Saturday, June 24, 2017

सूरतगढ़ में कोचिंग ले रही कोमल पर सूरतगढ़ के युवक की हत्या का मुकदमा






कोमल के किराए के कमरे में पंकज यादव ने आत्महत्या का प्रयास किया या उसकी हत्या की कोशिश हुई बेहोश पंकज की इलाज के दौरान जयपुर में मृत्यु हो गई पंकज रात को घर से दोस्तों के पास पढ़ने का कहकर जाता और कोमल के कमरे में रहता पुलिस पर सही जांच नहीं करने का आरोप पत्रकार वार्ता में लगाया गया।



सूरतगढ़ 2 जून 2017.


अपडेट 24-6-2017.

‌्करीब कोमल 26 साल पुत्री रामेश्वर लाल बेनीवाल जाट निवासी अजीतपुरा (भादरा) जिला हनुमानगढ के विरुद्ध अदालत के आदेश से सूरतगढ़ सिटी थाने में मुकदमा 18 अप्रैल को दर्ज हुआ। कोमल पर पंकज कुमार यादव की हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया है। घटनाक्रम 7 अप्रैल की रात्रि से शुरू हुआ।

पंकज कुमार पुत्र उम्मेद सिंह यादव उम्र 20 वर्ष निवासी भैरुगढ़ चिड़ावा अपने ननिहाल सूरतगढ़ में रहकर पिछले 4 सालों से पढ़ रहा था। पंकज के मामा मनोज कुमार यादव निवासी वार्ड नंबर 28 सूरतगढ़ ने मुकदमा दर्ज करवाया।

मुकदमे के अनुसार मनोज कुमार के मोबाइल पर पंकज के मोबाइल से 7 अप्रैल को 12 बज के 57 मिनट पर काल आई। लड़की बोल रही थी जिसने अपना नाम कोमल बताया। कोमल ने कहा कि आपके भांजे की पंकज की हालत खराब है उसे डॉक्टरों ने रेफर कर दिया है हम उसे लेकर गंगानगर जा रहे हैं। बाईपास पर आपका इंतजार कर रहे हैं। मामा मनोज कॉल आने के बाद तुरंत बाईपास पर पहुंचा।वहां एक एंबुलेंस में पंकज बेहोशी की हालत में था एक लड़की और एक युवक पास में बैठे थे ।

लड़की ने अपना नाम कोमल बताया साथ के युवक ने बताया कि वह लड़की कोमल और उक्त लड़का पंकज अपने को सगे भाई बहन बताते हुए हमारे घर में जजी के पास किराए पर रह रहे थे। आज रात को 11:30 बजे हम नीचे सोए हुए थे तब कोमल ने आवाज लगाकर कहा कि पंकज को चोट लगी है। तब एंबुलेंस नंबर 108 को फोन कर बुलाया और पंकज को हॉस्पिटल ले गए। पंकज के सिर और सीने में चोट के निशान थे। पंकज को श्रीगंगानगर ले जा रहे थे तो रास्ते में खून की उल्टियां आई कोमल को पंकज की चोटों के बारे में पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। गंगानगर में पंकज को गंगाराम बंसल हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से कोमल गायब हो गई। सुबह यानी 8 अप्रैल को जयपुर रेफर किया तब जयपुर ले जाकर एस के सोनी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जहां पंकज की मौत हो गई। उसके बाद पंकज का पोस्टमार्टम करवाकर उसकी लाश को  चिड़ावा ले गए। इस बीच कोमल सूरतगढ़ के किराए के कमरे से अपना सारा सामान आदि उठा कर ले गई।

 FIR में लिखवाया गया कि पंकज को सूरतगढ़ हॉस्पिटल ले गए थे तब वहां सूरतगढ़ पुलिस को कोमल ने पंकज को अपना सगा भाई बताया पंकज के पिता के नाम वाली जगह पर कोमल ने अपने पिता रामेश्वर लाल का नाम लिखवाया जबकि सच्चाई में कोमल का पंकज सगा भाई नहीं था।

 इसके बाद कोमल की तलाश हुई तो उसका कोई पता नहीं लगा मनोज कुमार के निवास पर 10 अप्रैल को कोमल उसका पिता और मामा आए। उस समय शोक प्रकट करने अन्य लोग आए हुए थे।

 उस समय कोमल के पिता ने माफी मांगते हुए कहा कि लड़की से गलती हो गई है,आप कोई कार्यवाही मत करना वरना लड़की का जीवन बर्बाद हो जाएगा। लड़की कोमल ने भी माफी मांगी। लड़की कोमल को बार बार पूछा गया कि पंकज के चोट कैसे लगी तो उसने चोटों के बाबत कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद पुलिस थाना सूरतगढ़ सिटी में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस अधिकारी महावीर सिंह  धमकाने लगा की बकवास मत करो यहां से भाग जाओ। FIR में आरोप लगाया गया है कि उक्त महावीर सिंह ने ही घटनास्थल से कोमल का सामान आदि उठवाया। मनोज कुमार ने इसके बाद पुलिस अधीक्षक गंगानगर को 12 अप्रैल को एक प्रार्थना पत्र दिया मगर उस पर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।


 उसके बाद में 15 अप्रैल को अदालत में इस्तगासा दायर किया गया। अदालत के आदेश से पुलिस ने 18 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया लेकिन डेढ माह से अधिक समय बीत जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की।

काफी समय बीत जाने के बाद परिवार वालों ने रविवार 28 मई को पत्रकार वार्ता आयोजित की जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जिला उपाध्यक्ष बलराम वर्मा ने पुलिस को चेतावनी दी 7 दिन में कार्यवाही करने की कि अगर 7 दिन में पुलिस ने कोमल को गिरफ्तार नहीं किया तो पुलिस के विरुद्ध आंदोलनात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रेस कान्फ्रेंस में पुलिस अधिकारी महावीर सिंह को निलंबित करने की मांग भी की गई।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेसी नेता बलराम वर्मा, वार्ड पार्षद इमी लाल घोषणा,पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष नगेन्द्र सिंह शेखावत व पंकज के मामा मनोज यादव आदि थे।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पंकज के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की चोट से मृत्यु होना बताया गया है​। यह चोट कैसे लगी?इसका कोई उत्तर आज तक नहीं मिल पाया। पुलिस ने मौके की फोटोग्राफी वीडियोग्राफी भी नहीं करवाई। वहां पर एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल थी आदि उसको भी जप्त नहीं किया गया था।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनेक शंकाएं उठाई गई कोमल ने पंकज को अपना भाई क्यों बताया ? दोनों के बीच आखिर क्या बात हुई, कोई झगड़ा हुआ जिससे  घटना घटित हुई। पंकज के मामा मनोज ने बताया कि घर के मालिक से बात हुई तो उसने कहा कि कोमल की आवाज पर ऊपर गए तो पंकज फर्श पर पड़ा था।

 कोमल का पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि पंकज आत्महत्या के लिए प्रयास कर रहा था पंखे से लटका तब कोमल ने चुन्नी के बनाए हुए फंदे को काटा। इस हालात में चुन्नी का बंधा हुआ हिस्सा ऊपर लटका होना चाहिए था और आधा हिस्सा नीचे। मनोज ने कहा कि मकान मालिक से पूछा तो उसने यही कहा कि उसने कोई चुन्नी आदि नहीं देखी। अगर फांसी का भी माने तो

कोमल और पंकज के बीच आखिर क्या बात हुई जिससे पंकज को यह कदम उठाना पड़ा? कोमल के बयान को ही माना जाए तो कमरे में दोनों के अलावा तीसरा कोई नहीं था तब इन दोनों के बीच ही कोई ऐसी बात हुई। कोई विवाद हुआ जिस पर यह घटना हुई।क्या कोमल ने कोई दबाव इस युवक पर डाला? Don no दोनों भाई बहन के रूप में रह रहे थे तो इस संबंध को छद्म  क्यों रखा गया।पंकज ने कभी मामा आदि को नहीं बताया। अनेक सवाल हैं जिनका खुलासा पुलिस की गहन जांच से हो सकता है। पंकज के मामा ने बताया कि कोमल नाम की लड़की सूरतगढ़ में एक कोचिंग सेंटर पर कोचिंग ले रही थी और पंकज  आरजिल में ITI कर रहा था।

 मकान मालिक ने मामा मनोज को बताया कि घटना से करीब 15 दिन पूर्व कोमल और पंकज आए थे और बहन भाई बताते हुए रहने के लिए कमरा किराए पर लिया था।

 पुलिस ही अनुसंधान का कार्य करती है इसलिए इसकी सच्चाई गहन जांच से ही सामने आ सकती है।

पंकज और कोमल का संपर्क कब और कैसे शुरू हुआ पंकज मर चुका है और कोमल से ही गहन जांच हो सकती है।वह सूरतगढ़ में कब आई और कहां कहां किराए के कमरों में रही तथा किस कोचिंग संस्थान से किस प्रकार की कोचिंग ले रही थी?

कोमल से सारे सवालों के उत्तर पुलिस को प्राप्त करने ही होंगे। पंकज और कोमल के मोबाइल फोन कॉल डिटेल भी जांच में जरूरी है घटना से पहले और बाद में कोमल ने कहां-कहां फोन कॉल किए?


 पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस पर गौर कर सच्चाई को सामने लाना चाहिए।


( सूरतगढ़ में कोचिंग लेने वाले छात्र और छात्राओं के परिजनों को अपने बच्चों को निगरानी में अवश्य रखना चाहिए।इसके अलावा मकान मालिक भी गौर करें कि वे बिना आईडी के मकान नहीं दे और एक से ज्यादा छात्र-छात्राएं रहते हैं तो सभी की ID अवश्य लें?)

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दीप विजुअल एंड आई केयर

भगत सिंह चौक सूरतगढ़।

( 25 साल में से सर्वश्रेष्ठ सेवा देने में आगे इलाके का उत्तम चश्मा घर जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध।)


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