शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

भावी विधायकों की जीहजूरी से सावधान रहें:क्यों रहेंं-यह जानेंं।

* करणीदानसिंह राजपूत *

आपके पास कोई भावी विधायक घूम रहा है। सावधान रहें।अपने सामान की सुरक्षा करना ध्यान रखना बहुत जरूरी है।चापलूसी भरे शब्दों शब्दों में भविष्य के सुनहरे सपने दिखलाते हुए आपके पास से कोई चीज उड़ा कर गायब हो सकते हैं। आप भावुकता में बह कर ऐसा भी कर सकते हैं कि खुद ही अपनी कमाई को सौंप दें दें और बाद में पछताएं। विधायक बनने के बाद आपसे आपका मित्र,आप का परिचित,आपकी चापलूसी करने वाला आपको पास में ही नहीं फटकने दे। ऐसा पहले हो चुका है अब भी हो रहा है। जनता के अनेक लोग लोग, सैंकड़ों लोग,यत्र तत्र बिखरे हजारों लोग अपनी कहानियां अपने किस्से सुनाते हुए रोते हुए मिलते हैं। हमने श्रीमान  विधायक जी के लिए यह भी कियावह भी किया। अपना समय दिया। दिन रात मेहनत की। अपना पैसा भी लगाया और अब श्रीमान विधायक के पास हमारी बात सुनने को समय नहीं। हमारे दुख दर्द दूर करना तो बहुत दूर की बात होगी विधायक जी को तो मिलने तक का समय नहीं। 

विधायक,उसकी संताने,परिजन सब नगर पालिका पंचायत समिति नगर परिषद ग्राम पंचायतों में अपनी हिस्सेदारी कमीशन सुरक्षित करते हुए लूट खसोट करने में लगे हुए हैं। 

चुनाव का वक्त है। उनको मालूम है कि आने वाले समय में पासा पलट सकता है उनके अधिकार छीने जा सकते हैं और हालात इतने भी बदल सकते हैं कि बाद में सड़क पर चलने लायक भी नहीं रहेंगे। किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। हो सकता है कि उनकी जमानत ही जब्त हो जाए। हो सकता है कि चुनाव परिणाम में उनका नंबर तीसरे चौथे या नीचे खिसकता पांचवे छठवें पर जाकर रूके।

ऐसी संभावित स्थिति को भांप कर या अब केवल और केवल अपना घर भरने में लगे हैं।.वह हाथ जोड़ते हैं तो समझ ले कि कि ले कि कि इस हाथ जोड़ने की वजह विनम्रता में कुछ ना कुछ कुछ छल कपट चालबाजी या और भी गंभीर मामला छिपा हुआ हो जो आपको सामान्य रूप से नजर नजर से नजर से नजर नजर नहीं आ रहा हो।  उनके छल कपट को आप नहीं बड़े-बड़े लोग पकड़ नहीं सकते बड़े-बड़े लोग पकड़ नहीं सकते लोग पकड़ नहीं सकते तो ऐसी स्थिति मेंआप, कम पढ़े लिखे,गांव के लोग, कच्ची बस्तियों के लोग,दिन रात खेती और मजदूरी में लगे लोग कैसे पकड़ सकते  हैं?


आप सावधान रहें और आसपास के लोगों को सावधान करें। लेकिन अपने घर में भी सावधानी बरतने का करें कि कि कोई भावी विधायक मकान का दरवाजा खटखटाकर भीतर आ घुसे और आपके परिवार वालों को फुसलाकर सारा कुछ जिंदगी भर की कमाई  लूटकर चलता बने।

आप जानते ही होंगे कितने लोग चुनाव लड़ने का कह रहे हैं! पुराने हारे थर्ड क्लास भी मैदान में हैं जिनको कोई पकड़ कर खड़ा करता है और कोई सहारा देकर ही बैठाता है। कुछ ऐसे भी हैं जो बिना सहारे के पांच दस कदम भी नहीं चल पाते। कुछ एकदम नये जिनको राजनीति का क ख ग नहीं आता मगर ठान लिया कि चुनाव लड़ना है और वह भी विधायक का। समाजसेवा की नहीं अब विधायक बन कर सेवा करना चाहते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो त्यौंहारों पर,जयंतियों पर बधाइयां शुभकामनाएं फेसबुक पर वाट्सअप ग्रुप पर सोशल मीडिया पर देकर अपने आप को सबसे अच्छा प्रत्याशी मान बैठे हैं। यहां तक भी मान रहे हों तो भी चले लेकिन वे तो खुद को अभी से जीता हुआ भी मान रहे हों तो सावधानी जरूरी है। बड़े बड़े होर्डिंग्स पर हाथ जोड़े मुस्कुराता दंतपंक्तियां दिखाता सुंदर चेहरा। किस किस से सावधान रहने का कहा जाए।

बस सावधान रहें।

जैसे बसों में में लिखा हुआ होता है कि अपने सामान की सुरक्षा सवारी को ही करनी है।सामान की जिम्मेदारी यात्री की ही है। यात्रा तो बस के अंदर एक या 2 घंटे की 5 5 या 10 घंटे की होती है लेकिन यह यात्रा 5 साल के लिए होगी। जब दो 4 घंटे की यात्रा में में में घंटे की यात्रा में में 4 घंटे की यात्रा में में में घंटे की यात्रा में में सामान की सुरक्षा की सावधानी बरतनी होती है तब 5 साल की इस यात्रा में तो बहुत जरूरी है, अपनी सुरक्षा अपने परिवार की सुरक्षा और अपने सामान की सुरक्षा।

ध्यान रहे आपके पास आपका कोई मित्र परिचित पुराना पहचान का व्यक्ति भी भावी विधायक बनकर आपके आसपास मंडरा रहा हो। बहुत बार यह छद्मवेश में आते हैं और मालूम ही नहीं पड़ता। ये लुटेरे न जाने क्या-क्या आपका ले कर कर ले कर कर के चले जाएं और बाद में आपके पास कुछ भी ना बचे। 

आपको ध्यान दिलाने के लिए हमने यह प्रयास किया है।आगे आपकी मर्जी है कि आप अपना बचाव अपनी सुरक्षा करने में रुचि रखते हैं या नहीं रखते। 

आपकी पीड़ा बाद में खोया-पाया कालम में भी नहीं छप सकेगी। -

 -  करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,

सूरतगढ ( राजस्थान)

 9414381356.
















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