गुरुवार, 16 जून 2016

मजौ आ जावतो जै चेयरमेनणी अर ईओ सागै झल जांवती।






- आ भाई भोळू,गजब रा गोळू....कांई खबरा सबरां है?
-खबरां भाई जी थां पतरकारां खनै होवै। म्हारै खनै खबरां कठै सूं आवे? पण थारै सूं एक बात पूछूं?
-बात तो एक नीं दो पूछ लेई पण तूं हणै उतावळो उतावळो कठै सूं आयो है। तेरो लिलाड़ पसीना पसीना हो रैयो है?
-उतावळो उतावळो आयो हूं। बात ही उतावळे आण बरगी है। जी तो घणो कर्यौ भागतो आऊं पण लारला दिनां आई बरखा सूं भरयो रे पाणी मांय जोरदार फिसल ग्यौ। म्हारो पग नाळी रे मांय चलो गियो। गिट्टो अर पिंडली चीरीजगी। 


-पण थूं बरखा मांय घर मांय टिक्यौ रैवतो।
-पाणी निकालण रो कैवण वास्तै चेयरमेन रे घरां ग्यौ हो।
- बोल्या राख। चा आवै जद चुुप हो जाई।
-भाई जी,शनीश्चर नै मुंसपेल्टी दफ्तर बंद हुवै अर बरखा शनीश्चर नै आयगी। सिंझया हो गई जणा सोच्यौ। इतवार री भी छुट्टी होवेली। बस। आ सोच घर सूं निकळ ग्यौ। चेयरमेन नै पाणी निकालण रो कैवण वास्तै ग्यो।
-चेयरमेन मिली कांई?
- बा आपरै टाबरां अर धणी रै सागै कार मांय म्हारे सामीं सूं निकल गई। झालौ मार्यो पण बा जा बाजा। भाई जी लगजरी कार धोळी धप। लाल प्लेट माथै चेयमेन मुंसपैल्टी लिखायोड़ो। सुण्यो है कै ईं गाड़ी री कीमत अठारह बीस लाख सूं बत्ती है। आपणै लारलै चेयरमेन खनै इसी कार ही। चालै है के उडै है। चूक्या अर गया भचीड़ खावतां। पण बच जावै। ईं गाड़ी मांय छाताधारी जिसा बैलूण होवै। टकराते पाण खुल जावै अर जान बच जावै।
- भोळू,ईंयां कियां बोलै। भली भली बोल।
- भाई जी भली भली बोलूं। ईयां बैलून कारणै बनवारीजी बच्या। आपां भली सोचां। बिचारी चेयरमेन। क्यूं आफत आवै?। लुगाई जात।
-भोळू आदमी तूं भी गजब रो है। थनै दया भी घणी आवै।
-भाई जी बचावण वाळौ तो ऊपर वाळौ अर मारण वाळौ भी ऊपर आळौ। लीली छतरी वालै री मेर होवे तो कोई कीं नीं बिगाड़ सकै।
-भोळू ले, चा आगी। पी लै बाद मांय बातां करांगा।
- चा भी पीवांगा। पण एक बात म्हारी समण् मांय कोनी आई। भाईजी पैलां राजा मंत्री अर राजकुमार जंगलां मांय निकळता शिकार करण वास्तै। दो चार गोळ टिकाता अर ठांय ठांय सागै शेर बाघ धूळ चाटता। अर राजकुमारां रो तो कैवणे ई के? संगी साथी निकळता ढोल नगारा बाजता सा। वापसी मांय रथ माथै या जीप माथै एक दो शिकार होयोड़ा जिनावर होता। पण आज तो निजारो ही कंई दूजौ हो।
- कठै हो ग्यो निजारो।
- थै कुटिया खोखे मांय बैठ्या रैवो। थानै बख्त बीत्यां ठा लागै। आज तो हणै मुंसपेल्टी मांय कोई शिकार हो ग्यौ। बार खड्या लोग बाग बातां करै हा। हूं भी कान लगाया। कई पारसद, अर कई नेता, अर कई ब्यौपारी ठेकेदार मजा लैवतां बातां करया हा। ही...ही..हंसी निळती अर आँख्यां आँख्या भी ईसारा होवता। एक ठेकदार अर एक पारसद कीं मोकळा खी खीं करता हा। पारसद कै रयो हो कै राजकुमार झल ग्यो। बीं नै भरष्टाचारी महकमे री टीम शिकार कर लीयो।
- ऊं हूं। भरष्टाचारी महकमे री टीम नीं कवै। बा तो भरष्टाचार नै रोकण वाळी टीम होवै।
- हां बाइ। पारसद ठेकेदार कीं मोकळा खुस हो रैया हा। कैवता हा कै। ओ झल ग्यौ। मजौ आ जावतो जै चेयरमेनणी अर ईओ सागै झल जांवती।
- थूं दुबारै बोल। कुण झल ग्यौ।
- बै पारसद अर ठेकेदार कैवता हा कै चेयरमेनणी रो जेठ झल ग्यो... बड़ो खून पीवै। सागै रगड़ीज जावती तो मजौ आ जावतो। अर रात री पारटी    पक्की हो जावती। महाराजा बण जावता। भाई जी एक दो पतरकार भी बातां करता हो कै अभी के ठा है। महकमे आळा जांच मांय भी रगड़ सकै है। पण बीं री बात सिरै नीं चढ़ी। सागै वाळौ पतरकार बोल्यौ कै अब सिरे कोनी चढै। अब कुण फंसावै। बापड़ो जेठ अब नांव नीं लेवै कै किण किण रो हिस्सो बंटणो हो।
- हूं जल्दी सूं निकळूं। थूं चा पीतो रै। हूं तो पीवूं कोनी। थनै ठा ही है। मेरे तो पेट मांय चा सूं गैस बणै। हूं एक दो फोटुआं ले आऊं।
- भाई जी, अब थै आराम सूं जाया अर फोटुआं ले आया। बो नोळ ले ग्यौ फोटुआं। बाकी सैंग कैमरा घरां छोड़ छोड़ नैं मंसपेल्टी ग्या हा।
- मुंसपेल्टी मांय कोई तो होवैला।
-भाई जी। घणकरा बाबू तो आपरी सीटां छोड़ छोड़ भग ग्या। कईयां री पेंटा...। बा टीम बारै निकळी। बिंया आगै आगै राजकुमार नै चला राख्यौ। बस इ्रंया लागै हो कै नसे री गोळी गिटाई होवै।
- टीम निकळगी।
हां,भाई जी टीम निकळगी।
- बै ग्या अर हूं थारै खानी आ ग्यौ। पण भाई जी लोग तो आपणै राजा भाई माथै भी आरोप रगड़ रैया हा।
- भोळू म्हारो हुंकरो ना भरा। भाईड़ा मनै तूं बख्स।
- हूं तो थानै बताऊं हूं कै राजा भाई रो भी कीं हिस्सो होवण री चरचा लोग क्यूं करै हा?
- भोळू थूं म्हारे सूं कीं नीं पूछ।
- थांसूं कोनी पूंछूं। मुसपेल्टी रे आगे खड्या लोग बाग अर पारसद ठेकेदार बातां करता हा। बै बताऊं हुं। लोग कैवता हा कै राजा रो बडगर है नीं ईं रो सीर सट्टो है। बस। सांझो खातो सो है अर बीं मांय बडगर रो असीमीत हिस्सो।
- यार भोळू थूं मनैं मरवासी। थूं जावे तो जा। नीं तो बैठयो रै। हूं तो घरां चाल्यौ।
- भाई जी,थै ही खबरां खबरां करता हा। कैवे हा के कीं नुई ताजी बता। अर बताबा लाग्यो तो थारी पिंडलियां कांपण लाग गी। थै तो भागण लाग रैया हो।
- अरे भोळू कीं समझया कर। भाईड़ा। थूं खबरां लावै जिकी झेलण री तागद म्हारे बस मांय नीं है। कोई पतरकार जै ओर अठीने आ निकळयौ तो नुंई बात बण जावसी। के ओ कुटिया वाळो भी जोरदार बडेरचारो करै।
- चलौ थारै जचगी घरां जाणै की तो अब कीयां रूकोगा।

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