सोमवार, 30 नवंबर 2020

किसान बिल.आरएलपी की चेतावनी- टैक्सी यूनियनों ने भी अल्टीमेटम दिया

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

किसानों के लिए बनाए गए तीन कानूनों को वापस लेने के लिए केन्द्र सरकार पर.दबाव बढ रहा है। 

केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की घटक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने केंद्र सरकार से हाल में लागू कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गयी तो वह एनडीए का सहयोगी दल बने रहने पर पुनर्विचार करेगी।

आरएलपी के संयोजक व नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित कर ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा है,‘‘अमित शाह जी, देश में चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से सम्बंधित लाये गए तीन विधेयकों को तत्काल वापिस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए!’’


बेनीवाल ने आगे लिखा, ‘‘चूंकि आरएलपी, एनडीए का घटक दल है परन्तु आरएलपी की ताकत किसान व जवान है, इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में एनडीए का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।’’



टैक्सी यूनियनों ने भी केंद्र सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। टैक्सी यूनियनों का कहना है कि अगर किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो एनसीआर में निजी टैक्सी, टैक्सी, ऑटो और ट्रक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। AISOA संयुक्त समिति की तरफ से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया।

इसमें यह घोषणा की गई कि दिल्ली और एनसीआर के सभी ट्रांसपोर्ट, कैब और टैक्सी यूनियनों ने मौजूदा सरकार की तरफ से पारित किए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करने का फैसला किया है। पत्र में 10 संगठनों का जिक्र किया गया है।

पत्र में किसानों से आग्रह किया गया है कि वह अपनी मांगों पर तब तक अड़े रहें जब तक सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर तीन बिलों को रद्द नहीं कर देती।००






बीजेपी की विधायक और दिग्गज नेता किरण माहेश्वरी का कोरोना संक्रमण से निधन

 




- करणीदानसिंह राजपूत -
कोरोना संक्रमण के बीच राजस्थान की राजनीतिक क्षेत्र से भी दुखद खबर सामने आई है। करीब 1 महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझ रही राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी ने रविवार देर रात अंतिम सांस ली। विधायक किरण का गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। पिछले कई दिनों से उनकी हालत अस्थिर बताई जा रही थी। किरण माहेश्वरी 28 अक्टूबर 2020 को कोरोना संक्रमित पाई गई थी, जिसके बाद उन्हें उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बिगड़ती हालत के बाद उन्हें एअरलिफ्ट कर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में ले जाया गया था, जहां उनकी हालत कई दिनों से अस्थिर बनीं हुई थी।

सोमवार को किरण की पार्थिव देह को उदयपुर लाया जाएगा। जहां कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी के निधन की सूचना मिलने के बाद उदयपुर में भी शोक की लहर छा गई। आपको बता दें कि वसुंधरा सरकार में किरण माहेश्वरी कैबिनेट मंत्री के रूप में कई अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुकी थी।

पीएम मोदी से लेकर सीएम गहलोत ने जताया शोक
प्रदेश के कद्दावर नेता के कोरोना से निधन होने के बाद बीजेपी में शोक की लहर है। वहीं पीएम मोदी से लेकर सीएम गहलोत ने उनके निधन पर ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की है।  लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसे व्यक्तिगत क्षति बताया है। ओम बिरला ने ट्वीट में लिखा है कि  बहन किरण जी का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और हितों को संरक्षित करने के लिए समर्पित किया। मेरे लिए उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उल्लेखनीय है कि किरण माहेश्वरी के कोविड पॉजिटिव होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने ही उन्हें अहमदाबाद या गुडग़ांव के बड़े अस्पताल में उपचार लेने की सलाह दी थी। इधर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कैबिनेट में रही किरण माहेश्ववरी को लेकर राजे ने संवेदना व्यक्त करते हुए इसे संगठन के लिए बड़ी क्षति बताया है। राजे ने लिखा है कि स्व. किरण से मेरा गहरा लगाव था। उन्होंने सदैव भाजपा को मजबूती प्रदान की और आजीवन भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में भूमिका निभाई। उनके निधन से संगठन में हुए खालीपन को भरना आसान नहीं होगा। आज वो हमारे बीच नहीं है लेकिन हमारी स्मृतियों में वे सदैव जिंदा रहेंगी।
परिचय
किरण माहेश्वरी का जन्म 1961 में हुआ था।

1987-90 Durga-Vahini Pramukh
1992-95 Membar, Social Welfare Board ( rajasthan)
1999-2006 Director, Udaipur Mahila Samriddh Bank Ltd.
2001-2003 Member, FCI ( consultant Committee)
2001-2004 Director, National Women Fund
2002-2013 Various Posts of International Vaishya Fedration
1990-92 Gen. Secretary, BJP Mahila Morcha ( Udaipur)
1993-94 Distt. President, Mahila Morcha ( Udaipur-Dehat)
1994-99 Speaker, Udaipur Municipal Corporation
2002-2004 Divisional President, Mahila Morcha ( BJP-Rajasthan)
2002-03 Member, National Executive ( BJP)
2004-2008 Member Of Parliament ( Udaipur)
2004-2007 General Secretary, BJP
2007- National President, BJP Mahila Morcha
2008- MLA ( Rajsamand)
2010- National Secretary, BJP
2011- National General Secretary, BJP
2013-14 National Vice President, BJP
2014 Onwards- Cabinet Minister ( PHED), Government of Rajasthan
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रविवार, 29 नवंबर 2020

समारोह में 25 हजार जुर्माना भरना आसान- प्रशासन मौके पर मौजूद होकर अधिक प्रवेश रोके

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

शादी ब्याह में समारोह में 100 से ज्यादा उपस्थिति होने पर ₹25000 जुर्माना लगाने के बजाय राजस्थान सरकार ऐसी व्यवस्था करे कि 100 से ज्यादा व्यक्ति समारोह स्थल में प्रवेश ही नहीं कर सके।
सरकार इतना तामझाम खड़ा कर रही है तो ऐसी स्थिति में जब समारोह की सूचना उपखंड अधिकारी के पास आती है तो उस समय ही कुछ स्टाफ और पुलिस की नियुक्ति होनी चाहिए। समारोह स्थल के बाहर ही मुख्य द्वार से या अन्य द्वार से कोई अंदर प्रवेश न कर सके। क्योंकि 25000 का जुर्माना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। जहां ब्याह शादी में लाखों रुपए लग रहे हैं वहां पर आयोजक ₹25000 जुर्माना की रकम भी शादी के खर्चे में शामिल करते हुए सरकार के नियम को तोड़ रहे हैं।

सरकार की सूचना प्रशासन की सूचना आई थी कि 100 से से अधिक उपस्थिति होने पर समारोह स्थल मैरिज हॉल आदि सीज कर दिए जाएंगे लेकिन ऐसी कोई कार्रवाई कहीं भी नहीं हुई है।
आयोजक कोई भी हो उनके हौसले बुलंद है कि उन्होंने 100 से अधिक व्यक्तियों को बुलाया जुर्माना भर दिया। यह बातें बड़ाई में हो रही हैं।  हालांकि यह बड़ाई धूल में मिल जाएगी जब कोई कोरोना पॉजिटिव से आगे अन्य लोग प्रभावित हो जाएंगे।
सरकार को भी जुर्माना वसूल करते ही अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं माननी चाहिए। जुर्माना वसूल करने के साथ ही वहां पर यह व्यवस्था करनी चाहिए कि जुर्माना भरे जाने के बाद भी कोई भी व्यक्ति  समारोह स्थल में प्रवेश न कर सके।
शादी ब्याह में लोग आते रहते हैं खाना आदि लेकर जाते रहते हैं और यह संख्या बहुत अधिक होती है।
केवल प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के समय 100 से अधिक होने पर ही जुर्माने की व्यवस्था है। सरकार व्यवस्था में सुधार करें और 100 से अधिक प्रवेश को अपने स्तर पर रोके. आयोजक को निर्णय नहीं करने दे।
जनता को बार-बार कहा जा रहा है। संदेश दिए जा रहे हैं।अपीले की जा रही है कि शादी व अन्य समारोह में जाने से बचें।  जहां भीड़ का संबंध है वहां पर कम से कम वृद्ध लोगों को शामिल होने से बचना चाहिए।
यदि संबंध और संपर्क बहुत जरूरी है तो बाहर से ही हेलो करें शगुन देना है तो दें लेकिन समारोह के भीतर जाकर  खुद को संकट में ना डालें।
सरकार की ओर से प्रशासन की ओर से जितना कहा गया है उससे अधिक व्यक्ति को खुद को करना होगा। कोरोना से व्यक्ति उबर भी रहे हैं ठीक हो रहे हैं लेकिन उनमें कोई ना कोई कमी रह रही है। ऐसा अनेक लोग अनुभव कर रहे हैं।

लोग भयभीत हैं जिन लोग कोरोना वायरस से ईलाज के बाद ठीक हो गए उनसे भी मिलने में परहेज किया जा रहा है। जो दुकानदार कोरोनावायरस से ईलाज बाद ठीक हो गए हैं उनसे भी मिलने में लोग परहेज कर रहे हैं।

अब कोरोना की दस्तक नहीं  हमला है। किसी पर भी यह हमला हो सकता है इसलिए बचाव बहुत जरूरी है।  खुद बचें और अपने परिवार को भी बचाएं क्योंकि एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव होता है तो परिवार पर भी संकट आता है। ऐसे मामले भी हैं कि परिवार का एक व्यक्ति ठीक होता है तब तक दूसरा व्यक्ति कोरोना प्रभावित मिलता है। इन सब हालातों का केवल एक ही तरीका है कि संकट में आने से पहले के सारे बचाव किए जाएं। ००

सामयिक लेख. 29 नवंबर 2020.
करणीदानसिंह राजपूत.
स्वतंत्र पत्रकार ( सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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शनिवार, 28 नवंबर 2020

- पत्रकार प्रेम के पिता सोहनलाल जी सुथार सूरतगढ़ का निधन -




- करणी दान सिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 28 नवंबर 2020

शहर के जाने-माने सोहन लाल जी सुथार का 72 वर्ष की आयु में 27 नवंबर को स्वर्गवास हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे। बीकानेर चिकित्सालय में उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनका अंतिम संस्कार मुख्य कल्याण भूमि में 27 नवंबर को किया गया।


सोहन लाल जी सुथार पत्रकार प्रेम (चैनल रिपोर्टर) के पिता थे।

हंसमुख मधुर भाषी मिलनसार सूरतगढ़ में बड़ोपल रोड पर फर्नीचर का शोरूम चलाते रहे। 

सोहन लाल जी सुथार को ईश्वर मोक्ष प्रदान करें। यही कामना करते हुए नमन करते हैं।००

शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

पुलिस ने बींझबायला में लगाया नशा मुक्ति शिविर

 

श्रीगंगानगर, 27 नवम्बर 2020.

 पुलिस विभाग के आप्रेशन प्रहार एवं भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यन्त के मार्गदर्शन में पुलिस थाना घमूङवाली के माध्यम से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बींझबायला मे नशा मुक्ति शिविर का शुक्रवार को आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में नशा मुक्ति विशेषज्ञ डाक्टर रविकान्त गोयल ने मुख्य वक्ता के रुप मे विद्यार्थियों व ग्रामवासियों को कहा कि नशे का सेवन मुसीबतों को बुलाना है। नशा करने वाला धीरे-धीरे इसका आदी हो जाता है तथा नशे के सिवा कुछ नही सूझता है। नशा पाने के लिये उचित-अनुचित कार्य व अपराध तक कर बैठता है, जिसका परिणाम उसके साथ-साथ परिवार समाज को भुगतना पङता है। डाक्टर गोयल ने नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशे  से बचने, नशा छुङाने की जानकारी देते हुए उपस्थित जनसमूह को जीवन भर नशा न करने की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सुरेन्द्र सिह राठौड़ आरपीएस वृताधिकारी श्रीकरणपुर ने छात्रा- छात्राओं व ग्रामवासियों से कहा कि युवाओं द्वारा अक्सर नशे का प्रयोग आनंद प्राप्त करने, चिंताओं को मिटाने आदि कारणों से किया जाता है। जो वास्तव मे पीडा,  असफलता, अपयश, बर्बादी का कारण बनता है। इसलिये नशे से दूर रहने मे ही मानव की भलाई है।

कार्यक्रम मे पुलिस थाना घमूङवाली के थानाधिकारी श्री करतारसिंह ने कहा कि समाज मे फैले नशे को मिटाने के लिए पुलिस निरंतर प्रयास कर रही है। आमजन को भी इस नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर समाज को नशा मुक्त करने मे सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर सरपंच श्री साधूराम ने कहा कि नशे को मिटाने के लिये गांव के हर व्यक्ति को आगे आकर अपने घर मोहल्ले को नशे के बंधन से आजाद करना होगा, तभी हम आगे बढ पाएंगे।

इस अवसर प्रधानाचार्या श्रीमती नीतू शर्मा ने विद्यार्थियों को अनुशासन मे रहने, नशें से दूर रहने, अपने कक्षा व विद्यालय को भी नशा मुक्त बनाए रखने हेतू सजग रहने व निरंतर कार्य करने प्रेरणा प्रदान की। 





 





सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की टीम ने लोगों को मास्क वितरित किए

 




श्रीगंगानगर, 27 नवंबर 2020.

सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय श्रीगंगानगर द्वारा शुक्रवार को कोडा चौक पर 50 लोगों को मास्क वितरित किए गए । 

सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के सहायक निदेशक श्रीमती ऋतु सोढी व सहायक जनसम्पर्क अधिकारी श्री राम कुमार पुरोहित ने मीडिया जन के साथ सभी को मास्क वितरित किए। आस पास की सभी दुकानों में मास्क वितरित करते हुए लोगों को समझाइश की गई कि बिना मास्क पहने घर से बाहर नहीं निकलें।

 जिला कलेक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा द्वारा जिले में नो मास्क नो एक्जिट अभियान चलाया जा रहा है और वर्तमान में कोरोना की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मास्क पहनना नितांत आवश्यक है। नगर परिषद आयुक्त श्रीमती प्रियंका बुडानिया द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय को कपड़े के बने डबल लेयर मास्क दिए गए हैं जिसे कभी भी धोकर दोबारा पहना जा सकता है। कोडा चौक पर सुबह शाम मजदूरों की बड़ी तादाद में उपस्थिति रहती है, इसे देखते हुए सूचना एवं जनसम्पर्क व मीडियाकर्मियों ने मास्क वितरित करते हुए उन्हें समझाया व शपथ दिलायी कि बिना मास्क पहनें वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे। 

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बुधवार, 25 नवंबर 2020

कोरोना वाॅरियर्स का सम्मान - श्रीगंगानगर सूचना केन्द्र के अधिकारी, कर्मचारी हुए सम्मानित

 




श्रीगंगानगर, 25 नवम्बर 2020.

 कोविड-19 के दौरान लाॅकडाउन से लेकर अनलाॅक तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों में बढ़-चढ कर भाग लेने वाले एवं आमजन की सेवा के संदर्भ में श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति श्रीगंगानगर द्वारा कोरोना वाॅरियर्स का सम्मान किया जा रहा है।

 इसी संदर्भ में बुधवार को सूचना केन्द्र में सहायक निदेशक श्रीमती ऋतु सोढ़ी, सहायक सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री रामकुमार राजपुरोहित एवं कम्प्यूटर आॅपरेटर सुश्री रिचा शर्मा को कोरोना वाॅरियर्स का सम्मान दिया गया। पुष्प गुच्छ के साथ कोरोना वाॅरियर्स का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। 

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी, कर्मचारी लाॅकडाउन से लेकर कोविड-19 के तहत अब तक समस्त गतिविधियों में जिला प्रशासन के साथ खड़े रहकर आमजन को कोविड से संबंधित त्वरित सूचनाएं प्रेषित करने, आमजन को कोविड को लेकर जागरूक करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। लाॅकडाउन के दौरान जब नागरिक घरों मे थे, तब सूचना जनसम्पर्क के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी आवश्यक सेवाओं के साथ अपने उतरदायित्व को निभाने में जुटे हुए थे। 

रूद्र हनुमान सेवा समिति के श्री गुरू अर्जुनदास जी व अनुज मल्होत्रा ने अब तक गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर के कोरोना वाॅरियर्स का सम्मान किया है। यह संस्था लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन व राशन उपलब्ध करवाने के साथ-साथ जरूरतमंद छात्रों को किताबें तथा आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई।

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भारत सरकार की नई गाइडलाइन. राज्यों को कोरोना रोक में सख्ती बढाने के निर्देश. 1 दिसंबर से लागू.

 


देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित दिशानिदेर्शों और एहतियाती उपायों तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करने को कहा है। 

मंत्रालय ने बुधवार 25-11-2020 को एक आदेश जारी कर कोविड संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी, उपाय और सतर्कता से संबंधित दिशा निर्देश भी जारी किए जो आगामी एक दिसंबर से लागू होंगे। 

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से इन दिशानिर्देशों को पूरी सख्ती से लागू करने को कहा है। इस बार सरकार का ज्यादा फोकस भीड़ को नियंत्रित करने की है। सरकार के यह दिशा-निर्देश 1 दिसंबर से प्रभावी होंगे और 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे। गृह मंत्रालय ने कहा कि दिशा-निर्देशों का मुख्य फोकस कोविड -19 के प्रसार के खिलाफ हासिल किए गए कंट्रोल को बनाए रखना है, जो देश में सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट से दिखाई दे रहा है।

राज्यों को रात के कर्फ्यू सहित स्थानीय प्रतिबंध लगाने की छूट

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जो 1 दिसंबर से लागू होंगे। राज्यों को नाइट कर्फ्यू सहित स्थानीय प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया गया है। यह दिशा-निर्देश 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे। गृह मंत्रालय का ओर से एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश राज्य की परिस्थिति के आकलन के आधार पर कोविड-19 को रोकने के संदर्भ में स्थानीय प्रतिबंधों को लागू कर सकती है, जिसमें नाइट कर्फ्यू शामिल हैं। हालांकि, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश केंद्र सरकार के परामर्श के बिना कंटेनमेंट जोन के अलावा स्थानीय क्षेत्रों में लॉकडाउन नहीं कर सकते हैं। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि स्थानीय जिला, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित रोकथाम उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए।

 

दिशा निर्देशों में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोरोना के खिलाफ अभियान में अब तक देश ने जो सफलता हासिल की है उसे बरकरार रखते हुए इसे और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएं। इनमें जोर देकर कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन में सभी दिशानिदेर्शों को पूरी तरह से लागू किया जाए और वहां केवल अनिवार्य सेवाओं की गतिविधि की ही अनुमति दी जानी चाहिए। 

कंटेनमेंट जोन के बाहर जाने और उनमें अंदर आने पर भी पूरी तरह से रोक लगाने को कहा गया है।

 भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे त्योहारों और सदीर् के मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें तथा जिला, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और पुलिस को गृह मंत्रालय तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया को लागू करने के प्रति जवाबदेह बनाए। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। दिशानिर्देशों में राज्य सरकारों से सामाजिक और धार्मिक समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सौ तक सीमित रखने और जरूरत पड़ने पर इससे भी कम करने को कहा गया है। 

जून में हुई थी अनलॉक 1.0 की घोषणा

सरकार ने सबसे पहले मार्च में कोरोना वायरस माहमारी के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लगाया था। जब संक्रमण अपने चरम पर था। इसके बाद जून में अनलॉक 1.0 की घोषणा की गई थी, जिसके कारण रेस्तरां, शॉपिंग मॉल आदि खुल गए थे, तब से सरकार अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे में खोल रही है।

लेकिन हाल ही में विभिन्न शहरों में नए कोविड -19 मामलों की संख्या में वृद्धि के साथ, महामारी के दोबारा फैलने की आशंका है। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि सर्दियों में स्थिति खराब हो सकती है। इसलिए, सरकार ने लोगों से कोवि़ -19 प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है।

क्या है फिलहाल भारत में कोरोना की स्थिति?

भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 44,376 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 92 लाख के पार पहुंच गए। इसके साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 86.42 हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 92,22,216 हो गए। 

आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 से 481 और मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की संख्या 1,34,699 पर पहुंच गई। वर्तमान में देश में कोविड-19 के 4,44,746 मरीज उपचाराधीन हैं। यह संख्या मंगलवार के मुकाबले 6,079 अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार पंद्रहवें दिन पांच लाख से कम रही। यह संक्रमण के कुल मामलों का 4.82 प्रतिशत है। oo






राजस्थान के पूर्व वितमंत्री माणिक चन्द सुराणा का निधन-लोकप्रिय नेता थे- करणीदानसिंह राजपूत

 



बीकानेर के लोकप्रिय जन नेता पूर्व वितमंत्री  माणिक चंद सुराणा का 25 नवंबर 2020 सुबह जयपुर के चिकित्सालय में स्वर्गवास हो गया। उनकाअन्तिम संस्कार  बीकानेर में 26 नवंबर को किया जाएगा।
वे अभी पिछले कई  दिनों से अस्वस्थ थे और सघन चिकित्सा इकाई में भर्ती थे।
वे कोरोना ग्रसित भी रहे लेकिन उसमें स्वस्थ हो गए थे। 
89 वर्षीय माणिक चन्द  सुराणा  जन्म 31 मार्च 1931 को हुआ था।  अपने छात्र जीवन से राजनीती में आने वाले सुराणा डूंगर कॉलेज के अध्यक्ष रहे।
 2018 तक  लूणकरणसर से विधायक रहने के बाद इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। लूणकरणसर,  कोलायत , नोखा व बीकानेर से विधानसभा के चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता साबित करने वाले  एकमात्र राजनेता हुए। राजनीति में  जातिवाद के मिथक को  तोड़ते हुए जाट बाहुल्य क्षेत्र से स्वतन्त्र  प्रत्याशी  के रूप  विजय प्राप्त करने वाले एकमात्र जननेता थे।

1977 , 1985 में जनता पार्टी से  ,2000   भाजपा व 2013 में स्वतंत्र रूप से लूणकरणसर से विधायक रहे।   अन्तिम समय  सक्रीय रहे।
इसी वर्ष  पत्नी विमलादेवी ( भंवरीदेवी ) का अप्रैल 2020 को  स्वर्गवास हुआ था।
बीकानेर  में उनका मूल  बड़ेबाज़ार क्षेत्र  हैं। उनका जन्म कोलकता  हुआ परन्तु शिक्षा MA , LLB ,MDS तक की  बीकानेर में प्राप्त की  व  जयपुर में प्रवास  किया।     माणिक चंद सुराणा देश के अनेक अखबारों सहित  थार एक्सप्रेस में भी समसामयिक विषयों  बेबाक लिखते थे।
सन 1977 में जनता पार्टी की मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार में वित्त मंत्री रहे। मूल रूप में समाजवादी थे। भाजपा में रहे और असंतुष्ट होने पर लूणकरणसर से निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ा था।
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मैं उनसे अनेक बार मिला। 1977-78 में उनकी पत्रकार वार्ता डागा बिल्डिंग ( केईएम रोड बाद में इसका नाम महात्मा गांधी मार्ग किया गया) में थी। प्रख्यात पत्रकार शुभु पटवा ( अब स्वर्गीय) ने दो बहुत तीखे प्रश्न किए। पत्रकार वार्ता के बाद जब कमरे मे चाय पी रहे तब उन्होंने शुभु पटवा को उन प्रश्नों बाबत कहा कि खाल उधेड़ने वाले प्रश्न थे,ऐसे क्यों पूछते हो,मित्र हो।
शुभू पटवा ने उत्तर दिया। मित्र हूं मगर पत्रकार वार्ता में पत्रकार हूं। वहां मेरा पत्रकारिता का फर्ज है।
मानिकचंद सुराणा पर आम जनता को भरोसा था। जनता का हर व्यक्ति सीधे अपनी बात उनके आगे रखता था। उनका हरेक की पीड़ा समस्या से सीधा संबंध रहा।
सूरतगढ़ में इंजीनियर एम.एल.सिडाना श्रीमती राजेश सिडाना परिवार के नजदीकी मित्रता में थे। सिडाना परिवार में आना रूकना पचासों बार हुआ। सनसिटी नये आवास में ही पन्द्रह सोलह बार आए ठहरे। सिडाना के यहां पत्रकार वार्ता भी कई बार हुई जिनमें मैं शामिल हुआ। मानिकचंद जी सूरतगढ़ आते तब मेरे पास सिडाना परिवार से फोन आता, मानिक जी आए हैं और मैं पहुंच जाता, उनसे बातचीत करने।
एम.एल.सिडाना की परसों 23 नवंबर को ही सुराणा जी से मोबाईल फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि हालत इसबार गंभीर है।
मानिकचंद सुराणा जैसे नेता हों। जनता के नेता।
मेरा नमन!
करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 71356.
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मंगलवार, 24 नवंबर 2020

👌 शादी समारोह के कानूनी चक्कर से आयोजक को बचाने में मित्र परिचित जानकार आगे आएं तो सब संभव.




* करणीदानसिंह राजपूत *


👌 कोरोना का संक्रमण काल का फूटता ज्वालामुखी लोगों को लील रहा है। इस बीच हो रही है शादियां। 

शादी वाले कार्यक्रमों में अति व्यस्त हैं और मैरिज स्थल वाले नियमों से परेशान। क्या करें क्या नहीं करें। कितना ध्यान रखें।  किसका ध्यान रखें। कानून के पालन में चूक हुई तो सरकार की चेतावनी।

जिला कलेक्टर एसपी के फरमान पालन करना जरूरी। जुर्माना ही नहीं सजा तक का प्रावधान होने की चेतावनी। राजस्थान सरकार ने समारोह में 100 तक की अनुमति दी है। इससे एक भी ज्यादा हुआ तो 25 हजार रू. का। जुर्माना। मैरिज पैलेस सीज। दो साल सजा का भी प्रावधान। सैनेटराइजेशन जरूरी और। वह नहीं तो 5 हजार का जुर्माना।


 अब सवाल उठता है कि विवाह के आयोजक  जिनके घर में शादी है लड़का है या लड़की है। दोनों ही अब एकदम से क्या क्या ध्यान रखें?राजस्थान सरकार ने फरमान जारी किया है लेकिन आयोजन करने वालों की ओर से निमंत्रण पत्र इससे अधिक संख्या में वितरित पहले से ही किए जा चुके  हैं। 

अब किसे मना करें या तो संपूर्ण आयोजन ही स्थगित करें और केवल 10-15 व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजन किया जाए।

लेकिन यह हमारी परंपराओं के हिसाब से संभव नहीं है।

ऐसी स्थिति में आयोजक की परेशानी को मित्रों परिचितों जानकारों को हल करना चाहिए।

 समारोह में उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।  इसे टाल भी सकते हैं। 

यह कदम उठाने के लिए आयोजक को फोन पर सूचना दी जा सकती है कि इस समारोह में उपस्थित होकर समस्या नहीं बनना चाहते। हमारी शुभकामनाएं हैं। कोरोना का संकट काल टलते ही हमारा और आपका मिलना पूर्व की भांति होता रहेगा। आप अपने और कानून की स्थिति का पालन करते हुए समारोह को हंसी खुशी के साथ संपन्न करें। हम आगे मिलते रहेंगे। 

इस प्रकार के संदेश और सोच से विवाह समारोह की कानूनी और विभिन्न समस्याएं हल होंगी। आयोजक विभिन्न प्रकार के भोजन आदि के बहुत बड़े खर्चे से भी बच सकेगा। शीघ्रता करें और इस सोच को फैलाएं।००


सामयिक लेख. दि 24 नवंबर 2020 

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356.

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सरकार ने 43 और मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया है, जिनमें से अधिकतर चाइनीज हैं।



 



* देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए भारत सरकार ने 

आईटी ऐक्ट की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की है।

सरकार इनके इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की है।  ये ऐप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त हैं।

सरकार ने जिन ऐप्स पर बैन लगाया है उनमें अली सप्लायर्स मोबाइल ऐप, अलीबाबा वर्कबेंच, अली एक्सप्रेस, अलीपे कैशियर, लालामूव इंडिया, ड्राइव विद लालामूव इंडिया, स्नैक वीडियो, कैमकार्ड-बिजनेस कार्ड रीडर, कैम कार्ड- बीसीआर वेस्टर्न, सौउल, चाइनजी सोशल, डेट इन एशिया, वी डेट, फ्री डेटिंग ऐप, एडोर ऐप, ट्रूली चाइनीज, ट्रूली एशियन, चाइना लव, डेट माय एज, एशियन डेट, फ्लर्ट विश, गायज ओनली डेटिंग, टूबिट, वी वर्क चाइना, फर्स्ट लव लाइव, रीला, कैशियर वॉलेट, मैंगो टीवी, एमजीटीवी, वी टीवी, वीटीवी लाइट, लकी लाइव, टाओबाओ लाइव, डिंग टॉक, आईडेंटिटी वी, आईसोलैंड 2, बॉक्स स्टार, हैपी फिश, जेलीपॉप मैच, मंचकिन मैच, कॉनक्विस्टा ऑनलाइन शामिल हैं।


आईटी मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि इन मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। इससे पहले सरकार ने 29 जून को 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया था। इसके बाद 2 सितंबर को 118 और ऐप्स पर पाबंदी लगा दी गई थी। चीन से सीमा पर तनाव के बीच इस सरकार की इस कार्रवाई को डिजिटल सर्जिूूकल स्ट्राइक भी कहा जाता है।

दि. 24 नवंबर 2020.



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गंगानगर कलक्टर व एसपी की चेतावनी-101लोग होते ही मैरिज पैलेस सीज. 2 साल की सजा का भी प्रावधान.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


*जिले के मैरिज संचालकों से जिला प्रशासन का संवाद*

कोविड-19 की एडवाईजरी की 100 प्रतिशत पालना आवश्यकः- जिला कलक्टर*


श्रीगंगानगर, 24 नवम्बर2020.

 जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के दौरान समारोह संचालकों से संवाद करना महत्वपूर्ण इसलिये है कि वर्तमान में विवाह शादियों का सीजन प्रारम्भ हो गया है, ऐसे में कोविड-19 की गाईडलाईन की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाये।

जिला कलक्टर श्री वर्मा मंगलवार को एसडी बिहाणी काॅलेज के आडिटोरियम में जिले भर के मैरिज पैलेस संचालकों एवं विभिन्न कार्यक्रमों के प्रबंधकों के संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की अपेक्षा है कि सभी संचालक यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी समारोह में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाईजरी की 100 प्रतिशत पालना की जायेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक नही होंगे। सौ से उपर 101 होते ही जुर्माना व विभिन्न प्रकार की कार्यवाही की जायेगी। 

उन्होंने कहा कि समारोह स्थल पर संख्या के साथ-साथ शत-प्रतिशत मास्क का उपयोग, सेनेटाईजर, साबुन की सुविधा तथा सामाजिक दूरी की प्रोपर पालना की जाये। किसी भी कार्यक्रम में आयोजक द्वारा 100 से अधिक नागरिक बुलाने पर आयोजक के साथ-साथ मैरिज पैलेस, कार्यक्रम स्थल को सीज करने की कार्यवाही की जायेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने पर दो वर्ष की सजा का भी प्रावधान है। कोविड के संकट काल में एडवाईजरी की पालना कर आप देश की सेवा में भागीदार बन सकते है। 

श्री वर्मा ने कहा कि गत दो माह से कोविड को लेकर विभिन्न कार्यक्रम चलाये गये। बड़े पैमाने पर नागरिकों को मास्क बांटे गये। विभिन्न वर्गों में एडवोकेट, पार्षद, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न वर्गों से संवाद कर सहयोग मांगा गया तथा सहयोग मिला भी है। कार्यक्रमों से जुड़ा यह वर्ग वंचित था, इसलिये आज आप सभी से महत्वपूर्ण जानकारियां सांझा की गई है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कोविड की संख्या लगातार बढ़ रही है तथा एक सार्वभौमिक परिदृश्य है, जिसमें हमारा देश, राज्य तथा जिला भी अछूता नही है। इस महामारी से बचने का कोई उपचार नही है, लेकिन वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग, सेनेटाईजेशन व 14 दिन का आईसोलेसन इत्यादि को अपनाकर इस महामारी से बचा जा सकता है। 

जिला कलक्टर ने कहा कि बचाव के लिये लाॅकडाउन से लेकर अनलाॅक तक की विभिन्न प्रक्रियाओं को हमने देखा है, लेकिन अभी भी खतरा बरकरार है। इससे बचने के लिये सावधानियां ही एक साधन बचा है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 90 लाख के करीब व राज्य में 2.40 लाख के करीब कोविड रोगी है। मृत्यु भी कोरोना से हुई है। इन सबसे बचने के लिये एडवाईजरी की अक्षरशः पालना की जाये। जिले में अब तक 36 नागरिकों की मृत्यु तथा 5000 के करीब कोरोना पाॅजीटिव आये है। लगभग 45 हजार के नमूने लिये गये। 

कार्यक्रम स्थल पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गोपनीय निरीक्षण करेंगेः- पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यंत ने कहा कि जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न समारोह स्थलों के संचालक यह सुनिश्चित कर ले कि हर हाल में एडवाईजरी की पालना की जानी है। किसी भी प्रकार का उल्लंघन होने पर आयोजक व प्रबंधक दोनों के विरूद्ध कार्यवाही होगी। संचालक अपनी सुविधा के लिये आयोजकों के साथ पालना शर्तों का अनुबंध कर सकते है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक नही होने चाहिए। कार्यक्रम में पुलिस व प्रशासन के कार्मिक गोपनीय रूप से प्रवेश कर जांच करेंगे तथा वीडियोग्राफी कर यह सुनिश्चित करेंगे कि संख्या अधिक तो नही है। कार्यक्रम स्थल पर थर्मल स्कैनर से तापमान जांच के बाद ही नागरिक प्रवेश करे, सेनेटाईजर व हाथ धोने  की व्यवस्था हो तथा पूरा कार्यक्रम स्थल सेनेटाईज किया हुआ होना चाहिए। 

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन डाॅ. गुंजन सोनी ने कहा कि कोविड-19 के परिदृश्य में लगातार जनहानि हो रही है, ये हम सभी जानते है। जिला कलक्टर द्वारा कोविड-19 को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की गई है तथा जिले में एक बड़े जन आंदोलन के रूप में आमजन को जागरूक किया है, फिर भी वर्तमान में सभी के सहयोग की आवश्यकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर सर्तकता श्री अरविन्द जाखड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरपरिषद आयुक्त प्रियंका बुडानिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी तथा जिले भर के मैरिज पैलेस संचालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रेम चुघ ने किया। 




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सोमवार, 23 नवंबर 2020

👌शादियों के जीमण में कोरोना संकट का खतरा- जीमण से बचें*

 

* अनहोनी होगी तो मजा किरकिरा हो जाएगा*
* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में भयानक बढ़ोतरी सामने आ रही है और विवाह शादियों के मौसम में आयोजित समारोहों का जीमण  भयानक संकट में डालने वाला हो सकता है।
सरकार की ओर से समारोहों में 100 तक उपस्थिति की अनुमति है।  इस उपस्थिति में बराती घराती हलवाई बैयरे मैरिज पैलेस आदि के कर्मचारी सभी शामिल होंगे।

सूचनाएं है कि शादी समारोह के आयोजन में लोगों ने कम से कम 4-  5 सौ  कार्ड छपवा कर बांटे हैं। यह संख्या आज के जमाने में साधारण ही मानी जाती है। इतने कार्ड तो आज हरेक साधारण व्यक्ति भी छपवाता ही है।
इन कार्डों की वितरण व्यवस्था के बाद में बहुत ही सोचनीय स्थिति  होगी कि 100 की सीमित संख्या में आयोजन करता क्या करेगा?आशंका है कि हर ब्याह शादी के आयोजन में सख्ती नहीं हुई तो यह 100 की अनुमति टूटेगी और हर समारोह में 200 ढाई सौ तक लोग शामिल हो जाएंगे।
हर शादी समारोह में आयोजन स्थल के व्यवस्थापक की जिम्मेवारी लगाई जाए 80 के करीब उपस्थिति आयोजन स्थल पर प्रवेश करते ही वह आयोजक को अवगत कराएं के आगे 20 और व्यक्ति ही आ सकते हैं और यह अवगत कराने की प्रक्रिया लिखित में हो या प्रमाणित हो।
मैरिज हॉलों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जहां पर 100 से अधिक की उपस्थिति प्रमाणित हो सकती है।
सवाल उपस्थित होने से ही ज्यादा गंभीर और  है कि कोरोना संक्रमित कोई व्यक्ति समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए। उसे समारोह स्थल से बाहर ही रोका जाए। सरकार की गाइड लाइन में यह व्यवस्था अंकित है के व्यक्ति का टेंपरेचर आदि सारा कुछ लिया जाए। यह कितना संभव हो पाएगा यह आयोजन करता पर निर्भर रहेगा। हालांकि इसकी व्यवस्था करना कोई बहुत बड़ी मुसीबत नहीं है। यह व्यवस्था आसानी से हो सकती है।

सरकार कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाना चाहती है और यह कार्य शादी ब्याह में बराती घराती और व्यवस्था में जुटे सभी लोगों को मिलजुलकर करना है।
ऐसा ना हो कि शादी के तुरंत बाद कोई न कोई संक्रमित रोगी अत्याधिक बीमार हो और अनहोनी का शिकार हो। ऐसे हालात में शादी ब्याह का मजा ही किरकिरा हो जाएगा। इस आनंद को कायम रखने के लिए सभी को मिलजुल कर यह व्यवस्था करनी ही होगी कि सरकार द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्ति समारोह में उपस्थित नहीं हो।  तथा जो उपस्थित हो उनकी सैनिटाइजेशन की व्यवस्था बहुत अच्छी रखी जाए ।
राजस्थान में नगरीय क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है इसलिए इस व्यवस्था में सभी का सहयोग जरूरी भी है। ब्याह शादी का जीमण संकट में डालने वाला बनने से रोकने के लिए अच्छा यही है कि जीमण से बचा जाए।००
- सामयिक लेख.-
करणीदानसिंह राजपूत.
स्वतंत्र पत्रकार( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से ही अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
84143 81356.
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रविवार, 22 नवंबर 2020

श्रीगंगानगर कलक्टर ने शादी समारोह, और कोरोना बाबत 22 नवंबर को सख्त निर्देश दिए। आयोजक जरूर पढें

 

कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव

15 दिवस का विशेष अभियान आज से

बिना मास्क मिलने पर 500 रूपये जुर्माना

5 से अधिक व्यक्ति मिलने पर धारा 144 के तहत कार्यवाही 

विवाह स्थल पर 100 से अधिक नागरिक मिलने पर जुर्माना व मैरिज स्थल सीज की कार्यवाही

श्रीगंगानगर, 22 नवम्बर। जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने कहा कि कोविड-19 की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमे किस प्रकार से तैयार रहना है तथा चिकित्सीय व्यवस्थाओं को और मजबूत व बढावा देना होगा, तभी जाकर इस महामारी से मुकाबला कर पाएंगे।

जिला कलक्टर रविवार को कलैक्ट्रेट सभाहाॅल में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों, निजी चिकित्सालयों के संचालकों से बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होेने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री व राजस्थान सरकार कोविड-19 को लेकर गंभीर है। इस चुनौति से निपटने के लिए राजकीय चिकित्सालयों के अलावा निजी चिकित्त्सालयों में 60 बैड़ वाले चिकित्सालय में 30 प्रतिशत तथा 100 बैड वाले चिकित्सालयों में 40 प्रतिशत बैड कोविड रोगियों के लिए सुरक्षित रखने होंगे तथा कोरोना गाईडलाईन के अनुसार सभी सुविधाएं तैयार रखनी होगी। उन्होेने कहा कि चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए। इस कार्य को तत्काल पूरा किया जाए। चिकित्सालय में आने वाले कोविड रोगी को प्रारम्भिक तौर पर हेल्प डेस्क से मदद दी जा सकती है। 

बैठक में बताया गया कि जनसेवा होस्पीटल, आस्था किडनी होस्पीटल के अलावा मैदान्ता, जुबिन होस्पीटल, बुढ्ढा जोहड स्थित चिकित्सालय में भी कोविड रोगियों के लिए व्यवस्था की जा रही है। जिला कलक्टर ने कहा कि जिन निजी चिकित्सालयों में कोविड संे संबंधित सेवा प्रारम्भ नही की है, वे तत्काल इस सेवा को प्रारम्भ कर देवे। जिला कलक्टर ने इन सभी कार्यो के संचालन के लिए एडीएम प्रशासन डाॅ0 गुंजन सोनी को नोडल अधिकारी बनाया है। 

आज से 15 दिन का विशेष अभियान

जिला कलक्टर श्री वर्मा ने कहा कि 23 नवम्बर 2020 से आगामी 15 दिवस के लिए एक विशेष अभियान चलाकर एसडीएम, डीवाईएसपी, तहसीलदार व एसएचओ टीम बनाकर बिना मास्क घूम रहे नागरिकों के चालान काटेंगे। सरकार द्वारा बिना मास्क पाए जाने पर 500 रूपये का जुर्माना निर्धारित किया है। उन्होने सायं 6 बजे से 8 बजे तक जिले में कही भी किसी शहर में 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित मिले तो उनके विरूद्ध भी धारा 144 के तहत कार्यवाही की जाएगी। उनका कहना था कि नागरिक अपने काम के लिए आवागमन करते रहे, अनावश्यक ज्यादा संख्या में खडे न रहे। 

शादी समारोह स्थल पर अधिक भीड़ होने पर सीज होंगे स्थल

जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि एडवाईजरी के अनुसार शादी समारोह में अधिकतम 100 नागरिक हो सकते है। अपने क्षेत्र के ऐसे स्थलों पर एसडीएम व पुलिस के अधिकारी मौके पर जाए तथा 100 से अधिक संख्या होेने पर जुर्माना की कार्यवाही के साथ-साथ समारोह स्थल को सीज करने की कार्यवाही की जाए। बिना सूचना शादी समारोह करने पर 5 हजार तथा 100 से अधिक नागरिक होने पर 10 हजार रूपये जुर्माने का प्रावधान है।

जिला कलक्टर ने कहा कि गत दिनों जो अभियान चलाया गया था, उसमें बडी संख्या में नागरिकों को मास्क वितरण के साथ-साथ नागरिकों को कोविड बचाव को लेकर समझाया गया। फिर कुछ नागरिक लापरवाही से बिना मास्क पाए गए। अधिकारियों व पुलिस द्वारा 27766 चालान काटकर 36 लाख 21 हजार रूपये की राशि जुर्माना स्वरूप वसूल की गई। एक बार फिर ऐसे अभियान की आवश्यकता है, जिससे हम नागरिकों को महामारी से बचाने में सफल हो सकेंगे। जिला कलक्टर ने स्काउट गाईड, खेल तथा नगर परिषद को जागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। 

उपखण्ड स्तरीय अधिकारियो ंको वीसी के माध्यम से दिए निर्देश

एडवाईजरी के उल्लंघन करने पर होगी प्रभावी कार्यववाही 

जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने रविवार को बैठक के पश्चात वीसी के माध्यम से जिले के एसडीएम, थानाधिकारियों, विकास अधिकारियों व नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारियों को कोविड -19 के बचाव को लेकर सतर्क रहने तथा आवश्यक तैयारियां रखने के साथ-साथ एडवाईजरी का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 

उन्होने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में कोविड का आंकडा बढ रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 25 नवम्बर 2020 से शादियां प्रारम्भ हो रही है, ऐसे समय में सतर्क रहकर कडी निगरानी की जरूरत है। कोविड-19 को लेकर राज्य सरकार की चिन्ता के अनुरूप हमे पूर्ण चैकसी के साथ काम करना होगा। राज्य के 8 जिलों में रात्रिकालीन आवागमन को रोका गया है। उन्होने कहा कि 23 नवम्बर 2020 से 15 दिवस का विशेष अभियान चलाकर बिना मास्क वालों के चालान काटे जाए। 5 से अधिक नागरिक खडे पाए जाने पर उनके विरूद्ध भी धारा 144 के उल्लंघन की कार्यवाही की जाए। एसडीएम व पुलिस अधिकारी विवाह स्थल पर जाकर 100 से अधिक नागरिक पाए जाने पर गृह विभाग के निर्देशानुसार कडी कार्यवाही की जाकर जुर्माना वसूल किया जाए तथा बिना सूचना के समारोह करने पर समारोह स्थल को सीज किया जाए। विवाह स्थल संचालकों को विवाह व समारोह बुकिंग की सूचना संबंधित एसडीएम को देनी होगी।

श्री वर्मा ने कहा कि पूर्व में ग्रामवार व वार्डवार जो समितियां गठित की गई थी उन्हे अलर्ट किया जाए तथा कोविड-19 महामारी के बचाव में लगाया जाए। जिले में जहां-जहां कोविड केयर सैंटर बनाए गए थे, उनका एसडीएम दौरा कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवा लेवें तथा जिला प्रशासन को रिपोर्ट करेंगे। बाजार में दुकानों के बाहर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए जहां गोले नही है, वहां गोले के निशान लगवाए जाए। 

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन डाॅ0 गुंजन सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर सतर्कता श्री अरविन्द जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीना डाबी, एसडीएम श्री उम्मेद सिंह रतनू, न्यास सचिव डाॅ0 हरीतिमा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सहीराम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ0 गिरधारी लाल, आरसीएचओ डाॅ0 हरबंस सिंह बराड़, डाॅ0 कर्ण आर्य, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, निजी चिकित्सालयों के संचालक उपस्थित थे। ००

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