रविवार, 7 अप्रैल 2019

मैं भी चौकीदार नारे से कांग्रेस में डर की लहर:सामयिक- करणीदानसिंह राजपूत

***** करणीदानसिंह राजपूत *

मैं भी चौकीदार नारा देश का नारा बनता जा रहा है। इस नारे से कांग्रेस पार्टी और  अन्य दल बुरी तरह से भयभीत होकर बौखला रहे हैं। 

 देश में मोदी लहर हो या ना हो मगर कांग्रेस व अन्य दलों में  डर की लहर दौड़ रही है।

कांग्रेस में डर कुछ ज्यादा ही घात कर रहा है जिससे नेता विचलित हो रहे हैं। मैं भी चौकीदार नारा नहीं एक तूफान बन गया है जिसकी गति दिन प्रतिदिन तेज हो रही है। यह नारा मोदी से अधिक ताकतवर बन गया है।

कांग्रेस को इस नारे की कोई काट नजर नहीं आ रही जिसके कारण नेताओं के  विचलित होने के प्रमाण भाषणों में आ रहे हैं। 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तो अपने भाषणों में बार बार कहा है कि मोदी को सरकार बनाने के लिए वोट दिया गया तो आने वाले 50 सालों तक चुनाव होने की कोई संभावना नहीं है। यह कांग्रेस का भय है जो झलक रहा है।इससे बड़ा डर और कोई नहीं हो सकता। कांग्रेस की सोच है कि इस बयान से मतदाता यानि जनता प्रभावित होगी और अपना निर्णय बदल कर मोदी के पक्ष में वोट नहीं करेगी।

जनता कांग्रेस के डर को जान चुकी है और उसे कमजोर मान रही है। आखिर कांग्रेस को यह डर क्यों हुआ है कि वह जनता को भी डराने लगी है कि इसबार 2019 में मोदी आ गया तो फिर आने वाले 50 सालों में मोदी पक्ष की सरकार को गिरा पाना संभव नहीं हो पाएगा। इसका दूसरा मतलब भी निकल रहा है कि कांग्रेस इतनी अधिक कमजोर हो जाएगी कि फिर 50 साल तक उठ नहीं पाएगी।


डरी हुई कांग्रेस के पक्ष में कोई भी वोट क्यों डालना चाहेगा? डरपोक कमजोर को कभी कोई साथ नहीं देता। राजनीति में तो बिल्कुल ही नहीं। मोदी को तानाशाही वाला बता कर  कांग्रेस पार्टी झूठ बोल कर जनता को गुमराह कर रही है। तानाशाही से प्रजातंत्र को खूंटी पर टांगने वाली इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए आपातकाल लगाकर देश के संविधान को दरकिनार कर दिया था, मूल अधिकार खत्म कर दिए गए, अखबारों पर सेंसर लगा दिया गया और विपक्ष के नेताओं को रात्रि में जेलों में ठूंस दिया गया और यह प्रक्रिया कई महीनों तक चलती रही थी। कांग्रेस की ओर से लगाया गया यह आपातकाल 26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक रहा था।  देशभर में लाखों लोगों को जेलों में ठूंस दिया गया व क्रूर अत्याचार किए गए थे।  कांग्रेस पार्टी खुद मानती है कि आपातकाल लगाना सही नहीं था। पूरे विश्व में उसकी आलोचना हुई थी। प्रजातंत्र पर लगाया हुआ काला धब्बा इतिहास में लिखा गया है। कांग्रेस पार्टी इस आपातकाल वाले अत्याचार के इतिहास को भुलाना चाहती है और मोदी पर आरोप लगाती है कि इस बार सत्ता में आए तो भविष्य में चुनाव भी नहीं हो पाएंगे। यह भय कांग्रेस पार्टी जनता में पैदा करना चाहती है ताकि मोदी सरकार पुनः न आ पाए लेकिन सच यह है कि कांग्रेस पार्टी और उसका हर नेता नरेंद्र मोदी की सरकार से भयभीत है। कांग्रेस व अन्य दल 'मैं भी चौकीदार' नारे से डरे हुए हैं। यह नारा देश का नारा बन चुका है।

 (लेखक भी आपातकाल में सवा चार माह जेल में बंद रहा। अखबार भारतजन पर सेंसर लगाया गया और जब्त कर  लिया गया था।)


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