बुधवार, 8 अगस्त 2018

नगरपरिषद चेयरमैन और पति घूस के सवा दो लाख लेते गिरफ्तार:भाजपा की है

अजमेर।ब्यावर नगर परिषद की सभापति बबीता चौहान उनके पति नरेंद्र चौहान और एक अन्य व्यक्ति शिवप्रसाद  को बुधवार एसीबी की टीम ने सुबह रिश्वत लेते पकड़ा। करीब 2.25 लाख रुपए की राशि रंगे हाथ पकड़ा। चौहान के खिलाफ प्लॉट कन्वर्जन मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत की गई थी। एसीबी की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

भ्रष्टाचार की मिल रही थीं शिकायतें

अजमेर एसीबी के एसपी कैलाश चंद्र बिश्नोई ने बताया कि ब्यावर की सभापति बबीता चौहान के खिलाफ जमकर भ्रष्टाचार करने की शिकायतें मिल रही थी। इसके तहत इस पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान ब्यावर के कॉलेज रोड स्थित जैन फर्टिलिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ राजीव जैन ने सभापति चौहान के खिलाफ परिवाद पेश किया जिसमें बताया कि उसके आवासीय भूखण्ड को व्यावसायिक में रूपान्तरित करने के लिए फाइल लगाई तो नगर परिषद के बाबू जुंजार ने सभापति के घर जाकर मिलने की बात कही। जब वह सभापति चौहान व उसके पति से मिला तो भू रूपान्तरण के लिए सवा दो लाख रुपये की राशि की डिमाण्ड की तथा साथ ही चार-पांच दिन में रुपये देने को भी कहा। डॉ जैन की शिकायत का सत्यापन करवाकर आज 8-8-2018 सुबह लगभग सवा नौ बजे बबीता चौहान के घर पर ही रिश्वत की रकम भिजवाई गई। जैसे ही रकम चौहान ने प्राप्त की और जैन का इशारा मिला। एसीबी की टीम ने धावा बोलकर चौहान दम्पति को दबोचना चाहा। ऐसे में दोनों ने शातिरपन दिखाते हुए शिवप्रसाद नामक व्यक्ति को रिश्वत की रकम लेकर भगाने का प्रयास भी किया लेकिन इसमें भी वह विफल रहे।

मनपसंद दुकान लूंगी

एसपी बिश्नोई ने बताया कि सभापति चौहान के खिलाफ ब्यावर नगर परिषद के पार्षद गुरू बच्चन सिंह ने एसीबी को शिकायत दी कि हॉस्पिटल मार्ग पर कॉम्पलेक्स की स्वीकृति के लिए फाइल लगाई जिसमें सभापति चौहान और उसका पति नरेन्द्र चौहान स्वीकृति के लिए कॉम्पलेक्स में मनपंसद दुकान की डिमांड कर रहे हैं। तय बातचीत के अनुसार शिकायतकर्ता गुरू बच्चन सिंह ने पार्षद चौहान के कहे अनुसार एक दुकान की रजिस्ट्री किसी बिचौलिए के नाम भी करवा दी। जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 78 लाख रुपये है। बिश्नोई ने कहा कि हालांकि नरेन्द्र चौहान ने दुकान की रजिस्ट्री सविता कांकाणी के नाम करवाई थी। इससे पहले शिकायतकर्ता से पांच लाख रूपए लेकर सविता के खाते में जमा करवाए गए और यही रकम शिकायतकर्ता के खाते में डाली गई जिससे कि स्पष्ट हो कि रूपए देकर दुकान ली गई है।

प्रोपर्टी भी खोलेगी राज

भाजपा से जीतकर पार्षद बनी बबीता चौहान पर चुनाव प्रभारी व स्थानीय विधायक की मेहरबानी रही कि वह सभापति भी बना दी गई। सभापति बनने के बाद से ही बबीता चौहान के पति नरेन्द्र चौहान ने पूरा साम्राज्य जमा लिया और हर फाइल पर रुपये लेना शुरू कर दिया। कई तो ऐसे मामले भी हुए कि सड़क बनी नहीं और उसकी राशि भी स्वीकृत हो गई। सभापति चौहान को लेकर ना केवल कांग्रेस बल्कि भाजपा में भी रोष था लेकिन भाजपा के आला नेताओं का हाथ सिर पर होने के कारण इसका बाल भी बांका नहीं हो पाता। अब चौहान की प्रॉपर्टी की जांच चल रही है जो भी कई राज खोलेगी।

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वो भी बबीता ये भी बबीता

जैसे ही सोशल मीडिया पर सभापति बबीता चौहान के ट्रेप की खबर प्रसारित हुई तो लोगों ने यह भी लिखा कि बबीता नामक की युवतियां और उनके पतियों के दिन अच्छे नहीं है। जहां मंगलवार को बबीता चौधरी अपने वकील पति के साथ धरी गई वहीं आज बुधवार को सभापति बबीता चौहान भी अपने पतिदेव के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार हुई।

ब्यावर नगर परिषद की सभापति बबीता चौहान के खिलाफ लम्बे अर्से से शिकायतें मिल रही थी। हाल में ब्यावर निवासी डॉ. राजीव जैन से कथित तौर पर प्लॉट कनवर्जन की एवज में 25 लाख रुपए की रिश्वत मांगे थे। डॉ. जैन ने शिकायत एसीबी अजमेर को दी। एसीबी ने शिकायत की जांच की। इसके बाद एसीबी की टीम एडिशनल एसपी सी. पी. जोशी के नेतृत्व में बुधवार सुबह ब्यावर पहुंची। टीम ने नगर परिषद अध्यक्ष बबीता चौहान के निवास स्थान पर उन्हें 2.25 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। सभापति के पति नरेंद्र चौहान और एक अन्य व्यक्ति को भी मौके से पकड़ लिया।

50 लाख रुपए की रिश्वत का मामला..

एसीबी तत्काल चौहान के घर की तलाशी लेने में जुट गई। अलमारी, लॉकर और अन्य खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा बैंक एकाउन्ट और अन्य जांच भी की जा रही है। टीम को एक अन्य मामले में 50 लाख रुपए रिश्वत लेने की शिकायत भी मिली है। फिलहाल उसकी छानबीन जारी है। टीम जल्द इसका खुलासा करेगी।


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