शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

आपके बच्चे रातको कहां जाते हैं? ** करणीदानसिंह राजपूत **

अपने बच्चों का ध्यान रखें कि रात को कहां जाते हैं?किसके साथ जाते हैं? बच्चे वापस कब और किस हालत में लौटते हैं?

अनेक प्रकार की घटनाएं दुर्घटनाएं आजकल होने लगी है जिनमें हत्याएं आत्महत्या होने लगी है।

यदि आपका बच्चा हत्या का शिकार होता है तो भी आपकी जिंदगी तबाह हो जाती है। यदि आपका बच्चा हत्या करने में पकड़ा जाता है तब भी आपकीक्षजिंदगी खराब हो जाती है। यदि आपका बच्चा नशा करने लगा ड्रग लेने लगा तो भी आपका जीवन खत्म और आपका बच्चा नशा बेचने में किसी गिरोह में फंस गया तब भी आपका सब कुछ बर्बाद हो जाता है।


आपका बच्चा चाहे अपने मित्रों के साथ परिचितों के साथ जानकारों के साथ भी जाता है तब भी मालूम होना चाहिए कि वह कहां जा रहा है और कब तक लौट करके आएगा?

यदि सूर्यास्त के बाद वह घर से बाहर जाता है तो आपकी जिम्मेदारी बहुत ज्यादा हो जाती है।

घटनाएं जो हो रही हैं उनसे यह मालूम होता है कि अपराध की घटनाएं दोस्तों परिचितों और जानकारों के द्वारा अधिक हुई है।

सामान्य रूप से जब कोई मित्र परिचित घर से बुलाकर बच्चे को ले जाता है तो गौर नहीं करते रात को जब वह लौटता नहीं है तो ले जाने वालों के घरों पर मालूम नहीं करते और पुलिस को सूचना देने से भी कतराते हैं सोचते हैं कि रुक गया है सुबह तक आ जाएगा।यह सोच बाद में बहुत कुछ छीन लेती है। 

यदि बच्चा रात के 9-10 बजे तक नहीं लौटता है तो उस स्थिति को सामान्य रूप में नहीं लेना चाहिए। यदि शक की थोड़ी सी भी गुंजाइश हो तो पुलिस को भी सूचित कर देना चाहिए।

सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे दिन कोई मित्र परिचित मिलने नहीं आए मगर सूर्यास्त के बाद में मिलने और लेने आए,बच्चे को साथ ले जाए तो इस स्थिति पर सोचना अवश्य चाहिए।

ऐसे में पूछने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए।जो मित्र और दोस्त आपके बच्चे को लेकर के जाएं।  उनके मोबाइल नंबर आराम से पूछ करके रखें। देरी होती हुई देखेंगे तो फोन कर लें। उनके परिवार के नंबर भी होने चाहिए तरीके से मांगे और लकर रखें। किसी प्रकार की देरी होती देखें तो  मित्रों के मोबाइल नंबर पर या फिर उनके परिवारजनों के नंबरों पर कॉल करने में देरी नहीं होनी चाहिए। 


परिवार में थोड़ा सा कठोर निर्णय लेने की स्थिति भी पैदा करें ।

यदि रात को या दिन में भी बच्चा बाहर जा रहा है तो उससे स्थान का और रूकने का मालूम कर लेना चाहिए।

 यदि आपका पुत्र बच्चा या किशोर व युवा है या बड़ा है तो उसको भी जाते वक्त बता कर जाना चाहिए कि किस स्थान पर जा रहा है ताकि किसी अनहोनी में उचित कदम उठाया जा सके। 

वैसे तो घटनाएं कहीं भी घटित हो सकती है लेकिन सुरक्षा पहले ही ध्यान में रखी जाए तो उसका लाभ भी मिलता है। 

रात्रि में अंधाधुंध  वाहन चलाना। मस्ती में वाहन चलाना। नशे में वाहन चलाना। इन सभी हालातों में खतरा रहता है इसलिए अपने बच्चों पर ध्यान रखें और सतर्क रहें। 

एक बात और विशेषकर के यहां बताना चाहता हूं कि आजकल परिवार में एक या दो बच्च हीे होते हैं यदि किशोर और जवानी में उनके साथ कोई दुर्घटना हो जाए तो फिर व्यक्ति का जीवन भविष्य कितना संकट में होता है? संपूर्ण भविष्य बुढापा बिना औलाद के कैसे कटेगा।ऐसी घटनाएं किसी से छुपी नहीं हैं। 

 उस पर गौर करना जरूरी है।

 हम चाहते हैं कि किसी परिवार में दुर्घटना न हो सभी परिवार सुरक्षित रहें।०००





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें