गुरुवार, 8 जनवरी 2015

पाक से युद्ध 65 रक्षा मेडल:71 में संग्राम मेडल:सूरतगढ़ के वायु सेना कर्मी रंगराम डांग:



पाक युद्ध 1965 में श्रीनगर व 1971 में फिरोजपुर हवाई अड्डों पर ड्यूटी:
वायु सेना से सेवानिवृत हो पेंशन पाने वाले पहले वायु सेना कर्मी:
विशेष रिपोर्ट - करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 8 जनवरी 2015.

पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्रों खासकर जम्मू कश्मीर में लगातार गोलीबारी किए जाने से पिछले कुछ महीनों से मामला गरमाया हुआ है और भारतीय जनता में आक्रोश फूटने लगा। पाकिस्तान ने भारत पर पहली बार सन 1965 में तथा दूसरी बार 1971 में आक्रमण किया और दोनों बार भारत की सेनाओं ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
अब गरमाए हुए माहौल में आपके समक्ष वायु सेना में रह चुके सूरतगढ़ निवासी एक्स सार्जेंट रंग राम डांग की जानकारी प्रस्तुत है। रंग राम डांग ने भारतीय वायु सेना की सर्विस में जनवरी 1963 में बैंगलोर से प्रवेश किया और सार्जेंट पद से सितम्बर 1977 में  सेवा निवृत हुए।
रंग राम डांग को पहले भारत पाक युद्ध 1965 में रक्षा मेडल व दूसरे भारत पाक युद्ध 1971 में संग्राम मेडल प्रदान किया गया।
पाकिस्तान की ओर से बमबारी से भारतीय वायु सेना हवाई अड्डों पर हर वक्त चौकसी बरतनी थी और हर समय हादसे का शिकार हो जाने का खतरा भी रहता था। राडार पर आकाश में मंडराते पाक हमलावर विमानों पर नजर रखना और अपनी वायु सेना को तत्काल जानकारी देना व अपने विमानों को सजग करते हुए मार्ग दिखलाना जैसा कठिन कार्य रंग राम ने हर बार कुशलता से निभाया।
रंग राम की 1965 में जम्मू कश्मीर के श्रीनगर हवाई अड्डे पर ड्यूटी थी।
रंग राम की 1971 में पंजाब के फिरोजपुर हवाई अड्डे पर ड्यूटी थी।
दोनों ही हवाई अड्डे पाक युद्धों में प्रभावित रहे हैं। भारतीय वायु सेना ने दोनों ही स्थानों से पाक को कड़ा जवाब दिया था।
रंग राम डांग को प्रदान किए गए मेडलों का वर्णन निम्र है।
1965 में रक्षा मेडल -  ड्यूटी श्री नगर हवाई अड्डा।
1965 में पश्चिमी स्टार मेडल -  ड्यूटी श्री नगर हवाई अड्डा, जम्मू कश्मीर।
1971 में रक्षा मेडल - ड्यूटी फिरोजपुर हवाई अड्डा, पंजाब।
1976 में नागा हिल्स मेडल - ड्यूटी शिलांग हवाई अड्डा, असम।
1972 में लोंग सर्विस मेडल - यह देश की आजादी की 25 वीं वर्षगांठ मनाए जाने के समय 1972 में प्रदान किया गया था।
रंग राम डांग को भारतीय वायु सेना से सितम्बर 1977 में सेवा निवृति मिली।
सूचना है कि भारतीय वायु सेना से पेंशन पाने वाले रंग राम सूरतगढ़ में प्रथम पेंशनर हैं।
वायु सेना से सेवा निवृति के बाद पिछले 36 वर्षों में विभिन्न समय सामाजिक सेवाओं में योगदान देने में अपना वक्त बिताया है और आगे भी समाजसेवाओं में ही इच्छुक हैं।

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