सोमवार, 21 जून 2021

चेयरमैन साहब गिरफ्तार.योग दिवस पर बना योग! * करणीदानसिंह राजपूत *

 

नगरपालिकाओं में कमीशन वाली रिश्वतखोरी सुबह शाम की रोटी खाने जैसी आम बात है। अकेला रिश्वतखोर चैयरमैन चार परसेंट कमीशन लेकर पांच साल में 5 से 15 करोड़ तक वसूल कर लेता है और इसमें से बांट कर भी बड़ी कमाई कर लेता है। ध्यान करें कि कईयों का तो रंग गोरवर्ण हो जाता है।

कभी कभी प्यार ज्यादा हो जाता है तो ठेकेदार आदि एसीबी की मोहर लगवा कर दोस्ती को पक्का भी कर लेते हैं।

पत्रकार भाई दोस्त जो दिन में दस बार चैयरमैन साहब साहब करते हैं वे भी भाईचारा और दोस्ती पूरी निभाते हैं। हंसते हुए फोटोशूट करते हैं कि चेहरा शानदार आए। 

जब ऐसे समाचार सोशल मीडिया पर लहराते हैं तो लोग कह उठते हैं, 'आपण लो कद धके चढसी।" फिर आवाज आती है "कीं ठावस राखो।"

* ताजो मामलो*

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की सक्रियता से भीलवाड़ा ब्यूरो की टीम ने योगदिवस पर  भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ नगर पालिका के  चेयरमैन साहब संजय डांगी को चार लाख बीस हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


मांडलगढ़ नगर पालिका के चेयरमैन साहब संजय डांगी ने पालिका क्षेत्र में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार थलखुर्द-थड़ा निवासी प्यार चंद्र रेगर से निर्माण कार्य में व्यय कुल राशि में से 23 प्रतिशत राशि बतौर रिश्वत देने की मांग की थी।

 इस तरह पालिका चेयरमैन साहब संजय ने ठेकेदार से उसके बकाया बिलों के भुगतान के एवज में साढ़े चार लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। 

ठेकेदार प्यार चंद्र पालिका चेयरमैन साहब संजय डांगी को तीस हजार रुपये दे चुका था।


पालिका चेयरमैन साहब ने बाकी के चार लाख बीस हजार रुपये देने के लिए उसको बाइक कंपनी के शोरूम पर बुलाया था। 

ठेकेदार ने पालिका चेयरमैन साहब को रिश्वत के बाकी चार लाख बीस हजार रुपये की राशि प्रदान की। यह राशि पालिका चेयरमैन साहब ने टेबल के दराज में रख ली। 

संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह के नेतृत्व में दबिश दी तथा टेबल की दराज से रिश्वत के चार लाख बीस हजार रुपये बरामद कर लिए।


पालिका चेयरमैन साहब के हाथों को केमिकल घोल से धुलाया गया, जो नोटों पर लगाए गए कैमिकल की वजह से गुलाबी हो गए।


इसके बाद एसीबी ने पालिका चेयरमैन साहब को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने मामले से जुड़ी फाइलें जब्त की है।


००  एसीबी री नुंई कथा वास्तै कीं थावस राखो। ०0०

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शुक्रवार, 18 जून 2021

* मलेरिया, डेंगू पर वार,तीस मिनट हर रविवार: कलेक्टर जाकिर हुसैन ने किया आह्वान- करणीदानसिंह राजपूत *


वर्षा काल में होने वाली मौसमी बीमारियों पर वार करने का अभियान श्रीगंगानगर जिले में नारे के रूप 'मलेरिया, डेंगू पर वार,तीस मिनट हर रविवार" के तहत चलेगा। 



आम जन में इस अभियान को लोकप्रिय बनाने के लिए जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने यह आह्वान किया है जिसमें एक संकल्प भी है। जिले भर में इस अभियान को चलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।


मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए सोर्स डिडेक्शन कार्यक्रम में गतिशीलता देने के लिए इसी माह से यह अभियान हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार चलाया जाएगा।


जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन चाहते हैं कि आमजन प्रत्येक  आगामी रविवार से ही इसमें जुट जाए। 

परिवार का प्रत्येक सदस्य रविवार को सुबह 8 बजे से 8.30 बजे तक परिवार घर में रखे गए गमले ट्रे, परिण्डे, कूलर, फ्रीज की ट्रे, पानी की टंकी इत्यादि को खाली कर रगड़कर, साफकर, सुखाकर पुनः उपयोग करे, जिससे मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट हो सके। 

इसके अलावा छत पर रखी पुरानी कुर्सिया, पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड़  इत्यादि को नष्ट किया जाए या हटाया जाए, जिससे कि बरसात का पानी उनमें इक्कठा न हो। 

इसके अलावा घर के बाहर आसपास छोटे गडडो में मिट्टी का भराव किया जाए। 


जिला कलक्टर ने कहा है कि  जिले के समस्त राजकीय व निजी कार्यालयों, राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक शुक्रवार आज से ही निर्धारित शपथ दिलवाई जाए कि प्रत्येक रविवार को 8 बजे से 8.30 बजे तक पुराने टायर, पुराने मटके, कबाड, कूलर इत्यादि की सफाई करेंगे। 

जिला कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि इस अभियान में हर रविवार 30 मिनट मलेरिया व  डेंगू पर वार के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा आईईसी गतिविधियां संचालित की जाए। 

* शपथ *

मै शपथ लेता हूॅ/लेती हूॅ कि प्रत्येक रविवार प्रातः 8 से 8.30 बजे तक अपने घरों में कूलर, टंकी, परिण्डे, फ्रीज ट्रे, फूलदान आदि को रगडकर साफ करूंगा/करूंगी। छत पर रखे कबाड को हटाएंगे, घरों के आस-पास पानी एकत्र नही होने देंगे। मलेरिया डेंगू व चिकन गुनिया नियंत्रण में अपना सहयोग करेंगे। ०0०










श्रीगंगानगर: स्वामी ब्रह्मदेव और जगदंबा अंध विद्यालय का नेत्र चिकित्सा के अलावा कार्यक्रम 'कोई भूखा ना सोये‘:

 



प्रस्तुति- करणीदानसिंह राजपूत



श्रीगंगानगर में स्वामी ब्रह्मदेव और उनके द्वारा संचालित जगदंबा अंधविद्यालय संस्थान 1980 में अपनी स्थापना के दिनों से ही समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हुए योगदान देते आ रहे हैं चाहे वह दिव्यांग बच्चों की शिक्षा का क्षेत्र हो, दूरदराज के जरूरतमंद व गरीब लोगों की आंखों का इलाज का चिकित्सा क्षेत्र हो या मन, वचन, कर्म के प्रवचनों के माध्यम से धार्मिक समानता का उद्देश्य। 

स्वामी ब्रह्मदेव और उनकी संस्थान जगदंबा अंधविद्यालय हमेशा से श्रीगंगानगर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अग्रिम रहा है। गत वर्ष करोना काल की विपरीत परिस्थितियों में राजस्थान में संपूर्ण लाॅकडाउन के दौरान अंधविद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव के सानिध्य में रोजाना 10000 भोजन के पैकेट तैयार करके गंगानगर जिला प्रशासन को सौंप कर गरीब और जरूरतमंद के घरों तक पहुंचाए जाते रहे। 

कोरोना की दूसरी लहर ने जब श्रीगंगानगर जिले को प्रभावित किया तो जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा ऐसी विकट परिस्थिति में अंध विद्यालय ने कई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। इस वर्ष कोरोना काल की दूसरी लहर के दौरान शहर में जरूरतमंद लोगों की मदद कर जगदंबा अंध विद्यालय ने अनोखी मिसाल पेश की उन्होंने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के सपने को चरितार्थ करते हुए हजारों लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवाया।  शहर में विभिन्न जागरूक कार्यक्रमों व मास्क वितरण शिविरों के माध्यम से 20,000 से ज्यादा मास्क बांटकर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग व सरकारी गाईडलाइन की अनुपालना करने पर जोर दिया। लाॅकडाउन के दौरान राजस्थान के स्वायत्त शासन विभाग की तरफ से ‘कोई भूखा ना सोए‘ कार्यक्रम के तहत जगदंबा अंधविद्यालय इंदिरा रसोई को चयनित किया गया जिसमें रोजाना 600 भोजन के पैकेट तैयार करके जरूरतमंदों के लिए प्रशासन को सौंपे जाते थे। अंधविद्यालय इंदिरा रसोई संख्या 292 को भोजन में शुद्धता पौष्टिकता और भोजन सही समय, सही मात्रा में और अच्छी पैकिंग के साथ उपलब्ध करवाने का पर गुणवत्ता का सर्वोत्तम फीडबैक प्रणाम पत्र भी प्राप्त हुआ। 

स्वामी ब्रह्मदेव ने जिला प्रशासन को आपातकालीन स्थिति में धर्मार्थ नेत्रा चिकित्सालय की सारी सेवाएं व नर्सिंग स्टाॅफ को उपयोग में लाने का आग्रह किया। अंधविद्यालय के सचिव शिवम कोहली की अध्यक्षता में निशुल्क मास्क वितरण के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री कोहली ने कम उम्र में ही अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं संक्रमित होने के बावजूद कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से आमजन को बचाने के लिए हर संभव प्रयत्न किए। उन्होंने अपने जज्बे से युवा पीढ़ी को राह दिखाई ।

स्वामी ब्रह्मदेव व शिवम कोहली ने लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम के तहत जगह-जगह प्रचार सामग्री, फ्लैक्स, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आसान जरूरी उपायों के बारे में बताया। जगदंबा चिकित्सालय के डाॅक्टर भी पीछे नहीं रहे। उनके द्वारा ब्लैक फंगस और कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए स्थानीय समाचार पत्रों में आलेख लिखकर व अवेयरनेस कार्यक्रमों के तहत सोशल मीडिया पर वीडियो उपलब्ध करवाए गए। इन आलेखों से जन जागृति हुई व अधिक लोग संक्रमित होने से बच सके।

नव वर्ष पर जब टीकाकरण की शुरुआत हुई तब ही अंध विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव ने प्राथमिकता के आधार पर अपनी उम्र के इस पड़ाव में भी कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाकर टीके के बारे में समाज में फैली भ्रांतियों को विराम देते हुए कोविड-19 वैक्सीन के पूर्ण सुरक्षित होने का संदेश दिया। 

जगदंबा एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर ने राष्ट्रीय स्तर तक गूगल मीट के माध्यम से वेबिनार आयोजित कर कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपाय बताए।

  गौरतलब है कि जगदंबा अंधविद्यालय संस्थान 1996 में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय समाज सेवी संस्थान की राष्ट्रीय पुरस्कार से भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम डाॅ. शंकर दयाल शर्मा के कर कमलों से द्वारा सम्मानित किया गया था। जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय में 1993 से निरंतर उत्तर भारत के दूरदराज के इलाकों से निशुल्क नेत्र जांच चिकित्सा शिविर में आॅपरेशन के लिए चिन्हित किए गए मरीजों को अस्पताल श्रीगंगानगर हस्पताल में लाकर निशुल्क आॅपरेशन किए जाते हैं। अब तक करीब 20 लाख से भी अधिक नेत्र रोगी अस्पताल से लाभान्वित हो चुके हैं और 3.5 लाख से भी अधिक लोग आंखों के निशुल्क आॅपरेशन करा चुके हैं। अनेकों दृष्टिहीन व श्रवण शक्ति बाधित विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर अभिनव भारत के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।

( कई बार स्वामी जी से मिला हूं। करणीदानसिंह राजपूत)

श्रीगंगानगर, 16 जून 2021.

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गुरुवार, 17 जून 2021

आपातकाल 1975 के लोकतंत्र सेनानियों,हम और हमारा मोदी राज! - करणीदानसिंह राजपूत *

 

 

1-साल के 365 दिन में 1 दिन कांग्रेस के विरोध में काला दिन और बाकी के 364 दिन भी हमारे लिए तो काले दिन। 
मोदी राज जिससे हम सब अपना राज कहते हैं उसी राज में साल के 364 दिन हमारे लिए काले दिन हैं। 
2- मोदी जी की सरकार को पूरे भारत से सभी संगठनों से लोकतंत्र सेनानियों के निजी हजारों पत्र हर साल भेजे जाते रहे हैं। उनका कोई उत्तर नहीं मिला। 
3- जब आपातकाल लगने का दिन आता है, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी आती है,स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त आता है, तब आशा बंधती है कि इस बार जरूर लोकतंत्र सेनानियों के  सम्मान के लिए घोषणा और निर्णय होगा! और एक-एक दिन बीत जाता है और निराशा के अलावा कुछ खास नहीं लगता।
4- मन की बात कार्यक्रम के अंदर भी ट्विटर के माध्यम से हमारे साथियों ने हजारों संदेश भेजे। ये संदेश बहुत आशा और विश्वास से भेजे गए कि मोदी जी अपना मुंह खोल दें लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
5- हमने लगातार मोदी जी गृह मंत्री अमित शाह के आगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगे और संघ प्रमुख मोहन भागवत जी के आगे पत्रों के अंबार लगा दिए लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी तक नहीं पत्रों का उत्तर नहीं दिया जाना बहुत बड़ा तिरस्कार है। 
6- हम लोग अपने ही राज में घोर परेशानियों में घूम रहे हैं हमारे पत्रों में आग्रह करना याचना करने में प्रार्थना करने में कोई कमी नहीं रही है। इसमें कमी सरकार की ही रही है जिसने हमारे प्रति कोई निर्णय नहीं किया। 
7- सरकार के हजारों काम रोजाना होते हैं उन पर करोड़ों रुपए का खर्चा भी होता है लेकिन हमारी कहीं चर्चा नहीं होती।
8- हमारे लिए बातचीत के द्वार भी खुले नहीं है। यदि बातचीत हो तो मोदी जी के आगे जो बातें रखी जाएंगी उसके बाद इनकार हो नहीं सकता। आखिर कौन बाधा बना हुआ है?
9- हमारे सेनानियों में से कुछ अधिक बुद्धिमान यदाकदा सामने आते हैं जिनको लगता है कि ये पत्र मोदी जी का विरोध है। सरकार से सम्मान निधि मांगना विरोध नहीं होता। 
10- मोदी जी और केंद्र सरकार हमें अपना मानती है तो सरकार को सबसे पहला काम लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने का करना चाहिए। 
11- मोदी जी खुद घोषणा करें लागू करें तो उससे बड़ा कोई निर्णय नहीं हो सकता। 
12- हम एक दिन आपातकाल लगाए जाने का दिन काला दिन मनाते हैं और कांग्रेस का विरोध करते हैं लेकिन शेष 364 दिन भी काले दिन ही हैं।
13-  मोदी जी और सरकार सम्मान की घोषणा निर्णय कर सभी 365 दिनों को सफेद दिनों में
हर्ष और उल्लास के अच्छे दिनों में परिवर्तित कर सकते हैं।
14- मोदी जी और सभी जन, कांग्रेस को नेहरू, गांधी,राहुल, सोनिया आदि की आलोचना करके,पुराने किस्से प्रसारित करके तो जिंदा रख रहे हैं।
15- कांग्रेस को वास्तव में खत्म करना है तो वह किस्सों से नहीं लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने से जो इतिहास देश विदेश में रचेगा, उससे खत्म होगी। 
16- मेरे से बड़े 80-85-90-95 वर्ष के सेनानी और दिवंगत की पत्नियां परिवार मोदीजी के निर्णय की आशाओं में एक एक दिन बिता रहे हैं।
💐 आशा करते हैं कि सम्मान प्रदान करने का निर्णय कर एक अच्छा दिन स्वर्णिम घोषित हो जाए और सभी 365 दिन आनंद मय सफेद अच्छे दिन हो जाएं।००
17 जून 2021.



करणीदानसिंह राजपूत,
( 75 वर्ष 9 माह)
पत्रकार,
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
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बुधवार, 16 जून 2021

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का घर-घर औषधीय पौधे अभियान बनेगा जन अभियान

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


जिला कलक्टर जाकिर हुसैन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के अनुसार घर-घर औषधीय पौधे वितरण अभियान को श्री गंगानगर जिले में सफलता दिलाने के लिए चाहते हैं कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ इसे पूरा करें।


जिला कलक्टर ने 16 जून 2021 को कलैक्ट्रेट सभाहाॅल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयन्ती समारोह एवं स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगाठ के संयुक्त कार्यक्रम वास्ते आयोजित बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। 

उन्होनेे कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप हर घर औषधीय पौधे वितरित किए जाने का अभियान है। पौधे वन विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगें एवं पौध वितरण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।


जिला कलक्टर ने बताया कि इस योजना में अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, कालमेघ के पौधे दिए जाएंगे। 

उन्होने बताया कि राज्य सरकार इस प्रकार का अभियान पहली बार चला रही है, जिसमें प्रत्येक घर की भागीदारी होगी। नागरिकों को अपने घरों में औषधीय पौधे लगाने होंगे। कोरोना जैसी महामारी में इस प्रकार के औषधीय पौधे इम्यूनिटी बढाने में सहायक होते है। 

जिला कलक्टर ने कहा कि औषधीय पौधों के अलावा पार्को, नवविकसित पार्को, सड़कों  के किनारे, राजकीय परिसरों, शमशान भूमि, कब्रिस्ताान सहित जहां चारदीवारी की सुविधा हो, वहां फलदार व छायादार पौधे लगाए जाए। शहरी क्षेत्र में डिवाइडर के बीच में कनेर के पौधे लगाए जाए। 


जिला कलक्टर ने नगर विकास न्यास को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को इस अभियान की शुरूआत के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाए। 

जिला कलक्टर ने आयुर्वेद अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इन औषधीय पौधों के गुण व उपयोगिता की जानकारी जन-जन तक पहुंचाए।

उपवन संरक्षक आशुतोष औझा ने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में पौध तैयार की जा रही है एवं दो लाख से अधिक पौधे तैयार हैं।  17 लाख पौधो का लक्ष्य लेकर इस वर्ष 8 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे तथा इतने ही अगले वर्ष लगाए जाएंगे। उन्होने बताया कि वन विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर पौध तैयार की जा रही है, जो लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रत्येक परिवार को 8-8 पौधे दिए जाएंगे। 


जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार मीणा ने कहा कि पौध तैयार होने पर ग्राम स्तर तक वितरण एवं पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें सभी विभागों का सहयोग होना चाहिए। ग्राम स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत पर 500-500 पौधे लगाने का कार्यक्रम भी बनाया गया है। 

इस बैठक में न्यास सचिव डाॅ0 हरीतिमा, आयुक्त नगर परिषद श्री सचिन यादव, एसडीएम श्री उम्मेद सिंह रतनु, जिला संयोजक श्री प्रवीण गौड़, डाॅ0 कर्ण आर्य, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, उपनिदेशक आयुर्वेद श्री हरिन्द्र दावडा, अधीक्षण अभियन्ता श्री सुमन विनोचा, अधीक्षण अभियन्ता श्री धीरज चावला सहित विभिन्न विभगों के अधिकारी उपस्थित थे।

लेख करणीदानसिंह राजपूत

*( समाचार स्तोत्र 16 जून 2021. पीआरओ

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सोमवार, 14 जून 2021

राजस्थान की कांग्रेस सरकार औषधि योजना मे घर घर तुलसी गिलोय आदि बांटेगी:कार्य शुरू.

 

* करणीदानसिंह राजपूत * 

राज्य सरकार ने राज्य में वर्ष 2021-22 से पांच वर्ष के लिये घर-घर औषधि योजना लागू की है जो रोगों से बचाए रखने के लिए सराहनीय कार्यक्रम है। ऐसी योजना पहले नहीं थी। आयुर्वेद उपचार और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाकर रोगों से बचाव की यह योजना एक नया जीवन देने वाली होगी। संपूर्ण राजस्थान में हर जिले में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में टास्क फोर्स कार्य करेगी।

इस योजना के तहत जिलों में प्रारंभिक कार्य भी शुरू कर दिया गया है। मेरे विचार में संभवतःकोरोना महामारी के कारण यह योजना शुरू की गई है। जो भी हो यह योजना राजस्थान को स्वस्थ बनाने और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण होगी। यह गौर करने वाला तथ्य है कि राजस्थान में इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी की सरकार है जो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा संचालित है।


श्रीगंगानगर  में इस योजना में जो कार्य शुरू होने वाले हैं। उसके बारे में जानकारी देते हैं।


 जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य में वर्ष 2021-22 से पांच वर्ष के लिये घर-घर औषधि योजना लागू की गई है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। 


जिला कलक्टर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत वन विभाग द्वारा औषधीय पौधों की पौध शालाएं विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ के पौधे तैयार कर आमजन को उपलब्ध करवाये जायेंगे। 


 इन औषधियों के उपयोग एवं सरंक्षण हेतु जन चेतना के क्रियान्वयन के लिये जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। 


टास्क फोर्स में जिला कलक्टर अध्यक्ष, सीईओ जिला परिषद, सीएमएचओ, जिला शिक्षा अधिकारी, डीएसओ, खनिज, अधीशाषी अभियंता पेयजल, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, नगरपालिकाओं के अधीशाषी अधिकारी, आयुक्त, खेल अधिकारी, कृषि विभाग, पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला बाल विकास, उद्योग, आयुर्वेद, स्काउट गाईड, प्रदूषद नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को सदस्य तथा उपवन संरक्षक को सदस्य सचिव बनाया गया है। 


श्री हुसैन ने बताया कि टास्क फोर्स कार्य योजनानुसार क्रियान्वयन, पौध वितरण, परिवहन, जन अभियान के लिये प्रचार, अतिरिक्त संसाधन, नवाचार, प्रत्येक पखवाड़े बैठक इत्यादि का आयोजन कर योजना की क्रियान्विति की जायेगी।

* 14 जून 2021.

करणीदानसिंह राजपूत

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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रविवार, 13 जून 2021

सूरतगढ़:वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 482 वीं जयंती पर राजपूत क्षत्रिय संस्था का जयघोष




** करणीदानसिंह राजपूत **


वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की 482 वीं जयंती विक्रम संवत कैलेण्डर के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया ( 13 जून 2021) को करणी माता मंदिर परिसर में राजपूत क्षत्रिय संस्था की ओर से मनाई गई।

राजपूत सरदारों ने महाराणा प्रताप के चित्र को स्थापित कर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। 

महाराणा की शूर वीरता का बखान और जयघोष किया गया। संस्था के अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह राठोड़ की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ।


श्री हरि सिंह भाटी, लक्ष्मण सिंह शेखावत, मगन सिंह जी ने महाराणा प्रताप की जीवनी पर प्रकाश डाला। समाज को प्रताप के आदर्शो को अपनाने और उन पर चलने का आह्वान किया गया।

इस पावन अवसर पर पूर्व अध्यक्ष हरि सिंह भाटी, पूर्व अध्यक्ष मल सिंह भाटी, मदन सिंह कटोच,भीम सिंह राठौड़, गोपाल सिंह राठौड़,बजरंग सिंह पंवार, राजेश सिंह तोमर, राजकुमार सिंह परमार, अजय सिंह चौहान,  लक्ष्मण सिंह शेखावत, रणवीर सिंह जादौन, दीपक सिंह तोमर,बालू सिंह भाटी, देवेंद्र सिंह शेखावत, महेंद्र सिंह राठौड़,मगन सिंह जी सहित समाज के अन्य राजपूत सरदारों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम कोविड महामारी गाइडलाइन के अनुसार मनाया गया और एक एक कर माल्यार्पण किया गया।०0०

प्रस्तुति: करणीदानसिंह राजपूत बैस.

( सूरतगढ़ : ज्येष्ठ मास,शुक्ल पक्ष की तृतीया 13 जून 2021)

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महाराणा प्रताप की जयन्ती मनाई- हल्दीघाटी अवश्य देखें,जोश रोमांच का अहसास होगा-

 


* करणीदानसिंह राजपूत.* 

सूरतगढ़ में महाराणा प्रताप चौक पर हिन्दुवा सूरज महाराणा प्रताप की जयन्ती सूरतगढ धरोहर संरक्षण समिति की ओर से मनाई गई। कार्यक्रम में प्रताप की वीरतापूर्ण का जयघोष किया गया। शहर के गणमान्य नागरिकों  द्वारा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया व मिठाई वितरित की गई । 

इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी पत्रकार करणीदान सिंह राजपूत ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की। राजपूत ने अपने हल्दीघाटी के रोमांच और जोश के संस्मरण सुनाते हुए आग्रह किया कि एक बार वहां जरूर पहुंचें और स्वयं रोमांच का एहसास करें। 

राजस्थानी साहित्यकार मनोजकुमार स्वामी ने कहा कि इस शूरवीर की जयंती तिथि के हिसाब से ही संपूर्ण भारत में मनाई जाती है अंग्रेजी तारीख से नहीं मनाई जाती।

क्रांतिकारी महावीर भोजक ने महाराणा की वीरता पर भाषण दिया। पूर्व पार्षद लक्षमण सिंह शेखावत ने कह कि ऐसे वीरों का इतिहास स्कूलों में पढाया जाना चाहिए। 

शिक्षक नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि महाराणा ने अपनी सेना में हर जाति धर्म के वीरों को शामिल किया था। समिति सचिव हेमन्त चांडक,अमित कल्याणा आदि ने महाराणा की वीरता पर  अपने विचार प्रगट किए। 

विचार रखे । 

इस समारोह में घनश्याम शर्मा (भारत विकास परिषद) पार्षद मदन औझा,मुरलीधर पारीक , वृक्षमित्र कालूराम बिश्नोई, अमरनाथ लंगर समिति के अध्यक्ष किशन स्वामी,कन्हैयालाल पारीक , प्रभुदयाल सिंधी,भवानी शंकर भोजक, महेश अग्रवाल,पवन तावणियां, योगेश स्वामी ( साहित्य संस्था विविधा),वीरेन्द्र सिंह शेखावत,  आदि गणमान्यों नें भाग लिया ।

(सूरतगढ 13 जून 2021.)

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गुरुवार, 10 जून 2021

मेरा सूरतगढ़!आपका सूरतगढ़!!सबका सूरतगढ़!!! उ.प.रेलवे की शान सूरतगढ़ जं.

 

 *  करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 10 जून 2021.

सूरतगढ़ बीकानेर रियासत के महाराजा सूरत सिंह के नाम से स्थापित शहर का महत्वपूर्ण स्टेशन जहां 1901 में रेलवे शुरू हुआ और आज विकसित होता हुआ उत्तर पश्चिम रेलवे का प्रमुख जंक्शन है। मॉडल स्टेशन के रूप में इसका विकास हो रहा है। पुराना भवन हटा दिया गया। नया भवन नई व्यवस्था। रेल संचालन की आधुनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था। सब कुछ मिलाकर एक श्रेष्ठ स्टेशन।







 इस स्टेशन को मैं 1953 से देख रहा हूं। निरंतर विकसित होते हुए। पानी सरूपसर जं से रेल टंकियों से आता था। एक पानी गाड़ी में 6 टंकियां होती थी। पानी रेलवे के भछमिगत होदों में डाला जाता और हस्तचलित मशीनों से ऊंची टंकियों में डाला जाता। उन टंकियों से वाष्प ईंजनों में और यात्री डिब्बों में भरा जाता था। जनता भी रेलवे से पानी ले जाती थी। ये सारे कार्य और दृश्य बड़े आनंदित करते थे। गर्मियों में रेलों में यात्रियों को पानी पीने के लिए आवाजें लगाई जाती वे भी बड़ी मजेदार होती थी। "जल ठंडा लेण भटिंडा"। 

अनेक मजेदार बातें हैं। फिर कभी सुनाता रहूंगा, बताता रहूंगा।

एक बार ताजे हालात पर लौट कर आनन्दित होते हैं।

कोरोना महामारी से सभी परिचित हो गए हैं।


कोरोना महामारी में जन सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों में रेलवे ने भी पूर्ण भागीदारी निभाई। इसमें रेलों का बंद होना शुरू होना चलता रहा। रेलें शुरू रही बंद रही लेकिन स्टेशन भवनों और प्लेटफार्म प्रवेशद्वार आदि सभी साफ सुथरे सुबह शाम होते रहे। सफाईकर्मियों की बड़ाई की जानी चाहिए और वह मैं कर रहा हूं।

एक बार फिर रेलों के पुनः संचालन के एनाउंसमेंट के साथ। मास्क और एक दूसरे से दूरी के साथ यात्रा की मंगल कामनाएं।

  * सूरतगढ़ जंक्शन मेरा आपका सबका प्रिय स्टेशन!

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दि. 10 जून 2021.

करणीदानसिंह राजपूत

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

( पत्रकारिता के 55 वर्ष..1966 से निरंतर)

सूरतगढ़।( राजस्थान )

94143.81356.

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बुधवार, 9 जून 2021

शहीद गुरुशरण छाबड़ा जैसे सपूत विरले ही पैदा होते हैं:शराबबंदी आमरण अनशन में बलिदान.जयंती विशेष.

 







* करणीदानसिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ 9 जून 2021.


*व्यक्ति इस संसार में मुट्ठी बंद करके आता है,  हाथ पसारे जाता है, ना कुछ लेकर आया ना लेकर जाता है, खाली हाथ आया खाली हाथ जाना यही प्रकृति का अटल दस्तूर है"

            सूरतगढ़ विधानसभा बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रामप्रवेश डाबला ने शहीद पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा की जयंती पर कहे।

 आज सुबह 9 बजे  गुरशरण छाबड़ा शहीद स्मारक (राजकीय चिकित्सालय के आगे)  शहीद पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा की प्रतिमा पर शहर के विभिन्न दलों संगठनों के गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण किया।


डॉक्टर टी एल अरोड़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता निरंजन दास सेतिया, कांग्रेस के बलराम वर्मा, पार्षद मदन ओझा, कामरेड लक्ष्मण शर्मा,  संघर्ष समिति की महिला अध्यक्ष मोहनी देवी शर्मा, मीथलेस कंवर, सरोज वर्मा, बाबु सिंह खींची, अरोड़ वंश समाज के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश जनवेजा संघर्ष समिति  के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम सिंह औड, फौजी लीलाधर स्वामी, पत्रकार मनोज स्वामी, महावीर भोजक,अमित मोदी, मुरलीधर उपाध्याय, महेश योगी, मुरलीधर पारीक व गुरशरण छाबड़ा शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष बलदेव तनेजा आदि ने प्रतिमा को पुष्प माला पहना कर नमन किया।


          करोना महामारी के मद्देनजर शहीद छाबड़ा जी का जयंती कार्यक्रम सीमित रखा गया था। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि छाबड़ा जी हमारे आदर्श हैं, उनकी ईमानदारी की मिसाल शायद धर्म ग्रंथों में भी नहीं मिलेगी। सूरतगढ़ क्षेत्र को राजकीय महाविद्यालय की सौगात देकर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के द्वार खोलने का श्रेय शहीद गुरशरण छावड़ा को जाता है। हमें उनके जीवन चरित्र से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

         वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलराम वर्मा ने शहीद छाबड़ा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने उनकी पूर्ण शराबबंदी की मांग को नहीं मानकर अपनी ही पार्टी के एक समर्पित ईमानदार नेता को राजाशाही हठधर्मिता की भेंट चढ़ा दिया। छाबड़ा जी का जन्म 9 जून 1949 को व शहादत 3 नवंबर 2016 को हुई। 

           वर्मा ने कहा कि छाबड़ा जी हमारे संघर्षों के साथी थे, उनका जीवन हमेशा संघर्षों में ही रहा, उनके जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव आये, मगर कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी हालात से समझौता नहीं किया, अपने उसूलों और सिद्धांतों के मुताबिक आगे बढ़ते रहे, कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा आज लालटेन लेकर ढूंढने से भी ऐसे महान इमानदार सिद्धांत वादी नेता नहीं मिलते, हम उनकी शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे। 

          संघर्ष समिति के संयोजक डाबला ने कहा कि* " *जननी जने तो भक्तजन या दाता या शूर नहीं तो जननी बांझ रहे काहे गवाये नूर* " शहीद गुरशरण छाबड़ा जैसे सपूत विरले ही पैदा होते हैं जो जननी मां की कोख परिवार समाज को धन्य कर चले जाते हैं, अपने लिए सब जिंदा रहते हैं, मगर परहित के लिए शहादत देने वाली कुछ पहुंची हुई महान आत्माएं ही होती है* ।

           *छाबड़ा जी शराब नहीं पीते थे, उनके परिवार में भी शराब नहीं चलती, वह जानते थे कि सबसे ज्यादा राजस्व शराब से मिलता है, जिससे सरकारें चलती हैं मगर उस शराब से कितने घर उजडते हैं, इसकी परवाह सरकारों को नहीं, यह चिंता छाबड़ा जी को थी, इसलिए उन्होंने हालात से कोई समझौता नहीं किया और राजधानी जयपुर में 48 दिन अनशन पर बैठे बैठे ही शहादत को प्राप्त हुये, नमन है ऐसी महान विभूति को। 

          *कबीरा हम आए जगत में, जग हंसे हम रोये, ऐसी करनी कर चले, हम हंसे जग रोये* , *यही खासियत थी उस महान शख्सियत में जिनके किए संघर्ष को आज हम याद कर करके रो रहे हैं, वक्त गुजर जाता है यादें रह जाती है* ।आपातकाल में गुरू शरण छाबड़ा जेल में भी रहे।

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