कारण पालिका की आर्थिक हालत खराब ही रही तथा राजस्थान सरकार के अन्य विभागों को भी राजस्व की चपत लगाई जाती रही। पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु वरिष्ठ वकील ने भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध अभियान छेड़ रखा है जिसके तहत 19 नवम्बर 2015 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय पर एक शिकायत की गई। 
 ब्यूरो के महानिदेशक ने इस पर ब्यूरो की प्रक्रिया के तहत पी इ यानि प्राथमिक जाँच का आदेश किया।
सूरतगढ़ में राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 पर हनुमान खेजड़ी मंदिर की सड़क के किनारे पर कोने का एक करीब 5 करोड़ रूपए कीमत का भूखंड है। उक्त भूखंड की बिक्री भूमाफिया बेधड़क करते रहे और नगरपालिका में शिकायत करने के बावजूद पालिका ने माफिया कब्जा हटा कर अपने कब्जे में नहीं लिया व शिकायत की सूचना अधिकार में नकलें मांगने पर नहीं दी। विचारणीय यह है कि भूखंडों का लेनदेन सूरतगढ़ के बाहर के निवासी भी करते रहे।
1.दस्तावेजी घटनाक्रम दिनांक 8-5-1992. कीमत 50 हजार।
जुगलकिशोर पुत्र मुंशीराम चलाना निवासी अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर ने उक्त भूखंड साईज 70 गुणा 70 पर अतिक्रमण किया। इस भूखंड के चिपते दक्षिण दिशा में श्यामलाल खंडेलवाल का भूखंड है। जुगलकिशोर ने उक्त भूखंड मलबा नाम से हरबंशलाल सोनी पुत्र लालचंद सोनी निवासी सूरतगढ़ को 50 हजार रूपयों में बेचा। खरीद नगदी लेनदेन पर हुई। मनोहरलाल पुत्र बालमुकंद अरोड़ा और केवल कृष्ण पुत्र वधावा राम जाति अरोड़ा इसके गवाह बने। नोटेरी एडवोकेट एस.के.परनामी ने दिनांक 8-5-1992 को यह लेन देन तस्दीक किया।
2.दस्तावेजी घटनाक्रम दिनांक 9-5-2012. कीमत 20 लाख।
हरबंशलाल सोनी पुत्र लालचंद सोनी निवासी वार्ड नं 10 नया सूरतगढ़ ने भूखंड मलबे नाम से राजेश स्वामी पुत्र बेगदास स्वामी वार्ड 16/8 नया सूरतगढ़ को 20 लाख रूपए नगदी में बेच दिया। इसमें लिखाया गया खरीदशुदा मलबे में से 50 गुणा 55 फुट जिसमें कच्चा कमरा कच्ची दीवार जीर्णशीर्ण अवस्था में निर्मित है। मलबा काठ किवाड़ सहित बीस लाख में बेचा है। इसमें दलजीतसिंह पुत्र मुखत्यारसिंह कम्बोज सिख निवासी श्रीबिजयनगर गवाह बना। उक्त स्टाम्प हरबंशलाल ने सूरतगढ़ में 9-5-2012 को खरीदा गया। लेनदेन फोटो स्टेट को नोटेरी एडवोकेट रामनारायण बिश्रोई जिला हनुमानगढ़ ने दिनांक 22-7-2014 को तस्दीक किया।
3.दस्तावेजी घटनाक्रम दिनांक 5-11-2012.कीमत 29 लाख 91 हजार।
राजेश स्वामी पुत्र बेगदास ने उक्त भूखंड कब्जा 50 गुणा 50 फुट मलबा रूप में भवानीशंकर पुत्र भोजराज ब्राह्मण निवासी वार्ड नं 13 रावतसर को 29 लाख 91 हजार रूपयों में बेच दिया। लिखा गया कि वहीं चार दीवारी बनी हुई है। मतलब चारदीवारी इतनी कीमत की हुई। यह लेन देन नगदी हुआ। इस लेन देन के दो जने गवाह बने। रणवीर पुत्र सुरजाराम नाई निवासी उदयपुर गोदारान तहसील सूरतगढ़ और उमेश कुमार मुदगल पुत्र मातुराम मुदगल ब्राह्मण निवासी वार्ड नं 12 सूरतगढ़ गवाह बने। इसके फोटो स्टेट नोटेरी एडवोकेट रामनारायण बिश्रोई जिला हनुमानगढ़ के दिनांक 22-7-2014 को तस्दीक किये गए।
4.दस्तावेजी घटनाक्रम दिनांक 11-7-2014.कीमत 45 लाख।
भवानीशंकर पुत्र भोजराज ब्राह्मण निवासी वार्ड नं 13 रावतसर ने उक्त भूखंड कब्जा मलबा जोधासिंह पुत्र बीरबलसिंह राजपूत निवासी गंगागढ़ हाल निवासी वार्ड नं 15 हनुमानगढ़ टाउन तहसील हनुमानगढ़ को 45 लाख रूपयों में बेच दिया। लेनदेन नगदी हुआ। नोटेरी उमेशकुमार रावतसर ने इसको 11-7-2014 को तस्दीक किया। इस सौदे व लेनदेन के गवाह विक्रमसिंह पुत्र शेरसिंह राजपूत वार्ड नं 3 सूरतगढ़ एवं गोपीराम पुत्र मघाराम मेघवाल निवासी साहुवाला तहसील सूरतगढ़ बने। इस लेनदेन में आसापासा भूखंडों पर कोई और व्यक्ति आ गए। दक्षिण में निर्मलसिंह और पूर्व में महेश का नाम दिया गया।
5. घटनाक्रम कीमत हुई 60 लाख:
पूर्व विधायक हरचंदसिंह सिद्धु ने अपनी शिकायत में लिखा है कि जोधासिंह ने उक्त भूखंड मलबा 60 लाख रूपए में किसी करणीसिंह ठेकेदार को बेच दिया है।
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भूखंड साइज लिख कर मलबा बेचान में लिखी जाने वाली तहरीर बतलाती है कि मलबा नहीं है यह भूखंड ही बेचा गया है। लिखा गया है आज के बाद खरीददार उपरोक्त वर्णित मलबा मनचाहे उपयोग व उपभाग में करे,मनचाही तामीर करवाए,विक्रय करे, पट्टा बनवाए,सर्वे अपने नाम से टा्रंसफर करवाए,पानी बिजली का कनेक्सन प्राप्त करे। अगर यह मलबा बेचान हुआ है तो उसका पट्टा कैसे बनाया जा सकेगा। मतलब यह सारी कार्यवाही झूठी लिखाई जाती है लेकिन इससे कानूनी बचाव कैसे होगा?
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स.हरचंदसिंह सिद्धु ने महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी गई शिकायत में लिखा है कि समस्त दस्तावेज फोटो स्टेट सहित नगरपालिका के इओ मदनसिंह बुडानिया को एक आवेदन के साथ दिए गए। उसमें लिखा गया कि करणीसिंह पक्की तामीर करवाने में लगा हुआ हे। यह सार्वजनिक संपति है जो नगरपालिका के आधिपत्य में है। फौजदारी मुकद्दमा दर्ज करवाया जाए तथा इस सम्पति को मुक्त करवाया जावे। मदनसिंह बुडानिया ने उक्त तमाम दस्तावेज व प्रार्थनापत्र रिकार्ड से गायब कर दिया व करणीसिंह से 25 लाख रूपए रिश्वत लेकर तामीर करवा दी। इसकी सूचना के अधिकार के तहत 29-3-2015 को सूचना मांगी गई। मदनसिंह बुडानिया का निधन हो गया व ईओ पद पर उसकी पुत्री प्रियंका बुडानिया पद स्थापित है। उसने नकलें नहीं दी। इस पर जिला कलक्टर को आवेदन किया। कलक्टर ने आवेदन ईओ को भेजा व फोन पर नकलें देने का कहा, परंतु ईओ प्रियंका बुडानिया ने नकलें नहीं दी। इसके बाद नियमानुसार दिनांक 7-8-2015 को अपील पालिकाध्यक्ष को की लेकिन उन्होंने भी उस अपील का निस्तारण नहीं किया।
शिकायत में लिखा गया है कि नगरपालिका मंडल की अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा भ्रष्ट है तथा कई पार्षदों के परिजन विधिवत ठेकेदारी करके नगरपालिका में भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
नगरपालिका के पूर्व ईओ पृथ्वीराज जाखड़ जो अब रावतसर में ईओ है और इसका दोस्त राजाराम गोदारा पुत्र पतराम दोनों रामसरा जाखड़ान के रहने वाले हैं तथा राजाराम ने पार्षद रहते करोडों रूपए की नगरपालिका की जमीन का नियमन अवैध रूप से करवाया है।
राजाराम द्वारा बनवाई गई शिव कॉलोनी के प्लाटों की कीमत अधिक किए जाने के लिए ईओ पृथ्वीराज जाखड़ ने कॉलोनी तक अवैध फोरलेन सड़क बनवा दी। इसकी शिकायत की गई तो जाँच में उपनिदेशक स्वायत्त शासन विभाग बीकानेर ने आरोप सही पाए व अपनी जाँच रिपोर्ट स्वायत शासन विभाग को जयपुर भेज दी।

इस भ्रष्ट मंडली ने उसको दबवा दिया परंतु उसकी प्रति हाथ लगी है जो पेश है। 
सिद्धु ने शिकायत में लिखा है कि राजकोष को करोड़ों रूपयों का नुकसान पहुंचाया गया है। श्रीमती काजल छाबड़ा अध्यक्ष नगरपालिका सूरतगढ़, पृथ्वीराज जाखड़ पूर्व ईओ नगरपालिका सूरतगढ़, प्रियंका बुडानिया ईओ नगरपालिका सूरतगढ़ तथा पार्षदों के परिवारजन जिनके नाम से ठेकेदारी लायसेंस हैं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। राजाराम पूर्व पार्षद तथा वर्तमान में उसकी पत्नी पार्षद हैं। इन द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच करवा कर भ्रष्टाचार से अर्जित संपतियों को राज्य हक में जब्त किया जाए ताकि शासन प्रशासन भ्रष्टाचार से मुक्त हो सके।

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