Wednesday, October 26, 2016

राजशाही सरकार में महाराजा गंगासिंह ने गंगनहर बनाई और प्रजातंत्र की सरकारें उसमें पूरा पानी नहीं चला सकती?


जवाब दो प्रजातंत्र के हुक्मरानों:जल नहीं तो तुम्हारा कल भी नहीं:
- करणीदानसिंह राजपूत -
प्रजातंत्रीय सरकारें राजशाही को सामंतशाही कह कर आलोचना करते नहीं थकते लेकिन कितना आश्चर्य होता है जब प्रजातंत्रीय सरकारों में राजशाही को याद किया जाता है और बीकानेर के महाराजा गंगासिंह को नमन किया जाता है। श्रीगंगानगर की स्थापना पर 26 अक्टूबर को महाराजा गंगासिंह को याद किया गया व उनकी याद में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसका जो सवाल है उसका उत्तर देना आसान नहीं है।
बीकानेर रियासत के महाराजा गंगासिंह ने अपने किसानों की पीड़ा देखी कि अकाल में उनकी कितनी दुर्दशा हो जाती थी। चाहे मानव हो चाहे पशु हो सभी लाचार हो जाते थे। महाराजा ने दरदर्शी निर्णय लिया और गंगनहर का निर्माण करवाया। इस इलाके को सरसब्ज करने के लिए पंजाब के किसानों सिखों को लाकर बसाया ताकि यहां के किसान भी उनसे नहरी खेती करना सीख सकें। महाराजा ने किसानों के लिए नहर बनाई ओर प्रजातंत्रीय चुनी हुई सरकारें उस नहर में पूरा पानी नहीं चला पा रही है। इस नहर पर केवल राजस्थान का हक बनता है लेकिन पंजाब ने अपने इलाके में सारी नैतिकता  को तोड़ कर  दो नहरें निकाल ली। नहर की संपत्ति खुर्दबुर्द कर दी लेकिन प्रजातंत्रीय राजस्थान की सरकारें व केन्द्र की सरकारें सही निर्णय नहीं कर पाई। यह हाल आजतक कायम है।
बस इतना ही समझ लेन काफी है कि उस महाराजा को इतने सालों बाद राजशाही खत्म हो जाने के बावजूद याद किया जाता है और प्रजातंत्रीय सरकारों को पांच साल के बाद भूल जाते हैं।
गंगनहर में वर्तमान में भी पानी पूरा नहीं चल रहा है। गंगनहर की हालत बहुत खराब हो चुकी है तथा जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। किसान नेता लगातार कई महीनों से पूरे पानी की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रजातंत्रीय व्यवस्था की राजस्थान सरकार को सोचने तक की फुर्सत नहीं है।
राजस्थान की सरकार जनता को पीने के पानी के वास्ते सीख देने के लिए एक नारा लगवा रही है जल नहीं तो कल नहीं।
लेकिन यह नारा सिंचाई पानी के लिए सरकार पर भी लागू होता है। सरकार का जीवन भी इसी नारे पर टिका है जल नहीं तो कल नहीं।
करणीदानसिंह राजपूत-
राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़। राजस्थान।
संपर्क- 94143 81356.

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