मंगलवार, 28 जुलाई 2020

* उसके प्यार से बेचैन दुनिया* काव्य शब्द- करणीदानसिंह राजपूत.


प्यार करने को सभी
तड़पते रहते हैं।
प्यार छुपे छुपे कर
कोई तारे गिनता है।

रात को छत पर
कोई नदिया किनारे
बहते पानी में ढूंढता
समुद्र की लहरों में।

कोई भूले बिसरे गीत
सुनकर जी बहलाता
कोई चित्र देखता
तो कोई चित्र बनाता।

अनेक मेरे जैसे तो
दिल में ही देखते हैं
और दिल में से
निकालने नहीं देते।

दूसरों को बताने से
डरते हैं कोई छीन ले
उस प्यार को जिसे
कली से पुष्प बनाया।

प्यार कभी हम नहीं
दूसरा भी कर लेता है
अचानक मालूम पड़ते
ही हमारा चैन खत्म।

तब बाग बगीचे नदिया
समुद्र की लहरें किनारा
पहाड़ आकाश बादल
कुछ भी नहीं सुहाता।

ऐसा प्यार जिसके
संकेत मिलते ही वो
भाग उठता है तुरंत
ईलाज के लिए।

प्यार का अहसास
अच्छा नहीं लगता
उसकी तस्वीर भी
देखना नहीं चाहता।

बड़ा अजब गजब है
अनूठा है उसका प्यार
वह दिल लगाता है
दुनिया दूर भागती है।

प्यार करने को सभी
तड़पते हैं हर वक्त
मगर इस प्यार से
सभी दूर भागते हैं।

दुनिया के हर देश में
उसके प्यार के चर्चे
वह तो करता है प्यार
जग मारने को लगा है।

उसने जिससे प्यार किया
लोग उससे भी दूर भागते
पूरी दुनिया उसे मारने का
तरीका खोजने में लगी।

बड़ा अजब गजब है
अनूठा है उसका प्यार
वह दिल लगाता है
दुनिया दूर भागती है।

०००००
दि. 28 जुलाई 2020.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ़
94143 81356.
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